परिवहन और उसके साधन
परिवहन लोगों, सामान और माल को एक जगह से दूसरी जगह ले जाता है। मुख्य साधन हैं स्थल (सड़क, रेल, पाइपलाइन), जल (समुद्री और आंतरिक जलमार्ग) और वायु। चुनाव दूरी, माल के भार, ज़रूरी गति और लागत पर निर्भर है। परिवहन जाल गाँठों (मिलन बिंदु) और कड़ियों (उनके बीच रास्ते) से बनता है।
सड़कें और राजमार्ग
सड़कें कम दूरी के लिए सबसे उपयोगी हैं। ये घर-घर तक सेवा देती हैं और लचीली हैं। इनकी गुणवत्ता कच्चे रास्तों से पक्की सड़कों तक होती है। इनका रख-रखाव महँगा है, और शहरों में भारी यातायात से जाम लगता है।
राजमार्ग दूर की जगहों को जोड़ने वाली चौड़ी, पक्की सड़कें हैं, जो तेज़ और सुगम यातायात के लिए बनी हैं। उदाहरण: ट्रांस-कनाडियन राजमार्ग (कनाडा में तट से तट), अलास्का राजमार्ग, अमेरिका महाद्वीपों को जोड़ने वाला पैन-अमेरिकन राजमार्ग, ऑस्ट्रेलिया का स्टुअर्ट राजमार्ग। भारत का स्वर्णिम चतुर्भुज चार बड़े महानगरों को जोड़ता है।
सीमांत सड़कें दूर और ऊँचे इलाक़ों में दूर की जगहों को जोड़ने, रक्षा और व्यापार में मदद के लिए बनती हैं।
रेलमार्ग और पार-महाद्वीपीय रेलमार्ग
रेलें भारी, भारी-भरकम माल और बहुत यात्रियों को लंबी ज़मीनी दूरी तक सस्ते में ले जाती हैं। यूरोप में सबसे घने जालों में से एक है; बड़े शहरों में लोकल ट्रेनें लाखों लोगों को ढोती हैं।
पार-महाद्वीपीय रेलमार्ग पूरे महाद्वीप को पार करके उसके दो छोरों को जोड़ते हैं:
- ट्रांस-साइबेरियन रेलमार्ग: रूस का बड़ा पूर्व–पश्चिम मार्ग, सेंट पीटर्सबर्ग से प्रशांत तट पर व्लादिवोस्तोक तक, लगभग 9,000 किमी, दुनिया का सबसे लंबा दोहरी पटरी वाला रेलमार्ग। इसने एशियाई रूस को व्यापार के लिए खोला।
- ट्रांस-कनाडियन रेलमार्ग: लगभग 7,000 किमी, पूर्व में हैलिफ़ैक्स से प्रशांत तट पर वैंकूवर तक; खेती और खनन क्षेत्रों को बंदरगाहों से जोड़ता है।
- यूनियन तथा पैसिफ़िक रेलमार्ग: अमेरिका में अटलांटिक तट के न्यूयॉर्क को प्रशांत तट के सैन फ़्रांसिस्को से जोड़ता है।
- ऑस्ट्रेलियाई पार-महाद्वीपीय रेलमार्ग: पश्चिम से पूर्व, पर्थ से सिडनी तक।
- ओरिएंट एक्सप्रेस: पेरिस से इस्तांबुल तक पुराना मार्ग।
समुद्री मार्ग और नौ-परिवहन नहरें
महासागर खुले राजमार्ग हैं। लंबी दूरी पर भारी माल ले जाने का सबसे सस्ता तरीक़ा समुद्री परिवहन है। आधुनिक जहाज़ बड़े होते हैं और अक्सर कंटेनर ढोते हैं।
प्रमुख समुद्री मार्ग
- उत्तरी अटलांटिक समुद्री मार्ग: उत्तर-पूर्वी उत्तरी अमेरिका को उत्तर-पश्चिमी यूरोप से जोड़ता है; सबसे व्यस्त, 'बृहद् ट्रंक मार्ग' भी कहलाता है।
- भूमध्य सागर–हिंद महासागर मार्ग: स्वेज़ नहर से होकर यूरोप को एशिया, पूर्वी अफ़्रीका और ऑस्ट्रेलिया से जोड़ता है।
- उत्तमाशा अंतरीप मार्ग: दक्षिणी अफ़्रीका के चारों ओर, पश्चिमी यूरोप और पश्चिमी अफ़्रीका को ब्राज़ील और अर्जेंटीना से जोड़ता है, और स्वेज़ का विकल्प है।
- उत्तरी प्रशांत मार्ग: उत्तरी अमेरिका के पश्चिमी तट को एशिया से जोड़ता है।
- दक्षिणी प्रशांत मार्ग: पनामा नहर से होकर यूरोप और उत्तरी अमेरिका को ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड और प्रशांत द्वीपों से जोड़ता है।
नौ-परिवहन नहरें
स्वेज़ नहर: 1869 में मिस्र की एक पतली ज़मीनी पट्टी में बनी, भूमध्य सागर (पोर्ट सईद) को लाल सागर (पोर्ट स्वेज़) से जोड़ती है। यह समुद्र-तल वाली नहर है, इसमें जलपाश नहीं, लगभग 160 किमी लंबी, और यूरोप से हिंद महासागर के बीच हज़ारों किमी बचाती है।
पनामा नहर: 1914 में खुली, एक पतले स्थलडमरूमध्य को काटकर अटलांटिक और प्रशांत महासागर को जोड़ती है। लगभग 72 किमी लंबी, और जहाज़ों को ऊपर-नीचे करने के लिए जलपाश (लॉक) व्यवस्था का उपयोग करती है। यह न्यूयॉर्क और सैन फ़्रांसिस्को के बीच का रास्ता कई हज़ार किमी छोटा करती है।
आंतरिक जलमार्ग
नदियाँ, झीलें और नहरें महाद्वीप के अंदर भारी माल सस्ते में ले जाती हैं। इनका उपयोग पानी की गहराई, लगातार बहाव और समुद्र से जुड़ाव पर निर्भर है।
- राइन जलमार्ग: जर्मनी और नीदरलैंड से बहता है; जहाज़ मुहाने के रॉटरडैम से स्विट्ज़रलैंड के बेसल तक जा सकते हैं। यह कोयले और उद्योगों से समृद्ध क्षेत्र से गुज़रता है और दुनिया का सबसे व्यस्त आंतरिक जलमार्ग है।
- डेन्यूब जलमार्ग: मध्य और पूर्वी यूरोप से पूर्व की ओर काला सागर तक।
- वोल्गा जलमार्ग: रूस का मुख्य नदी मार्ग, कैस्पियन सागर से और नहरों से दूसरी नदियों से जुड़ा।
- महान झीलें–सेंट लॉरेंस समुद्री मार्ग: उत्तरी अमेरिका की महान झीलों को अटलांटिक महासागर से जोड़ता है। जलपाशों वाली नहरें (जैसे सू नहर और वेलैंड नहर) ऊँचाई के अंतर पर जहाज़ों को उठाती हैं, ताकि समुद्री जहाज़ डुलुथ और बफ़ेलो जैसे अंदरूनी बंदरगाहों तक पहुँच सकें।
- मिसिसिपी जलमार्ग: महान झीलों के क्षेत्र को मैक्सिको की खाड़ी से जोड़ता है।
वायु परिवहन और पाइपलाइन
वायु परिवहन
यह सबसे तेज़ पर सबसे महँगा साधन है। यह यात्रियों और हल्के, क़ीमती या जल्दी ख़राब होने वाले माल को ले जाता है। यह वहाँ पहुँच सकता है जहाँ सड़क-रेल बनाना कठिन है (ऊँचे पहाड़, बर्फ़ीले मैदान, घने जंगल)। ज़्यादातर व्यस्त वायु मार्ग उत्तरी गोलार्ध में, उत्तरी अमेरिका, यूरोप और पूर्वी एशिया के बीच हैं; उत्तरी अटलांटिक पर घना जाल है।
पाइपलाइन
पाइपलाइन पानी, कच्चा तेल, पेट्रोलियम उत्पाद और प्राकृतिक गैस जैसे तरल और गैसों को लगातार ले जाती है। इन्हें बनाना महँगा पर चलाना सस्ता है। उदाहरण: अमेरिका की 'बिग इंच' पाइपलाइन जो मैक्सिको की खाड़ी के क्षेत्र से उत्तर-पूर्व तक तेल ले जाती है; रूस से यूरोप की ओर लंबी गैस पाइपलाइनें; भारत में हज़ीरा–विजयपुर–जगदीशपुर (HVJ) गैस पाइपलाइन।
संचार: उपग्रह और इंटरनेट
संचार शब्द, संदेश और विचार ले जाता है। पहले डाक और तार परिवहन मार्गों के साथ चलते थे। आज टेलीफ़ोन लाइनें, महासागरों के नीचे प्रकाशीय तंतु (ऑप्टिकल फ़ाइबर) केबल और उपग्रह संकेत लगभग तुरंत पहुँचाते हैं।
धरती की परिक्रमा करते उपग्रह टीवी, फ़ोन और इंटरनेट संकेत आगे भेजते हैं और मौसम पूर्वानुमान, नक्शे और आपदा चेतावनी में मदद करते हैं। भारत का उपग्रह कार्यक्रम (जैसे INSAT और IRS श्रृंखला) संचार और सुदूर संवेदन में मदद करता है।
इंटरनेट केबलों और उपग्रहों से दुनिया भर के कंप्यूटर और फ़ोन जोड़ता है। इसने दुनिया को 'वैश्विक गाँव' बना दिया है, जहाँ लोग सेकंडों में दूर-दूर बात, व्यापार, पढ़ाई और काम कर सकते हैं। इससे पहुँच वाले और बिना पहुँच वाले लोगों के बीच डिजिटल विभाजन भी बनता है।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- साधन दूरी, भार, गति और मूल्य से चुनें
- सड़क = कम दूरी, घर-घर; रेल = भारी + लंबी ज़मीनी; समुद्र = महासागर पार भारी माल के लिए सबसे सस्ता; वायु = सबसे तेज़, सबसे महँगा; पाइपलाइन = तरल/गैस लगातार
- ट्रांस-साइबेरियन: सेंट पीटर्सबर्ग → व्लादिवोस्तोक, ≈ 9,000 किमी
- ट्रांस-कनाडियन: हैलिफ़ैक्स → वैंकूवर, ≈ 7,000 किमी
- स्वेज़ (1869): भूमध्य सागर ↔ लाल सागर, समुद्र-तल, जलपाश नहीं, ≈ 160 किमी
- पनामा (1914): अटलांटिक ↔ प्रशांत, जलपाश व्यवस्था, ≈ 72 किमी
- राइन: रॉटरडैम → बेसल; सेंट लॉरेंस समुद्री मार्ग: महान झीलें ↔ अटलांटिक, जलपाश
- संचार: प्रकाशीय तंतु केबल + उपग्रह = इंटरनेट
हल किए गए उदाहरण
1. एक कारखाने को 5,000 टन लौह अयस्क 1,500 किमी अंदर भेजना है। कौन सा साधन सबसे अच्छा और क्यों?
रेल (या आंतरिक जलमार्ग अगर हो): लंबी ज़मीनी दूरी पर भारी माल रेल से प्रति टन सबसे सस्ता पड़ता है।
2. पनामा नहर को जलपाश क्यों चाहिए पर स्वेज़ को नहीं?
पनामा मार्ग दो महासागरों के बीच ऊँची ज़मीन पार करता है, इसलिए जहाज़ उठाने-उतारने को जलपाश चाहिए। स्वेज़ समतल, निचली ज़मीन पर समुद्र-तल पर है।
3. स्वेज़ नहर बंद हो तो यूरोप से भारत का जहाज़ अफ़्रीका घूमकर आएगा। क्या बदलेगा?
यात्रा हज़ारों किमी लंबी होगी, ज़्यादा दिन और ईंधन लगेगा, इसलिए लागत बढ़ेगी।
4. कौन सा पार-महाद्वीपीय रेलमार्ग कनाडा के अटलांटिक और प्रशांत तटों को जोड़ता है?
ट्रांस-कनाडियन रेलमार्ग (हैलिफ़ैक्स से वैंकूवर)।
5. एक गैस क्षेत्र उर्वरक संयंत्र से 1,000 किमी दूर है। गैस बिना रुके कैसे पहुँचे?
पाइपलाइन से, जो कम चलाने के ख़र्च पर गैस लगातार ले जाती है।
आम गलतियाँ
- कहना कि स्वेज़ नहर में जलपाश हैं। यह समुद्र-तल वाली नहर है; पनामा में जलपाश हैं।
- सोचना कि वायु परिवहन भारी माल के लिए सबसे अच्छा है। यह सबसे तेज़ पर महँगा है; भारी माल के लिए जहाज़ और रेल ठीक हैं।
- राइन और सेंट लॉरेंस को मिलाना। राइन यूरोप में है; सेंट लॉरेंस समुद्री मार्ग उत्तरी अमेरिका की महान झीलों को अटलांटिक से जोड़ता है।
- भूल जाना कि संचार भी इस अध्याय का हिस्सा है: उपग्रह, प्रकाशीय तंतु केबल और इंटरनेट।