आलेख और आरेख क्यों बनाएँ?
सारणी में सटीक संख्याएँ होती हैं पर प्रतिरूप छिपा रहता है। आलेख उसे एक नज़र में दिखाता है। हर आलेख के नियम: शीर्षक, इकाई सहित नामांकित अक्ष, उचित मापनी, संकेत (की) और आँकड़ों का स्रोत। आँकड़ों के अनुसार सही प्रकार चुनिए।
रेखा आलेख और बहुरेखी आलेख
रेखा आलेख दिखाता है कि एक चर समय (वर्ष, महीने) के साथ कैसे बदलता है। समय x-अक्ष पर, मान y-अक्ष पर। हर बिंदु अंकित करके रेखा से जोड़िए।
बहुरेखी आलेख (पॉलीग्राफ़) में एक ही अक्षों पर दो या अधिक रेखाएँ होती हैं, हर एक अलग रंग या ढंग में, चरों की तुलना के लिए (जैसे दो नगरों की जनसंख्या वृद्धि)।
जलवायु आलेख जैसे चार्ट में तापमान की रेखा और वर्षा के दंड दो y-अक्षों पर साथ दिखाए जा सकते हैं।
दंड आरेख: सरल, बहुदंड और मिश्रित
दंडों की चौड़ाई बराबर और अंतराल बराबर होते हैं। केवल लंबाई मान दिखाती है। दंड खड़े या आड़े हो सकते हैं।
- सरल दंड: हर मद का एक दंड (जैसे हर महीने की वर्षा)।
- बहुदंड: हर मद के लिए साथ-साथ दो या अधिक दंड (जैसे हर वर्ष पुरुष और महिला साक्षरता)।
- मिश्रित (विभाजित) दंड: एक दंड के भाग जो जुड़कर कुल बनते हैं (जैसे ग्रामीण + नगरीय जनसंख्या)।
वृत्त आरेख
वृत्त आरेख एक वृत्त है जिसे त्रिज्यखंडों में बाँटकर पूरे में हर भाग का हिस्सा दिखाया जाता है।
कोण = (भाग का मान ÷ कुल) × 360°। आँकड़े प्रतिशत में हों तो कोण = % × 3.6°।
चरण: सभी कोण निकालिए, जाँचिए कि योग 360° है, वृत्त बनाइए, 12 बजे वाली रेखा से सबसे बड़ा कोण पहले बनाइए, घड़ी की दिशा में चलिए, हर भाग रंगकर नाम लिखिए।
प्रवाह आरेख और प्रवाह चार्ट
प्रवाह मानचित्र (प्रवाह आरेख) स्थानों के बीच गतिविधि दिखाता है: माल, रेलगाड़ियाँ, लोग, यातायात। तीर या पट्टियाँ उद्गम से गंतव्य तक जाती हैं। इनकी चौड़ाई मापनी के अनुसार होती है (जैसे 1 mm = 10 रेलगाड़ियाँ)।
प्रवाह चार्ट (फ़्लोचार्ट) किसी प्रक्रिया के चरण क्रम से, तीरों से जुड़े डिब्बों द्वारा दिखाता है (जैसे मानचित्र बनाने के चरण)।
विषयक मानचित्र: बिंदु, वर्णमात्री और सममान रेखा
बिंदु मानचित्र
हर बिंदु का एक तय मान होता है (जैसे 1 बिंदु = 10,000 लोग)। बिंदु वहीं लगाए जाते हैं जहाँ वस्तु सचमुच है। जनसंख्या, पशुधन या फ़सलों का वितरण दिखाने के लिए अच्छा। बिंदुओं की संख्या = मान ÷ एक बिंदु का मान।
वर्णमात्री (कोरोप्लेथ) मानचित्र
हर इकाई क्षेत्र (ज़िला, खंड, जाल वर्ग) उसके मान के अनुसार क्रमिक रंगों से रंगा जाता है: हल्का = कम, गहरा = अधिक। चरण: आँकड़े सजाइए, 4–6 वर्ग चुनिए, रंग चुनिए, हर क्षेत्र रंगिए, संकेत जोड़िए। घनत्व और प्रतिशत के लिए अच्छा।
सममान रेखा (आइसोप्लेथ) मानचित्र
समान मान वाले स्थानों को रेखाओं से जोड़ा जाता है। उदाहरण: समताप रेखाएँ (तापमान), समदाब रेखाएँ (वायुदाब), समवर्षा रेखाएँ (वर्षा), समोच्च रेखाएँ (ऊँचाई)। बिंदुओं के बीच के मान अंतर्वेशन से अनुमानित होते हैं। धीरे-धीरे बदलने वाली चीज़ों के लिए अच्छा।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- वृत्त कोण = (भाग ÷ कुल) × 360° (या % × 3.6°)
- बिंदुओं की संख्या = मान ÷ एक बिंदु का मान
- प्रवाह चौड़ाई = प्रवाह ÷ चुनी मापनी
- सम-रेखाएँ: 'सम' = बराबर (समताप, समदाब, समवर्षा, समोच्च)
हल किए गए उदाहरण
1. किसी नगर की 1971, 1981, 1991, 2001, 2011, 2021 की जनसंख्या के लिए कौन-सा आलेख बनाएँगे?
रेखा आलेख, क्योंकि यह समय के साथ एक मान का बदलाव दिखाता है।
2. गाँव का भूमि उपयोग: खेत 90 ha, वन 45 ha, घर 27 ha, जल 18 ha। वृत्त कोण निकालिए।
कुल = 180 ha। खेत 90/180 × 360 = 180°। वन 45/180 × 360 = 90°। घर 27/180 × 360 = 54°। जल 18/180 × 360 = 36°। जाँच: 180 + 90 + 54 + 36 = 360°।
3. प्रतिशत में: कृषि 45%, उद्योग 25%, सेवाएँ 30%। कोण निकालिए।
45 × 3.6 = 162°, 25 × 3.6 = 90°, 30 × 3.6 = 108°। कुल 360°।
4. एक ज़िले में 2,40,000 लोग हैं। बिंदु मानचित्र पर 1 बिंदु = 20,000 लोग। कितने बिंदु?
2,40,000 ÷ 20,000 = 12 बिंदु।
5. एक नगर की ग्रामीण जनसंख्या 60,000 और नगरीय 40,000 है। दोनों को एक दंड में कैसे दिखाएँगे?
कुल 1,00,000 का मिश्रित दंड बनाइए। नीचे 60% ग्रामीण, ऊपर 40% नगरीय, अलग रंगों और संकेत के साथ।
6. प्रवाह मानचित्र की मापनी 1 mm = 5 रेलगाड़ियाँ है। एक मार्ग पर रोज़ 35 रेलगाड़ियाँ हैं। पट्टी कितनी चौड़ी हो?
35 ÷ 5 = 7 mm।
7. बड़े क्षेत्र में वर्षा दिखाने के लिए कौन-सा मानचित्र? क्यों?
समवर्षा रेखाओं वाला सममान रेखा मानचित्र, क्योंकि वर्षा स्थान के साथ धीरे-धीरे बदलती है और समान वर्षा की रेखाएँ इसे सहज दिखाती हैं।
आम गलतियाँ
- आयतचित्र के दंडों में अंतराल छोड़ना या दंड आरेख में अंतराल न छोड़ना। दंड आरेख में बराबर अंतराल चाहिए।
- वृत्त के कोणों का योग 360° न होना। हमेशा योग जाँचिए।
- छोटे-बड़े क्षेत्रों के कुल मानों के लिए वर्णमात्री मानचित्र बनाना। यह घनत्व या प्रतिशत के लिए सबसे अच्छा है।
- सममान रेखाओं को एक-दूसरे को काटते हुए बनाना। अलग मानों की रेखाएँ कभी नहीं कटतीं।