विनिर्माण क्या है?
द्वितीयक क्रियाएँ प्राकृतिक संसाधनों को सामान में बदलकर मूल्य बढ़ाती हैं। कपास के गोले का ज़्यादा उपयोग नहीं; धागा बनाकर बुनने पर वह क़ीमती कपड़ा बनता है। इस प्रक्रिया को विनिर्माण कहते हैं। इसका मतलब है हाथ या मशीन से सामान बनाना, छोटी कार्यशाला से विशाल कारखाने तक।
आधुनिक बड़े पैमाने के विनिर्माण की विशेषताएँ
- कौशल का विशिष्टीकरण: हर मज़दूर एक ही काम बार-बार करता है; कम लागत पर बड़ी संख्या में सामान बनता है (बड़े पैमाने पर उत्पादन)।
- यंत्रीकरण: मशीनें काम करती हैं; इसका सबसे उन्नत रूप स्वचालन है, जिसमें मशीनों को बहुत कम मानवीय मदद चाहिए।
- प्रौद्योगिकीय नवाचार: अनुसंधान और विकास (R&D) से गुणवत्ता बढ़ती और बर्बादी घटती है।
- संगठनात्मक ढाँचा और स्तरीकरण: जटिल मशीनें, कई अधिकारी और मज़दूर, बड़ी पूँजी, औपचारिक व्यवस्था (प्रबंधक → पर्यवेक्षक → मज़दूर)।
- असमान भौगोलिक वितरण: बड़े कारखाने कुछ ही इलाक़ों में सिमटे हैं, अक्सर दुनिया की 10% से भी कम ज़मीन पर, ज़्यादातर विकसित प्रदेशों में।
उद्योगों की अवस्थिति तय करने वाले कारक
उद्योग लागत कम रखना चाहते हैं, इसलिए वे वह जगह चुनते हैं जहाँ ये सबसे अच्छे मिलें:
- बाज़ार तक पहुँच: ख़रीदने वाले लोग। विकसित प्रदेशों में बड़े बाज़ार हैं।
- कच्चे माल तक पहुँच: सस्ता और ढोने में आसान। वज़न घटाने वाला या जल्दी ख़राब होने वाला कच्चा माल (लौह अयस्क, गन्ना, दूध) कारखानों को पास खींचता है।
- श्रम तक पहुँच: कुशल या सस्ते मज़दूर।
- शक्ति तक पहुँच: ज़्यादा ऊर्जा लेने वाले उद्योग (एल्युमिनियम) सस्ती बिजली के पास।
- परिवहन और संचार: कच्चे माल और सामान की सस्ती, तेज़ ढुलाई।
- सरकारी नीति: कर छूट और पिछड़े इलाक़ों के विकास की योजनाएँ।
- समूहन अर्थव्यवस्थाएँ: कारखानों को एक-दूसरे के पास रहने से फ़ायदा (साझा सेवाएँ, सप्लायर, कुशल मज़दूर)।
स्वच्छंद (फुटलूज़) उद्योग लगभग कहीं भी लग सकते हैं क्योंकि उनके पुर्ज़े छोटे और हल्के होते हैं और वे किसी एक कच्चे माल से बँधे नहीं होते (जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स)। उन्हें मुख्यतः सड़क और कुशल मज़दूर चाहिए।
उद्योगों का वर्गीकरण
आकार से
घरेलू या कुटीर: सबसे छोटा; घर पर परिवार के लोग, सरल औज़ार, स्थानीय कच्चा माल (मिट्टी के बर्तन, टोकरी, हथकरघा)। लघु उद्योग: कार्यशाला, कुछ बिजली की मशीनें, वेतन वाले मज़दूर। बृहत् उद्योग: बड़ा बाज़ार, बहुत मज़दूर, उन्नत तकनीक, बड़ी पूँजी।
कच्चे माल (निवेश) से
कृषि आधारित (चीनी, सूती वस्त्र, खाद्य प्रसंस्करण), खनिज आधारित (लोहा-इस्पात, सीमेंट, एल्युमिनियम), रसायन आधारित (उर्वरक, प्लास्टिक, दवाएँ), वन आधारित (काग़ज़, फ़र्नीचर, लाख), पशु आधारित (चमड़ा, ऊन)।
उत्पाद से
आधारभूत उद्योग ऐसा सामान बनाते हैं जो दूसरे उद्योग उपयोग करें (इस्पात, मशीन औज़ार)। उपभोक्ता वस्तु उद्योग ऐसी चीज़ें बनाते हैं जो लोग सीधे उपयोग करें (साबुन, ब्रेड, टीवी)।
स्वामित्व से
सार्वजनिक क्षेत्र (सरकार चलाए), निजी क्षेत्र (व्यक्ति या कंपनी के), संयुक्त क्षेत्र (सरकार और निजी साथ)।
उच्च प्रौद्योगिकी उद्योग
उच्च प्रौद्योगिकी उद्योग विनिर्माण का सबसे नया रूप है। यह गहन अनुसंधान और विकास से उन्नत सामान बनाता है: कंप्यूटर, चिप, विमान के पुर्ज़े, दवाएँ, जैव-प्रौद्योगिकी उत्पाद।
- ज़्यादातर कर्मचारी सफ़ेद कॉलर पेशेवर (वैज्ञानिक, इंजीनियर) होते हैं, मशीन चलाने वाले नहीं।
- रोबोट और कंप्यूटर से डिज़ाइन का उपयोग।
- इमारतें साफ़-सुथरी, नीची, आधुनिक, अक्सर हरे-भरे पार्कों में, धुएँ वाले औद्योगिक इलाक़ों में नहीं।
- ऐसे उद्योगों के समूह को टेक्नोपोलिस कहते हैं: जैसे सैन फ़्रांसिस्को के पास सिलिकॉन वैली, सिएटल, और भारत में बेंगलुरु।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- विनिर्माण = कच्चे माल को ज़्यादा क़ीमती सामान में बदलना (मूल्य संवर्धन)
- आधुनिक विनिर्माण: विशिष्टीकरण, यंत्रीकरण (स्वचालन), नवाचार, संगठन, असमान वितरण
- अवस्थिति कारक: बाज़ार, कच्चा माल, श्रम, शक्ति, परिवहन, सरकारी नीति, समूहन
- स्वच्छंद उद्योग = किसी एक कच्चे माल से नहीं बँधा; हल्के पुर्ज़े; कहीं भी लग सकता है
- आकार से: कुटीर → लघु → बृहत्
- निवेश से: कृषि, खनिज, रसायन, वन, पशु; उत्पाद से: आधारभूत, उपभोक्ता
- स्वामित्व से: सार्वजनिक, निजी, संयुक्त
- उच्च प्रौद्योगिकी = R&D + सफ़ेद कॉलर कर्मचारी; समूह = टेक्नोपोलिस
हल किए गए उदाहरण
1. लोहा-इस्पात संयंत्र अक्सर लौह अयस्क और कोयले की खानों के पास क्यों बनते हैं?
कच्चा माल भारी है और प्रसंस्करण में वज़न घटता है, इसलिए भारी अयस्क की जगह हल्का तैयार इस्पात ढोना सस्ता है।
2. एक कुम्हार परिवार घर पर बर्तन बनाकर गाँव में बेचता है। आकार से कौन सा प्रकार?
घरेलू (कुटीर) उद्योग।
3. एक कंपनी मशीन औज़ार बनाती है जो दूसरे कारखाने उपयोग करते हैं। आधारभूत या उपभोक्ता?
आधारभूत उद्योग, क्योंकि इसका उत्पाद दूसरा सामान बनाने में लगता है।
4. एक इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी किसी खान से दूर हाईवे के पास संयंत्र लगाती है। यह कैसे संभव है?
यह स्वच्छंद उद्योग है: पुर्ज़े छोटे-हल्के हैं और यह किसी एक कच्चे माल से बँधा नहीं।
5. एक इस्पात संयंत्र सरकार का है। स्वामित्व का कौन सा प्रकार?
सार्वजनिक क्षेत्र का उद्योग।
आम गलतियाँ
- यह सोचना कि हर उद्योग कच्चे माल के पास जाता है। जल्दी ख़राब या भारी तैयार सामान (ब्रेड, फ़र्नीचर) अक्सर बाज़ार के पास बनते हैं।
- आधारभूत और उपभोक्ता उद्योग मिलाना। आधारभूत = दूसरे उद्योगों के लिए; उपभोक्ता = सीधे लोगों के लिए।
- स्वच्छंद का मतलब 'कोई कारक नहीं' समझना। इन्हें भी परिवहन और कुशल श्रम चाहिए।
- कहना कि उच्च प्रौद्योगिकी उद्योग में बहुत नीले कॉलर मज़दूर चाहिए। इनमें मुख्यतः सफ़ेद कॉलर पेशेवर होते हैं।