मशीन निर्माण क्या है?
मशीन निर्माण (इंजीनियरिंग उद्योग) मशीनें, औज़ार, वाहन, यंत्र और उपकरण बनाता है। इसे उद्योग का "हृदय" कहते हैं क्योंकि बाकी उद्योग, खेत और घर सब इसका माल इस्तेमाल करते हैं: ट्रैक्टर, खराद, रेल, विमान, कंप्यूटर और चिकित्सा उपकरण।
यह बहुत लोगों को काम देता है और धातु उद्योग (धातु अंदर), इलेक्ट्रॉनिक्स-रसायन (पुर्ज़े अंदर) और हर खरीदार (मशीन बाहर) से जुड़ा है।
मुख्य शाखाएँ
- भारी मशीन निर्माण: खनन और इस्पात कारखाने के उपकरण, टर्बाइन, क्रेन। बड़े, भारी और धातु-भूखे।
- परिवहन मशीन निर्माण: कार, ट्रक, रेल डिब्बे, विमान और जहाज़।
- कृषि मशीन निर्माण: ट्रैक्टर और कंबाइन हार्वेस्टर, आमतौर पर खेती वाले इलाकों के पास।
- सटीक और विद्युत मशीन निर्माण: यंत्र, इलेक्ट्रॉनिक्स, कंप्यूटर, रोबोट। यह विज्ञान-प्रधान है, यानी इसमें शोध और कुशल काम बहुत लगता है।
स्थान तय करने वाले कारक
- धातु कारक: भारी मशीनें उराल क्षेत्र जैसे धातु आधारों के पास बनती हैं।
- श्रम और विज्ञान कारक: यंत्र और इलेक्ट्रॉनिक्स विश्वविद्यालयों वाले बड़े शहरों, जैसे मॉस्को और सेंट पीटर्सबर्ग, में जाते हैं।
- उपभोक्ता कारक: खेती की मशीनें खेतों के पास, बड़ी या नाज़ुक मशीनें खरीदार के पास।
- परिवहन कारक: जहाज़ कारखाने बंदरगाह पर, असेंबली रेल-सड़क के पास।
कारखाने वहाँ जुटते हैं जहाँ कई कारक मिलते हैं, इसलिए बड़े शहर मशीन निर्माण के केंद्र बन जाते हैं।
विशेषज्ञता और सहयोग
एक कारखाना हर पुर्ज़ा अच्छा नहीं बना सकता। विशेषज्ञता में हर कारखाना कुछ पुर्ज़े या एक ही तरह का उत्पाद बनाता है, और अच्छा बनाता है। सहयोग में ये कारखाने अपना माल असेंबली कारखाने को भेजते हैं। एक कार इसी तरह सैकड़ों कंपनियों के हज़ारों पुर्ज़ों से बनती है।
इससे लागत कम और गुणवत्ता बेहतर होती है। जोखिम यह है कि एक आपूर्तिकर्ता रुके तो पूरी लाइन रुक सकती है। आज पुर्ज़े कई देशों से आ सकते हैं, इसलिए बंदरगाह, रेल और अच्छी सड़कें मायने रखती हैं।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- भारी मशीनें → धातु के पास।
- सटीक / विज्ञान-प्रधान सामान → शोध और कुशल श्रम के पास।
- कारें → पुर्ज़े बनाने वालों और खरीदारों के नेटवर्क में (असेंबली कारखाना)।
- जहाज़ → बंदरगाह पर, इस्पात के साथ।
- विशेषज्ञता + सहयोग = कई कारखाने, एक तैयार उत्पाद।
हल किए गए उदाहरण
1. खनन उपकरण का कारखाना धातु आधार के पास क्यों बनता है?
उसमें बहुत इस्पात लगता है और उसका माल विशाल व भारी होता है, इसलिए धातु या तैयार मशीन दूर ढोना महँगा पड़ता है।
2. यंत्र और इलेक्ट्रॉनिक्स बनाने वाले बड़े शहरों में क्यों जुटते हैं?
उन्हें इंजीनियर, शोध केंद्र और विश्वविद्यालय चाहिए। उनका माल छोटा और हल्का है, इसलिए ढुलाई सस्ती है और धातु से ज़्यादा लोग मायने रखते हैं।
3. जो कारखाना दूसरी जगह बने पुर्ज़ों को जोड़कर तैयार कार बनाता है, उसे क्या कहते हैं?
असेंबली कारखाना। वह विशेषज्ञता (हर निर्माता एक पुर्ज़ा) और सहयोग (पुर्ज़े एक जगह आना) से चलता है।
4. एक कार कारखाना 200 आपूर्तिकर्ताओं से 4000 पुर्ज़े खरीदता है। हर आपूर्तिकर्ता दिन में एक बार ट्रक से माल दे तो कम से कम रोज़ कितने ट्रक आएँगे?
कम से कम हर आपूर्तिकर्ता का एक: रोज़ 200 ट्रक। इसीलिए असेंबली कारखाने अच्छी सड़क और रेल के पास बनते हैं।
आम गलतियाँ
- सोचना कि हर मशीन कारखाना धातु के पास ही होगा। सटीक सामान के साथ ऐसा नहीं है।
- मशीन निर्माण को "धातुकर्म जैसा ही" कहना। धातुकर्म धातु बनाता है; मशीन निर्माण उससे मशीन।
- सहयोग को भूल जाना। कार एक कार्यशाला में नहीं बनती।
- मानना कि बड़ा कारखाना हमेशा बेहतर है। विशेषज्ञ छोटे आपूर्तिकर्ता भी मायने रखते हैं।