रसायन उद्योग
रसायन उद्योग कच्चे माल को नए पदार्थों में बदलता है। इसके तीन बड़े समूह हैं:
- खनन रसायन: चट्टानों और नमकों, जैसे फॉस्फेट, पोटाश और साधारण नमक, से उर्वरक, अम्ल और सोडा बनाता है।
- मूल और कार्बनिक रसायन: तेल, गैस और कोयले से प्लास्टिक, कृत्रिम रबर, रेशे, रंग और दवाएँ बनाता है। तेल शोधन से जुड़ने पर इसे पेट्रोरसायन कहते हैं।
- सूक्ष्म रसायन: दवाएँ, रंग, सौंदर्य सामान और खास चीज़ें, थोड़ी मात्रा में।
रसायन कारखाने कहाँ बनते हैं
- कच्चा माल: उर्वरक और भारी रसायन खानों के पास; पेट्रोरसायन तेल क्षेत्रों, रिफाइनरियों और पाइपलाइनों के पास।
- पानी और ऊर्जा: रसायन के काम में बहुत पानी और बिजली लगती है।
- उपभोक्ता: दवा या रंग बनाने वाले कारखाने अक्सर बड़े शहरों में होते हैं।
- सुरक्षा: खतरनाक कारखानों को घरों से दूरी और हवा-पानी के साफ नियम चाहिए।
काष्ठ उद्योग
काष्ठ उद्योग के चरण हैं: कटाई (पेड़ काटना), आरा मिल (लट्ठे से तख़्ते), काष्ठ कार्य (फ़र्नीचर, प्लाईवुड, मकान) और लुगदी-कागज़ (लकड़ी से सेलुलोज़ और फिर कागज़-गत्ता)। लकड़ी का रसायन राल और कृत्रिम रेशे जैसी चीज़ें बनाता है, इसलिए काष्ठ और रसायन उद्योग जुड़े हैं।
रूस के पास दुनिया के लगभग पाँचवें हिस्से के जंगल हैं, ज़्यादातर उत्तरी वन (टैगा), जो उत्तर, उराल, साइबेरिया और सुदूर पूर्व में हैं। कारखाने जंगलों और नदियों या रेल के पास बनते हैं। कटाई जंगल के दोबारा उगने से ज़्यादा नहीं होनी चाहिए, और कटे हिस्सों में फिर पेड़ लगने चाहिए।
समस्याएँ और प्रकृति की देखभाल
रसायन कारखाने हानिकारक गैसें और गंदा पानी छोड़ सकते हैं। लुगदी मिलें बहुत पानी लेती हैं और नदियों-झीलों को गंदा कर सकती हैं। अवैध कटाई, जंगल की आग और ज़्यादा कटाई जंगल घटाते हैं।
अच्छे उपाय: कचरे का उपचार, कागज़ और प्लास्टिक का पुनर्चक्रण, पेड़ के हर हिस्से का उपयोग, नए पेड़ लगाना, और दुर्लभ जंगलों-झीलों की रक्षा। एक जाना-माना मामला गहरी झील किनारे की लुगदी मिल का है, जिसे झील बचाने के लिए बंद करना पड़ा।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- रसायन = खनन रसायन + कार्बनिक रसायन (पेट्रोरसायन) + सूक्ष्म रसायन।
- लकड़ी की कड़ी: कटाई → आरा मिल → काष्ठ कार्य → लुगदी-कागज़।
- रसायन कारखाने → कच्चे माल, पानी, ऊर्जा के पास।
- टिकाऊ कटाई: कटाई ≤ पुनर्वृद्धि।
- लकड़ी का रसायन काष्ठ और रसायन उद्योग को जोड़ता है।
हल किए गए उदाहरण
1. उर्वरक कारखाने अक्सर फॉस्फेट या पोटाश खानों के पास क्यों बनते हैं?
खनिज चट्टान भारी है और कारखाने को बहुत चाहिए। चट्टान दूर ढोना उर्वरक ढोने से महँगा है, इसलिए कारखाना खान के पास रहता है।
2. काष्ठ उद्योग के चार चरण क्रम से लिखो।
कटाई, आरा मिल, काष्ठ कार्य, और लुगदी-कागज़ (आख़िरी दो साथ-साथ चल सकते हैं)।
3. लुगदी और कागज़ मिल को पास में नदी या झील क्यों चाहिए?
लुगदी-कागज़ बनाने में बहुत पानी लगता है और नदी लट्ठे ढोने में भी मदद करती है। गंदा पानी लौटाने से पहले साफ करना ज़रूरी है।
4. एक जंगल साल में 3 करोड़ घन मीटर लकड़ी फिर उगाता है। कटाई वाले 3.6 करोड़ घन मीटर काटते हैं। क्या यह टिकाऊ है? जंगल कितना घट रहा है?
नहीं। हर साल 3.6 − 3.0 = 0.6 करोड़ घन मीटर ज़्यादा कटता है, इसलिए जंगल घटता है।
आम गलतियाँ
- सोचना कि सब रसायन कारखाने शहरों के पास जाते हैं। कई कच्चे माल के पास जाते हैं।
- कहना कि जंगल कभी खत्म नहीं होते। कटाई पुनर्वृद्धि से कम रहनी चाहिए।
- कटाई (पेड़ काटना) और आरा मिल (लट्ठे को तख़्तों में चीरना) को मिला देना।
- गंदे पानी को भूलना। लुगदी और रसायन कारखानों को उसे साफ करना होता है।