ग्रामीण और नगरीय प्रकार
बस्ती वह जगह है जहाँ लोग घर बनाकर रहते हैं। ग्रामीण बस्तियाँ मुख्य रूप से खेती, मछली, वन जैसे प्राथमिक कामों पर टिकी हैं। नगरीय बस्तियाँ उद्योग, व्यापार और सेवाओं पर।
ग्रामीण बस्तियों के प्रकार
- गुच्छित (संहत): घर पास-पास, चारों ओर खेत। उपजाऊ मैदान, सुरक्षा के लिए पूर्वोत्तर की पहाड़ी चोटियाँ, पानी की कमी वाले बुंदेलखंड और राजस्थान।
- अर्ध-गुच्छित (विखंडित): एक मुख्य गुच्छा और कुछ अलग हुए घर, अक्सर सामाजिक समूहों के अलग रहने से। गुजरात का मैदान, राजस्थान के भाग।
- पल्ली (पुरवा): एक गाँव कई छोटी इकाइयों में (पान्ना, पाड़ा, पल्ली, नगला, ढाणी)। मध्य और निचला गंगा मैदान, छत्तीसगढ़, निचली हिमालय घाटियाँ।
- परिक्षिप्त (एकाकी): दूर-दूर अकेली झोपड़ियाँ; पहाड़, वन या शुष्क भूमि में। मेघालय, उत्तराखंड, हिमाचल, केरल।
प्रकार क्या तय करता है? भौतिक कारक (भूमि, पानी, जलवायु), सामाजिक कारक (जाति और समुदाय) और सुरक्षा।
नगरीय बस्तियाँ
जनगणना किसी जगह को नगर मानती है यदि वह सांविधिक नगर हो (नगरपालिका, निगम या छावनी बोर्ड हो) या जनगणना नगर: कम से कम 5,000 लोग, कम से कम 400 प्रति वर्ग किमी और कम से कम 75% पुरुष कामगार गैर-कृषि काम में।
नगरों का विकास
भारत में नगर हड़प्पा काल से बनते आए हैं। इन्हें तीन कालों में बाँटते हैं:
- प्राचीन नगर (2,000 वर्ष से पुराने): धार्मिक-सांस्कृतिक केंद्र या राजधानियाँ। वाराणसी, प्रयागराज, पाटलिपुत्र (पटना), मदुरै।
- मध्यकालीन नगर (आज के लगभग 100 नगर): राज्यों की राजधानियाँ और क़िले। दिल्ली, हैदराबाद, जयपुर, लखनऊ, आगरा, नागपुर।
- आधुनिक नगर: पहले यूरोपीय व्यापारिक केंद्र (सूरत, दमन, गोवा, पुदुच्चेरी), फिर अंग्रेज़ों के पत्तन और राजधानियाँ (मुंबई, चेन्नई, कोलकाता), पर्वतीय नगर (शिमला, दार्जिलिंग) और छावनियाँ। 1947 के बाद नियोजित राजधानियाँ (चंडीगढ़, भुवनेश्वर, गांधीनगर, दिसपुर) और औद्योगिक नगर (दुर्गापुर, भिलाई, बोकारो, सिंदरी), साथ ही गाज़ियाबाद, गुरुग्राम जैसे उपनगर।
नगरीकरण
नगरीकरण यानी नगरों में रहने वाले लोगों के हिस्से का बढ़ना।
- 1901: लगभग 11% नगरीय। 1951: 17%। 2011: 31% (लगभग 37.7 करोड़ लोग)।
- दस लाखी नगर (10 लाख या अधिक लोग) 2011 में 53 हो गए।
- सबसे बड़े नगरीय संकुल: बृहत् मुंबई, दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु।
क्यों? उद्योग और सेवाओं में रोज़गार, बेहतर स्कूल-अस्पताल, और शहरों के पास के गाँवों का नगर बनना। समस्याएँ: झुग्गियाँ, ट्रैफ़िक, प्रदूषण, पानी और मकान की कमी।
नगरीय संकुल यानी एक नगर और उसके बढ़ते बाहरी हिस्से मिलकर एक शहरी क्षेत्र।
कार्यात्मक वर्गीकरण
कई नगर कई काम करते हैं, पर अक्सर एक काम सबसे आगे होता है। नगर का नाम उसी से:
| कार्य | उदाहरण |
|---|---|
| प्रशासनिक | नई दिल्ली, चंडीगढ़, भोपाल, शिलांग |
| औद्योगिक | जमशेदपुर, भिलाई, कोयंबटूर, मुंबई |
| परिवहन (पत्तन, जंक्शन) | कांडला, कोच्चि, विशाखापत्तनम; इटारसी, कटनी |
| वाणिज्यिक | कोलकाता, सतना, लुधियाना |
| खनन | रानीगंज, झरिया, डिगबोई, सिंगरौली |
| छावनी | अंबाला, जालंधर, महू, ऊधमपुर |
| शैक्षिक | रुड़की, वाराणसी, अलीगढ़, पिलानी |
| धार्मिक और सांस्कृतिक | वाराणसी, मथुरा, अमृतसर, मदुरै, पुरी, अजमेर |
| पर्यटन | नैनीताल, मसूरी, शिमला, पचमढ़ी, जोधपुर, ऊटी |
दिल्ली जैसे बड़े नगर बहुकार्यात्मक हैं।
स्मार्ट सिटी मिशन
स्मार्ट सिटी मिशन जून 2015 में 100 नगरों को सुधारने के लिए शुरू हुआ। स्मार्ट सिटी लोगों को बुनियादी सेवाएँ और स्मार्ट उपायों से साफ़, सुरक्षित जीवन देती है।
- मूल ज़रूरतें: पक्का पानी और बिजली, स्वच्छता और कचरा प्रबंधन, सार्वजनिक परिवहन, सस्ते मकान, डिजिटल जुड़ाव, ई-गवर्नेंस, महिलाओं-बच्चों-बुज़ुर्गों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और शिक्षा।
- क्षेत्र-आधारित विकास: रेट्रोफ़िटिंग (पुराने क्षेत्र को सुधारना), पुनर्विकास (क्षेत्र को फिर से बनाना), ग्रीनफ़ील्ड (ख़ाली ज़मीन पर नया क्षेत्र)।
- पूरे शहर के उपाय: पूरे शहर के लिए एक स्मार्ट विचार, जैसे ट्रैफ़िक नियंत्रण केंद्र।
करके देखिए
अपने आसपास 15 मिनट घूमिए या देखिए। घरों की बसावट का छोटा चित्र बनाइए। यह गुच्छित, अर्ध-गुच्छित, पल्ली या परिक्षिप्त है? फिर लोगों के मुख्य काम लिखिए और पास के नगर का कार्य तय कीजिए। 3D के चरण 1 और 5 से मिलाइए।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- जनगणना नगर: ≥ 5,000 लोग, ≥ 400 प्रति वर्ग किमी, ≥ 75% पुरुष कामगार गैर-कृषि काम में
- ग्रामीण प्रकार: गुच्छित, अर्ध-गुच्छित, पल्ली, परिक्षिप्त
- नगरीय हिस्सा: 11% (1901) → 31% (2011)
- स्मार्ट सिटी मिशन: 2015, 100 नगर
हल किए गए उदाहरण
1. एक जगह 8,000 लोग, 600 प्रति वर्ग किमी घनत्व और 80% पुरुष कामगार गैर-कृषि काम में हैं, पर नगरपालिका नहीं है। क्या यह नगर है?
हाँ, जनगणना नगर। तीनों शर्तें पूरी: 5,000 से ज़्यादा लोग, 400 से ज़्यादा प्रति वर्ग किमी और 75% से ज़्यादा पुरुष गैर-कृषि कामगार।
2. गंगा मैदान में गुच्छित और मेघालय में परिक्षिप्त गाँव क्यों?
गंगा मैदान समतल और उपजाऊ है, इसलिए कई किसान परिवार साझा कुओं और खेतों के पास साथ रहते हैं। मेघालय पहाड़ी है, खेत छोटे-छोटे टुकड़ों में, इसलिए हर परिवार अपने खेत के पास दूसरों से दूर रहता है।
3. नगरीय हिस्सा 2001 में 27.8% से 2011 में 31.2% हुआ। कितने प्रतिशत अंक बढ़ा?
31.2 − 27.8 = दस साल में 3.4 प्रतिशत अंक।
4. वर्गीकरण कीजिए: डिगबोई, महू, कांडला, रुड़की।
डिगबोई: खनन (तेल)। महू: छावनी। कांडला: परिवहन (पत्तन)। रुड़की: शैक्षिक।
आम गलतियाँ
- हर बड़े गाँव को नगर मान लेना। जनगणना नगर को तीनों शर्तें पूरी करनी होती हैं (5,000 लोग, 400 प्रति वर्ग किमी, 75% गैर-कृषि पुरुष कामगार)।
- पल्ली और अर्ध-गुच्छित को मिलाना। पल्ली = एक गाँव के नाम से कई अलग इकाइयाँ; अर्ध-गुच्छित = एक गुच्छा और कुछ अलग घर।
- मुंबई को केवल पत्तन कहना। बड़े नगर बहुकार्यात्मक होते हैं; वर्गीकरण मुख्य कार्य से होता है।
- कहना कि स्मार्ट सिटी मिशन केवल नए शहर बनाता है। ज़्यादातर काम पुराने क्षेत्रों की रेट्रोफ़िटिंग और पुनर्विकास है।