Germany Jahrgangsstufe 13 Geography
अध्याय: 5
1. Geographic techniques for years 12-13
Geography skills for upper school
- मानचित्र कौशल: नक्शे पढ़ना और इस्तेमाल करना – मानचित्र (map) किसी जगह का ठीक ऊपर से देखा गया, छोटा किया गया चपटा चित्र है। इसे पढ़ने के लिए चाहिए: संकेत-सूची (चिह्न), मापनी (दूरी नापने के लिए), दिशा (दिशा-बिंदु और दिकमान), ग्रिड संदर्भ (जगह ढूँढने और बताने के लिए) और समोच्च रेखाएँ (ऊँचाई और ढलान देखने के लिए)। आज GPS उपग्रहों से हमारी जगह बताता है, और GIS कंप्यूटर पर आँकड़ों की कई परतें जोड़कर जगहों के बारे में सवालों के जवाब देता है।
2. Economic development in a globalised world
Economic development in a global world
- विकास – विकास का मतलब हर किसी के लिए अलग है: ज़्यादा आय, पर बराबरी, आज़ादी, सुरक्षा और सम्मान भी। देशों की तुलना प्रति व्यक्ति आय से होती है, पर औसत असमानता छिपा लेता है, इसलिए स्वास्थ्य और शिक्षा भी देखते हैं। मानव विकास सूचकांक इन्हें जोड़ता है। विकास धारणीय भी होना चाहिए ताकि संसाधन आने वाली पीढ़ियों तक बचें।
3. Resources and sustainable development
Resources and sustainable development
- संसाधन एवं विकास – संसाधन प्रकृति की वह चीज़ है जिसे लोग तकनीक की मदद से उपयोग कर सकें। संसाधनों को उत्पत्ति, ख़त्म होने, स्वामित्व और विकास के आधार पर बाँटा जाता है। भारत को संसाधनों का नियोजन करना, ज़मीन की देखभाल करना और मिट्टी को बहने से बचाना ज़रूरी है।
4. Population and migration
Population and migration
- प्रवास (Migration) – प्रवास लोगों का एक जगह से दूसरी जगह कुछ समय या हमेशा के लिए रहने जाना है। छोड़ी गई जगह उद्गम है; पहुँचने की जगह गंतव्य। लोग प्रतिकर्ष कारकों (घर की समस्याएँ) और अपकर्ष कारकों (दूसरी जगह का आकर्षण) से जाते हैं, पर खर्च, दूरी और कानून जैसी बाधाएँ कुछ को रोकती हैं। प्रवास आंतरिक या अंतरराष्ट्रीय, अस्थायी या स्थायी, स्वैच्छिक या बलात हो सकता है, और यह उद्गम व गंतव्य दोनों को बदलता है।
5. Urban development and urban spaces
Urban development
- मानव बस्तियाँ: ग्रामीण और नगरीय प्रकार, नगरों का विकास, नगरीकरण और स्मार्ट सिटी – बस्ती वह जगह है जहाँ लोग घर बनाकर रहते हैं, एक झोपड़ी से लेकर बड़े नगर तक। ग्रामीण बस्तियाँ खेती और दूसरे प्राथमिक कामों पर टिकी हैं; नगरीय बस्तियाँ उद्योग, व्यापार और सेवाओं पर। गाँव गुच्छित, अर्ध-गुच्छित, पल्ली या परिक्षिप्त हो सकते हैं। भारतीय नगर तीन कालों में बढ़े: प्राचीन, मध्यकालीन और आधुनिक। नगरीय हिस्सा 1901 में 11% से 2011 में 31% हुआ। नगरों को मुख्य काम से पहचानते हैं: प्रशासनिक, औद्योगिक, परिवहन, वाणिज्यिक, खनन, छावनी, शैक्षिक, धार्मिक और पर्यटन। स्मार्ट सिटी मिशन (2015) 100 नगरों को साफ़, सुरक्षित और रहने में आसान बनाना चाहता है।