स्थानिक सूचना प्रौद्योगिकी और जीआईएस क्या है?
स्थानिक का अर्थ है स्थान या अवस्थिति से जुड़ा। स्थानिक सूचना प्रौद्योगिकी जीआईएस, जीपीएस और सुदूर संवेदन जैसे साधनों से स्थानों के आँकड़े जुटाना, रखना और जाँचना है।
भौगोलिक सूचना तंत्र (जीआईएस) एक कंप्यूटर तंत्र है जो पृथ्वी के स्थानों से जुड़े आँकड़ों को जुटाता, संग्रहित करता, जाँचता, जोड़ता, विश्लेषित करता और दिखाता है। यह दोनों रखता है: कोई चीज़ कहाँ है (स्थानिक आँकड़े) और क्या है (गुण आँकड़े)।
जीआईएस के घटक
- हार्डवेयर: कंप्यूटर, भंडारण, स्कैनर, अंकक (डिजिटाइज़र), जीपीएस यंत्र, प्रिंटर/प्लॉटर।
- सॉफ़्टवेयर: आँकड़े डालने, रखने, पूछने, विश्लेषण और दिखाने वाले जीआईएस प्रोग्राम (QGIS जैसे मुफ़्त भी हैं)।
- आँकड़े: स्थानिक आँकड़े (मानचित्र, चित्र, निर्देशांक) और गुण आँकड़े (सारणियाँ)।
- लोग: प्रशिक्षित उपयोगकर्ता, तकनीशियन से योजनाकार तक, जो तंत्र बनाते और चलाते हैं।
- विधियाँ (प्रक्रियाएँ): अच्छे विश्लेषण के चरण और नियम।
जीआईएस के लाभ
- बड़े आँकड़े जल्दी सँभालता है और अद्यतन रखता है।
- मानचित्र से प्रश्न पूछ सकते हैं: "कौन-से गाँव अस्पताल से 5 km से अधिक दूर हैं?"
- उचित स्थल खोजने के लिए कई परतें मिलाता है (अध्यारोपण)।
- मानचित्र किसी भी मापनी और शैली में जल्दी बदले और फिर से बनाए जा सकते हैं।
- मानचित्र को सारणी से जोड़ता है, इसलिए वस्तु दबाने पर उसका विवरण दिखता है।
- योजना, आपदा प्रबंधन, कृषि, परिवहन और पर्यावरण में सहायक।
स्थानिक आँकड़ों के प्रारूप: रेखापुंज और सदिश
रेखापुंज (रास्टर)
बराबर वर्गाकार कोशिकाओं (पिक्सेल) का जाल। हर कोशिका में एक मान (जैसे भूमि उपयोग कोड या ऊँचाई)। उपग्रह चित्र और स्कैन किए मानचित्र रेखापुंज हैं। संरचना सरल और अध्यारोपण आसान, पर किनारे खुरदरे और फ़ाइलें बड़ी हो सकती हैं।
सदिश (वेक्टर)
सटीक निर्देशांकों से बनी वस्तुएँ: बिंदु (कुआँ, नगर), रेखा (सड़क, नदी) और बहुभुज (झील, खेत)। सीमाएँ स्पष्ट, फ़ाइलें छोटी और सारणियों से जोड़ना आसान, पर विश्लेषण कुछ जटिल हो सकता है।
आँकड़ा निवेश और गुण आँकड़ों को जोड़ना
आँकड़े डालने के तरीके
- अंकीकरण (डिजिटाइज़िंग): काग़ज़ी मानचित्र से वस्तुओं को अंकक या स्क्रीन पर रेखांकित करना।
- स्कैनिंग: काग़ज़ी मानचित्र को रेखापुंज चित्र में बदलना।
- जीपीएस: क्षेत्र में निर्देशांक दर्ज करना।
- सुदूर संवेदन चित्र और पहले से उपलब्ध अंकीय आँकड़े।
- सारणियों और निर्देशांकों का कीबोर्ड से प्रवेश।
स्थानिक और गुण आँकड़ों को जोड़ना
हर वस्तु को एक अनोखी पहचान संख्या (ID) मिलती है। वही ID गुण सारणी की एक पंक्ति में होती है (नाम, जनसंख्या, जल स्रोत…)। इस जुड़ाव से वस्तु दबाकर उसके आँकड़े देख सकते हैं, या सारणी की पंक्तियाँ चुनकर मानचित्र पर देख सकते हैं। मानचित्रों को एक ही निर्देशांक तंत्र पर लाना (भू-संदर्भन) और त्रुटियाँ जाँचना भी ज़रूरी है।
स्थानिक विश्लेषण: अध्यारोपण और बफ़र
अध्यारोपण (ओवरले) विश्लेषण
एक ही क्षेत्र की दो या अधिक परतों को एक-दूसरे पर रखकर नई परत बनती है। जैसे समतल भूमि पर नदी के पास की परत रखने से ऐसी भूमि मिलती है जो समतल भी है और पानी के पास भी, खेती के लिए अच्छी। अध्यारोपण पूछता है "कहाँ A और B दोनों सत्य हैं?" (यह A या B भी खोज सकता है।)
बफ़र विश्लेषण
बफ़र किसी बिंदु, रेखा या बहुभुज के चारों ओर तय दूरी का क्षेत्र है। उदाहरण: विद्यालय के चारों ओर 500 m का क्षेत्र जहाँ शराब की दुकान न हो, नदी के साथ 1 km की पट्टी बाढ़ जोखिम के लिए, कारखाने के चारों ओर 2 km प्रदूषण जाँच के लिए। फिर बफ़र को दूसरी परतों (जैसे घर) पर रखकर अंदर की चीज़ें गिनी जाती हैं।
अन्य विश्लेषण: जाल विश्लेषण (सबसे छोटा मार्ग) और प्रश्न (गुण से चुनना)।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- जीआईएस घटक: हार्डवेयर + सॉफ़्टवेयर + आँकड़े + लोग + विधियाँ
- स्थानिक आँकड़े = कहाँ (अवस्थिति); गुण आँकड़े = क्या (विवरण)
- रेखापुंज = कोशिकाओं का जाल; सदिश = बिंदु, रेखा, बहुभुज
- अध्यारोपण = परतें मिलाना (A और B); बफ़र = वस्तु के चारों ओर दूरी d का क्षेत्र
हल किए गए उदाहरण
1. गाँव का कुआँ उसके निर्देशांकों से दिखाया गया है। यह बिंदु, रेखा या बहुभुज है?
बिंदु (सदिश), क्योंकि इस मापनी पर इसकी एक ही अवस्थिति है, लंबाई या क्षेत्रफल नहीं।
2. उपग्रह चित्र किस प्रारूप में होता है?
रेखापुंज, क्योंकि यह पिक्सेल का जाल है, हर एक में चमक का मान।
3. योजनाकार को नए गोदाम के लिए ऐसी भूमि चाहिए जो समतल हो और सड़क से 1 km के अंदर हो। कौन-से विश्लेषण?
सड़कों के चारों ओर 1 km का बफ़र बनाइए, फिर उसे ढाल की परत (समतल क्षेत्र) पर अध्यारोपित कीजिए। साझा क्षेत्र उचित है।
4. घर कारखाने से 0.8, 1.5, 2.2, 2.9 और 3.4 km दूर हैं। 2 km के बफ़र में कितने हैं?
केवल 0.8 और 1.5 km ≤ 2 km हैं, अतः 2 घर।
5. जीआईएस में झील दबाने पर उसका नाम, क्षेत्रफल और गहराई दिखती है। यह कैसे संभव हुआ?
जुड़ाव से: झील के बहुभुज की ID गुण सारणी की उस पंक्ति से मेल खाती है जिसमें नाम, क्षेत्रफल और गहराई है।
आम गलतियाँ
- यह सोचना कि जीआईएस केवल सॉफ़्टवेयर है। इसमें हार्डवेयर, आँकड़े, लोग और विधियाँ भी चाहिए।
- रेखापुंज और सदिश में उलझना: रेखापुंज कोशिकाएँ हैं, सदिश बिंदु, रेखा और बहुभुज।
- यह सोचना कि बफ़र हमेशा वृत्त है। रेखा के चारों ओर यह पट्टी और बहुभुज के चारों ओर चौड़ी रूपरेखा होता है।
- अलग निर्देशांक तंत्र या मापनी वाली परतों को अध्यारोपित करना, जिससे वस्तुएँ मेल नहीं खातीं।