Russia 10 класс Geography (basic)
अध्याय: 5
1. Geography as a science
Methods of geography
- स्थानिक सूचना प्रौद्योगिकी: जीआईएस (कक्षा 12 भूगोल प्रायोगिक) – भौगोलिक सूचना तंत्र (जीआईएस) एक कंप्यूटर तंत्र है जो स्थानों के आँकड़ों को संग्रहित करता, जोड़ता, विश्लेषित करता और दिखाता है। यह संसार को परतों में रखता है। इसके लिए हार्डवेयर, सॉफ़्टवेयर, आँकड़े, लोग और विधियाँ चाहिए। स्थानिक आँकड़े रेखापुंज (कोशिकाओं का जाल) और सदिश (बिंदु, रेखा, बहुभुज) प्रारूपों में होते हैं। आँकड़े अंकीकरण, स्कैनिंग, जीपीएस या उपग्रह चित्रों से डाले जाते हैं और गुण सारणियों से जोड़े जाते हैं। अध्यारोपण परतों को मिलाकर शर्तें पूरी होने की जगह खोजता है; बफ़र किसी वस्तु के चारों ओर तय दूरी का क्षेत्र बनाता है।
2. Nature use and geoecology
Geographic environment · Natural resources
- संसाधन एवं विकास – संसाधन प्रकृति की वह चीज़ है जिसे लोग तकनीक की मदद से उपयोग कर सकें। संसाधनों को उत्पत्ति, ख़त्म होने, स्वामित्व और विकास के आधार पर बाँटा जाता है। भारत को संसाधनों का नियोजन करना, ज़मीन की देखभाल करना और मिट्टी को बहने से बचाना ज़रूरी है।
3. Countries of the world
Types of countries
जल्द आ रहा है
4. World population
Population dynamics · Composition and distribution
- विश्व जनसंख्या: वितरण, घनत्व और वृद्धि – धरती पर लोग बराबर नहीं फैले। ज़्यादातर लोग पानी के पास उपजाऊ मैदानों में रहते हैं; मरुस्थल, ऊँचे पर्वत और बर्फ़ीले इलाक़ों में बहुत कम। घनत्व बताता है कि हर वर्ग किमी पर कितने लोग हैं। भौगोलिक, आर्थिक और सामाजिक कारक यह पैटर्न समझाते हैं। हज़ारों साल जनसंख्या धीरे बढ़ी, फिर 1800 के बाद बहुत तेज़ी से। जनसंख्या जन्म, मृत्यु और प्रवास से बदलती है। जनांकिकीय संक्रमण सिद्धांत बताता है कि गाँव की खेती से शहरी उद्योग की ओर बढ़ते समाज में जन्म और मृत्यु दर कैसे गिरती हैं। देश परिवार नियोजन और स्वास्थ्य सेवा से वृद्धि नियंत्रित करते हैं।
- नगरीकरण: शहर क्यों बढ़ते हैं और उन्हें बेहतर कैसे बनाएँ – नगरीकरण किसी देश या दुनिया के उन लोगों के हिस्से का बढ़ना है जो कस्बों और शहरों में रहते हैं। 1950 में दुनिया के लगभग 30% लोग नगरीय थे; 2007 से आधे से ज़्यादा हैं, और 2050 तक लगभग 68% होने का अनुमान है। शहर ग्रामीण-नगरीय प्रवास (गाँव से धक्का देने वाले और शहर की ओर खींचने वाले कारक) और प्राकृतिक वृद्धि से बढ़ते हैं। आज सबसे तेज़ बढ़त एशिया और अफ़्रीका के कम आय वाले और उभरते देशों में है, जहाँ 1 करोड़ से ज़्यादा के महानगर बन रहे हैं; कई अमीर देशों में बढ़त धीमी है और लोग उपनगरों या गाँवों की ओर भी जाते हैं (उपनगरीकरण और प्रति-नगरीकरण)। तेज़ बढ़त से अवसर (रोज़गार, सेवाएँ) और समस्याएँ (अनौपचारिक बस्तियाँ, ट्रैफ़िक, प्रदूषण, कचरा, बाढ़, नगरीय ऊष्मा द्वीप) आती हैं। टिकाऊ नगरीय विकास इन्हें सार्वजनिक परिवहन, हरी जगहों, साफ़ पानी, पुनर्चक्रण, सस्ते घरों और नवीकरणीय ऊर्जा से सुधारता है।
5. World economy
Structure of the world economy · Branches of world economy
- वैश्वीकरण और वैश्विक शासन – वैश्वीकरण यानी सामान, पूँजी, सूचना और श्रम के प्रवाह का बढ़ना, जो जगहों को आपस में जोड़ता है। तकनीक, परिवहन और व्यापार समझौते इसे चलाते हैं। प्रवाह असमान हैं: अमीर देशों के पास ज़्यादा ताक़त है, ग़रीब देशों की बाज़ार तक पहुँच कमज़ोर है। TNC एक ही चीज़ को कई जगह बनवाती हैं। UN, WTO, IMF और विश्व बैंक जैसी संस्थाएँ इन प्रवाहों को संभालने की कोशिश करती हैं, और संधियाँ अंटार्कटिका जैसे साझा क्षेत्रों को बचाती हैं। वैश्वीकरण विकास और सस्ता सामान लाता है, पर असमानता, टकराव और पर्यावरण का नुक़सान भी।