South 고등학교 3학년 Korean Geography
अध्याय: 7
1. National land and geographic information
Korea's location in the world · Traditional views of land in old maps · Collecting and analysing geo-information
- प्रादेशिक भूगोल: हम दुनिया को प्रदेशों में कैसे बाँटते हैं – प्रदेश (region) वह क्षेत्र है जिसमें एक या अधिक लक्षण साझा हों, जो उसे आसपास के क्षेत्रों से अलग बनाएँ। औपचारिक (एकरूप) प्रदेश अंदर से एक जैसे होते हैं, जैसे कोई मैदान या धान पट्टी। क्रियात्मक (नोडल) प्रदेश किसी केंद्र से जुड़ाव से बनते हैं, जैसे शहर और वहाँ आने-जाने वाले गाँव। बोधगम्य प्रदेश लोगों के मन में होते हैं। प्रदेशों के किनारे आम तौर पर संक्रमण क्षेत्र होते हैं, और प्रदेश लोगों, सामान, पानी और विचारों के प्रवाह से एक-दूसरे पर निर्भर रहते हैं।
- पुराने नक्शे और दुनिया का नज़रिया – पुराना नक्शा गलतियों से भरा आधुनिक नक्शा नहीं है। वह बनाने वालों की जानकारी और मान्यताओं की तस्वीर है। पहले नक्शे स्थानीय रेखाचित्र थे। गोल नक्शों में बनाने वाले का अपना क्षेत्र बीच में होता था और अक्सर पूर्व या दक्षिण ऊपर रखा जाता था। ग्रिड (अक्षांश-देशांतर) से जगहें नापी जा सकीं। कई संस्कृतियाँ ज़मीन को आस्था से भी पढ़ती थीं, जैसे फेंग शुई: पीछे पहाड़, सामने पानी। पुराना नक्शा पढ़ने का मतलब है पूछना कि किसने, क्यों और किस नज़रिये से बनाया।
- स्थानिक सूचना प्रौद्योगिकी: जीआईएस (कक्षा 12 भूगोल प्रायोगिक) – भौगोलिक सूचना तंत्र (जीआईएस) एक कंप्यूटर तंत्र है जो स्थानों के आँकड़ों को संग्रहित करता, जोड़ता, विश्लेषित करता और दिखाता है। यह संसार को परतों में रखता है। इसके लिए हार्डवेयर, सॉफ़्टवेयर, आँकड़े, लोग और विधियाँ चाहिए। स्थानिक आँकड़े रेखापुंज (कोशिकाओं का जाल) और सदिश (बिंदु, रेखा, बहुभुज) प्रारूपों में होते हैं। आँकड़े अंकीकरण, स्कैनिंग, जीपीएस या उपग्रह चित्रों से डाले जाते हैं और गुण सारणियों से जोड़े जाते हैं। अध्यारोपण परतों को मिलाकर शर्तें पूरी होने की जगह खोजता है; बफ़र किसी वस्तु के चारों ओर तय दूरी का क्षेत्र बनाता है।
2. Landforms and human life
Formation of the peninsula and mountains · River and coastal landforms · Volcanic and karst landforms
- प्रमुख भू-आकृतियाँ और उनका बनना – भू-आकृतियाँ ज़मीन के प्राकृतिक रूप हैं: पर्वत, ज्वालामुखी, मैदान, घाटियाँ, डेल्टा, समुद्र तट और गुफाएँ। पृथ्वी के भीतर के बल (प्लेटों की हलचल, ज्वालामुखी) इन्हें बनाते हैं। बाहर के बल (बारिश, नदी, लहरें, हवा, बर्फ़) इन्हें घिसते और टुकड़ों को दूसरी जगह पहुँचाते हैं। लोग इन्हीं के हिसाब से रहने और काम करने की जगह चुनते हैं।
3. Climate and human life
Korea's climate · Climate landscapes · Natural hazards and climate change
- विश्व के जलवायु प्रदेश – किसी जगह के लगभग 30 साल के मौसम का औसत उसकी जलवायु है। यह मुख्य रूप से अक्षांश (सूरज कितना ऊँचा चढ़ता है), ऊँचाई (हर 1 km पर लगभग 6.5 °C ठंडा), समुद्र से दूरी, पवनों और महासागरीय धाराओं पर निर्भर करती है। कोपेन ने दुनिया को पाँच समूहों में बाँटा: A उष्णकटिबंधीय, B शुष्क, C शीतोष्ण, D महाद्वीपीय और E ध्रुवीय, साथ में ऊँचे पहाड़ों पर पर्वतीय (H) जलवायु। मानसून जलवायु में पवनें मौसम के साथ दिशा बदलती हैं।
- सांस्कृतिक भूगोल: जगह संस्कृति को और संस्कृति जगह को कैसे गढ़ती है – सांस्कृतिक भूगोल यह पढ़ता है कि अलग-अलग जगहों पर संस्कृति कैसे अलग है और कैसे फैलती है. संस्कृति किसी समूह के जीने का साझा तरीका है: भाषा, धर्म, भोजन, पहनावा, भवन, कला और त्योहार. लोग अपनी संस्कृति के हिसाब से ज़मीन बदलते हैं, जिससे सांस्कृतिक भूदृश्य बनता है. प्राकृतिक पर्यावरण, ख़ासकर जलवायु और समुद्र की नज़दीकी, घर, भोजन और कपड़ों पर असर डालते हैं, पर लोग तकनीक और अपनी पसंद से भी चुनते हैं. मिलते-जुलते गुणों वाले इलाक़े सांस्कृतिक प्रदेश बनाते हैं. संस्कृति किसी केंद्र (हर्थ) से शुरू होकर प्रसार से फैलती है: स्थानांतरण (लोग जाते हैं) या विस्तार (विचार जाता है), जो संक्रामक, पदानुक्रमिक या उद्दीपन प्रकार का होता है. प्रसार से संस्कृति-ग्रहण, आत्मसात्करण, समन्वय और आज वैश्वीकरण होता है.
- प्राकृतिक संकट (Natural Hazards) – प्राकृतिक संकट (hazard) ऐसी प्राकृतिक घटना है जो लोगों और चीज़ों को नुकसान पहुँचा सकती है, जैसे भूकंप, ज्वालामुखी, भूस्खलन, बाढ़, सूखा या चक्रवात। जब यह ऐसे लोगों पर पड़ती है जो तैयार नहीं हैं, तब यह आपदा (disaster) बन जाती है। भूगर्भीय संकट धरती के अंदर से आते हैं, मौसमी संकट हवा और पानी से। जोखिम = संकट × सुभेद्यता ÷ क्षमता, इसलिए चेतावनी, मज़बूत मकान और प्रशिक्षित लोग नुकसान घटाते हैं।
4. Settlements and regional development
Rural change · Urban structure · Urban planning · Effects of regional development
- ग्रामीण भूगोल: गाँव और देहात कैसे जीते और बदलते हैं – ग्रामीण क्षेत्रों में हर वर्ग किलोमीटर पर कम लोग, ज़्यादा खुली ज़मीन और छोटी बस्तियाँ होती हैं। इन्हें खेती ने बनाया, पर मशीनों से खेती में काम घट गया। आज ग्रामीण ज़मीन के कई उपयोग हैं: शहर में काम करने वालों के घर, पर्यटन, प्रकृति संरक्षण और ऊर्जा। शहर के पास के इलाक़े बढ़ते हैं, जबकि दूर के इलाक़ों से लोग और सेवाएँ चली जाती हैं। किसान, निवासी, पंचायत/स्थानीय सरकार और कंपनियाँ अलग-अलग चीज़ें चाहते हैं, इसलिए भूमि उपयोग योजना नियम बनाती है।
- नगरीकरण: शहर क्यों बढ़ते हैं और उन्हें बेहतर कैसे बनाएँ – नगरीकरण किसी देश या दुनिया के उन लोगों के हिस्से का बढ़ना है जो कस्बों और शहरों में रहते हैं। 1950 में दुनिया के लगभग 30% लोग नगरीय थे; 2007 से आधे से ज़्यादा हैं, और 2050 तक लगभग 68% होने का अनुमान है। शहर ग्रामीण-नगरीय प्रवास (गाँव से धक्का देने वाले और शहर की ओर खींचने वाले कारक) और प्राकृतिक वृद्धि से बढ़ते हैं। आज सबसे तेज़ बढ़त एशिया और अफ़्रीका के कम आय वाले और उभरते देशों में है, जहाँ 1 करोड़ से ज़्यादा के महानगर बन रहे हैं; कई अमीर देशों में बढ़त धीमी है और लोग उपनगरों या गाँवों की ओर भी जाते हैं (उपनगरीकरण और प्रति-नगरीकरण)। तेज़ बढ़त से अवसर (रोज़गार, सेवाएँ) और समस्याएँ (अनौपचारिक बस्तियाँ, ट्रैफ़िक, प्रदूषण, कचरा, बाढ़, नगरीय ऊष्मा द्वीप) आती हैं। टिकाऊ नगरीय विकास इन्हें सार्वजनिक परिवहन, हरी जगहों, साफ़ पानी, पुनर्चक्रण, सस्ते घरों और नवीकरणीय ऊर्जा से सुधारता है।
- नगर नियोजन और नगरीय जीवन की गुणवत्ता – नगर नियोजन का अर्थ है पहले से तय करना कि शहर की ज़मीन कैसे इस्तेमाल होगी: सड़कें, घर, काम, पार्क और सेवाएँ कहाँ होंगी और शहर कैसे बढ़ेगा। योजना के बिना शहर खेतों पर फैलता है, जाम बढ़ता है और झुग्गियों में पानी व नाली नहीं होती। नियोजक भूमि-उपयोग क्षेत्रीकरण, सार्वजनिक परिवहन, सही घनत्व और हरियाली से जीवन की गुणवत्ता बढ़ाते हैं, जिसे आवास, रोज़गार, साफ़ हवा, सेवाएँ, परिवहन और सुरक्षा से मापा जाता है। नए विचार हैं: रहने योग्य शहर, 15-मिनट पड़ोस, स्मार्ट शहर और शहर की ब्रांडिंग। गाँव और छोटे नगर भी मिलकर नियोजित किए जाते हैं।
- क्षेत्रीय विकास – क्षेत्रीय विकास का अर्थ है देश के अलग-अलग स्थानों की अर्थव्यवस्था और जीवन स्तर को सुधारना। निवेश, रोज़गार और लोग कुछ बड़े केंद्रों में जमा हो जाते हैं, जबकि छोटे कस्बे अपने युवा और सेवाएँ खो देते हैं। इससे केंद्र में भीड़, ऊँचा किराया और टकराव होता है और बाकी जगह गिरावट। नए विकास केंद्र, बेहतर सड़कें और स्थानीय रोज़गार जैसी नीतियाँ संतुलित विकास का प्रयास करती हैं।
5. Production and consumption
Resources · Agriculture · Industry · Commerce and services
- प्राकृतिक संसाधन (Natural Resources) – प्राकृतिक संसाधन वे उपयोगी चीज़ें हैं जो हम प्रकृति से लेते हैं: धूप, पवन, पानी, मिट्टी, वन, खनिज, तेल, गैस और कोयला। नवीकरणीय संसाधन इंसान के जीवनकाल में फिर बन जाते हैं; अनवीकरणीय बनने में करोड़ों साल लगे और उपयोग से ख़त्म होते हैं। संसाधन असमान रूप से बँटे हैं क्योंकि वे वहीं बने जहाँ अतीत में ख़ास भूवैज्ञानिक प्रक्रियाएँ हुईं (पुराने समुद्र, ज्वालामुखी, पर्वत बनना)। इनके उपयोग से ऊर्जा, रोज़गार और सामग्री जैसे लाभ हैं, पर प्रदूषण, आवास का नुकसान और ख़तरे जैसी लागत भी, इसलिए समाज दोनों को तौलकर सतत उपयोग की कोशिश करता है।
- कृषि की मूल बातें: खेती कैसे शुरू हुई, बदली और दुनिया का पेट भरती है – कृषि का अर्थ है जानबूझकर फ़सल उगाना और पशु पालना। यह लगभग 10,000–12,000 साल पहले कई अलग-अलग उद्गम-केंद्रों में शुरू हुई, जहाँ लोगों ने जंगली पौधों और जानवरों का पालतूकरण किया; फिर यह प्रसार से फैली। दूसरी कृषि क्रांति (लगभग 1700–1900) बेहतर औज़ार, फ़सल-चक्र और मशीनें लाई, तो कम किसान ज़्यादा लोगों का पेट भरने लगे। हरित क्रांति (1960 के दशक से) ने अधिक उपज वाले बीज, सिंचाई और उर्वरक अपनाए। खेती निर्वाह या वाणिज्यिक, सघन या विस्तृत हो सकती है। फ़ॉन थ्यूनेन मॉडल बताता है कि बाज़ार के चारों ओर भूमि-उपयोग छल्ले क्यों बनाता है। आज कृषि एक वैश्विक तंत्र है जिसके सामने टिकाऊपन, जलवायु, ज़मीन, खाद्य सुरक्षा और महिलाओं की बराबर भूमिका की चुनौतियाँ हैं।
- आर्थिक भूगोल: चीज़ें कहाँ बनती हैं और कैसे चलती हैं – आर्थिक भूगोल यह पढ़ता है कि लोग कहाँ उत्पादन, व्यापार और उपभोग करते हैं, और वहीं क्यों। काम को क्षेत्रकों में बाँटा जाता है: प्राथमिक (खेती, मछली पकड़ना, खनन), द्वितीयक (कारख़ाने, निर्माण) और तृतीयक (दुकान, परिवहन, बैंक, सॉफ़्टवेयर, पर्यटन); शोध और सूचना वाले काम को कभी-कभी चतुर्थक कहते हैं। कंपनियाँ ऐसी जगह चुनती हैं जहाँ ख़र्च कम हो और ख़रीदार पास हों: कच्चा माल, ऊर्जा, परिवहन, मज़दूर, बाज़ार, सरकारी मदद और प्रकृति, सब मायने रखते हैं। आज ज़्यादातर चीज़ें वैश्विक मूल्य शृंखला में बनती हैं, यानी कदम अलग-अलग जगह होते हैं; सबसे ज़्यादा मूल्य डिज़ाइन, ब्रांड और बिक्री में जुड़ता है। बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ और सरकारें इन स्थानों को आकार देती हैं। सामान कंटेनर और ट्रक में चलता है, जबकि पैसा, डेटा और विचार केबल से बहते हैं। उत्पादन महानगरों और तटों पर इकट्ठा होता है और जगहें कंपनियों को बुलाने की होड़ करती हैं। पुराने औद्योगिक क्षेत्र बदलते हैं (पुनर्गठन), कुछ सिकुड़ते हैं, कुछ नए उद्योग और सेवाएँ अपनाते हैं।
6. Population and multicultural space
Population distribution · Low birth rate and ageing · Migrants and multicultural families
- विश्व जनसंख्या: वितरण, घनत्व और वृद्धि – धरती पर लोग बराबर नहीं फैले। ज़्यादातर लोग पानी के पास उपजाऊ मैदानों में रहते हैं; मरुस्थल, ऊँचे पर्वत और बर्फ़ीले इलाक़ों में बहुत कम। घनत्व बताता है कि हर वर्ग किमी पर कितने लोग हैं। भौगोलिक, आर्थिक और सामाजिक कारक यह पैटर्न समझाते हैं। हज़ारों साल जनसंख्या धीरे बढ़ी, फिर 1800 के बाद बहुत तेज़ी से। जनसंख्या जन्म, मृत्यु और प्रवास से बदलती है। जनांकिकीय संक्रमण सिद्धांत बताता है कि गाँव की खेती से शहरी उद्योग की ओर बढ़ते समाज में जन्म और मृत्यु दर कैसे गिरती हैं। देश परिवार नियोजन और स्वास्थ्य सेवा से वृद्धि नियंत्रित करते हैं।
- जनसंख्या का वृद्ध होना – जनसंख्या का वृद्ध होना यानी आबादी में बुज़ुर्गों का हिस्सा बढ़ता जाना। इसके दो कारण हैं: कम जन्म (कुल प्रजनन दर लगभग 2.1 से कम) और लंबी उम्र। हर बुज़ुर्ग पर कम कामगार होने से पेंशन, स्वास्थ्य सेवा और श्रम-आपूर्ति पर दबाव पड़ता है, जबकि स्कूलों में कम सीटें चाहिए। समाज परिवारों की मदद, देर से और लचीले रिटायरमेंट, पेंशन-देखभाल सुधार, तकनीक, आजीवन सीखने और कभी-कभी आप्रवास से जवाब देते हैं।
- प्रवास (Migration) – प्रवास लोगों का एक जगह से दूसरी जगह कुछ समय या हमेशा के लिए रहने जाना है। छोड़ी गई जगह उद्गम है; पहुँचने की जगह गंतव्य। लोग प्रतिकर्ष कारकों (घर की समस्याएँ) और अपकर्ष कारकों (दूसरी जगह का आकर्षण) से जाते हैं, पर खर्च, दूरी और कानून जैसी बाधाएँ कुछ को रोकती हैं। प्रवास आंतरिक या अंतरराष्ट्रीय, अस्थायी या स्थायी, स्वैच्छिक या बलात हो सकता है, और यह उद्गम व गंतव्य दोनों को बदलता है।
7. Understanding Korea's regions
What a region is · North Korea · Capital region · Gangwon · Chungcheong · Honam · Yeongnam · Jeju
- प्रादेशिक भूगोल: हम दुनिया को प्रदेशों में कैसे बाँटते हैं – प्रदेश (region) वह क्षेत्र है जिसमें एक या अधिक लक्षण साझा हों, जो उसे आसपास के क्षेत्रों से अलग बनाएँ। औपचारिक (एकरूप) प्रदेश अंदर से एक जैसे होते हैं, जैसे कोई मैदान या धान पट्टी। क्रियात्मक (नोडल) प्रदेश किसी केंद्र से जुड़ाव से बनते हैं, जैसे शहर और वहाँ आने-जाने वाले गाँव। बोधगम्य प्रदेश लोगों के मन में होते हैं। प्रदेशों के किनारे आम तौर पर संक्रमण क्षेत्र होते हैं, और प्रदेश लोगों, सामान, पानी और विचारों के प्रवाह से एक-दूसरे पर निर्भर रहते हैं।