क्षेत्रीय विकास क्या है?
क्षेत्र वह इलाक़ा है जिसकी कुछ विशेषताएँ एक-सी हों, जैसे नदी घाटी या तटीय पट्टी। क्षेत्रीय विकास का अर्थ है हर क्षेत्र में आय, रोज़गार, स्वास्थ्य, शिक्षा और सेवाएँ बढ़ाना, केवल एक में नहीं।
जगहें कभी पूरी तरह बराबर नहीं होतीं। कुछ के पास बंदरगाह, नदियाँ, मैदान या खनिज होते हैं, इसलिए वे तेज़ बढ़ती हैं। इस अंतर को क्षेत्रीय विषमता या असंतुलन कहते हैं।
वृद्धि एक ही केंद्र में क्यों जमा होती है
बड़े केंद्र समूहन (एग्लोमरेशन) के कारण जीतते हैं: बहुत-सी कंपनियाँ, कामगार, सड़कें और विचार पास-पास होते हैं, इसलिए सबको फ़ायदा होता है। एक प्रसिद्ध विचार विकास ध्रुव है: एक जगह पहले बढ़ती है और फिर लाभ फैलाती है।
पर अर्थशास्त्री गुन्नार मिर्डल ने बैकवॉश प्रभाव बताया: केंद्र आसपास के इलाक़ों से पैसा और युवा कामगार भी खींच लेता है। अगर प्रसार प्रभाव (लाभ का बाहर पहुँचना) कमज़ोर हो तो अंतर बढ़ता है।
मुख्य कारण: इतिहास, स्थिति, सरकारी निवेश, व्यापार और केंद्र का बड़ा बाज़ार।
क्षेत्रीय विकास के प्रभाव और टकराव
बड़े केंद्र में: ट्रैफ़िक जाम, प्रदूषण, महँगे घर, झुग्गियाँ, पानी और बिजली पर दबाव।
पीछे छूटे इलाक़ों में: युवा कम, बूढ़ी आबादी, बंद होते स्कूल और क्लिनिक, ख़ाली खेत और घर, घटती कर-आय, और पूरे कस्बों के ख़त्म होने का ख़तरा।
टकराव: पिछड़े क्षेत्रों के लोग ख़ुद को अनदेखा महसूस करते हैं; बाँध, खदान, कारख़ाने या हवाई अड्डे कहाँ बनें इस पर समूह बहस करते हैं; स्थानीय और बाहरी लोग नौकरी और घर के लिए होड़ करते हैं; और राज्य या क्षेत्र पैसे के बँटवारे पर बहस करते हैं।
विकास प्रकृति को नुकसान और लोगों को विस्थापित भी कर सकता है, इसलिए खुलकर चर्चा हो कि कौन भुगते और किसे फ़ायदा हो।
संतुलित विकास की नीतियाँ
- नए विकास केंद्र: कार्यालय, विश्वविद्यालय और उद्योग दूसरे दर्जे के कस्बों में ले जाना।
- परिवहन और इंटरनेट जो छोटे कस्बों को बाज़ार से जोड़ें।
- स्थानीय रोज़गार: कृषि-प्रसंस्करण, पर्यटन, छोटे उद्योग, घर से काम।
- छोटी जगहों में सेवाएँ: स्कूल, क्लिनिक, बैंक।
- पैसे का न्यायपूर्ण बँटवारा और स्थानीय लोगों के साथ योजना।
- केंद्र में भीड़ पर रोक, जैसे बेहतर आवास और सार्वजनिक परिवहन।
कोई नीति परफ़ेक्ट नहीं होती, इसलिए नतीजे देखकर समय के साथ बदलाव करने चाहिए।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- बैकवॉश प्रभाव = केंद्र आसपास से पैसा और युवा खींचता है
- प्रसार प्रभाव = केंद्र की वृद्धि का लाभ आसपास पहुँचता है
- अंतर अनुपात = केंद्र की आबादी ÷ छोटे कस्बे की आबादी
हल किए गए उदाहरण
1. बैकवॉश प्रभाव को उदाहरण से समझाइए।
बड़ा केंद्र बेहतर वेतन देता है, इसलिए पास के गाँवों के युवा वहाँ चले जाते हैं। गाँव कामगार और ख़र्च खो देते हैं, दुकानें बंद होती हैं। केंद्र बढ़ता है और आसपास का इलाक़ा पिछड़ता है। यही बैकवॉश प्रभाव है।
2. एक केंद्र में 6,00,000 लोग और एक छोटे कस्बे में 40,000 हैं। अंतर अनुपात निकालिए और बताइए यह क्या दिखाता है।
6,00,000 ÷ 40,000 = 15। केंद्र कस्बे से 15 गुना बड़ा है, जो भारी जमाव दिखाता है। अनुपात बढ़ता रहे तो असंतुलन बढ़ रहा है।
3. युवाओं को खोते छोटे कस्बे की मदद के तीन कदम सुझाइए।
1) अच्छी सड़क और इंटरनेट बनाएँ ताकि बाज़ार तक पहुँच हो। 2) खाद्य-प्रसंस्करण या पर्यटन जैसे स्थानीय रोज़गार बढ़ाएँ। 3) स्कूल, क्लिनिक और बैंक कस्बे में बनाए रखें। योजना में स्थानीय लोग शामिल हों।
आम गलतियाँ
- यह सोचना कि बड़ा केंद्र हमेशा बुरा है। केंद्र रोज़गार और विचार देते हैं; समस्या अति असंतुलन है।
- यह मानना कि वृद्धि अपने आप सबमें फैल जाती है। प्रसार प्रभाव न हो तो अंतर बढ़ सकता है।
- यह सोचना कि दुख केवल गाँवों का है। केंद्र भी भीड़, प्रदूषण और ऊँचे किराये से जूझते हैं।
- "क्षेत्रीय विकास" (सब क्षेत्रों को सुधारना) और "शहरी विकास" (नगर बनाना) को मिला देना।