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वायुमंडलीय परिसंचरण तथा मौसम प्रणालियाँ

हवा का वज़न होता है, इसलिए वह नीचे दबाव डालती है: यही वायुदाब है (समुद्र तल पर लगभग 1013 mb)। पवन उच्च दाब से निम्न दाब की ओर चलती है; दाब प्रवणता बल इसे धकेलता है, कोरिऑलिस बल मोड़ता है (उत्तर में दाएँ, दक्षिण में बाएँ) और घर्षण ज़मीन के पास धीमा करता है। असमान गर्मी से दाब पेटियाँ बनती हैं (विषुवतीय निम्न, उपोष्ण उच्च, उपध्रुवीय निम्न, ध्रुवीय उच्च) और तीन कोष्ठ, जिनसे भूमंडलीय पवनें चलती हैं: व्यापारिक पवनें, पछुआ पवनें, ध्रुवीय पूर्वी पवनें। ऋतु के साथ पेटियाँ खिसकती हैं और मानसून जैसी मौसमी पवनें बनती हैं; स्थानीय पवनों में स्थल-समुद्र समीर और पर्वत-घाटी समीर हैं। एक जैसी गर्मी और नमी वाली विशाल हवा वायुराशि है; दो वायुराशियों की सीमा वाताग्र है। चक्रवात निम्न दाब वाले तूफ़ान हैं: उष्णकटिबंधीय गरम समुद्र पर, शीतोष्ण वाताग्रों पर बनते हैं। तड़ितझंझा और टॉरनेडो छोटे पर बहुत तेज़ तूफ़ान हैं।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. हवा का वज़न होता है। हवा का ऊँचा स्तंभ हर वर्ग मीटर पर दबाता है। समुद्र तल पर यह दाब लगभग 1013 मिलीबार है; ऊपर जाने पर घटता है।
  2. पवन उच्च दाब से निम्न दाब की ओर चलती है। तीन बल इसे आकार देते हैं: दाब का धक्का, कोरिऑलिस बल (उत्तर में दाएँ मोड़ता है) और घर्षण (ज़मीन के पास धीमा करता है)।
  3. गर्मी से दाब पेटियाँ बनती हैं: विषुवत पर निम्न, 30° पर उच्च, 60° पर निम्न, ध्रुवों पर उच्च। इनके बीच पवनें चलती हैं: व्यापारिक, पछुआ और ध्रुवीय पूर्वी।
  4. सूर्य के साथ पेटियाँ खिसकती हैं, जिससे मानसून जैसी मौसमी पवनें बनती हैं। स्थानीय पवनें छोटी हैं: दिन में समुद्र समीर स्थल की ओर, रात में स्थल समीर समुद्र की ओर।
  5. वायुराशि एक जैसी गर्मी और नमी वाली विशाल हवा है। ठंडी और गरम वायुराशि मिलें तो सीमा को वाताग्र कहते हैं। गरम हवा ऊपर धकेली जाती है, बादल और बारिश होती है।
  6. करके देखें: समुद्र गरम कीजिए। लगभग 27 °C से ऊपर उष्णकटिबंधीय चक्रवात बनकर घूमने लगता है। तड़ितझंझा और टॉरनेडो की भी तुलना कीजिए।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

हवा का वज़न है तो हम कुचलते क्यों नहीं?

हवा हर ओर से दबाती है, और शरीर के अंदर की हवा बराबर वापस दबाती है। बल संतुलित हो जाते हैं।

पवन सीधे उच्च से निम्न क्यों नहीं चलती?

चलती हवा के नीचे धरती घूमती है, इसलिए कोरिऑलिस उसे मोड़ता है (उत्तर में दाएँ)। घर्षण भी ज़मीन के पास रास्ता बदलता है।

30° पर गर्मी है, फिर वहाँ उच्च दाब क्यों?

विषुवत पर उठी हवा ऊपर ठंडी होकर 30° के पास नीचे बैठती है। बैठती हवा दबाती है, उच्च दाब और सूखे मरुस्थल बनते हैं।

मानसून दिशा क्यों बदलता है?

गर्मी में स्थल ज़्यादा गरम होकर उत्तर भारत पर गहरा निम्न दाब बनाता है, जो समुद्र की नम हवा खींचता है। सर्दी में स्थल ठंडा, बहाव उलट जाता है।

शीत वाताग्र अचानक भारी बारिश क्यों लाता है?

ठंडी भारी हवा गरम हवा के नीचे घुसकर उसे तेज़ी से और खड़ा ऊपर उठाती है, इसलिए ऊँचे बादल जल्दी बनते हैं।

चक्रवात तट पार करके क्यों मर जाते हैं?

उनका ईंधन गरम नम समुद्री हवा है। स्थल पर वह नहीं मिलती और घर्षण पवन धीमी करता है।

क्या चक्रवात हर जगह एक ही दिशा में घूमते हैं?

नहीं। उत्तरी गोलार्ध में घड़ी की उलटी दिशा, दक्षिणी में घड़ी की दिशा, क्योंकि कोरिऑलिस उलटी दिशाओं में मोड़ता है।

वायुमंडलीय दाब

वायुदाब किसी जगह के ऊपर की हवा के स्तंभ का वज़न है। इसे बैरोमीटर से मिलीबार (mb) या हेक्टोपास्कल में मापते हैं। समुद्र तल पर औसत दाब लगभग 1013.2 mb है।

गरम हवा फैलकर ऊपर उठती है → निम्न दाब। ठंडी हवा नीचे बैठती है → उच्च दाब।

पवन की गति और दिशा पर बल

  1. दाब प्रवणता बल: हवा को उच्च से निम्न दाब की ओर धकेलता है। अंतर ज़्यादा = पवन तेज़।
  2. कोरिऑलिस बल: पृथ्वी के घूमने से। यह पवन को उत्तरी गोलार्ध में दाएँ और दक्षिणी में बाएँ मोड़ता है। विषुवत पर शून्य, ध्रुवों पर सबसे ज़्यादा। इसीलिए ठीक विषुवत पर चक्रवात नहीं बनते।
  3. घर्षण: सबसे नीचे 1–3 km में ज़मीन पवन को धीमा करती है। समुद्र पर घर्षण कम।

ऊपर जहाँ घर्षण नहीं, वहाँ दाब बल और कोरिऑलिस बराबर होकर पवन समदाब रेखाओं के समानांतर चलती है: भूविक्षेपी पवन। निम्न दाब के चारों ओर पवन अंदर घूमती है (उत्तर में घड़ी की उलटी दिशा): चक्रवाती परिसंचरण। उच्च दाब के चारों ओर बाहर घूमती है (उत्तर में घड़ी की दिशा): प्रतिचक्रवाती।

विश्व की दाब पेटियाँ और भूमंडलीय पवनें

सामान्य परिसंचरण (तीन कोष्ठ)

विषुवत पर उठी हवा ऊपर-ऊपर ध्रुव की ओर जाती है, 30° पर नीचे बैठती है और ज़मीन के पास विषुवत लौटती है: हैडले कोष्ठ। 30° और 60° के बीच फेरल कोष्ठ, ध्रुवों के पास ध्रुवीय कोष्ठ।

भूमंडलीय (स्थायी) पवनें

समुद्र और वायुमंडल साथ काम करते हैं: कुछ वर्षों में मध्य प्रशांत असामान्य रूप से गरम होता है (एल नीनो), जिससे पवनें बदलती हैं और अक्सर भारत का मानसून कमज़ोर होता है।

मौसमी और स्थानीय पवनें

मौसमी पवनें ऋतु के साथ दिशा बदलती हैं क्योंकि पेटियाँ और ITCZ सूर्य के साथ उत्तर-दक्षिण खिसकती हैं। दक्षिण एशिया का मानसून सबसे अच्छा उदाहरण है: गर्मी में समुद्र से स्थल की ओर (नम दक्षिण-पश्चिम मानसून), सर्दी में स्थल से समुद्र की ओर (सूखा उत्तर-पूर्वी मानसून)।

स्थानीय पवनें

वायुराशियाँ और वाताग्र

वायुराशि हवा का बहुत बड़ा भाग है जिसमें तापमान और नमी लगभग एक जैसी हो। ये गुण उसे अपने उद्गम क्षेत्र (बड़ा गरम महासागर, ठंडा महाद्वीप) से मिलते हैं। प्रकार: उष्ण कटिबंधीय महासागरीय (गरम, नम), उष्ण कटिबंधीय महाद्वीपीय (गरम, सूखी), ध्रुवीय महासागरीय (ठंडी, नम), ध्रुवीय महाद्वीपीय (ठंडी, सूखी), आर्कटिक महाद्वीपीय।

वाताग्र वह सीमा है जहाँ दो अलग वायुराशियाँ मिलती हैं (वाताग्र-जनन)। प्रकार:

वाताग्र मध्य अक्षांशों में मिलते हैं और मौसम में अचानक बदलाव लाते हैं।

चक्रवात: शीतोष्ण और उष्णकटिबंधीय

चक्रवात निम्न दाब का तंत्र है जिसमें पवन अंदर की ओर घूमती है (उत्तर में घड़ी की उलटी दिशा, दक्षिण में घड़ी की दिशा)।

शीतोष्ण कटिबंधीय चक्रवात

मध्य अक्षांशों में ध्रुवीय वाताग्र पर बनते हैं जहाँ गरम और ठंडी वायुराशियाँ मिलती हैं। बड़े, शीत और उष्ण वाताग्र वाले; पश्चिम से पूर्व चलते हैं। भारत में उत्तर-पश्चिम को सर्दी की बारिश देने वाले पश्चिमी विक्षोभ ऐसे ही तंत्रों से आते हैं।

उष्णकटिबंधीय चक्रवात

गरम उष्णकटिबंधीय समुद्रों पर बने प्रचंड तूफ़ान। दशाएँ: लगभग 27 °C से गरम बड़ी समुद्री सतह, कोरिऑलिस बल (इसलिए विषुवत पर नहीं), ऊँचाई के साथ पवन में कम बदलाव, और पहले से कमज़ोर निम्न दाब। गरम नम हवा उठती है, संघनित होकर गुप्त ऊष्मा छोड़ती है — यही तूफ़ान का ईंधन है। शांत केंद्र अक्षु (आँख) है, जिसके चारों ओर सबसे तेज़ पवन और बारिश वाली अक्षु भित्ति। तट पर पहुँचकर तेज़ पवन, भारी बारिश और तूफ़ानी महोर्मि (समुद्री पानी स्थल पर चढ़ना) लाते हैं; स्थल पर नमी न मिलने से कमज़ोर हो जाते हैं। नाम: चक्रवात (हिंद महासागर), हरिकेन (अटलांटिक), टाइफ़ून (पश्चिमी प्रशांत), विली-विलीज़ (उत्तर-पश्चिम ऑस्ट्रेलिया)।

तड़ितझंझा और टॉरनेडो

तड़ितझंझा तब बनता है जब गर्म दिनों में गरम, नम हवा तेज़ी से ऊपर उठती है (तेज़ संवहन)। ऊँचा कपासी-वर्षी (क्यूम्यूलोनिम्बस) बादल बनता है, जिससे बिजली, गरज, भारी बारिश और कभी ओले। यह थोड़ी देर और छोटे क्षेत्र का होता है। पश्चिम बंगाल की काल बैसाखी इसका उदाहरण है।

टॉरनेडो हवा का पतला, बहुत तेज़ घूमता स्तंभ है जो तड़ितझंझा के बादल से लटककर ज़मीन छूता है। बहुत छोटा, पर धरती की सबसे तेज़ पवनें; रास्ते में सब तोड़ देता है। समुद्र पर इसे जल स्तंभ कहते हैं। मध्य अक्षांशों, खासकर मध्य USA में आम है।

घर पर करके देखें

कागज़ की सर्पिल काटकर धागे से लैंप या गरम चाय के कप के ऊपर लटकाइए (आग से दूर)। ऊपर उठती गरम हवा इसे घुमाती है — यही संवहन है, हर निम्न दाब की शुरुआत। समुद्र तट पर देखिए: दोपहर में हवा समुद्र से आती है और देर रात स्थल से।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. समुद्र तल पर दाब 1013 mb है। 100 m ऊँचाई पर लगभग कितना?

हर 10 m पर ~1 mb → 10 mb कम। लगभग 1003 mb।

2. चेन्नई के समुद्र तट पर दोपहर को समुद्र समीर क्यों चलती है?

दिन में स्थल समुद्र से जल्दी गरम होता है। स्थल पर हवा उठती है, निम्न दाब बनता है। समुद्र की ठंडी, उच्च दाब वाली हवा उसे भरने आती है।

3. उत्तरी गोलार्ध में पवन उपोष्ण उच्च से दक्षिण की ओर विषुवत जाती है। वह किधर मुड़ेगी और क्या कहलाएगी?

कोरिऑलिस उसे दाएँ मोड़ता है, तो वह उत्तर-पूर्व से आती है: उत्तर-पूर्वी व्यापारिक पवन।

4. 5° उ. और 5° द. के बीच उष्णकटिबंधीय चक्रवात क्यों नहीं बनते?

विषुवत के पास कोरिऑलिस बल लगभग शून्य है, इसलिए हवा निम्न दाब के चारों ओर घूम नहीं पाती।

5. चक्रवात ओडिशा तट से टकराकर 200 km अंदर जाता है। उसका क्या होगा और क्यों?

वह जल्दी कमज़ोर होगा। स्थल पर गरम नम हवा (ईंधन) नहीं मिलती और घर्षण पवन को धीमा करता है।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. समुद्र तल पर औसत वायुदाब लगभग:
2. उत्तरी गोलार्ध में कोरिऑलिस बल पवन को मोड़ता है:
3. उपोष्ण उच्च दाब से विषुवत की ओर चलने वाली पवनें:
4. दो अलग वायुराशियों की सीमा कहलाती है:
5. उष्णकटिबंधीय चक्रवात की ऊर्जा मुख्य रूप से:

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विश्व की दाब पेटियाँ कौन-सी हैं?

विषुवतीय निम्न (0°), उपोष्ण उच्च (~30° उ./द.), उपध्रुवीय निम्न (~60° उ./द.) और ध्रुवीय उच्च।

कोरिऑलिस बल क्या है?

पृथ्वी के घूमने से पैदा आभासी बल जो चलती हवा को उत्तरी गोलार्ध में दाएँ और दक्षिणी में बाएँ मोड़ता है। विषुवत पर यह शून्य है।

चक्रवात और प्रतिचक्रवात में क्या अंतर है?

चक्रवात के केंद्र में निम्न दाब, पवन अंदर घूमती, बादल-बारिश। प्रतिचक्रवात के केंद्र में उच्च दाब, पवन बाहर घूमती, साफ़-शांत मौसम।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

पोलैंडLiceum ogólnokształcące, klasa IIII. Dynamics of atmospheric processes
पोलैंडLiceum ogólnokształcące, klasa IIII. Atmosphere
यूक्रेन11 класGeneral patterns of the geographic envelope
यूक्रेन11 класGeneral patterns of the geographic envelope
सीबीएसई (भारत)कक्षा 11जलवायु
अमेरिकाGrade 12Earth Systems and Resources
जापान高校(専門学科)1〜3年Advanced Earth Science
जापान高校2年Atmosphere and ocean
दक्षिण कोरिया중학교 3학년Atmosphere and weather
दक्षिण कोरिया고등학교 2학년Atmosphere-ocean interaction
दक्षिण कोरिया고등학교 2학년Precipitation and atmospheric motion
दक्षिण कोरिया고등학교 3학년Energy and environment
दक्षिण कोरिया고등학교 3학년Atmosphere and ocean change
दक्षिण कोरिया고등학교 3학년Atmospheric motion
चीन高一Comp.1 Ch.2 Atmosphere
चीन高二Sel.1 Ch.3 Atmospheric motion

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