आवर्ती गति और दोलनी गति
जो गति बराबर समय के बाद खुद को दोहराती है, वह आवर्ती गति है। जैसे पृथ्वी का सूर्य के चारों ओर घूमना, या घड़ी की सुइयाँ।
अगर वस्तु बीच की जगह (माध्य स्थिति) के इधर-उधर आती-जाती है, तो गति दोलनी है। हर दोलन आवर्ती है, पर हर आवर्ती गति दोलन नहीं (घड़ी की सुई घूमती है, आगे-पीछे नहीं जाती)।
- आवर्तकाल T: एक पूरे दोलन का समय। मात्रक: सेकंड (s)।
- आवृत्ति f: 1 सेकंड में दोलनों की संख्या। f = 1/T। मात्रक: हर्ट्ज़ (Hz)।
- कोणीय आवृत्ति ω = 2πf = 2π/T। मात्रक: rad/s।
समय के साथ विस्थापन
विस्थापन x = बीच से दूरी, चिह्न के साथ (एक ओर +, दूसरी ओर −)। SHM में x समय के साथ sine (या cosine) लहर की तरह बदलता है:
x(t) = A sin(ωt + φ)
- A = आयाम = सबसे बड़ा विस्थापन।
- ω = कोणीय आवृत्ति।
- φ = प्रारंभिक कला: t = 0 पर वस्तु कहाँ थी, यह बताती है।
sine और cosine एक ही वक्र हैं, बस खिसके हुए, इसलिए x = A cos(ωt + φ′) भी सही है।
SHM और उसका समीकरण, संदर्भ वृत्त
सरल आवर्त गति वह दोलन है जिसमें प्रत्यानयन बल (बीच की ओर वापस खींचने वाला बल) विस्थापन के अनुपात में और उसकी उल्टी दिशा में हो:
F = −kx, इसलिए a = −ω²x, जहाँ ω = √(k/m)।
माइनस चिह्न का मतलब: बल हमेशा बीच की ओर। अवकल रूप: d²x/dt² + ω²x = 0।
संदर्भ वृत्त: कोई बिंदु त्रिज्या A के वृत्त पर एक-सी कोणीय चाल ω से घूमे, तो व्यास पर उसकी छाया SHM करती है।
वेग और त्वरण
- v = Aω cos(ωt + φ) = ±ω√(A² − x²)। बीच में सबसे ज़्यादा (Aω), सिरों पर शून्य।
- a = −Aω² sin(ωt + φ) = −ω²x। सिरों पर सबसे ज़्यादा (Aω²), बीच में शून्य।
कला और कलांतर
पूरा कोण (ωt + φ) कला कहलाता है। यह बताता है कि वस्तु कहाँ है और किस ओर जा रही है।
- कला 0: बीच में, +x की ओर।
- कला π/2: +A पर, पल भर रुकी।
- कला π: फिर बीच में, −x की ओर।
- कला 3π/2: −A पर।
एक ही ω वाली दो SHM में कलांतर Δφ होता है। Δφ = 0 हो तो साथ-साथ (समान कला), Δφ = π हो तो हमेशा उल्टे (विपरीत कला)। वेग विस्थापन से π/2 आगे है, और त्वरण विस्थापन से π के कलांतर पर है।
SHM में ऊर्जा
घर्षण न हो तो दोलक ऊर्जा को दो रूपों में बदलता रहता है और कुल वही रहती है:
- गतिज ऊर्जा K = ½mv² = ½k(A² − x²)
- स्थितिज ऊर्जा U = ½kx²
- कुल ऊर्जा E = ½kA² = ½mω²A² (नियत)
x = 0 पर K = E, U = 0। x = ±A पर K = 0, U = E। K = U तब, जब x = A/√2। K और U दोनों का आवर्तकाल T/2 होता है।
करके देखो: घर का लोलक
1 m धागे से चाबी या छोटा पत्थर बाँधो और थोड़ा झुलाओ। फ़ोन के स्टॉपवॉच से 20 पूरे झूलों का समय लो। 20 से भाग दो, T मिलेगा। फिर f = 1/T निकालो। अब थोड़ा बड़ा (फिर भी छोटा) झूला दो: T लगभग नहीं बदलता। यही SHM की निशानी है। ऊपर 3D में A स्लाइडर हिलाकर भी देखो कि T वही रहता है।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- f = 1/T, ω = 2πf = 2π/T
- x = A sin(ωt + φ)
- F = −kx, a = −ω²x, ω = √(k/m)
- v = ω√(A² − x²), v_max = Aω, a_max = Aω²
- K = ½k(A² − x²), U = ½kx², E = ½kA² = ½mω²A²
हल किए गए उदाहरण
1. एक लोलक 20 s में 40 दोलन करता है। आवर्तकाल, आवृत्ति और कोणीय आवृत्ति निकालो।
T = 20/40 = 0.5 s। f = 1/T = 2 Hz। ω = 2πf = 4π ≈ 12.6 rad/s।
2. x = 0.05 sin(10πt + π/6) m। आयाम, आवृत्ति, आवर्तकाल और प्रारंभिक कला बताओ।
x = A sin(ωt + φ) से मिलाओ: A = 0.05 m, ω = 10π rad/s, f = ω/2π = 5 Hz, T = 0.2 s, φ = π/6।
3. SHM में A = 4 cm और T = 2 s है। अधिकतम चाल और अधिकतम त्वरण निकालो।
ω = 2π/T = π rad/s। v_max = Aω = 0.04 × π ≈ 0.126 m/s। a_max = Aω² = 0.04 × π² ≈ 0.395 m/s²।
4. ऊपर वाली वस्तु की चाल x = 2 cm पर निकालो।
v = ω√(A² − x²) = π√(0.0016 − 0.0004) = π × 0.0346 ≈ 0.109 m/s।
5. 0.2 kg द्रव्यमान ω = 5 rad/s और A = 0.1 m से SHM करता है। कुल ऊर्जा और x = 0.06 m पर गतिज ऊर्जा निकालो।
k = mω² = 0.2 × 25 = 5 N/m। E = ½ × 5 × 0.01 = 0.025 J। U = ½ × 5 × 0.0036 = 0.009 J, इसलिए K = 0.016 J।
6. किस विस्थापन पर गतिज ऊर्जा = स्थितिज ऊर्जा?
½k(A² − x²) = ½kx², तो A² = 2x², x = ±A/√2 ≈ ±0.71A।
7. x₁ = 3 sin(ωt) और x₂ = 3 cos(ωt)। कलांतर कितना है?
cos(ωt) = sin(ωt + π/2), इसलिए x₂, x₁ से π/2 (90°) आगे है।
8. इनमें SHM कौन है: (a) a = −9x, (b) a = −9x², (c) a = 9x?
सिर्फ़ (a): त्वरण x के अनुपात में और उल्टी दिशा में; ω = 3 rad/s, T = 2π/3 s। (b) अनुपात में नहीं, (c) बीच से दूर की ओर।
आम गलतियाँ
- हर आवर्ती गति को SHM मान लेना। घड़ी की सुई आवर्ती है पर आगे-पीछे नहीं जाती; SHM में F ∝ −x भी चाहिए।
- f और ω को मिला देना। ω = 2πf, तो 2 Hz पर ω ≈ 12.6 rad/s है, 2 नहीं।
- सिरों पर चाल सबसे ज़्यादा मानना। सिरों पर वस्तु पल भर रुकती है; चाल बीच में सबसे ज़्यादा।
- E = ½kA² में cm को m में न बदलना। 5 cm = 0.05 m।