ऊर्ध्वाधर वृत्त में चाल क्यों बदलती है
क्षैतिज वृत्त में चाल एक-सी रह सकती है। ऊर्ध्वाधर वृत्त में गेंद ऊपर जाए तो गुरुत्व ऋणात्मक कार्य करता है, नीचे आए तो धनात्मक। इसलिए गेंद नीचे सबसे तेज़, ऊपर सबसे धीमी। यह असमान वृत्तीय गति है।
θ = सबसे निचले बिंदु से कोण। ऊर्जा संरक्षण से: v² = u² − 2gr(1 − cos θ), u = नीचे की चाल।
किसी भी बिंदु पर, नीचे और ऊपर तनाव
केंद्र की ओर कुल बल mv²/r होना चाहिए। कोण θ पर: T − mg cos θ = mv²/r, तो T = mv²/r + mg cos θ।
- नीचे (θ = 0): T_L = mu²/r + mg। सबसे ज़्यादा (डोरी पहले यहीं टूटती है)।
- बगल (θ = 90°): T = mv²/r।
- ऊपर (θ = 180°): T_H = mv²/r − mg। सबसे कम।
u² = v² + 4gr लगाने पर: T_L − T_H = 6mg।
न्यूनतम चाल: ऊपर √(gr), नीचे √(5gr)
- डोरी खींच सकती है, धकेल नहीं सकती, तो हर जगह T ≥ 0।
- T ऊपर सबसे कम: mv²/r − mg ≥ 0 → v_ऊपर ≥ √(gr)।
- नीचे से ऊपर ऊर्जा (ऊँचाई 2r): ½mu² = ½mv² + mg(2r) → u² = v² + 4gr।
- v² = gr रखो: u_न्यूनतम = √(5gr)।
- बगल में (θ = 90°): v² = 5gr − 2gr = 3gr, v = √(3gr)।
अगर गेंद दृढ़ छड़ पर हो (जो धकेल भी सकती है), तो ऊपर v ≥ 0 काफ़ी है, यानी u ≥ √(4gr) = 2√(gr)।
चाल कम हो तो क्या होगा?
- u < √(2gr): गेंद लोलक की तरह झूलती है, केंद्र के स्तर से ऊपर नहीं जाती।
- √(2gr) < u < √(5gr): गेंद केंद्र से ऊपर जाती है, पर ऊपरी आधे में कहीं T शून्य हो जाता है। डोरी ढीली, गेंद परवलय (प्रक्षेप्य) पथ पर।
- u ≥ √(5gr): पूरा चक्कर।
घर पर करके देखो
थोड़े पानी वाली छोटी प्लास्टिक बोतल को डोरी से बाँधो (बाहर, सावधानी से)। पहले धीरे, फिर तेज़ ऊर्ध्वाधर वृत्त में घुमाओ। धीरे घुमाने पर ऊपर डोरी ढीली पड़ती है और पानी छलक सकता है। तेज़ घुमाने पर डोरी तनी रहती है, पानी नहीं गिरता। हाथ में खिंचाव महसूस करो: नीचे सबसे ज़्यादा।
परीक्षा कोना
CBSE में पूछा जाता है: निम्नतम और उच्चतम बिंदु पर न्यूनतम चाल की व्युत्पत्ति (3–5 अंक), ऊपर-नीचे T निकालो, और "बाल्टी से पानी क्यों नहीं गिरता" जैसे कारण। याद रखो T_L − T_H = 6mg और बगल में v = √(3gr)।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- v² = u² − 2gr(1 − cos θ)
- T = mv²/r + mg cos θ
- नीचे: T_L = mu²/r + mg; ऊपर: T_H = mv²/r − mg
- v_ऊपर(न्यूनतम) = √(gr), u_नीचे(न्यूनतम) = √(5gr), v_बगल = √(3gr)
- T_L − T_H = 6mg
- दृढ़ छड़: u_न्यूनतम = √(4gr)
हल किए गए उदाहरण
1. 0.9 m त्रिज्या के ऊर्ध्वाधर वृत्त में ऊपर न्यूनतम चाल? (g = 10 m/s²)
चरण 1: v_ऊपर = √(gr)। चरण 2: = √9 = 3 m/s।
2. r = 2 m के लिए निम्नतम बिंदु पर न्यूनतम चाल?
चरण 1: u = √(5gr)। चरण 2: = √100 = 10 m/s।
3. 1 m डोरी पर 0.2 kg का पत्थर नीचे 6 m/s से चलता है। वहाँ तनाव?
चरण 1: T = mg + mu²/r। चरण 2: = 2 + 0.2 × 36 = 2 + 7.2। उत्तर: 9.2 N।
4. 1 m डोरी पर 0.5 kg की गेंद नीचे 8 m/s पर है। ऊपर चाल और तनाव?
चरण 1: v² = 64 − 40 = 24, v ≈ 4.9 m/s। चरण 2: T = 0.5 × 24 − 5 = 7 N।
5. ऊपर वाली गेंद के लिए T_L − T_H = 6mg जाँचो।
चरण 1: T_L = 0.5 × 64 + 5 = 37 N। चरण 2: 37 − 7 = 30 N। चरण 3: 6mg = 6 × 0.5 × 10 = 30 N। ✔
6. पानी की बाल्टी 1.6 m त्रिज्या के ऊर्ध्वाधर वृत्त में घुमाई जाती है। ऊपर पानी न गिरे, इसके लिए कम से कम कितने चक्कर प्रति मिनट?
चरण 1: v = √(gr) = √16 = 4 m/s। चरण 2: ω = v/r = 2.5 rad/s। चरण 3: rpm = 2.5 × 60 / 2π ≈ 23.9। यानी लगभग 24 rpm (ऊपर)।
7. एक डोरी 50 N तक सह सकती है। 1 kg गेंद 1 m त्रिज्या के ऊर्ध्वाधर वृत्त में है। नीचे अधिकतम चाल?
चरण 1: नीचे T सबसे ज़्यादा: mg + mu²/r ≤ 50। चरण 2: 10 + u² ≤ 50 → u ≤ 6.32 m/s। (यह √(5gr) = 7.07 से कम है, इस डोरी से पूरा चक्कर संभव नहीं!)
आम गलतियाँ
- ऊर्ध्वाधर वृत्त में चाल एक-सी मानना। गुरुत्व कार्य करता है, चाल बदलती है।
- ऊपर T = mg + mv²/r लिखना। ऊपर दोनों बल केंद्र की ओर: T + mg = mv²/r।
- नीचे न्यूनतम चाल √(gr) कहना। वह ऊपर की है; नीचे √(5gr)।
- छड़ के लिए भी √(5gr) लेना। छड़ धकेल सकती है, नीचे सिर्फ़ √(4gr) चाहिए।