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स्थितिज ऊर्जा, स्प्रिंग ऊर्जा और संरक्षी बल

स्थितिज ऊर्जा U स्थिति या आकार के कारण जमा ऊर्जा है। पृथ्वी के पास U = mgh; खिंची या दबी स्प्रिंग में U = ½kx²। जिस बल का कार्य सिर्फ़ शुरू और अंत के बिंदु पर निर्भर करे, रास्ते पर नहीं, वह संरक्षी बल है (गुरुत्व, स्प्रिंग बल)। तब F = −dU/dx और K + U नियत रहता है। घर्षण, वायु प्रतिरोध असंरक्षी हैं: ये यांत्रिक ऊर्जा को ऊष्मा बना देते हैं।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. 1 kg की गेंद 3 m ऊपर उठाओ। हमने गुरुत्व के विरुद्ध mgh = 30 J कार्य किया। यह ऊर्जा अब ऊँचाई के कारण गेंद में जमा है: U = mgh।
  2. गेंद छोड़ो। U घटता है और K उतना ही बढ़ता है। हर पल U + K = 30 J। यांत्रिक ऊर्जा संरक्षित रहती है।
  3. स्प्रिंग को x दबाओ। उसमें U = ½kx² जमा होती है। k = 200 N/m, x = 0.3 m पर U = 9 J। छोड़ो तो यह गुटके की गतिज ऊर्जा बनती है।
  4. गेंद को 3 m ऊपर दो रास्तों से ले जाओ: सीधा और ढलान से। गुरुत्व दोनों में −30 J कार्य करता है। रास्ता मायने नहीं रखता, इसलिए गुरुत्व संरक्षी बल है।
  5. अब ढलान खुरदरी करो। घर्षण रास्ते में ऊष्मा बनाता है, लंबा रास्ता = ज़्यादा ऊष्मा। कार्य रास्ते पर निर्भर: घर्षण असंरक्षी बल है।
  6. अब खुद खेलो: h, k, x बदलो, घर्षण चालू/बंद करो और ▶ दबाओ। U, K और ऊष्मा की पट्टियाँ देखो।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

स्थितिज ऊर्जा का शून्य कहाँ है?

जहाँ आप चुनो। सिर्फ़ U में बदलाव मायने रखता है, जो हर चुनाव में बराबर आता है। आमतौर पर ज़मीन को शून्य लेते हैं।

गेंद गिरती है तो U कहाँ जाती है?

गतिज ऊर्जा बन जाती है। U पट्टी जितनी घटती है, K पट्टी उतनी बढ़ती है; योग 30 J ही रहता है।

½kx² क्यों, kx² क्यों नहीं?

खींचते समय स्प्रिंग बल 0 से kx तक बढ़ता है। कार्य F–x ग्राफ़ के नीचे त्रिभुज का क्षेत्रफल है: ½ × x × kx।

ढलान से ले जाने में भी सीधे उठाने जितना कार्य क्यों?

ढलान पर बल कम लगता है पर दूरी ज़्यादा। गुरुत्व सिर्फ़ ऊँचाई देखता है, तो उसका कार्य दोनों में −mgh।

घर्षण में ऊर्जा खो जाती है क्या?

यांत्रिक ऊर्जा घटती है, पर कुल ऊर्जा नहीं खोती: वह ऊष्मा (और थोड़ी ध्वनि) बनती है। लाल ऊष्मा पट्टी यही दिखाती है।

स्थितिज ऊर्जा

स्थितिज ऊर्जा (U) वस्तु की स्थिति या आकार के कारण जमा ऊर्जा है।

पृथ्वी के पास गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा: m द्रव्यमान को h ऊपर उठाने में mgh कार्य लगता है, तो U = mgh (ज़मीन पर U = 0 मानकर)। सिर्फ़ U में बदलाव मायने रखता है, इसलिए शून्य कहीं भी मान सकते हो।

किसी भी संरक्षी बल के लिए: F = −dU/dx। बल उधर लगता है जिधर U घटे (गेंद ढलान से नीचे लुढ़कती है)।

स्प्रिंग की स्थितिज ऊर्जा

स्प्रिंग वापस खींचती है: F = −kx (हुक का नियम), x = खिंचाव या दबाव, k = स्प्रिंग नियतांक (N/m)।

0 से x तक खींचने में हमारा कार्य F–x ग्राफ़ के नीचे त्रिभुज का क्षेत्रफल है: ½ × x × kx। तो U = ½kx²।

संरक्षी और असंरक्षी बल

बल संरक्षी है अगर:

  1. दो बिंदुओं के बीच उसका कार्य सिर्फ़ उन बिंदुओं पर निर्भर करे, रास्ते पर नहीं,
  2. किसी भी बंद रास्ते पर उसका कार्य शून्य हो,
  3. उसे F = −dU/dx लिख सकें।

उदाहरण: गुरुत्व, स्प्रिंग बल, स्थिर-विद्युत बल।

जिस बल का कार्य रास्ते पर निर्भर करे वह असंरक्षी है। उदाहरण: घर्षण, वायु प्रतिरोध, श्यान बल। ये यांत्रिक ऊर्जा को ऊष्मा या ध्वनि में बदलते हैं, तो K + U घटता है।

यांत्रिक ऊर्जा का संरक्षण

अगर सिर्फ़ संरक्षी बल कार्य करें: W = −ΔU। कार्य-ऊर्जा प्रमेय: W = ΔK। तो ΔK + ΔU = 0, यानी K + U = नियत।

घर्षण हो तो: K_i + U_i = K_f + U_f + ऊष्मा। कुल ऊर्जा (ऊष्मा सहित) हमेशा संरक्षित रहती है।

उदाहरण: H ऊँचाई से गिरी गेंद h गिरने के बाद v = √(2gh) चाल पाती है, क्योंकि mgh = ½mv²।

घर पर करके देखो

क्लिक वाले पेन की स्प्रिंग दबाकर मेज़ पर छोड़ो: जमा ½kx² पेन को उछालती है। ज़्यादा दबाओ (x ज़्यादा) तो ज़्यादा उछाल। फिर किताब को एक बार चिकनी मेज़ पर, एक बार कपड़े पर सरकाओ। कपड़े पर जल्दी रुकती है: घर्षण ने ऊर्जा ऊष्मा बना दी।

परीक्षा कोना

CBSE में अक्सर: F–x ग्राफ़ से U = ½kx² निकालो (2–3 अंक), संरक्षी बल के दो गुण लिखो, मुक्त रूप से गिरती वस्तु के लिए K + U नियत दिखाओ (3 अंक), और स्प्रिंग-गुटके के आंकिक प्रश्न।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. 1.5 m ऊँची शेल्फ़ पर रखे 2 kg के बर्तन की स्थितिज ऊर्जा? (g = 10 m/s²)

चरण 1: U = mgh। चरण 2: U = 2 × 10 × 1.5 = 30 J।

2. k = 400 N/m की स्प्रिंग 5 cm दबाई गई। जमा ऊर्जा?

चरण 1: x = 0.05 m। चरण 2: U = ½ × 400 × 0.0025 = 0.5 J।

3. 0.2 kg का पत्थर 20 m से गिरता है। ज़मीन छूने से ठीक पहले चाल? (वायु प्रतिरोध नहीं)

चरण 1: mgh = ½mv²। चरण 2: v = √(2 × 10 × 20) = √400। उत्तर: 20 m/s। (द्रव्यमान कट गया।)

4. 2 m/s से चलता 1 kg का गुटका स्प्रिंग (k = 100 N/m) से टकराता है। अधिकतम दबाव?

चरण 1: ½mv² = ½kx²। चरण 2: 1 × 4 = 100 x²। चरण 3: x = 0.2 m।

5. 2 kg का डिब्बा 5 m ऊँची खुरदरी ढलान से फिसलकर नीचे 8 m/s से पहुँचता है। कितनी ऊर्जा ऊष्मा बनी?

चरण 1: ऊपर U = 2 × 10 × 5 = 100 J। चरण 2: नीचे K = ½ × 2 × 64 = 64 J। चरण 3: ऊष्मा = 36 J।

6. U(x) = 3x² − 12x J। x = 1 m पर बल और वह बिंदु जहाँ बल शून्य हो?

चरण 1: F = −dU/dx = 12 − 6x। चरण 2: x = 1 पर F = 6 N (+x की ओर)। चरण 3: F = 0 जब x = 2 m (U वक्र का सबसे निचला बिंदु, स्थायी संतुलन)।

7. स्प्रिंग (k = 500 N/m) को 2 cm से 6 cm तक खींचा। अतिरिक्त कार्य?

चरण 1: W = ½k(x₂² − x₁²)। चरण 2: = 250 × (0.0036 − 0.0004)। उत्तर: 0.8 J।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. स्प्रिंग की स्थितिज ऊर्जा है:
2. इनमें असंरक्षी बल कौन-सा है?
3. बंद रास्ते पर संरक्षी बल का कार्य:
4. F = −dU/dx का अर्थ: बल उधर जहाँ U:
5. मुक्त रूप से गिरती गेंद में क्या नियत रहता है?

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संरक्षी बल आसान भाषा में क्या है?

ऐसा बल जिसका कार्य सिर्फ़ इस पर निर्भर करे कि आप कहाँ से चले और कहाँ पहुँचे, रास्ते पर नहीं। गुरुत्व और स्प्रिंग बल उदाहरण हैं।

स्प्रिंग की स्थितिज ऊर्जा का सूत्र क्या है?

U = ½kx², जहाँ k स्प्रिंग नियतांक है और x सामान्य लंबाई से खिंचाव या दबाव।

क्या यांत्रिक ऊर्जा हमेशा संरक्षित रहती है?

तभी जब घर्षण जैसे असंरक्षी बल कार्य न करें। वरना कुछ यांत्रिक ऊर्जा ऊष्मा बनती है, पर कुल ऊर्जा फिर भी संरक्षित रहती है।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

रोमानियाClasa a IX-aVariation theorems and conservation laws in mechanics
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सीबीएसई (भारत)कक्षा 11कार्य, ऊर्जा और शक्ति
अमेरिकाGrade 11Work, Energy, and Power
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दक्षिण कोरिया고등학교 3학년Mechanics and energy
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