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एक और दो विमाओं में प्रत्यास्थ और अप्रत्यास्थ संघट्ट

हर संघट्ट (टक्कर) में कुल संवेग संरक्षित रहता है (छोटी सी टक्कर में बाहरी बल नहीं)। प्रत्यास्थ संघट्ट में गतिज ऊर्जा भी संरक्षित रहती है। अप्रत्यास्थ में कुछ गतिज ऊर्जा ऊष्मा, ध्वनि या पिचकने में जाती है; वस्तुएँ चिपक जाएँ तो पूर्णतः अप्रत्यास्थ। 1D प्रत्यास्थ में (वस्तु 2 रुकी हो): v₁ = (m₁ − m₂)u₁/(m₁ + m₂), v₂ = 2m₁u₁/(m₁ + m₂)। 2D में x और y दोनों दिशाओं में अलग-अलग संवेग संरक्षित।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. गाड़ी A (2 kg, 3 m/s) रुकी गाड़ी B (1 kg) से टकराती है। पहले: p = 2 × 3 = 6 kg m/s। टक्कर के बाद फिर m × v जोड़ो: फिर 6। संवेग संरक्षित।
  2. यह टक्कर प्रत्यास्थ है (e = 1): कुछ पिचका नहीं, ऊष्मा नहीं। A 1 m/s से, B 4 m/s से। K पहले 9 J, बाद में 1 + 8 = 9 J।
  3. द्रव्यमान बराबर करो (दोनों 2 kg)। प्रत्यास्थ टक्कर: A एकदम रुक जाती है और B 3 m/s से चल पड़ती है। वेग आपस में बदल गए।
  4. गाड़ियों पर गोंद लगाओ (e = 0)। वे चिपककर 2 m/s से साथ चलती हैं। संवेग फिर 6, पर K 9 J से 6 J। 3 J ऊष्मा और आवाज़ बन गई।
  5. अब 2D: दो बराबर गोटियाँ, B रुकी, A उसे तिरछा मारती है। A 60° पर, B 30° पर जाती है। रास्तों के बीच 90°। x और y दोनों में संवेग बचा।
  6. अब खुद खेलो: m₁, m₂, u₁ और e बदलो, ▶ दबाओ। पहले अनुमान: A आगे जाएगी, रुकेगी या लौटेगी?

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

संवेग संरक्षित पर गतिज ऊर्जा हमेशा क्यों नहीं?

टक्कर में सिर्फ़ आंतरिक बल लगते हैं, जो बराबर और उलटे हैं, इसलिए संवेग बचता है। पर ये बल वस्तु को पिचका, गरम कर या आवाज़ बना सकते हैं, जिसमें गतिज ऊर्जा खर्च होती है।

कैसे पता करें कि संघट्ट प्रत्यास्थ है?

पहले और बाद की K देखो। बराबर हों (या e = 1: अलग होने की चाल = पास आने की चाल) तो प्रत्यास्थ।

बराबर द्रव्यमान पर पहली गाड़ी क्यों रुकती है?

m₁ = m₂ पर v₁ = (m₁ − m₂)u₁/(m₁ + m₂) = 0। उसका सारा संवेग और ऊर्जा दूसरी गाड़ी को चला जाता है।

चिपकने पर खोई गतिज ऊर्जा कहाँ जाती है?

ऊष्मा, ध्वनि और वस्तुओं के मुड़ने/पिचकने में। कुल ऊर्जा फिर भी संरक्षित।

बराबर गोटियाँ 90° पर क्यों जाती हैं?

संवेग से u⃗ = v⃗₁ + v⃗₂ (एक त्रिभुज) और ऊर्जा से u² = v₁² + v₂² (पाइथागोरस)। पाइथागोरस मानने वाले त्रिभुज में v⃗₁ और v⃗₂ के बीच समकोण होता है।

संघट्ट क्या है? संवेग हमेशा संरक्षित

संघट्ट यानी वस्तुओं के बीच छोटी, तेज़ अन्योन्य क्रिया (कभी छूना ज़रूरी नहीं, जैसे आवेशित कण)। उस छोटे पल में आंतरिक बल बहुत बड़े होते हैं और बाहरी बल नगण्य। न्यूटन के तीसरे नियम से दोनों पर बल बराबर और उलटे, इसलिए कुल संवेग संरक्षित: m₁u₁ + m₂u₂ = m₁v₁ + m₂v₂।

कुल ऊर्जा भी संरक्षित रहती है, पर गतिज ऊर्जा ज़रूरी नहीं।

प्रत्यास्थ और अप्रत्यास्थ संघट्ट

प्रत्यवस्थान गुणांक e = (अलग होने की चाल)/(पास आने की चाल) = (v₂ − v₁)/(u₁ − u₂)। e = 1 प्रत्यास्थ, 0 < e < 1 अप्रत्यास्थ, e = 0 पूर्णतः अप्रत्यास्थ।

1D में प्रत्यास्थ संघट्ट: व्युत्पत्ति

वस्तु 2 विराम में (u₂ = 0)।

  1. संवेग: m₁u₁ = m₁v₁ + m₂v₂ → m₁(u₁ − v₁) = m₂v₂ … (1)
  2. गतिज ऊर्जा: ½m₁u₁² = ½m₁v₁² + ½m₂v₂² → m₁(u₁ − v₁)(u₁ + v₁) = m₂v₂² … (2)
  3. (2) को (1) से भाग दो: u₁ + v₁ = v₂। (अलग होने की चाल = पास आने की चाल, e = 1।)
  4. v₂ को (1) में रखो: v₁ = (m₁ − m₂)u₁/(m₁ + m₂), v₂ = 2m₁u₁/(m₁ + m₂)।

विशेष स्थितियाँ: m₁ = m₂ → v₁ = 0, v₂ = u₁ (अदला-बदली)। m₁ ≪ m₂ (गेंद दीवार से) → v₁ ≈ −u₁ (वापस उछलती)। m₁ ≫ m₂ → v₂ ≈ 2u₁।

1D में पूर्णतः अप्रत्यास्थ संघट्ट

साथ चलती हैं: m₁u₁ + m₂u₂ = (m₁ + m₂)v, तो v = (m₁u₁ + m₂u₂)/(m₁ + m₂)।

गतिज ऊर्जा ह्रास (u₂ = 0): ΔK = ½ · m₁m₂/(m₁ + m₂) · u₁²। उदाहरण: 3 m/s से 2 kg, रुकी 1 kg से: v = 2 m/s, ΔK = ½ × (2/3) × 9 = 3 J।

किसी भी e के लिए: v₁ = (m₁ − e m₂)u₁/(m₁ + m₂), v₂ = (1 + e)m₁u₁/(m₁ + m₂) (u₂ = 0)।

दो विमाओं में संघट्ट

वस्तु 1, x-अक्ष पर u₁ से चलकर रुकी वस्तु 2 से टकराती है। बाद में वे x-अक्ष के दोनों ओर θ₁ और θ₂ कोण पर जाती हैं।

4 अज्ञात (v₁, v₂, θ₁, θ₂) पर सिर्फ़ 3 समीकरण, इसलिए एक (जैसे एक कोण) नापना पड़ता है।

बराबर द्रव्यमान, प्रत्यास्थ, एक रुका: θ₁ + θ₂ = 90°। उपपत्ति: संवेग से u⃗ = v⃗₁ + v⃗₂; ऊर्जा से u² = v₁² + v₂²। पहले का वर्ग: u² = v₁² + v₂² + 2v⃗₁·v⃗₂, तो v⃗₁·v⃗₂ = 0: वेग लंबवत।

घर पर करके देखो

चिकनी मेज़ पर एक जैसे दो सिक्के रखो। एक को सीधा दूसरे पर मारो: पहला लगभग रुकता है, दूसरा आगे बढ़ता है। अब थोड़ा तिरछा मारो और दोनों के रास्ते पर निशान लगाओ: लगभग समकोण बनता है। फिर रबर की गेंद और मिट्टी का लोंदा एक ही ऊँचाई से गिराओ: गेंद उछलती है (e लगभग 1), मिट्टी चिपक जाती है (e ≈ 0)।

परीक्षा कोना

CBSE में अक्सर: 1D प्रत्यास्थ संघट्ट में v₁ और v₂ की व्युत्पत्ति (5 अंक), बराबर द्रव्यमान में वेगों की अदला-बदली दिखाओ, पूर्णतः अप्रत्यास्थ में ऊर्जा ह्रास, और 2D में 90° वाला परिणाम। हमेशा पहले संवेग, फिर ऊर्जा लिखो।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. 4 m/s से 3 kg की गेंद, रुकी 1 kg गेंद से प्रत्यास्थ टकराती है। दोनों के अंतिम वेग?

चरण 1: v₁ = (3 − 1) × 4 / 4 = 2 m/s। चरण 2: v₂ = 2 × 3 × 4 / 4 = 6 m/s। जाँच p: 12 = 6 + 6 ✔। K: 24 = 6 + 18 ✔।

2. 6 m/s से 1 kg गेंद, रुकी 2 kg गेंद से प्रत्यास्थ टकराती है। अंतिम वेग?

चरण 1: v₁ = (1 − 2) × 6 / 3 = −2 m/s (वापस लौटती)। चरण 2: v₂ = 2 × 6 / 3 = 4 m/s।

3. 4 m/s से 5 kg ट्रॉली रुकी 3 kg ट्रॉली से टकराकर चिपक जाती है। साझा चाल और ऊर्जा ह्रास?

चरण 1: v = 20 / 8 = 2.5 m/s। चरण 2: पहले K = 40 J। चरण 3: बाद में K = ½ × 8 × 6.25 = 25 J। उत्तर: 15 J ह्रास।

4. 400 m/s से 10 g की गोली लटके हुए 2 kg लकड़ी के गुटके में धँस जाती है। ठीक बाद गुटके की चाल?

चरण 1: पूर्णतः अप्रत्यास्थ। चरण 2: v = 0.01 × 400 / 2.01 ≈ 1.99 m/s।

5. ऊपर वाला गुटका कितना ऊपर झूलेगा?

चरण 1: टक्कर के बाद ऊर्जा संरक्षित: ½v² = gh। चरण 2: h = (1.99)² / 20 ≈ 0.198 m ≈ 20 cm। (यह प्राक्षेपिक लोलक है।)

6. गेंद 1.6 m से e = 0.5 वाले फ़र्श पर गिराई गई। कितना ऊपर उछलेगी?

चरण 1: फ़र्श पर चाल = √32। चरण 2: उछाल के बाद v = 0.5 × √32। चरण 3: h = 0.25 × 32 / 20 = 0.4 m (h′ = e²h)।

7. बराबर गोटियाँ: 4 m/s से A, रुकी B से प्रत्यास्थ टकराती है; A अपनी पुरानी रेखा से 30° पर जाती है। θ₂, v₁, v₂?

चरण 1: बराबर द्रव्यमान, प्रत्यास्थ → θ₁ + θ₂ = 90°, θ₂ = 60°। चरण 2: v₁ = 4 cos30° ≈ 3.46 m/s, v₂ = 4 cos60° = 2 m/s। जाँच K: 16 = 12 + 4 ✔।

8. पूर्व की ओर 3 m/s से 2 kg गेंद, उत्तर की ओर 6 m/s से 1 kg गेंद से टकराकर चिपकती है। साझा वेग?

चरण 1: pₓ = 6, p_y = 6 (kg m/s)। चरण 2: p = 6√2। चरण 3: v = 6√2 / 3 ≈ 2.83 m/s, पूर्व से 45° उत्तर की ओर।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. हर संघट्ट में क्या हमेशा संरक्षित रहता है?
2. पूर्णतः अप्रत्यास्थ संघट्ट में e:
3. बराबर द्रव्यमान, प्रत्यास्थ, सीधी टक्कर, एक रुका। टक्कर के बाद चलने वाली वस्तु:
4. बराबर द्रव्यमान के 2D प्रत्यास्थ संघट्ट (एक रुका) में अंतिम रास्तों के बीच कोण:
5. हल्की गेंद बहुत भारी दीवार से प्रत्यास्थ टकराती है। वह:

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रत्यास्थ और अप्रत्यास्थ संघट्ट में क्या अंतर है?

दोनों में संवेग संरक्षित। प्रत्यास्थ में गतिज ऊर्जा भी संरक्षित; अप्रत्यास्थ में कुछ गतिज ऊर्जा ऊष्मा, ध्वनि या विकृति में चली जाती है।

प्रत्यवस्थान गुणांक क्या है?

e = अलग होने की चाल ÷ पास आने की चाल। प्रत्यास्थ में 1, पूर्णतः अप्रत्यास्थ में 0, बाकी में बीच में।

2D संघट्ट कैसे हल करें?

संवेग को x और y भागों में बाँटकर हर एक का संरक्षण लगाओ। प्रत्यास्थ हो तो गतिज ऊर्जा का समीकरण भी जोड़ो।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

कनाडा (ओंटारियो)Grade 12C. Energy and Momentum
पोलैंडLiceum ogólnokształcące, klasa IMechanics
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सीबीएसई (भारत)कक्षा 11कार्य, ऊर्जा और शक्ति
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अमेरिकाGrade 11Linear Momentum
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