g और G का संबंध
पृथ्वी के खिंचाव से मुक्त रूप से गिरती वस्तु के त्वरण को गुरुत्वीय त्वरण (g) कहते हैं। सतह पर द्रव्यमान m की वस्तु पर पृथ्वी का बल GMm/R² है। न्यूटन के दूसरे नियम से यही बल mg है। इसलिए
mg = GMm/R² → g = GM/R²
m कट जाता है, इसलिए पत्थर और पंख (हवा न हो तो) एक ही g से गिरते हैं। M = 6 × 10²⁴ kg और R = 6.4 × 10⁶ m लें तो g ≈ 9.8 m/s²।
भार = mg (बल, N में)। द्रव्यमान (kg) पदार्थ की मात्रा है और हर जगह एक रहता है। g बदले तो भार बदलता है।
ऊँचाई के साथ g में परिवर्तन
सतह से h ऊँचाई पर केंद्र से दूरी (R + h) है। इसलिए
g_h = GM/(R + h)² = g R²/(R + h)²
कम ऊँचाई पर (h ≪ R)
- g_h = g (1 + h/R)⁻²
- द्विपद नियम: x छोटा हो तो (1 + x)⁻² ≈ 1 − 2x
- g_h ≈ g (1 − 2h/R)
यानी g, 2h/R भाग घटता है। h = 32 km पर 2h/R = 1%, तो g 1% घटता है।
जब h छोटा न हो (जैसे h = R या R/2), तब पूरा सूत्र लगाओ।
गहराई के साथ g में परिवर्तन
खदान में d गहराई तक जाओ। अब केंद्र से दूरी (R − d) है।
- ऊपर का d मोटा कोश तुम्हें सब तरफ़ से बराबर खींचता है, इसलिए उसका कुल बल शून्य।
- सिर्फ़ अंदर का (R − d) त्रिज्या वाला गोला खींचता है। एकसमान घनत्व हो तो उसका द्रव्यमान M' = M (R − d)³/R³।
- g_d = GM'/(R − d)² = GM (R − d)/R³
- g_d = g (1 − d/R)
यह सीधी रेखा है: नीचे जाने पर g बराबर-बराबर घटता है।
केंद्र पर
d = R रखो तो g = 0। केंद्र पर पृथ्वी हर दिशा में बराबर खींचती है। तुम भारहीन महसूस करोगे (पर भारी दबाव से दबे रहोगे!)।
पूरी तस्वीर: g बनाम दूरी r
- अंदर (r < R): g = g_s r/R, केंद्र पर 0 से सीधी रेखा।
- सतह पर (r = R): g सबसे ज़्यादा, g_s ≈ 9.8 m/s²।
- बाहर (r > R): g = g_s R²/r², शून्य की ओर गिरता वक्र।
इसलिए ऊपर जाओ या नीचे, g घटता है। एक ही छोटी दूरी x के लिए, ऊपर जाने से (2x/R) g, नीचे जाने (x/R) से दोगुना घटता है।
कुछ और छोटे बदलाव (जानकारी के लिए)
पृथ्वी ध्रुवों पर थोड़ी चपटी है और घूमती है। इसलिए ध्रुवों पर g ≈ 9.83 m/s² और विषुवत रेखा पर ≈ 9.78 m/s²।
करके देखो: लोलक से g मापो
1 m लंबे धागे से एक भारी नट बाँधो। उसे धीरे (छोटे कोण पर) झुलाओ। फ़ोन की स्टॉपवॉच से 20 दोलन का समय लो और 20 से भाग देकर T निकालो। फिर g = 4π²L/T²। L = 1 m पर T ≈ 2.0 s और g लगभग 9.8 m/s² आना चाहिए। 3D में गेंद को 1.0 R पर रखो और देखो कि 9.8 आता है।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- g = GM/R²
- GM = gR²
- g_h = g R²/(R + h)²
- g_h ≈ g(1 − 2h/R), जब h ≪ R
- g_d = g(1 − d/R)
- केंद्र पर g = 0
- भार W = mg
हल किए गए उदाहरण
1. सतह पर g निकालो। M = 6 × 10²⁴ kg, R = 6.4 × 10⁶ m, G = 6.67 × 10⁻¹¹।
g = GM/R² = 4.0 × 10¹⁴ / 4.096 × 10¹³ ≈ 9.77 ≈ 9.8 m/s²।
2. h = R/2 ऊँचाई पर g निकालो।
g_h = g R²/(1.5R)² = g/2.25 = 9.8/2.25 ≈ 4.36 m/s²।
3. 64 km ऊँचाई पर g? (R = 6400 km)
h ≪ R, इसलिए g_h ≈ 9.8 (1 − 128/6400) = 9.8 × 0.98 ≈ 9.60 m/s²।
4. 1600 km गहराई पर g?
g_d = 9.8 (1 − 1600/6400) = 9.8 × 0.75 = 7.35 m/s²।
5. एक आदमी का सतह पर भार 600 N है। R ऊँचाई पर भार?
g_h = g/4, भार = 600/4 = 150 N।
6. किस ऊँचाई पर g सतह से 1% कम होगा? (R = 6400 km)
2h/R = 0.01 → h = 0.005 R = 32 km।
7. किस गहराई पर g उतना होगा जितना 10 km ऊँचाई पर?
g(1 − d/R) = g(1 − 2h/R) → d = 2h = 20 km।
8. किसी ग्रह का द्रव्यमान पृथ्वी का 2 गुना और त्रिज्या 2 गुनी है। वहाँ g?
g' = G(2M)/(2R)² = g/2 = 4.9 m/s²।
आम गलतियाँ
- h = R जैसी बड़ी ऊँचाई पर g(1 − 2h/R) लगाना। यह सिर्फ़ h ≪ R पर चलता है; वरना g R²/(R + h)² लगाओ।
- मानना कि खदान में नीचे जाने से g बढ़ता है। g घटता है: g_d = g(1 − d/R)।
- कहना कि चंद्रमा पर द्रव्यमान बदल जाता है। द्रव्यमान वही रहता है, सिर्फ़ भार (mg) बदलता है।
- मानना कि g गिरने वाली वस्तु के द्रव्यमान पर निर्भर है। m कट जाता है: g = GM/R² सिर्फ़ ग्रह पर निर्भर।