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गुरुत्वीय त्वरण और ऊँचाई-गहराई के साथ उसका परिवर्तन

पृथ्वी के पास मुक्त रूप से गिरती वस्तु का त्वरण g = GM/R² ≈ 9.8 m/s² है। यह गिरने वाली वस्तु के द्रव्यमान पर निर्भर नहीं करता। ऊँचाई h पर जाने से g घटता है: g_h = g R²/(R + h)², और कम ऊँचाई पर लगभग g(1 − 2h/R)। गहराई d पर जाने से भी g घटता है: g_d = g(1 − d/R)। पृथ्वी के केंद्र पर g = 0। यानी g सतह पर सबसे ज़्यादा है।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. लाल गेंद पृथ्वी की सतह पर है। लाल तीर g है, यानी हर किलोग्राम पर खिंचाव। यहाँ g = GM/R², लगभग 9.8 m/s²।
  2. अब गेंद ऊपर जा रही है। तीर छोटा हो रहा है। केंद्र से दोगुनी दूरी पर g सिर्फ़ एक-चौथाई। बैंगनी ग्राफ़ साथ-साथ बनता है।
  3. अब गेंद सुरंग में नीचे जा रही है। तीर फिर छोटा हो रहा है, पर इस बार ग्राफ़ सीधी रेखा है।
  4. गेंद केंद्र पर पहुँची। तीर गायब: g = 0। पूरा ग्राफ़: अंदर सीधी रेखा, बाहर 1/r² वक्र। सबसे ऊँचा बिंदु सतह पर।
  5. हल किया उदाहरण। गेंद h = R/2 ऊँचाई पर है। बटन दबाओ और लाइन-दर-लाइन g निकालो।
  6. अब तुम्हारी बारी। गेंद को केंद्र से लेकर दूर अंतरिक्ष तक खिसकाओ और नीचे g पढ़ो।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

भारी पत्थर हल्के से तेज़ क्यों नहीं गिरता?

भारी पत्थर पर खिंचाव ज़्यादा है, पर उसे हिलाने के लिए द्रव्यमान भी ज़्यादा है। बल ÷ द्रव्यमान बराबर आता है: g = GM/R²। पंख को हवा धीमा करती है।

g(1 − 2h/R) कब लगाऊँ और पूरा सूत्र कब?

छोटा सूत्र तभी, जब h, R से बहुत छोटा हो (कुछ दसियों km)। h = R/2 या R हो तो g R²/(R + h)², जैसे हल किए उदाहरण में।

नीचे जाने से मैं केंद्र के पास आता हूँ, फिर g क्यों घटता है?

तुम्हारे ऊपर वाली पृथ्वी तुम्हें ऊपर और बगल में खींचती है और कट जाती है। सिर्फ़ नीचे वाला हिस्सा खींचता है और वह छोटा होता जाता है। चरण 3 में ग्राफ़ का सीधी रेखा वाला भाग देखो।

g सबसे ज़्यादा कहाँ है?

सतह पर। ऊपर जाओ या नीचे, g घटता है। चरण 4 में बैंगनी ग्राफ़ की चोटी देखो।

क्या अंतरिक्ष यात्री इसलिए तैरते हैं कि वहाँ गुरुत्व नहीं है?

नहीं। 400 km पर भी g लगभग 8.7 m/s² है। वे इसलिए तैरते हैं क्योंकि वे और स्टेशन साथ-साथ पृथ्वी के चारों ओर गिर रहे हैं।

g और G का संबंध

पृथ्वी के खिंचाव से मुक्त रूप से गिरती वस्तु के त्वरण को गुरुत्वीय त्वरण (g) कहते हैं। सतह पर द्रव्यमान m की वस्तु पर पृथ्वी का बल GMm/R² है। न्यूटन के दूसरे नियम से यही बल mg है। इसलिए

mg = GMm/R² → g = GM/R²

m कट जाता है, इसलिए पत्थर और पंख (हवा न हो तो) एक ही g से गिरते हैं। M = 6 × 10²⁴ kg और R = 6.4 × 10⁶ m लें तो g ≈ 9.8 m/s²।

भार = mg (बल, N में)। द्रव्यमान (kg) पदार्थ की मात्रा है और हर जगह एक रहता है। g बदले तो भार बदलता है।

ऊँचाई के साथ g में परिवर्तन

सतह से h ऊँचाई पर केंद्र से दूरी (R + h) है। इसलिए

g_h = GM/(R + h)² = g R²/(R + h)²

कम ऊँचाई पर (h ≪ R)

  1. g_h = g (1 + h/R)⁻²
  2. द्विपद नियम: x छोटा हो तो (1 + x)⁻² ≈ 1 − 2x
  3. g_h ≈ g (1 − 2h/R)

यानी g, 2h/R भाग घटता है। h = 32 km पर 2h/R = 1%, तो g 1% घटता है।

जब h छोटा न हो (जैसे h = R या R/2), तब पूरा सूत्र लगाओ।

गहराई के साथ g में परिवर्तन

खदान में d गहराई तक जाओ। अब केंद्र से दूरी (R − d) है।

  1. ऊपर का d मोटा कोश तुम्हें सब तरफ़ से बराबर खींचता है, इसलिए उसका कुल बल शून्य।
  2. सिर्फ़ अंदर का (R − d) त्रिज्या वाला गोला खींचता है। एकसमान घनत्व हो तो उसका द्रव्यमान M' = M (R − d)³/R³।
  3. g_d = GM'/(R − d)² = GM (R − d)/R³
  4. g_d = g (1 − d/R)

यह सीधी रेखा है: नीचे जाने पर g बराबर-बराबर घटता है।

केंद्र पर

d = R रखो तो g = 0। केंद्र पर पृथ्वी हर दिशा में बराबर खींचती है। तुम भारहीन महसूस करोगे (पर भारी दबाव से दबे रहोगे!)।

पूरी तस्वीर: g बनाम दूरी r

इसलिए ऊपर जाओ या नीचे, g घटता है। एक ही छोटी दूरी x के लिए, ऊपर जाने से (2x/R) g, नीचे जाने (x/R) से दोगुना घटता है।

कुछ और छोटे बदलाव (जानकारी के लिए)

पृथ्वी ध्रुवों पर थोड़ी चपटी है और घूमती है। इसलिए ध्रुवों पर g ≈ 9.83 m/s² और विषुवत रेखा पर ≈ 9.78 m/s²।

करके देखो: लोलक से g मापो

1 m लंबे धागे से एक भारी नट बाँधो। उसे धीरे (छोटे कोण पर) झुलाओ। फ़ोन की स्टॉपवॉच से 20 दोलन का समय लो और 20 से भाग देकर T निकालो। फिर g = 4π²L/T²। L = 1 m पर T ≈ 2.0 s और g लगभग 9.8 m/s² आना चाहिए। 3D में गेंद को 1.0 R पर रखो और देखो कि 9.8 आता है।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. सतह पर g निकालो। M = 6 × 10²⁴ kg, R = 6.4 × 10⁶ m, G = 6.67 × 10⁻¹¹।

g = GM/R² = 4.0 × 10¹⁴ / 4.096 × 10¹³ ≈ 9.77 ≈ 9.8 m/s²।

2. h = R/2 ऊँचाई पर g निकालो।

g_h = g R²/(1.5R)² = g/2.25 = 9.8/2.25 ≈ 4.36 m/s²।

3. 64 km ऊँचाई पर g? (R = 6400 km)

h ≪ R, इसलिए g_h ≈ 9.8 (1 − 128/6400) = 9.8 × 0.98 ≈ 9.60 m/s²।

4. 1600 km गहराई पर g?

g_d = 9.8 (1 − 1600/6400) = 9.8 × 0.75 = 7.35 m/s²।

5. एक आदमी का सतह पर भार 600 N है। R ऊँचाई पर भार?

g_h = g/4, भार = 600/4 = 150 N।

6. किस ऊँचाई पर g सतह से 1% कम होगा? (R = 6400 km)

2h/R = 0.01 → h = 0.005 R = 32 km।

7. किस गहराई पर g उतना होगा जितना 10 km ऊँचाई पर?

g(1 − d/R) = g(1 − 2h/R) → d = 2h = 20 km।

8. किसी ग्रह का द्रव्यमान पृथ्वी का 2 गुना और त्रिज्या 2 गुनी है। वहाँ g?

g' = G(2M)/(2R)² = g/2 = 4.9 m/s²।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. पृथ्वी के केंद्र पर g का मान है:
2. g और G का संबंध है:
3. h = R ऊँचाई पर g हो जाता है:
4. d = R/2 गहराई पर g हो जाता है:
5. g सबसे ज़्यादा कहाँ है?

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

g और G में क्या संबंध है?

g = GM/R², जहाँ M और R पृथ्वी का द्रव्यमान और त्रिज्या हैं।

ऊँचाई के साथ g में परिवर्तन का सूत्र क्या है?

g_h = g R²/(R + h)²; कम h के लिए g_h ≈ g(1 − 2h/R)।

गहराई के साथ g में परिवर्तन का सूत्र क्या है?

g_d = g(1 − d/R)। केंद्र पर (d = R) g = 0।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

सीबीएसई (भारत)कक्षा 11गुरुत्वाकर्षण

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