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द्रव्यमान केंद्र: दो कण, दृढ़ पिंड और एकसमान छड़

द्रव्यमान केंद्र वह एक बिंदु है जो ऐसे चलता है मानो पूरे निकाय का सारा द्रव्यमान वहीं इकट्ठा हो। एक रेखा पर दो कणों के लिए x_cm = (m₁x₁ + m₂x₂)/(m₁ + m₂)। यह दोनों को मिलाने वाली रेखा पर, भारी कण के पास होता है। कई कणों के लिए x_cm = Σmx/Σm (y और z के लिए भी ऐसे ही)। L लंबाई की एकसमान छड़ का द्रव्यमान केंद्र L/2 पर, यानी ठीक बीच में होता है। आंतरिक बल द्रव्यमान केंद्र को नहीं हिला सकते, सिर्फ़ बाहरी बल: M·a_cm = F_ext।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. एक हल्की डंडी पर दो बराबर गेंदें हैं। डंडी जिस एक बिंदु पर टिककर संतुलित होती है, वह ठीक बीच में है। यही द्रव्यमान केंद्र है।
  2. अब लाल गेंद को भारी करो। संतुलन बिंदु भारी गेंद की ओर खिसक जाता है। सूत्र एक भारित औसत है: x_cm = (m₁x₁ + m₂x₂)/(m₁ + m₂)।
  3. कई गेंदें इधर-उधर हों तो? हर दिशा में यही करो। हर x को उसके द्रव्यमान से गुणा करो, जोड़ो, कुल द्रव्यमान से भाग दो। फिर y के लिए भी।
  4. एकसमान छड़ बहुत सारे बराबर टुकड़ों की कतार है। हर टुकड़े का जोड़ीदार दूसरी तरफ़ बराबर दूरी पर है। इसलिए द्रव्यमान केंद्र बीच में, L/2 पर है। छड़ एक उँगली पर टिक जाती है।
  5. दोनों गेंदों के बीच स्प्रिंग से धक्का दो। गेंदें दूर भागती हैं, पर हरा निशान नहीं हिलता। अंदर के बल द्रव्यमान केंद्र को नहीं हिला सकते।
  6. अब तुम्हारी बारी। m₁, m₂ और दूरी बदलो। पहले अंदाज़ा लगाओ कि हरा निशान कहाँ जाएगा, फिर जाँचो।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

CM बीच में रहने के बजाय भारी की ओर क्यों जाता है?

CM भारित औसत है। भारी द्रव्यमान औसत में ज़्यादा बार गिना जाता है, इसलिए उत्तर को अपनी ओर खींचता है। m₂ बढ़ने पर निशान खिसकते देखो।

क्या द्रव्यमान केंद्र ऐसी जगह हो सकता है जहाँ कोई द्रव्यमान न हो?

हाँ। वलय, चूड़ी या L आकार के फ्रेम में CM खाली जगह में होता है। यह गणना से मिला बिंदु है, पदार्थ का टुकड़ा नहीं।

छड़ के लिए ठीक L/2 ही क्यों?

बीच के बाईं ओर हर टुकड़े का बराबर जोड़ीदार उतनी ही दूरी पर दाईं ओर है। दोनों का असर कट जाता है, बचता है बीच।

बम फटने पर उसका CM कहाँ जाता है?

विस्फोट आंतरिक बल है। CM पहले जैसा चलता रहता है: बम रुका था तो रुका, उड़ रहा था तो उसी रास्ते पर।

क्या द्रव्यमान केंद्र और गुरुत्व केंद्र एक ही हैं?

जब पिंड के हर हिस्से पर g बराबर हो, तब दोनों एक ही बिंदु हैं, जो रोज़ की चीज़ों के लिए सच है। बहुत ऊँचे पिंड में g बदलता है, तब थोड़ा फ़र्क होता है।

मूलबिंदु बदलने से उत्तर बदलता है क्या?

CM का असली स्थान वही रहता है। सिर्फ़ उसे बताने वाली संख्या बदलती है, क्योंकि शून्य नई जगह से नापा। फ़्री प्ले में दूसरी गेंद को शून्य मानकर सोचो।

द्रव्यमान केंद्र क्या है?

कणों का निकाय यानी पदार्थ के छोटे-छोटे टुकड़ों का समूह, जिसे हम एक साथ पढ़ते हैं। दृढ़ पिंड वह है जिसका आकार कभी नहीं बदलता: उसके किन्हीं दो कणों की दूरी हमेशा उतनी ही रहती है।

द्रव्यमान केंद्र (CM) निकाय का वह ख़ास बिंदु है जो ऐसे चलता है मानो सारा द्रव्यमान वहीं हो और सारे बाहरी बल वहीं लगें। यह द्रव्यमान से भारित औसत स्थिति है।

इसकी ज़रूरत क्यों? हवा में उछाला गया घूमता बल्ला उलझे तरीके से चलता है। पर उसका द्रव्यमान केंद्र एक साफ़ परवलय (parabola) पर चलता है, एक छोटी गेंद जैसा। इसलिए बड़े पिंड को एक बिंदु मान सकते हैं।

दो कणों का द्रव्यमान केंद्र

m₁ द्रव्यमान x₁ पर और m₂ द्रव्यमान x₂ पर रखो। तब

x_cm = (m₁x₁ + m₂x₂)/(m₁ + m₂)

मूलबिंदु (origin) कहीं भी चुनो, द्रव्यमान केंद्र का असली स्थान वही रहेगा; सिर्फ़ उसकी संख्या बदलेगी।

कई कणों और दृढ़ पिंड का द्रव्यमान केंद्र

n कणों के लिए हर दिशा में भारित औसत लो:

x_cm = Σmᵢxᵢ / M, y_cm = Σmᵢyᵢ / M, z_cm = Σmᵢzᵢ / M, जहाँ M = Σmᵢ।

सदिश रूप में R_cm = Σmᵢrᵢ / M।

दृढ़ पिंड में अनगिनत छोटे कण होते हैं, इसलिए जोड़ समाकलन (integral) बन जाता है: x_cm = (1/M)∫x dm। एकसमान और सममित पिंडों (गोला, वलय, चकती, घन, छड़) का द्रव्यमान केंद्र उनके ज्यामितीय केंद्र पर होता है। कभी-कभी यह पदार्थ के बाहर भी होता है, जैसे चूड़ी का खाली केंद्र।

एकसमान छड़ का द्रव्यमान केंद्र

M द्रव्यमान और L लंबाई की पतली एकसमान छड़ x-अक्ष पर x = 0 से x = L तक रखो। एकसमान यानी हर सेंटीमीटर का द्रव्यमान बराबर। प्रति एकांक लंबाई द्रव्यमान λ = M/L।

चरण 1: x पर dx लंबाई का छोटा टुकड़ा लो। उसका द्रव्यमान dm = λ dx।

चरण 2: x_cm = (1/M)∫₀ᴸ x λ dx = (λ/M)·(L²/2)।

चरण 3: λ = M/L रखो। x_cm = L/2।

यानी एकसमान छड़ का द्रव्यमान केंद्र उसका मध्य बिंदु है। सममिति वाला कारण: बीच से d दूरी बाएँ वाले हर टुकड़े का जोड़ीदार d दूरी दाएँ है।

द्रव्यमान केंद्र की गति

पूरे निकाय के लिए न्यूटन का दूसरा नियम: M a_cm = F_ext। आंतरिक बल बराबर और उल्टे जोड़ों में आते हैं (तीसरा नियम), इसलिए कट जाते हैं। मतलब:

इसीलिए शांत पानी में तैरती नाव पर आदमी आगे चले तो नाव पीछे खिसकती है: आदमी + नाव का द्रव्यमान केंद्र नहीं हिलता।

घर पर करके देखो

30 cm का स्केल एक उँगली पर टिकाओ। वह 15 cm पर टिकेगा। अब 25 cm के निशान पर दो सिक्के चिपकाओ और नया संतुलन बिंदु ढूँढो। वह सिक्कों की ओर खिसकेगा। स्केल के अपने द्रव्यमान के साथ सूत्र लगाकर जाँचो।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. 2-2 kg की दो गेंदें x = 0 और x = 6 m पर हैं। x_cm निकालो।

द्रव्यमान बराबर हैं, इसलिए बीच में। x_cm = (2×0 + 2×6)/(2 + 2) = 12/4 = 3 m।

2. 1 kg x = 0 पर और 3 kg x = 4 m पर। द्रव्यमान केंद्र कहाँ है?

x_cm = (1×0 + 3×4)/(1 + 3) = 12/4 = 3 m। हल्के से 3 m और भारी से 1 m दूर। जाँच: r₁/r₂ = 3/1 = m₂/m₁ ✔

3. पृथ्वी (6 × 10²⁴ kg) और चंद्रमा (7.4 × 10²² kg) 3.84 × 10⁸ m दूर हैं। इनका द्रव्यमान केंद्र पृथ्वी के केंद्र से कितनी दूर है?

पृथ्वी x = 0 पर। x_cm = (7.4 × 10²² × 3.84 × 10⁸)/(6.074 × 10²⁴) ≈ 4.68 × 10⁶ m ≈ 4680 km। यह पृथ्वी के अंदर है (त्रिज्या 6400 km)।

4. तीन कण: 1 kg (0, 0) पर, 2 kg (4, 0) पर, 1 kg (0, 4) पर (मीटर में)। द्रव्यमान केंद्र?

M = 4 kg। x_cm = (0 + 8 + 0)/4 = 2 m। y_cm = (0 + 0 + 4)/4 = 1 m। CM = (2 m, 1 m)।

5. तीन बराबर द्रव्यमान 2 m भुजा वाले समबाहु त्रिभुज के कोनों (0,0), (2,0), (1, √3) पर हैं। CM?

x_cm = (0 + 2 + 1)/3 = 1 m। y_cm = √3/3 = 0.577 m। यह त्रिभुज का केंद्रक है, जैसा सममिति कहती है।

6. 1 m लंबी, 2 kg की एकसमान छड़ के दाएँ सिरे पर 1 kg की गेंद लगी है। बाएँ सिरे से CM कितनी दूर?

छड़ का पूरा द्रव्यमान उसके बीच (0.5 m) पर मानो। x_cm = (2×0.5 + 1×1)/3 = 2/3 ≈ 0.67 m।

7. शांत पानी में रुकी 40 kg, 5 m लंबी नाव के एक सिरे पर 60 kg का आदमी है। वह दूसरे सिरे तक चलता है। नाव कितनी खिसकेगी?

बाहरी क्षैतिज बल नहीं, तो CM नहीं हिलेगा। नाव d पीछे खिसके तो आदमी ज़मीन के सापेक्ष 5 − d आगे। 60(5 − d) = 40d → d = 3 m। नाव 3 m पीछे, आदमी 2 m आगे।

8. 20 m/s से क्षैतिज चलता गोला दो बराबर टुकड़ों में फटता है। एक टुकड़ा फटते ही रुक जाता है। दूसरे की चाल?

विस्फोट आंतरिक है, संवेग संरक्षित। M×20 = (M/2)×0 + (M/2)v → v = 40 m/s उसी दिशा में। CM 20 m/s से चलता रहता है।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. 2 kg और 6 kg के द्रव्यमान 8 m दूर हैं। CM, 2 kg से कितनी दूर है?
2. L लंबाई की एकसमान छड़ का द्रव्यमान केंद्र है:
3. दो कणों का द्रव्यमान केंद्र हमेशा:
4. रुका हुआ बम फटता है। ठीक बाद टुकड़ों का CM:
5. पतले एकसमान वलय का द्रव्यमान केंद्र:

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दो कणों के द्रव्यमान केंद्र का सूत्र क्या है?

x_cm = (m₁x₁ + m₂x₂)/(m₁ + m₂)। यह दोनों को जोड़ने वाली रेखा पर, भारी के पास होता है।

एकसमान छड़ का द्रव्यमान केंद्र कहाँ होता है?

उसके मध्य बिंदु पर, किसी भी सिरे से L/2 दूरी पर। यह x dm के समाकलन से या सममिति से मिलता है।

क्या द्रव्यमान केंद्र CBSE कक्षा 11 की परीक्षा में आता है?

हाँ। यह 'कणों के निकाय तथा दृढ़ पिंड की गति' इकाई का भाग है। दो-कण सूत्र, एकसमान छड़ और CM की गति पर 1–3 अंक के प्रश्न आते हैं।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

सीबीएसई (भारत)कक्षा 11कणों के निकाय तथा दृढ़ पिंड की गति
इंग्लैंडYear 13Optional application 1 Mechanics (part 2)
अमेरिकाGrade 11Force and Translational Dynamics
अमेरिकाGrade 12Force and Translational Dynamics
दक्षिण कोरिया고등학교 3학년Mechanical interactions

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