गति क्या है?
अगर किसी चीज़ की जगह समय के साथ बदलती है, तो वह गति में है। अगर जगह नहीं बदलती, तो वह विराम (रुकी हुई) में है।
कोई चीज़ कहाँ है, यह बताने के लिए एक निर्देश बिंदु (reference point, मूल बिंदु) चाहिए। जैसे: "स्कूल बस अड्डे से 2 km उत्तर में है।" यहाँ बस अड्डा निर्देश बिंदु है।
गति इस पर निर्भर है कि कौन देख रहा है। चलती बस में बैठी सवारी, अपने बगल वाले के लिए रुकी है, पर सड़क पर खड़े आदमी के लिए गति में है।
इस पाठ में हम सीधी रेखा में गति पढ़ेंगे।
दूरी और विस्थापन
दूरी पूरे रास्ते की लंबाई है। इसका सिर्फ़ परिमाण (साइज़) होता है। ऐसी राशि को अदिश (scalar) कहते हैं।
विस्थापन शुरू के बिंदु से आख़िरी बिंदु तक की सबसे छोटी सीधी दूरी है, दिशा के साथ। जिस राशि में परिमाण और दिशा दोनों हों, वह सदिश (vector) है।
- दूरी कभी ऋणात्मक नहीं होती। विस्थापन धनात्मक, ऋणात्मक या शून्य हो सकता है।
- अगर तुम वापस शुरू की जगह आ जाओ, तो विस्थापन = 0, पर दूरी 0 नहीं।
- विस्थापन कभी दूरी से बड़ा नहीं हो सकता।
उदाहरण: 40 m पूर्व चलो, फिर 15 m पश्चिम। दूरी = 55 m। विस्थापन = 25 m पूर्व।
दोनों का SI मात्रक: मीटर (m)।
एकसमान और असमान गति
एकसमान गति में चीज़ बराबर समय में बराबर दूरी तय करती है। 3D में हर सेकंड गिरे बिंदुओं के बीच बराबर दूरी है।
असमान गति में बराबर समय में अलग-अलग दूरी तय होती है, जैसे शहर के ट्रैफ़िक में बस।
चाल और वेग
चाल = दूरी ÷ समय। यह बताती है कितना तेज़। यह अदिश है।
वेग = विस्थापन ÷ समय। यह बताता है कितना तेज़ और किस दिशा में। यह सदिश है।
दोनों का SI मात्रक: m/s (m s⁻¹)। km/h भी चलता है। km/h को m/s में बदलने के लिए 5/18 से गुणा करो। जैसे 72 km/h = 72 × 5/18 = 20 m/s।
औसत चाल = कुल दूरी ÷ कुल समय।
औसत वेग = कुल विस्थापन ÷ कुल समय। अगर वेग एक-सी दर से बदले, तो औसत वेग = (u + v) ÷ 2, जहाँ u आरंभिक वेग और v अंतिम वेग है।
वेग बदलता है अगर चाल बदले, या दिशा बदले, या दोनों। गोल ट्रैक पर एक-सी चाल से दौड़ती कार का वेग भी बदलता रहता है, क्योंकि दिशा बदलती रहती है (एकसमान वृत्तीय गति)।
त्वरण
त्वरण बताता है कि वेग कितनी जल्दी बदल रहा है।
a = (v − u) ÷ t
u = आरंभिक वेग, v = अंतिम वेग, t = लगा समय। SI मात्रक: m/s²।
- वेग बढ़े तो a धनात्मक।
- वेग घटे तो a ऋणात्मक। इसे मंदन (retardation) कहते हैं, जैसे ब्रेक लगाती कार।
- एकसमान त्वरण: बराबर समय में वेग बराबर बदलता है (ऊपर से गिरता पत्थर)।
- असमान त्वरण: बराबर समय में वेग अलग-अलग बदलता है (ट्रैफ़िक में कार)।
दूरी–समय ग्राफ़
x-अक्ष पर समय और y-अक्ष पर दूरी लो।
- रुकी हुई चीज़: सपाट (क्षैतिज) रेखा।
- एकसमान चाल: सीधी ढलान वाली रेखा। ढाल (ऊँचाई ÷ चौड़ाई) = चाल। ज़्यादा खड़ी रेखा = ज़्यादा तेज़।
- तेज़ होती चीज़: ऐसा वक्र जो खड़ा होता जाता है (3D में धूसर रेखा और नीला वक्र)।
ग्राफ़ से चाल निकालने के लिए दो बिंदु (t₁, s₁) और (t₂, s₂) लो। चाल = (s₂ − s₁) ÷ (t₂ − t₁)।
वेग–समय ग्राफ़
x-अक्ष पर समय और y-अक्ष पर वेग लो।
- एक-सा वेग: सपाट रेखा। इसके नीचे का क्षेत्रफल (आयत) = वेग × समय = दूरी।
- एकसमान त्वरण: सीधी ढलान वाली रेखा। ढाल = त्वरण।
- एकसमान मंदन: नीचे जाती सीधी रेखा।
- असमान त्वरण: वक्र।
v–t ग्राफ़ के नीचे का क्षेत्रफल = विस्थापन (एक ही दिशा में गति हो तो दूरी)। विराम से चलकर 7 s में 14 m/s तक पहुँची कार के लिए: क्षेत्रफल = ½ × 7 × 14 = 49 m।
गति के समीकरण (ग्राफ़ीय विधि)
सीधी रेखा में एकसमान त्वरण वाली गति के लिए तीन समीकरण मिलते हैं। एक v–t ग्राफ़ लो: रेखा t = 0 पर वेग u से शुरू होकर समय t बाद v पर पहुँचती है।
1. वेग–समय संबंध: v = u + at
रेखा का ढाल = a = (v − u) ÷ t। इसे सजाओ तो v = u + at।
2. स्थिति–समय संबंध: s = ut + ½at²
दूरी = रेखा के नीचे का क्षेत्रफल = आयत (u × t) + त्रिभुज (½ × t × (v − u))। v − u = at रखो, तो s = ut + ½at²।
3. स्थिति–वेग संबंध: v² = u² + 2as
क्षेत्रफल एक समलंब है: s = ½ × (u + v) × t। t = (v − u) ÷ a रखो: s = (v² − u²) ÷ 2a। यानी v² = u² + 2as।
टिप्स: "विराम से चलती है" मतलब u = 0। "रुक जाती है" मतलब v = 0। ब्रेक लगे तो a ऋणात्मक। सब मात्रक m, s और m/s में रखो।
करके देखो: अपनी चाल नापो
गली या मैदान में 20 m का सीधा रास्ता नापो (लगभग 26 लंबे कदम, या फ़ीता)। दोस्त से फ़ोन की स्टॉपवॉच से समय नपवाओ।
- 20 m चलकर जाओ। समय लिखो। चाल = 20 ÷ समय।
- अब दौड़कर जाओ। क्या चाल बढ़ी?
- दोस्त हर 2 सेकंड पर तुम्हारी जगह बोले, और तुम अपना दूरी–समय ग्राफ़ बनाओ। क्या यह सीधी रेखा है?
3D के खुले खेल वाले चरण में पहले अंदाज़ा लगाओ: u = 0 और a = 2 m/s² हो तो 5 s में कार कितना जाएगी? फिर जाँचो (उत्तर: 25 m)।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- चाल = दूरी ÷ समय; वेग = विस्थापन ÷ समय
- औसत चाल = कुल दूरी ÷ कुल समय
- औसत वेग (एकसमान त्वरण) = (u + v) ÷ 2
- त्वरण a = (v − u) ÷ t (मात्रक m/s²)
- v = u + at
- s = ut + ½at²
- v² = u² + 2as
- km/h → m/s: 5/18 से गुणा; m/s → km/h: 18/5 से गुणा
- s–t ग्राफ़ का ढाल = चाल; v–t ग्राफ़ का ढाल = त्वरण; v–t ग्राफ़ के नीचे का क्षेत्रफल = विस्थापन
हल किए गए उदाहरण
1. एक लड़की 300 m उत्तर में दुकान तक जाती है, फिर 100 m दक्षिण में सहेली के घर। दूरी और विस्थापन बताओ।
दूरी = 300 + 100 = 400 m। विस्थापन = 300 − 100 = 200 m उत्तर की ओर।
2. एक बस 3 घंटे में 180 km जाती है। उसकी औसत चाल km/h और m/s में बताओ।
औसत चाल = 180 ÷ 3 = 60 km/h। m/s में: 60 × 5/18 ≈ 16.7 m/s।
3. एक धावक 35 m त्रिज्या वाले गोल ट्रैक का एक चक्कर 44 s में लगाता है। दूरी, विस्थापन और औसत चाल बताओ।
दूरी = परिधि = 2πr = 2 × 22/7 × 35 = 220 m। विस्थापन = 0 (वह शुरू की जगह पर वापस है)। औसत चाल = 220 ÷ 44 = 5 m/s। औसत वेग = 0।
4. एक स्कूटर 4 s में 5 m/s से 15 m/s पर पहुँचता है। त्वरण बताओ।
a = (v − u) ÷ t = (15 − 5) ÷ 4 = 2.5 m/s²।
5. एक कार विराम से चलकर 7 s तक 2 m/s² से त्वरित होती है। अंतिम वेग और दूरी बताओ।
u = 0, a = 2 m/s², t = 7 s। v = 0 + 2 × 7 = 14 m/s। s = 0 + ½ × 2 × 49 = 49 m। (v–t ग्राफ़ से जाँच: त्रिभुज का क्षेत्रफल = ½ × 7 × 14 = 49 m।)
6. 72 km/h से चलती कार ब्रेक लगाकर 5 s में रुक जाती है। मंदन और रुकने तक की दूरी बताओ।
u = 72 × 5/18 = 20 m/s, v = 0, t = 5 s। a = (0 − 20) ÷ 5 = −4 m/s² (मंदन 4 m/s²)। s = 20 × 5 + ½ × (−4) × 25 = 100 − 50 = 50 m।
7. 10 m/s से चलती ट्रेन 300 m में 0.5 m/s² से एकसमान त्वरित होती है। अंत में उसका वेग क्या है?
v² = u² + 2as = 100 + 2 × 0.5 × 300 = 400। v = 20 m/s।
8. v–t ग्राफ़ में एक ट्रॉली का वेग 3 s में सीधी रेखा में 0 से 6 m/s होता है, फिर 4 s तक 6 m/s रहता है। पहले भाग का त्वरण और कुल दूरी बताओ।
पहला भाग: ढाल = 6 ÷ 3 = 2 m/s²। दूरी = त्रिभुज + आयत = ½ × 3 × 6 + 6 × 4 = 9 + 24 = 33 m।
आम गलतियाँ
- यह सोचना कि दूरी और विस्थापन हमेशा बराबर होते हैं। ये तभी बराबर हैं जब चीज़ एक ही दिशा में सीधी चले।
- समीकरण लगाने से पहले km/h को m/s में न बदलना। 5/18 से गुणा करो।
- ब्रेक लगने पर a को धनात्मक रखना। वेग घटे तो a के आगे ऋण चिह्न लगाओ।
- s–t ग्राफ़ के ढाल को त्वरण समझना। s–t का ढाल चाल है; v–t का ढाल त्वरण है।