Poland Szkoła podstawowa, klasa VII Physics
अध्याय: 5
1. Cross-cutting skills
Working with information and phenomena · Measurement and experiments
- डेटा विश्लेषण – डेटा विश्लेषण यानी कच्चे आँकड़ों को जवाब में बदलना। इसका एक चक्र है: सवाल पूछो, डेटा इकट्ठा करो, साफ़ करो (ग़लती, दोहराव और खाली जवाब हटाओ), व्यवस्थित करो, माध्य, माध्यिका, परास और पैटर्न से विश्लेषण करो, सही चार्ट बनाओ और सावधानी से निष्कर्ष निकालो। बाहरी मान, छोटे नमूने और पक्षपात पर नज़र रखो, और याद रखो कि दो चीज़ों का साथ बढ़ना (सहसंबंध) यह साबित नहीं करता कि एक दूसरे का कारण है। डेटा को सुरक्षित रखना और अनुमति से इस्तेमाल करना भी ज़रूरी है।
2. Motion and forces
Describing motion and speed · Accelerated motion · Forces and Newton's laws · Gravity and free fall · Experiments: motion and forces
- गति: दूरी, चाल, वेग, त्वरण और ग्राफ़ – जब किसी चीज़ की जगह समय के साथ बदलती है, तो वह गति में है। दूरी पूरे रास्ते की लंबाई है (अदिश); विस्थापन शुरू से आख़िर तक की सीधी दूरी है, दिशा के साथ (सदिश)। चाल = दूरी ÷ समय; वेग = विस्थापन ÷ समय। त्वरण = वेग में बदलाव ÷ समय। s–t ग्राफ़ का ढाल वेग देता है, v–t ग्राफ़ का ढाल त्वरण, और v–t ग्राफ़ के नीचे का क्षेत्रफल दूरी। एकसमान त्वरण के लिए: v = u + at, s = ut + ½at², v² = u² + 2as।
- बल तथा गति के नियम – बल एक धक्का या खिंचाव है। संतुलित बल (नेट बल शून्य) गति नहीं बदलते; असंतुलित बल चाल या दिशा बदलता है। घर्षण फिसलने का विरोध करता है। पहला नियम: कोई चीज़ अपनी विराम या एकसमान गति की अवस्था में रहती है जब तक असंतुलित बल न लगे (जड़त्व; भारी चीज़ का जड़त्व ज़्यादा)। संवेग p = mv। दूसरा नियम: F = ma (संवेग बदलने की दर), 1 N = 1 kg m/s²। तीसरा नियम: बल जोड़ों में आते हैं, बराबर और उलटे, दो अलग चीज़ों पर। बाहरी बल न हो तो तंत्र के आंतरिक बल कट जाते हैं और कुल संवेग संरक्षित रहता है।
- मुक्त पतन (Free Fall) – जब किसी वस्तु पर सिर्फ़ गुरुत्व बल लगे, तो वह मुक्त पतन में होती है। पृथ्वी के पास हर गिरती वस्तु की चाल हर सेकंड लगभग 9.8 m/s बढ़ती है, चाहे वह भारी हो या हल्की। इसे गुरुत्वीय त्वरण g ≈ 9.8 m/s² कहते हैं। विराम से छोड़ी वस्तु के लिए v = g t और h = ½ g t²। हवा का प्रतिरोध पंख जैसी हल्की चौड़ी चीज़ों को धीमा कर देता है। भार गुरुत्व का खिंचाव है: W = m × g।
3. Energy
Work and power · Forms of mechanical energy and conservation
- कार्य, ऊर्जा और शक्ति – जब बल किसी वस्तु को खिसकाता है, तब कार्य होता है: W = F × s, मात्रक जूल (J)। ऊर्जा यानी कार्य करने की क्षमता। चलती वस्तु में गतिज ऊर्जा ½mv² होती है, ऊँचाई पर रखी वस्तु में स्थितिज ऊर्जा mgh। ऊर्जा न बनती है न नष्ट होती है, बस एक रूप से दूसरे रूप में बदलती है। शक्ति यानी कार्य कितनी जल्दी हुआ: P = W ÷ t, मात्रक वाट। उत्तोलक और घिरनी जैसी सरल मशीनें कम बल से भारी वस्तु उठाने में मदद करती हैं।
4. Thermal phenomena
Temperature and internal energy · Heat transfer · Changes of state · Experiments: thermal phenomena
- ताप (तापमान) – ताप बताता है कि कोई चीज़ कितनी गरम या ठंडी है। हर वस्तु के छोटे-छोटे कण हमेशा हिलते रहते हैं; ताप उनकी औसत गतिज ऊर्जा का माप है (वे औसतन कितनी तेज़ी से हिलते हैं)। इसे थर्मामीटर से डिग्री सेल्सियस (°C), केल्विन (K, SI मात्रक) या डिग्री फ़ारेनहाइट (°F) में मापते हैं। K = °C + 273 और °F = 9/5 × °C + 32। सबसे कम संभव ताप परम शून्य है: 0 K = −273 °C। गरम और ठंडी वस्तु छूने पर ऊष्मा गरम से ठंडी की ओर बहती है, जब तक दोनों का ताप बराबर न हो (तापीय साम्य)।
- ऊष्मा स्थानांतरण: चालन, संवहन और विकिरण – ऊष्मा तीन तरीक़ों से चलती है। चालन में ऊष्मा कण से कण तक जाती है, कण अपनी जगह रहते हैं; पट्टी से बहाव की दर H = kA(T₁ − T₂)/L, जहाँ k ऊष्मा चालकता है। संवहन में तरल ख़ुद चलता है: गरम तरल हल्का होकर ऊपर उठता है, ठंडा नीचे आता है। विकिरण में ऊष्मा विद्युतचुंबकीय तरंगों से जाती है और किसी माध्यम की ज़रूरत नहीं। कृष्णिका (blackbody) सारा विकिरण सोखती है और सबसे अच्छी उत्सर्जक है। ताप बढ़ने पर उसकी शिखर तरंगदैर्ध्य घटती है (वीन: λmT = b), और कुल उत्सर्जित शक्ति T⁴ के साथ बढ़ती है (स्टेफ़न: P = σAT⁴)। न्यूटन का शीतलन नियम: वस्तु के ठंडा होने की दर परिवेश से उसके ताप-आधिक्य के समानुपाती है।
- अवस्था परिवर्तन: पिघलना, उबलना, वाष्पीकरण और ऊर्ध्वपातन – कोई पदार्थ गरम या ठंडा करने पर ठोस, द्रव और गैस के बीच बदल सकता है। पिघलने, उबलने, वाष्पीकरण और ऊर्ध्वपातन में ऊष्मा लगती है। जमने, संघनन और निक्षेपण में ऊष्मा बाहर निकलती है। जब अवस्था बदल रही होती है तब तापमान नहीं बदलता, क्योंकि ऊष्मा कणों के बीच का खिंचाव तोड़ने में लगती है। इस छिपी ऊष्मा को गुप्त ऊष्मा कहते हैं। वाष्पीकरण हर तापमान पर, सिर्फ़ सतह से होता है और ठंडक देता है। अवस्था परिवर्तन भौतिक परिवर्तन है: कोई नया पदार्थ नहीं बनता और द्रव्यमान वही रहता है।
5. Properties of matter
Mass and density · Pressure in fluids · Buoyancy and molecular forces · Experiments: properties of matter
- घनत्व (Density) – घनत्व बताता है कि हर इकाई आयतन में कितना द्रव्यमान ठसा है: ρ = m ÷ V। इसका SI मात्रक kg/m³ है; प्रयोगशाला में अक्सर g/cm³ लेते हैं (1 g/cm³ = 1000 kg/m³)। पानी का घनत्व 1 g/cm³ है। जो चीज़ किसी द्रव से कम घनी हो वह उसमें तैरती है, ज़्यादा घनी डूबती है।
- तरलों में दाब और पास्कल का नियम – तरल (द्रव या गैस) जिस सतह को छूता है, उस पर धक्का देता है। यह लंबवत बल ÷ क्षेत्रफल = दाब, P = F/A। गुरुत्व के कारण ऊपर के तरल का भार होता है, इसलिए गहराई के साथ दाब बढ़ता है: P = P₀ + ρgh। स्थिर द्रव में एक ही गहराई पर दाब बराबर होता है, बर्तन का आकार कुछ भी हो। पास्कल का नियम: बंद तरल पर लगाया गया अतिरिक्त दाब हर जगह बराबर पहुँचता है। हाइड्रॉलिक लिफ़्ट और ब्रेक इसी पर चलते हैं: छोटे पिस्टन पर छोटा बल, बड़े पिस्टन पर बड़ा बल, F = f × A/a।
- आर्किमिडीज़ का सिद्धांत: चीज़ें तैरती या डूबती क्यों हैं – द्रव (या गैस) में रखी हर वस्तु पर ऊपर की ओर एक बल लगता है, जिसे उत्प्लावन बल कहते हैं। आर्किमिडीज़ का सिद्धांत कहता है: यह बल वस्तु द्वारा हटाए गए द्रव के भार के बराबर होता है, F = ρgV। वस्तु का घनत्व द्रव से कम हो तो वह तैरती है, ज़्यादा हो तो डूबती है। तैरती वस्तु उतनी ही डूबती है जितने में उत्प्लावन बल उसके भार के बराबर हो जाए।