तरल में दाब क्या है?
तरल वह है जो बह सके: द्रव और गैस। स्थिर तरल किसी सतह पर बगल में नहीं धकेल सकता; वह सिर्फ़ सतह के लंबवत धक्का देता है।
दाब = लंबवत बल ÷ क्षेत्रफल: P = F/A। इकाई: पास्कल (Pa) = N/m²। अन्य: 1 atm = 1.013 × 10⁵ Pa; 1 bar = 10⁵ Pa; 1 torr = 1 mm पारा।
दाब अदिश राशि है। स्थिर तरल में एक बिंदु पर दाब हर दिशा में बराबर होता है। घनत्व ρ = द्रव्यमान ÷ आयतन (पानी: 1000 kg/m³)।
गहराई के साथ दाब बढ़ता है
क्षेत्रफल A और ऊँचाई h का पानी का पतला स्तंभ सोचो। इसका भार mg = ρ(Ah)g। नीचे का पानी यह भार और ऊपर की हवा का धक्का, दोनों सँभालता है। इसलिए:
P × A = P₀ × A + ρAhg ⇒ P = P₀ + ρgh
- P₀ = ऊपर वायुमंडलीय दाब।
- गेज दाब = P − P₀ = ρgh (टायर मीटर यही पढ़ता है)।
- परम दाब = P (हवा का दाब मिलाकर)।
यह ρgh सिर्फ़ गुरुत्व के कारण है। मुक्त रूप से गिरते अंतरिक्ष यान में बोतल के पानी का भार नहीं होता, इसलिए ऊपर और नीचे दाब बराबर रहेगा।
उदाहरण: 10 m पानी का ρgh = 1000 × 9.8 × 10 ≈ 10⁵ Pa, लगभग एक वायुमंडल अतिरिक्त।
एक गहराई, एक दाब (द्रवस्थैतिक विरोधाभास)
P = P₀ + ρgh में क्षेत्रफल या आकार नहीं है। इसलिए किसी भी आकार के बर्तन, एक ही ऊँचाई तक एक ही द्रव से भरे हों, तो तल पर दाब बराबर होगा। इसे द्रवस्थैतिक विरोधाभास (hydrostatic paradox) कहते हैं।
जुड़े हुए स्थिर द्रव में एक ही तल के सभी बिंदुओं पर दाब बराबर होता है। इसीलिए U-नली की दोनों भुजाओं में पानी एक तल पर रहता है, और मिस्त्री पारदर्शी पाइप से दो दीवारों पर लेवल मिलाता है।
बैरोमीटर: समुद्र तल पर हवा का दाब 76 cm पारे का स्तंभ थामता है: P₀ = 13600 × 9.8 × 0.76 ≈ 1.013 × 10⁵ Pa। खुली नली मैनोमीटर दोनों भुजाओं के द्रव तल के अंतर से गेज दाब पढ़ता है।
पास्कल का नियम
पास्कल का नियम: बंद पात्र में भरे तरल पर लगाया गया अतिरिक्त दाब बिना घटे तरल के हर भाग और पात्र की दीवारों तक पहुँचता है।
क्यों? द्रव लगभग दबता नहीं। एक भाग को धकेलो तो हर भाग को धक्का बाँटना पड़ता है। किसी बिंदु पर दाब हर दिशा में बराबर भी है, क्योंकि स्थिर तरल के छोटे टुकड़े के हर फलक पर बल संतुलित होने चाहिए।
हाइड्रॉलिक लिफ़्ट और हाइड्रॉलिक ब्रेक
हाइड्रॉलिक लिफ़्ट: दो पिस्टन, छोटा क्षेत्रफल a और बड़ा A, बीच में तेल। छोटे पिस्टन पर बल f से दाब f/a बनता है। पास्कल के नियम से वही दाब बड़े पिस्टन पर:
F = (f/a) × A = f × (A/a)
A/a = 50 हो तो 200 N का धक्का 10,000 N उठाता है। पर मुफ़्त ऊर्जा नहीं: तेल का आयतन बराबर खिसकता है, इसलिए छोटा पिस्टन 50 गुना ज़्यादा दूरी चलता है। कार्य अंदर = कार्य बाहर।
हाइड्रॉलिक ब्रेक: पैडल मास्टर सिलिंडर के छोटे पिस्टन को दबाता है। दाब ब्रेक ऑयल से नलियों द्वारा हर पहिये तक जाता है। वहाँ चौड़े पिस्टन ब्रेक पैड को डिस्क या ड्रम पर बड़े बल से दबाते हैं। सब पहियों पर बराबर दाब, इसलिए गाड़ी सीधी रुकती है।
करके देखो: तीन छेद वाली बोतल
प्लास्टिक की बोतल में एक के नीचे एक तीन छोटे छेद करो (गरम सुई से, किसी बड़े की मदद से)। सिंक के ऊपर पानी भरो। पहले अनुमान लगाओ कि कौन-सी धार सबसे दूर जाएगी, फिर देखो। सबसे नीचे वाले छेद के ऊपर सबसे ज़्यादा पानी है, इसलिए सबसे ज़्यादा दाब। 3D के चरण 6 में गहराई 1 m से 10 m करो और जाँचो कि गेज दाब 10 गुना होता है।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- P = F / A (Pa)
- P = P₀ + ρ g h
- गेज दाब = P − P₀ = ρ g h
- हाइड्रॉलिक लिफ़्ट: F = f × (A / a)
- दूरी: d(छोटा) × a = d(बड़ा) × A
- 1 atm = 1.013 × 10⁵ Pa = 76 cm पारा
हल किए गए उदाहरण
1. 50 kg की लड़की 1 cm² क्षेत्रफल वाली एक एड़ी पर खड़ी है। फ़र्श पर दाब? (g = 10 m/s²)
चरण 1: F = mg = 500 N। चरण 2: A = 1 cm² = 10⁻⁴ m²। चरण 3: P = 500/10⁻⁴। उत्तर: 5 × 10⁶ Pa। इसीलिए नुकीली एड़ी फ़र्श में गड्ढा कर देती है।
2. झील में 20 m गहराई पर गेज दाब ज्ञात करो। (ρ = 1000 kg/m³, g = 9.8 m/s²)
चरण 1: गेज P = ρgh। चरण 2: = 1000 × 9.8 × 20। उत्तर: 1.96 × 10⁵ Pa (लगभग 2 atm अतिरिक्त)।
3. उसी 20 m गहराई पर परम दाब ज्ञात करो। (P₀ = 1.01 × 10⁵ Pa)
चरण 1: P = P₀ + ρgh। चरण 2: = 1.01 × 10⁵ + 1.96 × 10⁵। उत्तर: 2.97 × 10⁵ Pa, लगभग 3 atm।
4. पारे का बैरोमीटर लगभग 76 cm लंबा होता है, पर पानी का लगभग 10.3 m क्यों चाहिए?
चरण 1: स्तंभ के लिए ρgh = P₀ = 1.013 × 10⁵ Pa। चरण 2: पारे के लिए h = 1.013 × 10⁵ / (13600 × 9.8) ≈ 0.76 m। चरण 3: पानी के लिए h = 1.013 × 10⁵ / (1000 × 9.8) ≈ 10.3 m। उत्तर: पारा 13.6 गुना घना है, इसलिए स्तंभ 13.6 गुना छोटा।
5. हाइड्रॉलिक लिफ़्ट के पिस्टनों की त्रिज्या 2 cm और 20 cm है। 1500 kg की कार उठाने के लिए छोटे पिस्टन पर कितना बल? (g = 10 m/s²)
चरण 1: भार F = 15000 N। चरण 2: A/a = (20/2)² = 100। चरण 3: f = 15000/100। उत्तर: f = 150 N।
6. उसी लिफ़्ट में छोटा पिस्टन 50 cm नीचे जाता है। कार कितनी उठेगी?
चरण 1: तेल का आयतन बराबर: d(छोटा) × a = d(बड़ा) × A। चरण 2: d(बड़ा) = 50/100। उत्तर: 0.5 cm। बड़ा बल छोटी दूरी के साथ आता है; कार्य बराबर (150 × 0.5 = 15000 × 0.005 = 75 J)।
आम गलतियाँ
- यह सोचना कि चौड़े बर्तन में तल पर ज़्यादा दाब होगा। दाब सिर्फ़ गहराई, घनत्व और g पर निर्भर है।
- गेज और परम दाब में गड़बड़। गेज = ρgh; परम = P₀ + ρgh।
- लिफ़्ट में क्षेत्रफल अनुपात की जगह त्रिज्या अनुपात लेना। क्षेत्रफल r² के अनुसार है; 10 गुना त्रिज्या = 100 गुना बल।
- यह सोचना कि हाइड्रॉलिक लिफ़्ट मुफ़्त ऊर्जा देती है। बल बढ़ता है, पर दूरी उतनी ही घटती है।