📘 CodingMarble Learn

ठोसों के यांत्रिक गुण: प्रतिबल, विकृति और प्रत्यास्थता

किसी ठोस को खींचो, दबाओ या मरोड़ो तो उसका आकार थोड़ा बदलता है। बल हटाने पर वह वापस आ जाए तो वह प्रत्यास्थ (elastic) है। अंदर का प्रत्यानयन बल ÷ क्षेत्रफल = प्रतिबल (stress)। आकार में भिन्नात्मक बदलाव (जैसे ΔL/L) = विकृति (strain)। प्रत्यास्थ सीमा तक प्रतिबल ∝ विकृति — यही हुक का नियम है। इनका अनुपात गुणांक कहलाता है: लंबाई के लिए यंग गुणांक Y, चारों ओर से दबाने पर आयतन गुणांक B, सतह खिसकाने पर दृढ़ता गुणांक G। खिंचा तार पतला भी होता है (पॉयसन अनुपात) और उसमें ऊर्जा = ½ × प्रतिबल × विकृति × आयतन जमा रहती है।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. धातु के तार पर भार लटका है। इसका भार F तार के गोल कटे हिस्से (क्षेत्रफल A) पर बँट जाता है। प्रति क्षेत्रफल बल को प्रतिबल कहते हैं। इकाई: पास्कल (N/m²)।
  2. एक-एक करके गुटके जोड़ो। हर गुटका बराबर खिंचाव और बढ़ाता है। खिंचाव ÷ मूल लंबाई = विकृति। भार दोगुना तो विकृति दोगुनी: यही हुक का नियम है।
  3. भार बढ़ाते जाओ। प्रतिबल–विकृति ग्राफ़ की सीधी रेखा प्रत्यास्थ सीमा पर ख़त्म होती है। इसके बाद तार गीली मिट्टी जैसा बहता है और अंत में टूट जाता है।
  4. घन का आकार दो और तरह से बदलता है। चारों ओर से दबाओ तो आयतन घटता है (आयतन गुणांक B)। ऊपर की सतह को बगल में खिसकाओ तो आकार तिरछा होता है (दृढ़ता गुणांक G)।
  5. खिंचा हुआ तार थोड़ा पतला भी हो जाता है। चौड़ाई की विकृति ÷ लंबाई की विकृति = पॉयसन अनुपात। खींचने में लगा काम तार के अंदर प्रत्यास्थ ऊर्जा बनकर जमा रहता है।
  6. अब आपकी बारी: भार और पदार्थ बदलो। चित्र के नीचे प्रतिबल, विकृति और खिंचाव के अंक बदलते देखो।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

क्या प्रतिबल और दाब एक ही हैं?

दोनों बल ÷ क्षेत्रफल हैं और दोनों की इकाई पास्कल है। पर दाब बाहर से लगता है और हमेशा सतह पर लंबवत धक्का देता है; प्रतिबल अंदर का प्रत्यानयन बल है जो खींच, दबा या खिसका सकता है।

मोटा तार उसी भार से कम क्यों खिंचता है?

वही बल बड़े क्षेत्रफल पर बँटता है, इसलिए प्रतिबल कम होता है। कम प्रतिबल = कम विकृति = कम खिंचाव।

तार को आधा काटने पर क्या Y बदलता है?

नहीं। छोटा तार आधा खिंचता है, पर ΔL/L वही रहता है, इसलिए Y वही रहता है।

प्रत्यास्थ सीमा और टूटने के बिंदु में क्या अंतर है?

प्रत्यास्थ सीमा पर तार पूरा लौटना बंद करता है। टूटने के बिंदु पर वह टूट जाता है। इनके बीच का भाग सुघट्य क्षेत्र है।

द्रव का दृढ़ता गुणांक क्यों नहीं होता?

द्रव तिरछी आकृति नहीं रख पाता। जब तक बगल का बल लगता है, उसकी परतें खिसकती रहती हैं, इसलिए कोई तय अपरूपण विकृति नहीं बनती।

तार खींचने में किया गया काम कहाँ जाता है?

यह खिंचे हुए परमाणु-बंधों में प्रत्यास्थ स्थितिज ऊर्जा बनकर जमा होता है और तार ढीला होने पर वापस मिलता है, जैसे गुलेल में।

प्रत्यास्थता क्या है?

हर ठोस परमाणुओं से बना है, जो आपस में स्प्रिंग जैसे बलों से जुड़े हैं। ठोस को खींचो तो परमाणु थोड़ा दूर हो जाते हैं। ये स्प्रिंग वापस खींचते हैं। इस वापस खींचने वाले बल को प्रत्यानयन बल (restoring force) कहते हैं।

प्रत्यास्थता (elasticity): बल हटाने पर वस्तु का अपने पुराने आकार और आकृति में लौट आना। स्टील और काँच बहुत प्रत्यास्थ हैं। सुघट्यता (plasticity) इसका उल्टा है: गीली मिट्टी दबाने पर वैसी ही रह जाती है। कोई भी असली पदार्थ पूरी तरह प्रत्यास्थ या पूरी तरह सुघट्य नहीं होता।

मज़ेदार बात: स्टील रबर से ज़्यादा प्रत्यास्थ है। स्टील को उतना ही खींचने के लिए बहुत बड़ा बल चाहिए। बड़े गुणांक का यही मतलब है।

प्रतिबल और विकृति

प्रतिबल (stress) = प्रत्यानयन बल ÷ क्षेत्रफल = F/A। इकाई: N/m² = पास्कल (Pa)। तीन प्रकार:

विकृति (strain) = आकार में बदलाव ÷ मूल आकार। इसकी कोई इकाई नहीं।

हुक का नियम और प्रतिबल–विकृति वक्र

हुक का नियम: छोटे बदलाव के लिए प्रतिबल ∝ विकृति। यानी प्रतिबल = k × विकृति; k को प्रत्यास्थता गुणांक कहते हैं।

धातु के तार का वक्र (3D का चरण 3):

  1. O से A (सीधी रेखा): हुक का नियम लागू। A = आनुपातिक सीमा।
  2. A से B: रेखा सीधी नहीं, पर तार अब भी पूरा लौटता है। B = प्रत्यास्थ सीमा या पराभव बिंदु (yield point)।
  3. B से D: तार में स्थायी विरूपण (permanent set) आ जाता है; भार हटाओ तो भी नहीं लौटता। D = चरम तनन सामर्थ्य।
  4. D से E: तार एक जगह पतला होता है और E पर टूट जाता है (विभंजन बिंदु)।

D और E दूर हों तो पदार्थ तन्य (ductile) है — जैसे ताँबा, जिसके तार खींचे जा सकते हैं। पास हों तो भंगुर (brittle) — जैसे काँच।

प्रत्यास्थ बहुलक (elastomers) जैसे रबर और हमारी महाधमनी (aorta) बहुत खिंचते हैं, पर हुक का नियम नहीं मानते।

यंग प्रत्यास्थता गुणांक

तार या छड़ को खींचने/दबाने के लिए: Y = (F/A) ÷ (ΔL/L) = FL / (A ΔL)। इकाई: Pa।

कुछ मान: स्टील ≈ 2 × 10¹¹ Pa, ताँबा ≈ 1.1 × 10¹¹ Pa, ऐलुमिनियम ≈ 0.7 × 10¹¹ Pa। Y सिर्फ़ पदार्थ पर निर्भर है, तार की लंबाई या मोटाई पर नहीं। लंबा या पतला तार ज़्यादा खिंचेगा, पर Y वही रहेगा।

प्रयोग (सर्ल विधि): दो एक जैसे तार साथ लटकते हैं। एक पर निश्चित भार (संदर्भ), दूसरे पर भार बढ़ाते हैं। स्पिरिट लेवल और माइक्रोमीटर पेंच से छोटा ΔL नापते हैं। भार–खिंचाव ग्राफ़ के ढाल से Y मिलता है।

आयतन गुणांक और दृढ़ता गुणांक

आयतन प्रत्यास्थता गुणांक B: चारों ओर दाब p बढ़ने पर आयतन ΔV घटता है। B = −p ÷ (ΔV/V)। ΔV ऋणात्मक है, इसलिए ऋण चिह्न B को धनात्मक बनाता है। संपीड्यता k = 1/B। ठोसों का B सबसे बड़ा, द्रवों का कम, गैसों का सबसे कम — इसलिए गैस सबसे आसानी से दबती है।

दृढ़ता गुणांक (अपरूपण गुणांक) G: ऊपर की सतह (क्षेत्रफल A) पर स्पर्शरेखीय बल F लगाने से गुटका कोण θ तिरछा होता है। G = (F/A) ÷ θ। ज़्यादातर धातुओं में G लगभग Y/3 होता है। द्रव और गैस का G नहीं होता, क्योंकि वे कोई तय आकृति नहीं रख पाते; उनकी परतें बहती रहती हैं।

पॉयसन अनुपात

रबर बैंड खींचो तो वह पतला होता है। चौड़ाई में बदलाव = पार्श्विक विकृति Δd/d। लंबाई में बदलाव = अनुदैर्ध्य विकृति ΔL/L।

पॉयसन अनुपात σ = पार्श्विक विकृति ÷ अनुदैर्ध्य विकृति (चिह्न छोड़कर)। कोई इकाई नहीं। स्टील के लिए लगभग 0.28–0.30, ऐलुमिनियम के लिए लगभग 0.33। सामान्य पदार्थों में यह 0.5 से ज़्यादा नहीं होता।

खिंचे तार में प्रत्यास्थ स्थितिज ऊर्जा

तार खींचते समय बल 0 से बढ़कर F होता है। इसलिए औसत बल = F/2। किया गया कार्य = औसत बल × खिंचाव:

U = ½ F ΔL

F = YAΔL/L रखो। तब U = ½ × Y × (ΔL/L)² × AL, और AL = आयतन। इसलिए:

प्रति एकांक आयतन ऊर्जा u = ½ × प्रतिबल × विकृति = ½ × Y × (विकृति)²

यह ऊर्जा खोती नहीं, जमा रहती है। इसी से गुलेल पत्थर फेंकती है।

पदार्थों के प्रत्यास्थ व्यवहार के उपयोग

करके देखो: रबर बैंड से हुक का नियम

रबर बैंड को कील पर टाँगो, नीचे थैली बाँधो। एक-एक बराबर सिक्का डालो और पैमाने से लंबाई नापो। खिंचाव बनाम सिक्कों की संख्या लिखो। शुरू में बराबर कदम (हुक का नियम)। बहुत सिक्के डालने पर कदम बदलते हैं, क्योंकि रबर प्रत्यास्थ बहुलक है। 3D के चरण 6 में 10 kg रखो, ΔL पढ़ो; फिर 20 kg के लिए अनुमान लगाओ और स्लाइडर खिसकाकर जाँचो।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. 2 × 10⁻⁶ m² काट वाले तार पर 100 N बल लगता है। प्रतिबल ज्ञात करो।

चरण 1: प्रतिबल = F/A। चरण 2: = 100 / (2 × 10⁻⁶)। उत्तर: 5 × 10⁷ Pa।

2. 2 m लंबा तार 1 mm खिंचता है। विकृति ज्ञात करो।

चरण 1: ΔL = 1 mm = 10⁻³ m। चरण 2: विकृति = ΔL/L = 10⁻³/2। उत्तर: 5 × 10⁻⁴ (कोई इकाई नहीं)।

3. स्टील का तार (Y = 2 × 10¹¹ Pa) 2 m लंबा, त्रिज्या 0.5 mm है। इस पर 10 kg भार लटका है। खिंचाव ज्ञात करो। (g = 9.8 m/s²)

चरण 1: F = 10 × 9.8 = 98 N। चरण 2: A = πr² = 3.14 × (5 × 10⁻⁴)² = 7.85 × 10⁻⁷ m²। चरण 3: ΔL = FL/(AY) = 98 × 2 / (7.85 × 10⁻⁷ × 2 × 10¹¹)। चरण 4: = 196 / 1.57 × 10⁵। उत्तर: ΔL ≈ 1.25 × 10⁻³ m = 1.25 mm।

4. एक जैसी लंबाई और मोटाई के ताँबे और स्टील के तार पर एक जैसा भार है। Y(स्टील) = 2 × 10¹¹ Pa, Y(ताँबा) = 1.1 × 10¹¹ Pa। खिंचावों का अनुपात?

चरण 1: ΔL = FL/(AY); F, L, A समान, इसलिए ΔL ∝ 1/Y। चरण 2: ΔL(ताँबा)/ΔL(स्टील) = 2/1.1। उत्तर: लगभग 1.8; ताँबा 1.8 गुना ज़्यादा खिंचता है।

5. समुद्र में 1 km गहराई पर अतिरिक्त दाब 1 × 10⁷ Pa है। पानी का B = 2.2 × 10⁹ Pa। आयतन कितने भाग घटेगा?

चरण 1: ΔV/V = −p/B। चरण 2: = −(1 × 10⁷)/(2.2 × 10⁹)। उत्तर: ≈ −4.5 × 10⁻³, यानी लगभग 0.45% कमी। पानी को दबाना बहुत कठिन है।

6. धातु के गुटके की ऊपरी सतह 0.5 m × 0.5 m है, ऊँचाई 0.5 m। 9 × 10⁴ N स्पर्शरेखीय बल से ऊपरी सतह 0.2 mm खिसकती है। दृढ़ता गुणांक ज्ञात करो।

चरण 1: अपरूपण प्रतिबल = F/A = 9 × 10⁴ / 0.25 = 3.6 × 10⁵ Pa। चरण 2: विकृति θ = Δx/L = 0.2 × 10⁻³ / 0.5 = 4 × 10⁻⁴। चरण 3: G = 3.6 × 10⁵ / 4 × 10⁻⁴। उत्तर: G = 9 × 10⁸ Pa।

7. 1 m लंबा तार, A = 10⁻⁶ m², Y = 2 × 10¹¹ Pa, 1 mm खींचा गया। जमा ऊर्जा और पार्श्विक विकृति (σ = 0.3) ज्ञात करो।

चरण 1: F = YAΔL/L = 2 × 10¹¹ × 10⁻⁶ × 10⁻³ = 200 N। चरण 2: U = ½ F ΔL = ½ × 200 × 10⁻³ = 0.1 J। चरण 3: अनुदैर्ध्य विकृति = 10⁻³। चरण 4: पार्श्विक विकृति = 0.3 × 10⁻³ = 3 × 10⁻⁴। उत्तर: U = 0.1 J, तार 0.03% पतला होता है।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. प्रतिबल का SI मात्रक है:
2. विकृति का:
3. हुक का नियम लागू होता है:
4. द्रव के लिए कौन-सा गुणांक शून्य है?
5. खिंचे तार में प्रति एकांक आयतन ऊर्जा:

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ठोसों के यांत्रिक गुण क्या हैं?

ये बताते हैं कि ठोस बल लगने पर कैसा व्यवहार करते हैं: प्रत्यास्थता, प्रतिबल, विकृति, तीन गुणांक (यंग, आयतन, दृढ़ता), पॉयसन अनुपात और प्रत्यास्थ सीमा व टूटने का बिंदु।

यंग गुणांक का सूत्र क्या है?

Y = (F/A)/(ΔL/L) = FL/(AΔL)। SI मात्रक पास्कल (N/m²)।

स्टील रबर से ज़्यादा प्रत्यास्थ क्यों है?

उतनी ही विकृति के लिए स्टील को बहुत बड़ा प्रतिबल चाहिए। इसका गुणांक रबर से लगभग 10⁵ गुना है, इसलिए यह विरूपण का ज़्यादा विरोध करता है।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

यूक्रेन10 класMolecular physics and thermodynamics
यूक्रेन10 класMolecular physics and thermodynamics
सीबीएसई (भारत)कक्षा 11स्थूल द्रव्य के गुण
इंग्लैंडYear 116.5 Forces
इंग्लैंडYear 114.5 Forces
इंग्लैंडYear 123.4 Mechanics and materials
रूस10 классPhase transitions
चीन高一Compulsory 1 Ch.3 Forces

पहले यह पढ़ें

आगे पढ़ें

इससे जुड़े पाठ

सभी भौतिक विज्ञान पाठ