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वैद्युत आवेश तथा क्षेत्र

आवेश दो तरह का होता है, संरक्षित रहता है और e = 1.6 × 10⁻¹⁹ C के पूरे पैकेटों में आता है। दो बिंदु आवेश F = kq₁q₂/r² बल से धकेलते या खींचते हैं (k = 9 × 10⁹ N m² C⁻²)। कई आवेशों के बल और क्षेत्र सदिश की तरह जुड़ते हैं (अध्यारोपण)। बिंदु आवेश का क्षेत्र E = kq/r² है। द्विध्रुव (±q, दूरी 2a) का आघूर्ण p = q·2a है; एकसमान क्षेत्र में उस पर कुल बल शून्य पर बल-आघूर्ण τ = pE sinθ होता है। फ्लक्स Φ = E·A, और गाउस नियम: किसी बंद सतह से कुल फ्लक्स = अंदर का आवेश/ε₀। इससे तार (λ/2πε₀r), समतल चादर (σ/2ε₀) और पतले गोलीय कोश (बाहर kq/r², अंदर 0) का क्षेत्र मिलता है।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. काँच की छड़ को रेशम से रगड़ो। कुछ इलेक्ट्रॉन काँच से रेशम पर चले जाते हैं। काँच + और रेशम − हो जाता है, पर कुल आवेश अब भी शून्य। आवेश बनता या मिटता नहीं, बस एक जगह से दूसरी जगह जाता है।
  2. दो आवेश एक-दूसरे को धकेलते या खींचते हैं। दूरी दोगुनी करो तो बल चौथाई रह जाता है। पास में तीसरा आवेश रखो: उस पर बल तीरों (सदिशों) की तरह जुड़ते हैं।
  3. आवेश अपने आसपास की जगह बदल देता है — इसे विद्युत क्षेत्र कहते हैं। क्षेत्र रेखाएँ + से निकलकर − में जाती हैं। जहाँ रेखाएँ घनी, वहाँ क्षेत्र तेज़।
  4. द्विध्रुव यानी पास-पास चिपके + और −। एकसमान क्षेत्र में दोनों धक्के बराबर और उल्टे हैं, इसलिए वह खिसकता नहीं, बस घूमता है। घुमाने वाला असर τ = pE sinθ।
  5. आवेश के चारों ओर एक काल्पनिक बंद सतह लपेटो। बाहर निकलती रेखाएँ गिनो — यही फ्लक्स है। गाउस नियम: फ्लक्स = अंदर का आवेश ÷ ε₀। इसे तार, चादर और कोश पर लगाओ।
  6. अब खुद खेलो: कोई भी दृश्य चुनो, आवेश, दूरी, कोण या आकृति बदलो और 3D के नीचे लिखा परिणाम पढ़ो।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

रगड़ने से क्या आवेश बनता है?

नहीं। इलेक्ट्रॉन केवल एक वस्तु से दूसरी पर जाते हैं। 3D में जितना + काँच पर बढ़ता है, उतना ही − रेशम पर, कुल 0 रहता है।

दूरी बढ़ने पर बल इतनी तेज़ी से क्यों घटता है?

प्रभाव r² के साथ बढ़ते गोले पर फैल जाता है। दूरी स्लाइडर 3 m से 6 m करो: बल चौथाई हो जाता है।

तीन आवेश हों तो कुल बल कैसे निकालें?

अंक नहीं, तीर जोड़ो। 3D में छोटे आवेश पर लाल और नीला तीर मिलकर हरा तीर बनाते हैं — यही सदिश योग है।

क्या क्षेत्र रेखाएँ असली हैं?

नहीं, ये समझाने का चित्र हैं; पर क्षेत्र असली है। चिह्न बदलो: रेखाएँ + से निकलती और − में घुसती दिखती हैं।

कुल बल शून्य है तो द्विध्रुव हिलता क्यों है?

वह खिसकता नहीं, केवल घूमता है। दोनों बल अलग रेखाओं पर हैं इसलिए युग्म बनता है। θ = 90° करके 'छोड़ दो' दबाओ।

आवेशित कोश के अंदर E शून्य क्यों?

अंदर खींची गाउसीय सतह में कोई आवेश नहीं, इसलिए फ्लक्स और E दोनों शून्य। गाउस दृश्य में 'गोला' चुनो।

चादर का E दूरी पर निर्भर क्यों नहीं?

अनंत चादर की रेखाएँ समांतर हैं, फैलती नहीं। गाउस दृश्य में 'चादर' चुनकर देखो।

वैद्युत आवेश और उसका संरक्षण

आवेश पदार्थ का वह गुण है जिससे वह दूसरे आवेशित पिंडों को धकेलता या खींचता है। आवेश दो प्रकार के हैं: धन (+) और ऋण (−)। समान आवेश प्रतिकर्षित करते हैं, असमान आकर्षित।

तीन मूल बातें

आवेशित करने के तरीके

घर्षण (रगड़ से इलेक्ट्रॉन जाते हैं), चालन (छूकर आवेश बँटता है) और प्रेरण (आवेशित छड़ पास लाओ, दूर वाले सिरे को भू-संपर्कित करो, फिर संपर्क और छड़ हटाओ — पिंड पर उल्टा आवेश रह जाता है)। चालक में आवेश आसानी से चलता है, कुचालक में नहीं।

करके देखो: प्लास्टिक का स्केल सूखे बालों पर रगड़ो और नल की पतली धार के पास लाओ। धार स्केल की ओर मुड़ जाती है।

कूलॉम का नियम

निर्वात में r दूरी पर रखे दो बिंदु आवेशों q₁ और q₂ के बीच बल:

F = k q₁q₂ / r², जहाँ k = 1/(4πε₀) = 9 × 10⁹ N m² C⁻² और ε₀ = 8.85 × 10⁻¹² C² N⁻¹ m⁻²।

सदिश रूप: F₁₂ = −F₂₁ (न्यूटन का तीसरा नियम)।

1 कूलॉम वह आवेश है जो निर्वात में 1 m दूर रखे बराबर आवेश को 9 × 10⁹ N से धकेले — बहुत बड़ा, इसलिए प्रयोग में µC या nC लेते हैं।

कई आवेशों के बीच बल: अध्यारोपण का सिद्धांत

कई आवेश हों तो हर जोड़ी ऐसे काम करती है जैसे बाकी मौजूद ही न हों। किसी आवेश पर कुल बल = बाकी सब बलों का सदिश योग:

F₁ = F₁₂ + F₁₃ + F₁₄ + …

हल करने का तरीका

  1. हर बल का तीर बनाओ (प्रतिकर्षण = दूर, आकर्षण = पास)।
  2. कूलॉम नियम से हर बल का मान निकालो।
  3. x और y घटक अलग जोड़ो, फिर F = √(Fx² + Fy²)।

सममिति से समय बचता है: वर्ग या समबाहु त्रिभुज के कोनों पर बराबर आवेश हों तो केंद्र पर कुल बल शून्य।

संतत आवेश वितरण

आवेशित छड़, चादर या गेंद पर आवेश फैला होता है, इसलिए घनत्व लेते हैं:

पिंड को छोटे टुकड़ों dq में बाँटते हैं, हर टुकड़े को बिंदु आवेश मानकर सबका क्षेत्र जोड़ते (समाकलन करते) हैं। सममित आकृतियों में गाउस नियम यह समाकलन बचा देता है।

बिंदु आवेश का विद्युत क्षेत्र

किसी बिंदु पर विद्युत क्षेत्र = वहाँ रखे छोटे धन परीक्षण आवेश q₀ पर प्रति इकाई आवेश बल: E = F / q₀। मात्रक N/C (या V/m)। यह सदिश है।

बिंदु आवेश q के लिए: E = kq / r², + से बाहर की ओर, − की ओर अंदर। E पता हो तो किसी भी आवेश पर बल F = qE।

परीक्षण आवेश बहुत छोटा होना चाहिए ताकि वह स्रोत आवेशों को न खिसकाए।

विद्युत क्षेत्र रेखाएँ

क्षेत्र रेखा वह वक्र है जिसकी हर बिंदु पर स्पर्श रेखा E की दिशा बताती है।

आकृतियाँ: अकेला + (सीधे बाहर), अकेला − (सीधे अंदर), + और − (रेखाएँ + से − की ओर मुड़ती हैं), दो बराबर + (रेखाएँ दूर हटती हैं, बीच में उदासीन बिंदु), एकसमान क्षेत्र (समांतर, बराबर दूरी)।

वैद्युत द्विध्रुव और उसका क्षेत्र

वैद्युत द्विध्रुव = +q और −q, छोटी दूरी 2a पर। द्विध्रुव आघूर्ण p = q × 2a, सदिश, दिशा − से + की ओर। मात्रक C m। पानी का अणु प्राकृतिक द्विध्रुव है।

अक्ष पर क्षेत्र

केंद्र से r दूरी पर: E = 2kpr/(r² − a²)², r ≫ a के लिए E_अक्षीय = 2kp/r³, p की दिशा में।

निरक्ष (विषुवत) रेखा पर क्षेत्र

E = kp/(r² + a²)^{3/2}, r ≫ a के लिए E_निरक्ष = kp/r³, p के उल्टी दिशा में।

दूर जाकर द्विध्रुव का क्षेत्र 1/r³ से घटता है — अकेले आवेश (1/r²) से तेज़, क्योंकि + और − लगभग एक-दूसरे को काट देते हैं। एक ही दूरी पर E_अक्षीय = 2 × E_निरक्ष।

व्युत्पत्ति का विचार (अक्षीय)

+ आवेश r − a दूरी पर, − आवेश r + a पर। E = kq/(r − a)² − kq/(r + a)² = kq·4ar/(r² − a²)² = 2kpr/(r² − a²)²।

एकसमान क्षेत्र में द्विध्रुव पर बल-आघूर्ण

एकसमान क्षेत्र E में + सिरे पर qE, E की दिशा में, और − सिरे पर qE उल्टी दिशा में। कुल बल = 0, इसलिए द्विध्रुव खिसकता नहीं। पर दोनों बल अलग-अलग रेखाओं पर हैं, इसलिए बल-युग्म बनता है:

τ = (qE)(2a sinθ) = pE sinθ, सदिश रूप में τ = p × E।

असमान क्षेत्र में दोनों बल बराबर नहीं रहते, इसलिए कुल बल भी लगता है — इसी से आवेशित कंघी उदासीन कागज़ को खींच लेती है।

विद्युत फ्लक्स

किसी सतह से विद्युत फ्लक्स बताता है कि कितनी क्षेत्र रेखाएँ उसमें से गुज़रती हैं:

Φ = E · A = EA cosθ, θ = E और सतह के बाहरी अभिलंब के बीच कोण। मात्रक N m² C⁻¹। अदिश राशि।

गाउस प्रमेय और उसके अनुप्रयोग: तार, समतल चादर, पतला गोलीय कोश

गाउस नियम: किसी बंद सतह से कुल फ्लक्स = अंदर का आवेश ÷ ε₀: ∮E·dA = q_अंदर / ε₀। बाहर के आवेश का कुल फ्लक्स शून्य (जो रेखा घुसती है, वह निकल भी जाती है)।

तरीका: ऐसी काल्पनिक बंद सतह (गाउसीय सतह) चुनो जिस पर E का मान बराबर हो और वह सतह के लंबवत या समांतर हो।

1. अनंत लंबा सीधा तार (λ प्रति मीटर)

त्रिज्या r, लंबाई l का बेलन। फ्लक्स केवल वक्र सतह से: E(2πrl) = λl/ε₀ → E = λ/(2πε₀r)। E ∝ 1/r।

2. अनंत समतल चादर (σ प्रति m²)

चादर को पार करता छोटा बेलन, सिरे का क्षेत्रफल A। दोनों सिरों से फ्लक्स: 2EA = σA/ε₀ → E = σ/(2ε₀)। दूरी पर निर्भर नहीं।

3. पतला गोलीय कोश (आवेश q, त्रिज्या R)

बाहर (r > R): E(4πr²) = q/ε₀ → E = kq/r², मानो सारा आवेश केंद्र पर हो। अंदर (r < R): अंदर आवेश नहीं → E = 0। सतह पर E = σ/ε₀।

बोर्ड परीक्षा में क्या पूछा जाता है

इकाई I और II मिलकर लगभग 16 अंक। अक्सर: द्विध्रुव का अक्षीय/निरक्षीय क्षेत्र, बल-आघूर्ण, गाउस नियम से तार/चादर/कोश का क्षेत्र — व्युत्पत्ति; क्षेत्र रेखाओं के चित्र; अध्यारोपण वाला 2–3 अंक का आंकिक प्रश्न और फ्लक्स का प्रश्न। व्युत्पत्ति में गाउसीय सतह का चित्र ज़रूर बनाओ।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. उदासीन पिंड से कितने इलेक्ट्रॉन निकालें कि उस पर +3.2 µC आवेश हो?

n = q/e = 3.2 × 10⁻⁶ / 1.6 × 10⁻¹⁹ = 2 × 10¹³ इलेक्ट्रॉन।

2. +2 µC और −3 µC हवा में 30 cm दूर हैं। बल ज्ञात करो।

F = 9 × 10⁹ × 2 × 10⁻⁶ × 3 × 10⁻⁶ / (0.3)² = 0.054/0.09 = 0.6 N, आकर्षण।

3. दो आवेशों के बीच बल 16 N है। दूरी दोगुनी और हर आवेश आधा कर दिया। नया बल?

नया = 16 × (½ × ½) / 2² = 16 × ¼ / 4 = 1 N।

4. A पर +1 µC और B पर +4 µC, दूरी 3 m। बीच में किस बिंदु पर तीसरे आवेश पर कुल बल शून्य होगा?

A से x दूरी: 1/x² = 4/(3 − x)² → 3 − x = 2x → x = 1 m (छोटे आवेश के पास)।

5. 10 cm भुजा वाले समबाहु त्रिभुज के कोनों पर +2 µC के तीन आवेश हैं। किसी एक पर बल?

हर बल = 9 × 10⁹ × (2 × 10⁻⁶)² / 0.01 = 3.6 N, बीच का कोण 60°। F = 3.6√3 ≈ 6.24 N, बाहर की ओर समद्विभाजक पर।

6. ±5 nC वाले द्विध्रुव में दूरी 2 mm है। p और अक्ष पर 10 cm दूर क्षेत्र?

p = 5 × 10⁻⁹ × 2 × 10⁻³ = 10⁻¹¹ C m। E = 2kp/r³ = 2 × 9 × 10⁹ × 10⁻¹¹ / 10⁻³ = 180 N/C।

7. 4 × 10⁻⁹ C m का द्विध्रुव 5 × 10⁴ N/C के एकसमान क्षेत्र से 30° पर है। बल-आघूर्ण?

τ = pE sinθ = 4 × 10⁻⁹ × 5 × 10⁴ × 0.5 = 1 × 10⁻⁴ N m।

8. 10 cm भुजा का वर्ग 200 N/C के एकसमान क्षेत्र में है, क्षेत्र अभिलंब से 60° पर। फ्लक्स?

Φ = EA cosθ = 200 × 0.01 × 0.5 = 1 N m² C⁻¹।

9. लंबे तार पर λ = 2 µC/m। 20 cm पर E?

E = 2kλ/r = 2 × 9 × 10⁹ × 2 × 10⁻⁶ / 0.2 = 1.8 × 10⁵ N/C।

10. 10 cm त्रिज्या के कोश पर +8 nC। केंद्र से 5 cm और 20 cm पर E?

5 cm (अंदर): E = 0। 20 cm: E = 9 × 10⁹ × 8 × 10⁻⁹ / 0.04 = 1800 N/C।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. स्वतंत्र रूप से पाया जाने वाला सबसे छोटा आवेश:
2. दो आवेशों की दूरी तिगुनी करने पर बल:
3. एकसमान क्षेत्र में द्विध्रुव पर कुल बल:
4. आवेशित पतले गोलीय कोश के अंदर क्षेत्र:
5. अनंत समतल चादर का क्षेत्र:

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कूलॉम नियम और गाउस नियम में क्या अंतर है?

कूलॉम नियम दो बिंदु आवेशों के बीच बल बताता है। गाउस नियम बंद सतह के फ्लक्स को अंदर के आवेश से जोड़ता है। सममित आकृतियों (तार, चादर, कोश) के लिए गाउस नियम बहुत तेज़ है।

क्षेत्र रेखाएँ एक-दूसरे को क्यों नहीं काटतीं?

काटने के बिंदु पर दो स्पर्श रेखाएँ होंगी, यानी E की दो दिशाएँ। एक बिंदु पर क्षेत्र की एक ही दिशा होती है।

क्या यह अध्याय CBSE कक्षा 12 बोर्ड के लिए ज़रूरी है?

हाँ। इकाई I और II मिलकर लगभग 16 अंक की हैं और द्विध्रुव, बल-आघूर्ण और गाउस नियम की व्युत्पत्तियाँ लगभग हर साल आती हैं।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

कनाडा (ओंटारियो)Grade 12D. Gravitational, Electric, and Magnetic Fields
इटलीSecondaria di secondo grado – classe 3ªClassical physics
इटलीSecondaria di secondo grado – classe 4ªClassical physics
इटलीSecondaria di secondo grado – classe 5ª (esame di Stato)Electromagnetism
नीदरलैंडVWO 6 (eindexamenjaar)Charge and field (part 2)
पोलैंडLiceum ogólnokształcące, klasa IIElectrostatics
पोलैंडLiceum ogólnokształcące, klasa IIIElectrostatics
रोमानियाClasa a VIII-aElectric and magnetic phenomena
स्पेन2º BachilleratoElectromagnetic field
सीबीएसई (भारत)कक्षा 12स्थिरवैद्युतिकी
इंग्लैंडYear 133.7 Fields and their consequences
अमेरिकाGrade 12Electric Force, Field, and Potential
अमेरिकाGrade 12Electric Charges, Fields, and Gauss's Law
जापान高校3年Electricity and magnetism
दक्षिण कोरिया고등학교 2학년Electromagnetic interaction
दक्षिण कोरिया고등학교 2학년Electricity and magnetism
दक्षिण कोरिया고등학교 3학년Electromagnetic fields
जर्मनीJahrgangsstufe 12Static electric and magnetic fields
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रूस10 классElectrodynamics: electrostatics

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