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द्रव मशीनें: पंप, टरबाइन, पंखा और हाइड्रोलिक मशीनें

द्रव मशीन किसी द्रव (तरल या गैस) की मदद से ऊर्जा को आगे बढ़ाती है। पंप और कंप्रेसर द्रव को ऊर्जा देते हैं। टरबाइन द्रव से ऊर्जा लेता है। पंखा हवा को चलाता है। हाइड्रोलिक (तेल) और वायवीय (हवा) मशीनें छोटे धक्के को बड़ा धक्का बना देती हैं, क्योंकि बंद द्रव में दाब p = F/A हर जगह बराबर रहता है।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. पानी और हवा द्रव हैं। ये बहते हैं और पाइप का आकार ले लेते हैं। मशीनें इन्हीं से ऊर्जा आगे पहुँचाती हैं।
  2. पंप में पंखे जैसा चक्र घूमता है, जिसे इम्पेलर कहते हैं। वह पानी को बाहर की ओर फेंकता है और ऊँची टंकी तक चढ़ा देता है। पंप चलाने के लिए बिजली चाहिए।
  3. जल टरबाइन उलटा पंप है। गिरता पानी चक्र को घुमाता है। चक्र जनित्र को घुमाता है और बल्ब जल उठता है।
  4. पंखा हवा को एक जगह से दूसरी जगह पहुँचाता है। कंप्रेसर हवा को छोटी जगह में दबा देता है, तब हवा ज़ोर से धक्का देती है (उच्च दाब)।
  5. हाइड्रोलिक मशीन में नलियों में तेल भरा होता है। छोटे पिस्टन पर छोटा धक्का देने से बड़े पिस्टन पर बड़ा धक्का मिलता है। स्लाइडर चलाइए और बोझ को उठता देखिए।
  6. खुला खेल: गति का स्लाइडर चलाइए। तेज़ घूमता चक्र हर सेकंड ज़्यादा पानी चलाता है। पिछले चरणों में जाकर सब मशीनों की तुलना कीजिए।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

क्या पंप पानी बनाता है?

नहीं। पंप केवल इम्पेलर से पानी को बाहर फेंकता है और ऊपर चढ़ाता है। पानी पहले से टंकी में था। 3D में नीली गेंदें सिर्फ़ चलती हैं।

टरबाइन पंप से अलग कैसे है?

पंप में चक्र पानी को धकेलता है। टरबाइन में पानी चक्र को धकेलता है। चरण 1 और 2 की तुलना कीजिए: चक्र उलटा घूमता है और बल्ब जलता है।

कंप्रेसर में हवा गर्म क्यों हो जाती है?

पिस्टन हवा पर कार्य करता है। हवा के अणु पास-पास दब जाते हैं और तेज़ चलते हैं, यानी तापमान बढ़ता है।

छोटा धक्का बड़ा धक्का कैसे बन जाता है?

पूरे तेल में दाब बराबर है। बड़े पिस्टन का क्षेत्रफल ज़्यादा है, इसलिए वही दाब ज़्यादा बल देता है। स्लाइडर चलाकर दोनों संख्याएँ पढ़िए।

क्या हाइड्रोलिक जैक से मुफ़्त ऊर्जा मिलती है?

नहीं। बड़ा पिस्टन छोटे पिस्टन की चली दूरी का दसवाँ हिस्सा ही चलता है, इसलिए बल × दूरी वही रहता है।

तेज़ चक्र ज़्यादा पानी क्यों चलाता है?

हर पंखुड़ी पानी को ज़्यादा गति से फेंकती है, इसलिए हर सेकंड ज़्यादा पानी निकलता है। खुले खेल में गति का स्लाइडर चलाइए।

द्रवों के गुण और यांत्रिकी

द्रव (fluid) यानी तरल या गैस। इसके कण एक-दूसरे पर फिसल सकते हैं, इसलिए यह बह सकता है। मशीनों के लिए तीन बातें ज़रूरी हैं:

तरल को दबाना लगभग असंभव है। गैस आसानी से दब जाती है। इसी फ़र्क से तय होता है कि कौन-सी मशीन चुनें।

पास्कल का नियम: बंद बर्तन में द्रव पर लगाया गया दाब हर दिशा में बराबर पहुँचता है।

जल टरबाइन और पंप

पंप तरल को ऊर्जा देता है। आम पंप अपकेंद्री पंप (centrifugal pump) है। मोटर इम्पेलर को घुमाती है। पंखुड़ियों के बीच का पानी बाहर की ओर फिंकता है, तेज़ गति से निकलता है और पाइप में ऊपर चढ़ जाता है। बीच से नया पानी अंदर आता रहता है।

जल टरबाइन इसका उलटा करता है। बहता या गिरता पानी पंखुड़ियों से टकराकर चक्र को घुमाता है। चक्र जनित्र को घुमाता है। पानी की ऊर्जा बिजली बन जाती है।

पंप की शक्ति: P = ρ g Q H (H = उठाई गई ऊँचाई)। टरबाइन की निर्गत शक्ति η ρ g Q H है, जहाँ η दक्षता (1 से कम) है।

पंखे और कंप्रेसर

ये मशीनें गैस (हवा) के लिए हैं।

हवा दबाने पर उसका आयतन घटता है और दाब बढ़ता है। साथ ही वह गर्म भी होती है, इसलिए बड़े कंप्रेसर में ठंडक का इंतज़ाम होता है। साइकिल के पंप और एसी की बाहरी यूनिट में छोटा कंप्रेसर होता है।

हाइड्रोलिक और वायवीय उपकरण

हाइड्रोलिक उपकरण तरल (तेल) से चलते हैं। वायवीय (pneumatic) उपकरण दबी हुई हवा से चलते हैं।

तेल भरी नली से जुड़े दो पिस्टन लीजिए। छोटे पिस्टन (क्षेत्रफल A₁) पर छोटा बल F₁ लगाने से दाब p = F₁ / A₁ बनता है। यही दाब बड़े पिस्टन (क्षेत्रफल A₂) को धकेलता है, इसलिए

F₂ = F₁ × (A₂ / A₁)

बड़े पिस्टन पर बल बड़ा मिलता है, पर वह थोड़ी दूरी ही चलता है। ऊर्जा मुफ़्त नहीं मिलती: बल × दूरी वही रहता है (हानि छोड़कर)।

मुख्य हिस्से: पंप या कंप्रेसर (आपूर्ति), वाल्व (दिशा तय करते हैं), नलियाँ और एक्चुएटर (सिलिंडर या मोटर जो काम करता है)।

करके देखिए: घर पर दाब महसूस करें

दो अलग आकार की प्लास्टिक सिरिंज (बिना सुई) और एक छोटी नली लीजिए। दोनों और नली में पानी भर दीजिए। छोटी सिरिंज को एक उँगली से दबाइए और बड़ी को दूसरे हाथ से पकड़िए। महसूस कीजिए कि बड़ी सिरिंज ज़्यादा ज़ोर से पीछे धकेलती है, पर कम चलती है। 3D के स्लाइडर से जाँचिए: बड़े पिस्टन पर बल 10 गुना है, पर वह दसवाँ हिस्सा ही ऊपर उठता है। पहले अनुमान लगाइए, फिर जाँचिए।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. पानी 3 m/s की चाल से 0.02 m² क्षेत्रफल वाले पाइप में बह रहा है। बहाव दर निकालिए।

Q = A × v = 0.02 × 3 = 0.06 m³/s। यानी हर सेकंड 60 लीटर।

2. 40 N का बल 2 cm² के छोटे पिस्टन पर लगता है। बड़े पिस्टन का क्षेत्रफल 50 cm² है। बड़े पिस्टन पर बल निकालिए।

क्षेत्रफलों का अनुपात = 50 / 2 = 25। F₂ = 40 × 25 = 1000 N। बड़ा पिस्टन 1000 N देता है पर 25 गुना कम दूरी चलता है।

3. एक पंप हर सेकंड 0.01 m³ पानी 10 m ऊँचाई तक चढ़ाता है। पानी को मिलने वाली शक्ति निकालिए। (ρ = 1000 kg/m³, g = 9.8 m/s²)

P = ρ g Q H = 1000 × 9.8 × 0.01 × 10 = 980 W, लगभग 1 kW। हानि के कारण मोटर को इससे ज़्यादा चाहिए।

4. एक टरबाइन को हर सेकंड 2 m³ पानी 50 m ऊँचाई से मिलता है। दक्षता 80% है। बिजली की शक्ति निकालिए। (g = 9.8)

P = η ρ g Q H = 0.8 × 1000 × 9.8 × 2 × 50 = 784 000 W = 784 kW।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. कौन-सी मशीन द्रव से ऊर्जा लेती है?
2. हाइड्रोलिक तंत्र इसलिए काम करता है कि बंद द्रव में दाब:
3. कंप्रेसर मुख्य रूप से क्या करता है?
4. वायवीय मशीनों में कौन-सा द्रव काम आता है?
5. बहाव दर Q बराबर है:

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंप और टरबाइन में क्या अंतर है?

पंप बिजली लेकर द्रव को धकेलता है। टरबाइन को द्रव धकेलता है और वह बिजली देता है। टरबाइन उलटा चलता पंप जैसा है।

हाइड्रोलिक में तेल क्यों लेते हैं, हवा क्यों नहीं?

तेल दबता नहीं, इसलिए धक्का सीधा बड़े पिस्टन तक पहुँचता है। हवा दब जाती है और कमानी जैसी नरम लगती है।

पंखे और कंप्रेसर में क्या फ़र्क है?

पंखा बहुत हवा चलाता है पर दाब थोड़ा बढ़ाता है। कंप्रेसर हवा का दाब बहुत बढ़ा देता है।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

जापान高校(専門学科)1〜3年Prime Movers

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