हाइड्रोलिक्स और न्यूमेटिक्स क्या हैं?
तरल या गैस जैसी बहने वाली चीज़ को प्रवाही (फ्लूइड) कहते हैं। दोनों तंत्र बंद नलियों में प्रवाही भरकर बल को एक जगह से दूसरी जगह पहुँचाते हैं।
- हाइड्रोलिक्स (द्रवचालित) में तरल, आमतौर पर तेल, होता है। दाब ज़्यादा (अक्सर 100 से 300 बार) होता है।
- न्यूमेटिक्स (वायवीय) में गैस, आमतौर पर दबी हुई हवा, होती है। दाब कम (अक्सर 6 से 10 बार) होता है।
दाब (प्रेशर) का मतलब है प्रति इकाई क्षेत्रफल पर लगा बल: p = F / A। एक पास्कल (Pa) = 1 N प्रति 1 m²। एक बार (bar) = 1,00,000 Pa।
इनके पीछे का भौतिक सिद्धांत
पास्कल का नियम: बंद प्रवाही पर लगाया गया दाब उसके हर हिस्से तक बराबर पहुँचता है। छोटा पिस्टन जो दाब p बनाता है, बड़ा पिस्टन वही p महसूस करता है।
बाहर का बल: F2 = p × A2। उसी p पर 25 गुना क्षेत्रफल वाला पिस्टन 25 गुना बल देता है। इसे बल का गुणन कहते हैं।
पर कुछ भी मुफ़्त नहीं है। तरल का आयतन वही रहता है, इसलिए A1 × d1 = A2 × d2। बड़ा पिस्टन 25 गुना कम दूरी चलता है। घर्षण छोड़ दें तो अंदर का कार्य = बाहर का कार्य।
संपीड्यता: तरल दबाने पर लगभग सिकुड़ता नहीं, इसलिए भार को ठीक जगह रोक लेता है। हवा दबाने पर सिकुड़ती है (बॉयल का नियम: p × V लगभग स्थिर), इसलिए वह स्प्रिंग की तरह काम करती है।
मुख्य पुर्जे
हर तंत्र में चार काम होते हैं:
- दाब बनाना: हाइड्रोलिक पंप (गियर, वेन या पिस्टन प्रकार) या न्यूमेटिक कंप्रेसर।
- जमा और साफ़ करना: फ़िल्टर वाली तेल की टंकी, या सुखाने वाले यंत्र के साथ हवा की टंकी। हवा सूखी और साफ़ होनी चाहिए।
- नियंत्रण: वाल्व। दिशा वाल्व रास्ता चुनता है, दाब राहत वाल्व ज़्यादा दाब होने पर खुल जाता है (सुरक्षा), प्रवाह वाल्व गति तय करता है, एकदिश वाल्व (चेक वाल्व) प्रवाही को एक ही ओर जाने देता है।
- काम करना: एक्चुएटर। सिलिंडर सीधा धक्का देता है; मोटर घुमाव देती है।
एकल-क्रिया सिलिंडर में प्रवाही एक ओर आता है और स्प्रिंग वापस लाती है। द्वि-क्रिया सिलिंडर में दोनों ओर प्रवाही आता है, इसलिए वह बाहर धकेलता भी है और अंदर खींचता भी है।
बाहर जाते समय सिलिंडर का बल F = p × A होता है। अंदर आते समय छड़ कुछ क्षेत्रफल घेर लेती है, इसलिए बल थोड़ा कम होता है।
परिपथ आरेख
इंजीनियर परिपथ को चित्र से नहीं, मानक चिह्नों से बनाते हैं। ये चिह्न कई देशों में एक जैसे हैं (ISO 1219)। परिपथ को शक्ति के स्रोत से एक्चुएटर की ओर पढ़ो।
- त्रिकोण वाला गोला: पंप या कंप्रेसर (त्रिकोण प्रवाही की दिशा बताता है)।
- साथ-साथ जुड़े चौकोर डिब्बे: वाल्व। हर डिब्बा एक स्थिति है। अंदर के तीर रास्ते बताते हैं। किनारे पर स्प्रिंग या लीवर का चिह्न बताता है कि वाल्व कैसे बदलता है।
- छड़ वाला आयत: सिलिंडर।
- रेखाएँ: नलियाँ। ठोस रेखा काम करने वाला प्रवाही ले जाती है; बिंदीदार रेखा नियंत्रण संकेत।
सरल न्यूमेटिक परिपथ: कंप्रेसर, हवा की टंकी, 5/2 वाल्व (5 द्वार, 2 स्थितियाँ), द्वि-क्रिया सिलिंडर। लीवर दबाओ: हवा सिलिंडर के पीछे जाती है, छड़ बाहर आती है। छोड़ो: स्प्रिंग वाल्व पलट देती है, हवा आगे जाती है, छड़ अंदर आती है।
सरल हाइड्रोलिक परिपथ: टंकी, पंप, राहत वाल्व, दिशा वाल्व, सिलिंडर और टंकी तक वापसी की नली। तेल बार-बार इस्तेमाल होता है।
हाइड्रोलिक्स या न्यूमेटिक्स: कौन सा चुनें?
| हाइड्रोलिक्स | न्यूमेटिक्स | |
|---|---|---|
| प्रवाही | तेल | हवा |
| दाब | ज़्यादा | कम |
| बल | बहुत बड़ा | छोटा से मध्यम |
| स्थिति | ठीक जगह रुकता है | लचीला, कम सटीक |
| गति | धीमी | तेज़ |
| सफ़ाई | तेल रिस सकता है | साफ़; हवा बस निकल जाती है |
| उदाहरण | खुदाई मशीन, प्रेस, ब्रेक, लिफ़्ट | बस का दरवाज़ा, पैकिंग मशीन, दाँत की ड्रिल |
परिपथ बनाना और सिमुलेशन
परिपथ बनाने के लिए ये चरण अपनाओ:
- लिखो कि क्या होना चाहिए: बाहर धकेलना, रुकना, वापस आना। बल कितना, दूरी कितनी, गति कितनी?
- ज़रूरी बल निकालो और दाब चुनो। तब क्षेत्रफल A = F / p होगा। अगला मानक सिलिंडर चुनो और घर्षण के लिए थोड़ा अतिरिक्त (लगभग 10 से 25 प्रतिशत) रखो।
- वाल्व चुनो: बाहर और अंदर के लिए दो स्थितियाँ; बीच में रोकने के लिए तीसरी स्थिति।
- सुरक्षा के लिए राहत वाल्व (हाइड्रोलिक्स) या दाब नियामक (न्यूमेटिक्स) जोड़ो।
- मानक चिह्नों से आरेख बनाओ और हर पुर्ज़े को नंबर दो।
- असली बनाने से पहले किसी मुफ़्त सिमुलेटर में जाँचो।
हमेशा सोचो: बिजली चली जाए तो क्या होगा? सुरक्षित डिज़ाइन अपने आप सुरक्षित स्थिति में चला जाता है।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- दाब: p = F / A (1 Pa = 1 N/m², 1 bar = 1,00,000 Pa)
- पास्कल का नियम: p1 = p2, यानी F1 / A1 = F2 / A2
- बल का गुणन: F2 = F1 × (A2 / A1)
- आयतन वही रहता है: A1 × d1 = A2 × d2
- सिलिंडर का बल: F = p × A, जहाँ A = π d² / 4
- प्रवाह और गति: Q = A × v (v = Q / A)
हल किए गए उदाहरण
1. एक हाइड्रोलिक जैक के छोटे पिस्टन का क्षेत्रफल 5 cm² और बड़े पिस्टन का 200 cm² है। छोटे पिस्टन पर 50 N बल लगता है। बड़े पिस्टन पर बल ज्ञात करो।
चरण 1: दाब p = F1 / A1 = 50 / 5 = 10 N/cm²। चरण 2: बड़े पिस्टन पर वही दाब लगता है: F2 = p × A2 = 10 × 200 = 2000 N।
2. ऊपर वाले जैक में छोटा पिस्टन 30 cm नीचे जाता है। बड़ा पिस्टन कितना ऊपर उठेगा?
A1 × d1 = A2 × d2, इसलिए d2 = 5 × 30 / 200 = 0.75 cm। बल 40 गुना बड़ा, दूरी 40 गुना छोटी।
3. कार के ब्रेक पेडल से 2 cm² क्षेत्रफल वाले मास्टर पिस्टन पर 100 N बल लगता है। पहिये के पास ब्रेक पिस्टन का क्षेत्रफल 10 cm² है। पहिये पर कितना बल लगेगा?
p = 100 / 2 = 50 N/cm²। F2 = 50 × 10 = 500 N। ब्रेक का बल पेडल के बल का 5 गुना है।
4. गैराज की लिफ़्ट को 12,000 N वज़न की कार 600 cm² वाले बड़े पिस्टन पर संभालनी है। छोटे पिस्टन का क्षेत्रफल 20 cm² है। कारीगर को कितना बल लगाना होगा?
F1 = F2 × A1 / A2 = 12,000 × 20 / 600 = 400 N। (एक आदमी लीवर से 400 N आराम से लगा सकता है।)
5. एक न्यूमेटिक सिलिंडर के पिस्टन का व्यास 5 cm है और वह 6 बार पर चलता है। बाहर जाते समय बल ज्ञात करो।
चरण 1: p = 6 बार = 6 × 10⁵ Pa। चरण 2: A = π d² / 4 = π × (0.05)² / 4 = 1.96 × 10⁻³ m²। चरण 3: F = p × A = 6 × 10⁵ × 1.96 × 10⁻³ ≈ 1178 N, यानी लगभग 1.2 kN।
6. एक हाइड्रोलिक प्रेस को 20 kN बल चाहिए। पंप 100 बार दाब देता है। पिस्टन का व्यास कितना चाहिए? (घर्षण छोड़ दो।)
p = 100 बार = 10⁷ Pa। A = F / p = 20,000 / 10⁷ = 2 × 10⁻³ m²। d = √(4A / π) = √(4 × 2 × 10⁻³ / π) ≈ 0.0505 m, यानी लगभग 5 cm (अगला मानक आकार, 50 या 63 mm, चुनो)।
आम गलतियाँ
- यह सोचना कि मशीन मुफ़्त ऊर्जा देती है। बल बढ़ता है, पर दूरी उतनी ही घटती है, इसलिए अंदर का कार्य = बाहर का कार्य।
- इकाइयाँ मिला देना। Pa के लिए N और m² लो, या N/cm² के लिए N और cm²। 1 बार = 10 N/cm²।
- क्षेत्रफल की जगह व्यास लगा देना। A = π d² / 4। व्यास दोगुना करने पर क्षेत्रफल 4 गुना हो जाता है।
- हवा को तेल जितना कड़ा मान लेना। हवा दब जाती है, इसलिए न्यूमेटिक में स्थिति ठीक नहीं रुकती और भार के साथ गति बदल सकती है।