मेन सप्लाई: विद्युन्मय, उदासीन और भूसंपर्क तार
बिजली खंभे से मुख्य केबल द्वारा घर तक आती है। इसमें विद्युन्मय तार (Live, लाल या नई वायरिंग में भूरा) और उदासीन तार (Neutral, काला या नीला) होते हैं। विद्युन्मय तार उच्च विभव पर होता है, उदासीन तार का विभव लगभग शून्य रखा जाता है। भारत में इनके बीच 220 V विभवांतर होता है और सप्लाई 50 Hz आवृत्ति की प्रत्यावर्ती धारा (AC) है।
केबल पहले विद्युत मीटर में जाती है (जो ऊर्जा kWh में गिनता है), फिर मुख्य फ्यूज या MCB से होकर वितरण बॉक्स में। तीसरा तार भूसंपर्क तार (Earth, हरा) घर के पास धरती में गहराई पर गड़ी धातु की प्लेट से जुड़ा होता है।
साधित्र पार्श्व क्रम में क्यों जोड़े जाते हैं
हर साधित्र विद्युन्मय और उदासीन तार के बीच अलग-अलग जुड़ा होता है। इसे पार्श्व क्रम (समांतर) संयोजन कहते हैं। इसके फायदे:
- हर साधित्र को पूरे 220 V मिलते हैं।
- हर एक का अपना स्विच होता है, एक चालू और दूसरा बंद रह सकता है।
- एक बल्ब फ्यूज हो जाए तो बाकी चलते रहते हैं।
श्रेणी क्रम में वोल्टेज बँट जाता, बल्ब मंद जलते और एक खराबी से सब बंद हो जाता। मेन तार में कुल धारा सभी चालू साधित्रों की धाराओं का योग होती है, इसलिए ज़्यादा साधित्र चालू करने पर कुल धारा बढ़ती है।
5 A और 15 A के अलग परिपथ
घर में आम तौर पर बल्ब, ट्यूबलाइट, पंखे और टीवी के लिए 5 A का प्रकाश परिपथ और हीटर, गीज़र, इस्तरी, AC, फ्रिज के लिए 15 A का पावर परिपथ (मोटे तार, बड़े सॉकेट) होता है। अलग रखने से भारी साधित्र पतले तारों को गरम नहीं कर पाते।
विद्युत फ्यूज और MCB
फ्यूज कम गलनांक वाले पदार्थ (जैसे टिन-लेड मिश्रातु या पतला टिन चढ़ा ताँबा) का छोटा तार है, जो परिपथ के साथ श्रेणी क्रम में जुड़ता है। धारा सुरक्षित मान से ज़्यादा होते ही धारा का तापीय प्रभाव (H = I²Rt) इसे पिघला देता है और परिपथ टूट जाता है।
फ्यूज की रेटिंग वह अधिकतम धारा है जिसे वह बिना पिघले सह सकता है, जैसे 1 A, 3 A, 5 A, 10 A, 15 A। साधित्र की सामान्य धारा I = P / V से थोड़ी ऊपर वाली रेटिंग चुनो।
फ्यूज विद्युन्मय तार में ही क्यों
फ्यूज पिघलने पर साधित्र को उच्च विभव से पूरी तरह कट जाना चाहिए। अगर फ्यूज उदासीन तार में होता, तो फ्यूज उड़ने पर भी साधित्र विद्युन्मय तार से जुड़ा रहता और झटका दे सकता था।
MCB (मिनिएचर सर्किट ब्रेकर)
MCB एक स्वचालित स्विच है जो धारा ज़्यादा होते ही खुल जाता है। इसमें नया तार नहीं लगाना पड़ता, दोष ठीक करके बस लीवर ऊपर कर दो। आजकल घरों में MCB ही लगते हैं।
भूसंपर्कण: धातु की बॉडी वाले साधित्रों की सुरक्षा
हीटर, इस्तरी, गीज़र, फ्रिज, वॉशिंग मशीन की बॉडी धातु की होती है। प्लग की तीसरी (मोटी) पिन से भूसंपर्क तार इस बॉडी से जुड़ा रहता है। अगर कोई ढीला विद्युन्मय तार बॉडी को छू जाए, तो दोष धारा व्यक्ति के बजाय कम प्रतिरोध वाले भूसंपर्क तार से धरती में चली जाती है। यह बड़ी धारा फ्यूज भी उड़ा देती है या MCB ट्रिप कर देती है। बॉडी का विभव धरती जितना (शून्य) रहता है, इसलिए छूना सुरक्षित है।
अतिभारण और लघुपथन
अतिभारण (ओवरलोडिंग) तब होता है जब एक ही परिपथ या सॉकेट पर बहुत सारे अधिक शक्ति वाले साधित्र चलाए जाएँ, या सप्लाई वोल्टेज अचानक बढ़ जाए। धारा तारों की क्षमता से ज़्यादा हो जाती है और तार गरम होने लगते हैं।
लघुपथन (शॉर्ट सर्किट) तब होता है जब विद्युन्मय और उदासीन तार सीधे छू जाएँ, अक्सर विद्युतरोधन (इंसुलेशन) खराब होने से। रास्ते का प्रतिरोध लगभग शून्य हो जाता है, इसलिए I = V / R से धारा अचानक बहुत बड़ी हो जाती है, चिंगारी और आग का खतरा होता है।
दोनों स्थितियों में फ्यूज या MCB सप्लाई काट देता है।
घर में विद्युत सुरक्षा
- सही रेटिंग का फ्यूज या MCB लगाओ; फ्यूज की जगह मोटा ताँबे का तार कभी मत लगाओ।
- एक सॉकेट में मल्टी-प्लग लगाकर बहुत सारे साधित्र न चलाओ।
- कटे-फटे विद्युतरोधन वाले तार बदलो, तारों को पानी से दूर रखो।
- धातु की बॉडी वाले साधित्रों के लिए हमेशा तीन पिन वाला प्लग और ठीक भूसंपर्क रखो।
- मरम्मत से पहले मेन स्विच बंद करो; गीले हाथ से स्विच न छुओ।
P = VI से फ्यूज की रेटिंग चुनना
पहले सामान्य धारा I = P / V निकालो (V = 220 V)। फिर उससे ठीक ऊपर वाली मानक फ्यूज रेटिंग चुनो। परीक्षा में अक्सर पूछते हैं: क्या यह साधित्र 5 A परिपथ पर चल सकता है? या एक परिपथ पर कितने बल्ब जल सकते हैं? नीचे हल किए उदाहरण देखो।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- P = V × I, इसलिए I = P / V (भारतीय घरों में V = 220 V)
- फ्यूज रेटिंग: सामान्य धारा से ठीक ऊपर वाला मानक मान
- घर की कुल धारा = सभी चालू साधित्रों की धाराओं का योग (पार्श्व क्रम)
- फ्यूज तार में ऊष्मा: H = I² R t
- ऊर्जा: E (kWh) = P (kW) × t (h)
हल किए गए उदाहरण
1. 60 W का बल्ब 220 V पर चलता है। इसके लिए 1 A, 5 A या 15 A में से कौन सा फ्यूज ठीक है?
I = P / V = 60 / 220 = 0.27 A। इससे ऊपर सबसे छोटी रेटिंग 1 A है, इसलिए 1 A का फ्यूज।
2. एक इस्तरी 1000 W, 220 V की है। धारा और उचित फ्यूज बताओ।
I = 1000 / 220 = 4.55 A। इससे ठीक ऊपर 5 A है, इसलिए 5 A का फ्यूज उचित है।
3. एक रूम हीटर 2 kW, 220 V का है। क्या यह 5 A के प्रकाश परिपथ पर चल सकता है?
I = 2000 / 220 = 9.09 A। यह 5 A से ज़्यादा है, इसलिए प्रकाश परिपथ का फ्यूज उड़ जाएगा। इसे 15 A पावर परिपथ पर चलाओ (हीटर के लिए 10 A फ्यूज ठीक है)।
4. 1500 W का गीज़र 220 V पर चलता है। 5 A, 10 A या 15 A में सबसे सुरक्षित फ्यूज कौन सा है?
I = 1500 / 220 = 6.82 A। 5 A कम है (उड़ जाएगा)। 10 A ठीक ऊपर है, इसलिए 10 A चुनो। 15 A का फ्यूज खतरनाक धारा को भी बिना पिघले जाने देगा।
5. 100 W के दो बल्ब, 60 W का पंखा और 120 W का टीवी 220 V पर एक साथ चल रहे हैं। कुल धारा निकालो। क्या 5 A परिपथ काफी है?
कुल शक्ति = 100 + 100 + 60 + 120 = 380 W। I = 380 / 220 = 1.73 A। यह 5 A से कम है, इसलिए 5 A परिपथ काफी है।
6. रसोई के परिपथ में 15 A का फ्यूज है। 2 kW हीटर, 1 kW टोस्टर और 1.5 kW केतली 220 V पर एक साथ चलाए गए। क्या होगा?
कुल P = 4500 W। I = 4500 / 220 = 20.5 A। यह 15 A से ज़्यादा है, इसलिए अतिभारण होगा और फ्यूज पिघल जाएगा (या MCB ट्रिप होगा)।
7. 220 V लाइन पर 5 A के फ्यूज के साथ 100 W के कितने बल्ब एक साथ जल सकते हैं?
अधिकतम सुरक्षित शक्ति = V × I = 220 × 5 = 1100 W। बल्बों की संख्या = 1100 / 100 = 11।
आम गलतियाँ
- फ्यूज या स्विच को उदासीन तार में लगाना। इसे विद्युन्मय तार में होना चाहिए, वरना फ्यूज उड़ने के बाद भी साधित्र में करंट रहता है।
- यह सोचना कि घर के साधित्र श्रेणी क्रम में हैं। वे पार्श्व क्रम में हैं, इसलिए हर एक को 220 V मिलता है।
- लघुपथन और अतिभारण को एक समझना। लघुपथन = विद्युन्मय और उदासीन का छूना (R लगभग शून्य); अतिभारण = ज़्यादा लोड या वोल्टेज का अचानक बढ़ना।
- 'ज़्यादा सुरक्षा' के लिए बड़ी रेटिंग का फ्यूज लगाना। बड़ी रेटिंग कम सुरक्षित है, वह हानिकारक धारा को भी बहने देती है।