📘 CodingMarble Learn

घरेलू विद्युत परिपथ

घर में 220 V, 50 Hz की प्रत्यावर्ती धारा (AC) विद्युन्मय और उदासीन तार से आती है; सभी साधित्र पार्श्व (समांतर) क्रम में 5 A और 15 A के अलग परिपथों पर जुड़े होते हैं, और विद्युन्मय तार में लगा फ्यूज या MCB तथा भूसंपर्क तार घर को सुरक्षित रखते हैं।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. बिजली घर में तीन तारों से आती है: विद्युन्मय तार (लाल या भूरा), उदासीन तार (काला या नीला) और भूसंपर्क तार (हरा)। विद्युन्मय और उदासीन के बीच 220 V होता है और धारा एक सेकंड में 50 बार दिशा बदलती है (50 Hz)।
  2. हर साधित्र विद्युन्मय और उदासीन तार के बीच पार्श्व क्रम में जुड़ा है। बल्ब, पंखा और टीवी को चालू-बंद करके देखो: हर एक को पूरे 220 V मिलते हैं और हर एक का अपना स्विच है।
  3. घर में दो परिपथ होते हैं। बल्ब, पंखे, टीवी के लिए 5 A का प्रकाश परिपथ और हीटर, गीज़र के लिए 15 A का पावर परिपथ। दोनों के विद्युन्मय तार में अपना फ्यूज या MCB लगा है।
  4. अब हीटर, इस्तरी और गीज़र एक साथ चालू करो। धारा 15 A से ऊपर चली गई। इसे अतिभारण कहते हैं। फ्यूज का तार गरम होकर पिघल जाता है और घर के तार जलने से पहले ही परिपथ टूट जाता है।
  5. यहाँ विद्युन्मय और उदासीन तार आपस में छू गए। प्रतिरोध लगभग शून्य हो गया, इसलिए धारा बहुत अधिक हो गई। यह लघुपथन (शॉर्ट सर्किट) है। MCB तुरंत ट्रिप हो जाता है।
  6. हीटर की धातु की बॉडी में दोष है। हरा भूसंपर्क तार यह दोष धारा धरती में भेज देता है, फ्यूज उड़ जाता है और किसी को झटका नहीं लगता। अब खुद खेलो: भूसंपर्क तार हटाओ, अतिभारण करो, लघुपथन करो, फिर से जोड़ो।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

जब उदासीन तार शून्य वोल्ट पर है, तो उसकी ज़रूरत ही क्यों?

धारा को पूरा बंद रास्ता चाहिए। वह विद्युन्मय तार से साधित्र तक जाती है और उदासीन तार से लौटती है। उदासीन तार के बिना परिपथ बंद नहीं होगा, तो धारा नहीं बहेगी।

ज़्यादा साधित्र चालू करने पर बल्ब मंद क्यों नहीं होते?

पार्श्व क्रम के कारण हर साधित्र सीधे 220 V पर जुड़ा है। नए साधित्र से केवल मेन तार की कुल धारा बढ़ती है, बल्ब का वोल्टेज नहीं घटता।

हीटर को 5 A सॉकेट में क्यों नहीं लगा सकते?

2000 W का हीटर लगभग 9 A धारा लेता है, जो पतले 5 A तार और फ्यूज की क्षमता से ज़्यादा है। उसे मोटे तारों वाले 15 A पावर परिपथ पर लगाना चाहिए।

फ्यूज पिघलता है पर घर के तार क्यों नहीं?

फ्यूज का तार पतला और कम गलनांक वाला है, इसलिए वह उस धारा पर ही पिघल जाता है जो मोटे घरेलू तारों के लिए अभी सुरक्षित है।

लघुपथन में धारा इतनी बड़ी क्यों हो जाती है?

विद्युन्मय और उदासीन सीधे छूने पर साधित्र का प्रतिरोध बीच से हट जाता है, R लगभग शून्य। V = 220 V और I = V / R, तो बहुत छोटे R से बहुत बड़ा I मिलता है।

भूसंपर्क वाले खराब हीटर से झटका क्यों नहीं लगता?

भूसंपर्क तार का प्रतिरोध हमारे शरीर से बहुत कम है, इसलिए लगभग सारी दोष धारा उसी से धरती में जाती है और फ्यूज तुरंत उड़ जाता है। 3D में भूसंपर्क तार हटाकर खतरा देखो।

मेन सप्लाई: विद्युन्मय, उदासीन और भूसंपर्क तार

बिजली खंभे से मुख्य केबल द्वारा घर तक आती है। इसमें विद्युन्मय तार (Live, लाल या नई वायरिंग में भूरा) और उदासीन तार (Neutral, काला या नीला) होते हैं। विद्युन्मय तार उच्च विभव पर होता है, उदासीन तार का विभव लगभग शून्य रखा जाता है। भारत में इनके बीच 220 V विभवांतर होता है और सप्लाई 50 Hz आवृत्ति की प्रत्यावर्ती धारा (AC) है।

केबल पहले विद्युत मीटर में जाती है (जो ऊर्जा kWh में गिनता है), फिर मुख्य फ्यूज या MCB से होकर वितरण बॉक्स में। तीसरा तार भूसंपर्क तार (Earth, हरा) घर के पास धरती में गहराई पर गड़ी धातु की प्लेट से जुड़ा होता है।

साधित्र पार्श्व क्रम में क्यों जोड़े जाते हैं

हर साधित्र विद्युन्मय और उदासीन तार के बीच अलग-अलग जुड़ा होता है। इसे पार्श्व क्रम (समांतर) संयोजन कहते हैं। इसके फायदे:

श्रेणी क्रम में वोल्टेज बँट जाता, बल्ब मंद जलते और एक खराबी से सब बंद हो जाता। मेन तार में कुल धारा सभी चालू साधित्रों की धाराओं का योग होती है, इसलिए ज़्यादा साधित्र चालू करने पर कुल धारा बढ़ती है।

5 A और 15 A के अलग परिपथ

घर में आम तौर पर बल्ब, ट्यूबलाइट, पंखे और टीवी के लिए 5 A का प्रकाश परिपथ और हीटर, गीज़र, इस्तरी, AC, फ्रिज के लिए 15 A का पावर परिपथ (मोटे तार, बड़े सॉकेट) होता है। अलग रखने से भारी साधित्र पतले तारों को गरम नहीं कर पाते।

विद्युत फ्यूज और MCB

फ्यूज कम गलनांक वाले पदार्थ (जैसे टिन-लेड मिश्रातु या पतला टिन चढ़ा ताँबा) का छोटा तार है, जो परिपथ के साथ श्रेणी क्रम में जुड़ता है। धारा सुरक्षित मान से ज़्यादा होते ही धारा का तापीय प्रभाव (H = I²Rt) इसे पिघला देता है और परिपथ टूट जाता है।

फ्यूज की रेटिंग वह अधिकतम धारा है जिसे वह बिना पिघले सह सकता है, जैसे 1 A, 3 A, 5 A, 10 A, 15 A। साधित्र की सामान्य धारा I = P / V से थोड़ी ऊपर वाली रेटिंग चुनो।

फ्यूज विद्युन्मय तार में ही क्यों

फ्यूज पिघलने पर साधित्र को उच्च विभव से पूरी तरह कट जाना चाहिए। अगर फ्यूज उदासीन तार में होता, तो फ्यूज उड़ने पर भी साधित्र विद्युन्मय तार से जुड़ा रहता और झटका दे सकता था।

MCB (मिनिएचर सर्किट ब्रेकर)

MCB एक स्वचालित स्विच है जो धारा ज़्यादा होते ही खुल जाता है। इसमें नया तार नहीं लगाना पड़ता, दोष ठीक करके बस लीवर ऊपर कर दो। आजकल घरों में MCB ही लगते हैं।

भूसंपर्कण: धातु की बॉडी वाले साधित्रों की सुरक्षा

हीटर, इस्तरी, गीज़र, फ्रिज, वॉशिंग मशीन की बॉडी धातु की होती है। प्लग की तीसरी (मोटी) पिन से भूसंपर्क तार इस बॉडी से जुड़ा रहता है। अगर कोई ढीला विद्युन्मय तार बॉडी को छू जाए, तो दोष धारा व्यक्ति के बजाय कम प्रतिरोध वाले भूसंपर्क तार से धरती में चली जाती है। यह बड़ी धारा फ्यूज भी उड़ा देती है या MCB ट्रिप कर देती है। बॉडी का विभव धरती जितना (शून्य) रहता है, इसलिए छूना सुरक्षित है।

अतिभारण और लघुपथन

अतिभारण (ओवरलोडिंग) तब होता है जब एक ही परिपथ या सॉकेट पर बहुत सारे अधिक शक्ति वाले साधित्र चलाए जाएँ, या सप्लाई वोल्टेज अचानक बढ़ जाए। धारा तारों की क्षमता से ज़्यादा हो जाती है और तार गरम होने लगते हैं।

लघुपथन (शॉर्ट सर्किट) तब होता है जब विद्युन्मय और उदासीन तार सीधे छू जाएँ, अक्सर विद्युतरोधन (इंसुलेशन) खराब होने से। रास्ते का प्रतिरोध लगभग शून्य हो जाता है, इसलिए I = V / R से धारा अचानक बहुत बड़ी हो जाती है, चिंगारी और आग का खतरा होता है।

दोनों स्थितियों में फ्यूज या MCB सप्लाई काट देता है।

घर में विद्युत सुरक्षा

P = VI से फ्यूज की रेटिंग चुनना

पहले सामान्य धारा I = P / V निकालो (V = 220 V)। फिर उससे ठीक ऊपर वाली मानक फ्यूज रेटिंग चुनो। परीक्षा में अक्सर पूछते हैं: क्या यह साधित्र 5 A परिपथ पर चल सकता है? या एक परिपथ पर कितने बल्ब जल सकते हैं? नीचे हल किए उदाहरण देखो।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. 60 W का बल्ब 220 V पर चलता है। इसके लिए 1 A, 5 A या 15 A में से कौन सा फ्यूज ठीक है?

I = P / V = 60 / 220 = 0.27 A। इससे ऊपर सबसे छोटी रेटिंग 1 A है, इसलिए 1 A का फ्यूज।

2. एक इस्तरी 1000 W, 220 V की है। धारा और उचित फ्यूज बताओ।

I = 1000 / 220 = 4.55 A। इससे ठीक ऊपर 5 A है, इसलिए 5 A का फ्यूज उचित है।

3. एक रूम हीटर 2 kW, 220 V का है। क्या यह 5 A के प्रकाश परिपथ पर चल सकता है?

I = 2000 / 220 = 9.09 A। यह 5 A से ज़्यादा है, इसलिए प्रकाश परिपथ का फ्यूज उड़ जाएगा। इसे 15 A पावर परिपथ पर चलाओ (हीटर के लिए 10 A फ्यूज ठीक है)।

4. 1500 W का गीज़र 220 V पर चलता है। 5 A, 10 A या 15 A में सबसे सुरक्षित फ्यूज कौन सा है?

I = 1500 / 220 = 6.82 A। 5 A कम है (उड़ जाएगा)। 10 A ठीक ऊपर है, इसलिए 10 A चुनो। 15 A का फ्यूज खतरनाक धारा को भी बिना पिघले जाने देगा।

5. 100 W के दो बल्ब, 60 W का पंखा और 120 W का टीवी 220 V पर एक साथ चल रहे हैं। कुल धारा निकालो। क्या 5 A परिपथ काफी है?

कुल शक्ति = 100 + 100 + 60 + 120 = 380 W। I = 380 / 220 = 1.73 A। यह 5 A से कम है, इसलिए 5 A परिपथ काफी है।

6. रसोई के परिपथ में 15 A का फ्यूज है। 2 kW हीटर, 1 kW टोस्टर और 1.5 kW केतली 220 V पर एक साथ चलाए गए। क्या होगा?

कुल P = 4500 W। I = 4500 / 220 = 20.5 A। यह 15 A से ज़्यादा है, इसलिए अतिभारण होगा और फ्यूज पिघल जाएगा (या MCB ट्रिप होगा)।

7. 220 V लाइन पर 5 A के फ्यूज के साथ 100 W के कितने बल्ब एक साथ जल सकते हैं?

अधिकतम सुरक्षित शक्ति = V × I = 220 × 5 = 1100 W। बल्बों की संख्या = 1100 / 100 = 11।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. भारत में विद्युन्मय और उदासीन तार के बीच विभवांतर है:
2. भूसंपर्क तार के विद्युतरोधन का रंग आम तौर पर होता है:
3. फ्यूज हमेशा जोड़ा जाता है:
4. लघुपथन तब होता है जब:
5. 220 V पर 1100 W का साधित्र कितनी धारा लेता है?

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

घरेलू विद्युत परिपथ क्या है?

यह घर के अंदर की वायरिंग है जो मेन से 220 V, 50 Hz की AC को मीटर और फ्यूज/MCB बॉक्स से होकर सभी साधित्रों तक पहुँचाती है। साधित्र पार्श्व क्रम में 5 A प्रकाश और 15 A पावर परिपथों पर जुड़े होते हैं, और सुरक्षा के लिए भूसंपर्क तार होता है।

धातु के साधित्रों में भूसंपर्कण क्यों ज़रूरी है?

अगर विद्युन्मय तार धातु की बॉडी को छू जाए, तो भूसंपर्क तार धारा को धरती तक आसान रास्ता देता है और फ्यूज उड़ा देता है, इसलिए बॉडी पर खतरनाक वोल्टेज नहीं रहता और झटका नहीं लगता।

फ्यूज और MCB में क्या अंतर है?

दोनों ज़्यादा धारा होने पर परिपथ काटते हैं। फ्यूज का तार पिघल जाता है और बदलना पड़ता है; MCB एक स्वचालित स्विच है जो ट्रिप होता है और दोष ठीक करने के बाद फिर से चालू किया जा सकता है।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

कनाडा (ओंटारियो)Grade 12E. Electricity at Home and Work
नीदरलैंडVWO 3 (onderbouw)Electricity and energy
रोमानियाClasa a VIII-aTechnologies
स्पेन1º BachilleratoSustainable technology
सीबीएसई (भारत)कक्षा 10विद्युत धारा के प्रभाव
इंग्लैंडYear 106.2 Electricity
इंग्लैंडYear 104.2 Electricity
फ्रांसPremièrePhysics-chemistry for health
चीन九年级(初三)Ch.19 Electricity in daily life

पहले यह पढ़ें

इससे जुड़े पाठ

सभी भौतिक विज्ञान पाठ