वाहन में बिजली की मूल बातें और मात्रक
- वोल्टेज (V, वोल्ट): बिजली का धक्का। कार में 12 V; ट्रक में अक्सर 24 V।
- धारा (I, एम्पियर): आवेश का बहाव। स्टार्टर मोटर 100–300 A ले सकती है; डैशबोर्ड की LED कुछ mA।
- प्रतिरोध (R, ओम Ω): जो बहाव को रोकता है।
- शक्ति (P, वाट): हर सेकंड की ऊर्जा।
ओम का नियम: V = I × R। वाट का नियम: P = V × I। श्रेणी में: R जुड़ते हैं, धारा हर जगह एक। समांतर में (कार के ज़्यादातर लोड): हर लोड को पूरा 12 V, धाराएँ जुड़ती हैं।
पूरा सर्किट
हर सर्किट में स्रोत, सुरक्षा, नियंत्रण (स्विच या रिले), लोड और वापसी का रास्ता चाहिए। गाड़ी में धातु की बॉडी चेसिस ग्राउंड है, इसलिए हर लोड को बस एक तार चाहिए। EV और हाइब्रिड में अलग हाई-वोल्टेज सिस्टम (नारंगी केबल) होता है, जिसे सिर्फ़ प्रशिक्षित मैकेनिक छूते हैं।
मल्टीमीटर का उपयोग
- वोल्टेज: पुर्ज़े के आर-पार (समांतर), सर्किट चालू।
- धारा: मीटर श्रेणी में, सही रेंज और फ़्यूज़ वाले इनपुट पर।
- प्रतिरोध / कंटिन्युटी: सर्किट बंद; बीप = पूरा रास्ता।
वाहन के इलेक्ट्रॉनिक पुर्ज़े
- डायोड: एक-तरफ़ा वाल्व; अल्टरनेटर डायोड ब्रिज (रेक्टिफ़ायर) से AC को DC बनाता है।
- ट्रांज़िस्टर: कंट्रोल मॉड्यूल के अंदर इलेक्ट्रॉनिक स्विच, जो इंजेक्टर और लैंप चलाते हैं।
- रिले: स्विच की छोटी धारा कॉइल को चुंबक बनाती है, जो बड़ी धारा का संपर्क जोड़ती है (हॉर्न, पंखा, स्टार्टर)।
- सेंसर: तापमान (थर्मिस्टर), स्थिति (पोटेंशियोमीटर, हॉल इफ़ेक्ट), निकास में ऑक्सीजन, ABS के लिए पहिये की रफ़्तार।
- ECU (इंजन कंट्रोल यूनिट): कंप्यूटर जो सेंसर पढ़कर आउटपुट चलाता है; मॉड्यूल CAN बस नेटवर्क से बात करते हैं।
मुख्य इलेक्ट्रिकल तंत्र
स्टार्टिंग (बैटरी, इग्निशन स्विच, स्टार्टर रिले/सोलेनॉइड, स्टार्टर मोटर), चार्जिंग (अल्टरनेटर, रेगुलेटर, बैटरी), इग्निशन, लाइटिंग और संकेत, सहायक उपकरण (वाइपर, खिड़कियाँ, हॉर्न, म्यूज़िक सिस्टम), और इलेक्ट्रॉनिक नियंत्रण (इंजन, ABS, एयरबैग)।
ओपन, शॉर्ट और ग्राउंड खराबियाँ
| खराबी | क्या होता है | लक्षण |
|---|---|---|
| ओपन सर्किट | रास्ते में टूट (कटा तार, फ़्यूज़ बल्ब, ढीला कनेक्टर) | धारा नहीं; लोड नहीं चलता; फ़्यूज़ ठीक |
| ग्राउंड से शॉर्ट | लोड से पहले तार धातु को छूता है | बहुत ज़्यादा धारा; फ़्यूज़ तुरंत उड़ता है |
| पावर से शॉर्ट / तार-से-तार | दो सर्किट आपस में छूते हैं | चीज़ें बिना कहे या साथ-साथ चलती हैं |
| ज़्यादा प्रतिरोध | जंग, ढीला या गंदा जोड़ | मद्धम लैंप, धीमी मोटर, गर्म कनेक्टर |
| खराब ग्राउंड | वापसी रास्ते में जंग | अजीब व्यवहार, मद्धम या टिमटिमाती लाइट |
सुरक्षा उपकरण और बैटरियाँ
सुरक्षा उपकरण
- ब्लेड फ़्यूज़: पतली धातु पट्टी जो रेटिंग से ज़्यादा धारा पर पिघलती है (रंग कोड, जैसे 10 A लाल, 15 A नीला, 20 A पीला)। बदलें तो उसी रेटिंग से।
- सर्किट ब्रेकर: गर्म होने पर बाइमेटल पट्टी मुड़कर सर्किट खोलती है; यह फिर जुड़ जाता है (पावर विंडो जैसी मोटरों के लिए)।
- फ़्यूज़िबल लिंक / मैक्सी फ़्यूज़: बैटरी के पास मुख्य मोटे तारों की रक्षा।
- फ़्यूज़ सामान्य धारा का लगभग 125% चुनें, और तार की सुरक्षित क्षमता से कम।
बैटरियाँ
- लेड-एसिड (तरल): छह सेल, हर एक में सीसे और लेड-डाइऑक्साइड की प्लेटें सल्फ़्यूरिक एसिड में, लगभग 2.1 V प्रति सेल → भरी हो तो 12.6 V। सस्ती; स्टार्ट करने के लिए।
- AGM / जेल: एसिड काँच की चटाई या जेल में; छलकती नहीं, स्टार्ट-स्टॉप कारों के लिए अच्छी।
- लिथियम-आयन: प्रति kg ज़्यादा ऊर्जा; EV और हाइब्रिड में, बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम के साथ।
- रेटिंग: Ah (एम्पियर-घंटा, क्षमता), CCA (ठंड में स्टार्ट करने की धारा)। चार्ज: 12.6 V ≈ पूरी, 12.2 V ≈ आधी, 12.0 V से कम ≈ खाली।
सुरक्षा: बैटरी हाइड्रोजन गैस बनाती है। चिंगारी या आग पास न लाएँ; आँखों का बचाव पहनें; पहले नेगेटिव हटाएँ और आख़िर में जोड़ें।
सर्किट की सुरक्षित जाँच और मरम्मत
- देखें: फ़्यूज़, कनेक्टर, घिसा इंसुलेशन, जंग, ढीले ग्राउंड।
- वायरिंग डायग्राम पढ़ें: रास्ता, तार के रंग और कनेक्टर जानें।
- जाँचें: लोड पर वोल्टेज; सर्किट चालू रखकर हर जोड़ पर वोल्टेज ड्रॉप (ग्राउंड पर लगभग 0.2 V या फ़ीड पर 0.5 V से ज़्यादा = ज़्यादा प्रतिरोध); बिजली बंद कर कंटिन्युटी; टेस्ट लाइट या फ़्यूज़ वाला जंपर तार सावधानी से।
- मरम्मत: सही मोटाई के तार से क्रिम्प या सोल्डर, हीट-श्रिंक से सील, खराब कनेक्टर बदलें, ग्राउंड साफ़ कर कसें।
- पक्का करें कि सर्किट चलता है और फ़्यूज़ टिकता है।
फ़्यूज़ उड़ना रोकने के लिए बड़ा फ़्यूज़ कभी न लगाएँ; इससे आग लग सकती है।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- V = I × R
- P = V × I
- श्रेणी: R = R1 + R2 + …
- समांतर लोड: हर एक को पूरा वोल्टेज; कुल I = I1 + I2 + …
- बैटरी वोल्टेज = सेल × सेल वोल्टेज (6 × 2.1 = 12.6 V)
- जोड़ पर वोल्टेज ड्रॉप = I × R_जोड़
हल किए गए उदाहरण
1. 12 V पर 55 W का हेडलैंप। धारा और गर्म प्रतिरोध निकालें।
I = P ÷ V = 55 ÷ 12 ≈ 4.6 A। R = V ÷ I = 12 ÷ 4.58 ≈ 2.6 Ω (या R = V² ÷ P = 144 ÷ 55)।
2. दो 55 W हेडलैंप एक फ़्यूज़ पर। फ़्यूज़ चुनें।
कुल I = 110 ÷ 12 ≈ 9.2 A। लगभग 25% जोड़ें: ≈ 11.5 A, तो 15 A फ़्यूज़ (अगर तार उतना सह सके)।
3. इंजन बंद, बैटरी 12.2 V दिखाती है। क्या चार्ज है?
लगभग आधी। पूरी लेड-एसिड बैटरी लगभग 12.6 V दिखाती है। चार्ज करके फिर जाँचें।
4. लैंप सर्किट 4.6 A लेता है। जंग लगे ग्राउंड जोड़ का प्रतिरोध 0.5 Ω है। जोड़ पर वोल्टेज ड्रॉप?
ड्रॉप = I × R = 4.6 × 0.5 = 2.3 V (असल में थोड़ा कम, क्योंकि धारा भी घटती है)। यह 0.2 V से बहुत ज़्यादा है, तो ग्राउंड साफ़ करना होगा।
5. हर बार हॉर्न दबाने पर उसका फ़्यूज़ उड़ जाता है। कौन-सी खराबी संभव है?
फ़्यूज़ और हॉर्न के बीच ग्राउंड से शॉर्ट (जैसे घिसा तार बॉडी छू रहा है)। नया फ़्यूज़ लगाने से पहले उसे ढूँढकर इंसुलेट करें।
6. कार में 60 Ah बैटरी है। 5 W की अंदर की लाइट जलती रह गई। लगभग कितनी देर में बैटरी खाली होगी?
I = 5 ÷ 12 ≈ 0.42 A। समय ≈ 60 ÷ 0.42 ≈ 144 घंटे। पर आधी खाली होते ही कार शायद स्टार्ट न हो, तो असल में 2–3 दिन में।
आम गलतियाँ
- उड़े फ़्यूज़ की जगह बड़ा फ़्यूज़ लगाना। पहले शॉर्ट ढूँढें।
- सर्किट चालू रखकर प्रतिरोध या कंटिन्युटी नापना।
- ग्राउंड वाली तरफ़ भूल जाना। 'मद्धम लैंप' की आधी खराबियाँ खराब ग्राउंड से होती हैं।
- पहले पॉज़िटिव टर्मिनल हटाना; स्पैनर बॉडी छू जाए तो बड़ी चिंगारी। पहले नेगेटिव हटाएँ।