जल आपूर्ति, जल निकासी और स्वच्छता
जल आपूर्ति। नगर का पानी या पंप छत की टंकी भरता है। गुरुत्व पानी को पाइप से नलों तक भेजता है। गहराई के साथ दाब बढ़ता है: p = ρgh (ρ = 1000 kg/m³, g = 9.8 m/s²)। यानी 10 m पानी से लगभग 98,000 Pa ≈ 1 bar। बहुत ऊँची इमारतों में बूस्टर पंप और बीच की मंज़िलों पर टंकियाँ होती हैं।
जल निकासी। सिंक, शावर और शौचालय का पानी लगभग 1 में 40 की हल्की ढलान वाले पाइप में जाता है, ताकि गुरुत्व से बहे। हर फ़िटिंग के नीचे ट्रैप होता है: U मोड़ जो थोड़ा पानी रखकर बदबू और कीटाणुओं को रोकता है। छत तक जाने वाला वेंट पाइप हवा अंदर आने देता है, ताकि बहता पानी ट्रैप को सूखा न खींचे। बारिश के पानी के अलग पाइप होते हैं; उसे जमा करके फिर इस्तेमाल किया जा सकता है (वर्षा जल संचयन)।
ताप, वेंटिलेशन और वातानुकूलन (HVAC)
वेंटिलेशन बासी हवा को ताज़ी हवा से बदलता है। आमने-सामने की खिड़कियाँ आर-पार हवा देती हैं; एग्ज़ॉस्ट फ़ैन रसोई और शौचालय की भाप और गंध निकालते हैं।
AC एक ऊष्मा पंप है। रेफ़्रिजरेंट गैस अंदर गर्मी लेती है (अंदर की कॉइल ठंडी होती है) और बाहर छोड़ती है (बाहर की यूनिट गर्म होती है)। यह नमी भी हटाता है। ठंडे इलाक़ों में यही उलटा चलाकर कमरा गर्म किया जाता है। अच्छा इन्सुलेशन और छाया अंदर आने वाली गर्मी घटाते हैं, तो कम ठंडक चाहिए।
बिजली और संचार की व्यवस्था
बिजली मीटर से आती है, जो ऊर्जा kWh में मापता है। फिर वितरण बोर्ड में, जहाँ हर सर्किट (लाइट, सॉकेट, AC) का एक MCB (मिनिएचर सर्किट ब्रेकर) होता है, जो ज़्यादा धारा पर बंद हो जाता है। RCCB धारा रिसने पर बंद होकर लोगों को झटके से बचाता है। अर्थ तार (हरा या हरा-पीला) रिसाव को सुरक्षित रूप से ज़मीन में ले जाता है।
संचार सेवाओं में इंटरनेट (ताँबे या ऑप्टिकल फ़ाइबर केबल), फ़ोन, TV, इंटरकॉम, CCTV और अलार्म की वायरिंग आती है।
अग्नि सुरक्षा, लिफ़्ट और ऊर्जा बचत
अग्नि सुरक्षा: धुआँ और ताप डिटेक्टर, अलार्म, स्प्रिंकलर (लगभग 68 °C पर काँच का बल्ब फूटता है और पानी छिटकता है), अग्निशामक, होज़ रील, अग्नि द्वार और निकास संकेत वाले खुले रास्ते। आग में कभी लिफ़्ट का प्रयोग न करें।
ढुलाई: लिफ़्ट और एस्केलेटर। लिफ़्ट का डिब्बा पुली पर स्टील की रस्सियों से लटका होता है; दूसरी ओर प्रतिभार उसे संतुलित करता है, इसलिए मोटर केवल अंतर उठाती है।
ऊर्जा बचत: ऊर्जा = शक्ति × समय (kWh)। LED पुराने बल्ब की लगभग छठवाँ हिस्सा बिजली लेता है। AC को 1 °C ऊपर रखने से लगभग 6% बचत। सौर पैनल, इन्सुलेशन, छाया, मोशन सेंसर और अच्छे पंप और बचत करते हैं।
स्थापना की सामग्री
- पानी के पाइप: CPVC, PPR (गर्मी से जोड़े जाते हैं), ताँबा, जस्तीकृत स्टील। पीने के पानी के लिए सुरक्षित और ज़रूरत हो तो गर्म पानी सहने वाले।
- निकासी पाइप: PVC/uPVC, ढलवाँ लोहा। अंदर से चिकने, ट्रैप और सफ़ाई के मुँह के साथ।
- तार: PVC इन्सुलेशन वाले ताँबे के तार; ज़्यादा धारा के लिए मोटा तार (जैसे सॉकेट के लिए 2.5 mm², AC के लिए 4–6 mm²)। कंड्यूट के अंदर बिछाए जाते हैं।
- डक्ट: हवा के लिए इन्सुलेशन वाली जस्तीकृत स्टील शीट।
- फ़िटिंग: वाल्व, नल, स्विच, सॉकेट, सब काम और मानकों के अनुसार।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- p = ρgh (h गहराई पर पानी का दाब)
- 1 bar = 1,00,000 Pa ≈ 10 m पानी
- ऊर्जा (kWh) = शक्ति (kW) × समय (h)
- ख़र्च = ऊर्जा (kWh) × दर प्रति kWh
- निकासी ढलान = गिरावट ÷ लंबाई (जैसे 1 में 40)
हल किए गए उदाहरण
1. एक नल छत की टंकी के पानी के स्तर से 12 m नीचे है। नल पर दाब निकालिए (ρ = 1000 kg/m³, g = 9.8 m/s²)।
p = ρgh = 1000 × 9.8 × 12 = 1,17,600 Pa ≈ 1.18 bar।
2. 8 m लंबा निकासी पाइप 1 में 40 की ढलान पर है। दूसरा सिरा कितना नीचा है?
गिरावट = 8 ÷ 40 = 0.2 m = 20 cm।
3. 1.5 kW का AC रोज़ 8 घंटे, 30 दिन चलता है। ऊर्जा?
E = 1.5 × 8 × 30 = 360 kWh।
4. छह 60 W बल्ब की जगह छह 9 W LED, रोज़ 6 घंटे, 30 दिन। कितने kWh बचे?
हर लैंप पर बचत = 51 W। कुल = 6 × 51 = 306 W = 0.306 kW। ऊर्जा = 0.306 × 6 × 30 = 55.08 kWh।
5. ₹8 प्रति kWh पर ऊपर वाला LED बदलाव हर माह कितने रुपये बचाता है?
55.08 × 8 ≈ ₹441।
6. लिफ़्ट का प्रतिभार डिब्बे के भार और आम भार के आधे के बराबर क्यों रखा जाता है?
तब मोटर को दोनों दिशाओं में केवल छोटा अंतर उठाना पड़ता है, इसलिए कम शक्ति लगती है और रस्सियाँ तनी रहती हैं।
आम गलतियाँ
- यह सोचना कि AC ठंडक बनाता है। वह अंदर की गर्मी बाहर ले जाता है।
- निकासी पाइप को सपाट या बहुत ढलवाँ रखना। सपाट पाइप जाम होते हैं; बहुत ढलवाँ में पानी भाग जाता है और ठोस पीछे रह जाता है।
- अर्थ तार हटा देना या बड़े भार के लिए पतला तार लगाना। दोनों से आग और झटके का ख़तरा।
- आग लगने पर लिफ़्ट का प्रयोग। हमेशा सीढ़ियाँ लें।