एयर कंडीशनिंग उपकरणों की बनावट
केंद्रीय प्रणाली के भाग:
- ऊष्मा स्रोत: चिलर ठंडा पानी (लगभग 7 C) बनाता है; बॉयलर या हीट पंप गरमी के लिए गरम पानी बनाता है। कूलिंग टावर या बाहरी इकाई गर्मी बाहर फेंकती है।
- पंप और पाइप: पानी ले जाते हैं।
- वायु इकाई (AHU): फ़िल्टर, कॉइल (ठंडी या गरम), पंखा और कभी-कभी ह्यूमिडिफ़ायर।
- नली और डिफ़्यूज़र: कमरों में हवा ले जाते और फैलाते हैं।
- नियंत्रण: सेंसर, नियंत्रक और वाल्व।
हवा का रास्ता: कमरे की हवा, फ़िल्टर, कॉइल, पंखा, नली, डिफ़्यूज़र, कमरा।
केंद्रीय और अलग-अलग एयर कंडीशनिंग इकाइयाँ
केंद्रीय प्रणाली एक जगह ठंडा पानी या हवा बनाकर कई कमरों को भेजती है। यह बड़ी इमारतों के लिए ठीक है: अच्छा नियंत्रण, ऊँची दक्षता, रखरखाव एक जगह, पर संयंत्र-कक्ष और शाफ़्ट चाहिए।
अलग-अलग प्रणाली (विंडो, स्प्लिट, कैसेट, VRF) एक कमरे या क्षेत्र को ठंडा करती है। ये सस्ती और आसानी से लगने वाली हैं और हर कमरा अलग नियंत्रित होता है, पर कई इकाइयों से बाहर शोर और रखरखाव बढ़ सकता है। स्प्लिट AC में अंदर और बाहर की इकाइयाँ शीतलक पाइप से जुड़ी होती हैं। VRF एक बाहरी इकाई से कई अंदर की इकाइयाँ जोड़ता है।
एयर कंडीशनिंग उपकरणों का नियंत्रण
नियंत्रण-चक्र में सेंसर (तापमान या नमी), नियंत्रक और एक्चुएटर (वाल्व, डैम्पर या पंखे की चाल) होते हैं। नियंत्रक रीडिंग की तुलना सेट मान से करके कदम उठाता है। कमरा गरम हो तो टू-वे वाल्व ज़्यादा खुलता है। अन्य नियंत्रण: पंखे की चाल, ताज़ी हवा के लिए डैम्पर की स्थिति, और रात में संयंत्र बंद करने वाली समय-सारणी।
यह एक फ़ीडबैक चक्र है: नापो, तुलना करो, कार्य करो, दोहराओ।
एयर कंडीशनिंग में ऊर्जा की बचत
- तापमान 24 से 26 C रखिए: हर डिग्री ऊपर करने से लगभग 6% बचत।
- दीवार और छत पर इन्सुलेशन; खिड़कियों पर छाया; दरारें बंद।
- इन्वर्टर कंप्रेसर और बदलती चाल वाले पंखे व पंप।
- VAV (चर वायु आयतन) भार कम होने पर हवा का प्रवाह घटा देता है। पंखे की शक्ति लगभग चाल के घन के अनुसार घटती है।
- बाहर जाती हवा से गर्मी वापस लेना; बाहर की हवा ठंडी हो तो मुफ़्त ठंडक का उपयोग।
- फ़िल्टर और कॉइल साफ़ रखना; रिसाव ठीक करना; ख़ाली कमरे बंद करना।
COP = शीतलन आउटपुट / बिजली इनपुट। ऊँचा COP यानी उतनी ही ठंडक के लिए कम बिजली।
एयर कंडीशनिंग उपकरणों का डिज़ाइन
डिज़ाइन के चरण: (1) शीतलन और तापन भार निकालना; (2) संयंत्र की क्षमता (kW या TR) चुनना; (3) हवा का प्रवाह V = Q / (rho x cp x ΔT) निकालना; (4) नली का आकार, क्षेत्रफल A = V / v (दफ़्तरों में लगभग 5 m/s); (5) ठंडे पानी का प्रवाह m = Q / (cp x ΔT), cp = 4.18 kJ/kg K; (6) पंप, पंखे और नियंत्रण चुनना। थोड़ा सुरक्षा-अंतर रखिए पर ज़रूरत से बड़ा मत लीजिए।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- COP = शीतलन आउटपुट / बिजली
- हवा का प्रवाह V = Q / (rho x cp x deltaT), rho = 1.2 kg/m3, cp = 1.005 kJ/kg K
- नली का क्षेत्रफल A = V / v
- पानी का प्रवाह m = Q / (cp x deltaT), cp = 4.18 kJ/kg K
- सेट तापमान एक डिग्री बढ़ाने पर लगभग 6% बचत
हल किए गए उदाहरण
1. एक AC 3 kW बिजली में 9 kW शीतलन देता है। COP निकालिए।
COP = 9 / 3 = 3।
2. कमरे को 6 kW सुबोध शीतलन चाहिए, आपूर्ति की हवा 10 K ठंडी। हवा का प्रवाह निकालिए।
V = 6 / (1.2 x 1.005 x 10) = 0.4975, यानी लगभग 0.5 m3/s।
3. प्रवाह 0.5 m3/s, चाल 5 m/s। नली का क्षेत्रफल निकालिए।
A = 0.5 / 5 = 0.1 m2।
4. कॉइल 84 kW निकालती है; पानी 5 K गरम होता है। पानी का प्रवाह निकालिए।
m = 84 / (4.18 x 5) = 4.02 kg/s, लगभग 4 L/s।
5. इकाई महीने में 900 kWh लेती है। सेट तापमान 2 डिग्री ऊपर। बिजली 8 रुपये प्रति kWh। मासिक बचत निकालिए।
बचत 12% = 108 kWh। पैसे = 108 x 8 = 864।
आम गलतियाँ
- भार से बहुत बड़ी इकाई चुनना, जिससे वह बार-बार चालू-बंद होती है।
- थर्मोस्टैट को धूप में या गर्मी के स्रोत के पास लगाना।
- फ़िल्टर साफ़ करना भूल जाना, जिससे पंखे पर ज़ोर पड़ता है।
- COP (बिना इकाई) और बिजली kW को मिला देना।