विद्युत मीटर
विद्युत मीटर बताता है कि कोई विद्युत राशि कितनी बड़ी है। आम प्रकार:
- अमीटर (धारा, एम्पियर में)
- वोल्टमीटर (विभवांतर, वोल्ट में)
- ओममीटर (प्रतिरोध, ओम में) और तीनों नापने वाला मल्टीमीटर
- वाटमीटर (शक्ति) और ऊर्जा मीटर (खर्च हुई बिजली की यूनिट, घर वाला मीटर)
आम चल कुंडली मीटर में चुंबक के ध्रुवों के बीच हल्की कुंडली होती है। धारा बहने पर कुंडली पर बल लगता है और वह कमानी के विरुद्ध घूमती है। कुंडली से जुड़ी सुई स्केल पर इशारा करती है। धारा जितनी ज़्यादा, घुमाव उतना ज़्यादा।
कैसे जोड़ें। अमीटर श्रेणी में जुड़ता है और उसका प्रतिरोध बहुत कम होना चाहिए, ताकि धारा न बदले। वोल्टमीटर समांतर में जुड़ता है और उसका प्रतिरोध बहुत ज़्यादा होना चाहिए, ताकि वह लगभग धारा न ले। बड़ी धारा नापने के लिए मीटर की कुंडली के समांतर छोटा शंट प्रतिरोध लगाते हैं। बड़ी वोल्टता नापने के लिए कुंडली के श्रेणी में बड़ा गुणक (मल्टीप्लायर) प्रतिरोध लगाते हैं।
चल कुंडली मीटर सिर्फ़ DC पर चलते हैं। AC के लिए रेक्टिफ़ायर या मूविंग-आयरन मीटर होते हैं। डिजिटल मीटर संख्या दिखाते हैं।
मापन: पाठ्यांक, परास और त्रुटि
मापन का अर्थ है किसी राशि को मानक इकाई से मिलाकर संख्या लिखना। कोई पाठ्यांक पूरी तरह सही नहीं होता। पाठ्यांक और सही मान का अंतर त्रुटि कहलाता है।
- परास (range): मीटर जो सबसे बड़ा मान दिखा सकता है (पूर्ण स्केल)। अपेक्षित मान से थोड़ा बड़ी परास चुनें। सुई स्केल के एक तिहाई से कम हिले तो पाठ्यांक कमज़ोर है।
- सटीकता वर्ग: वर्ग 1.5 का मीटर पूर्ण स्केल के 1.5 % तक ग़लत हो सकता है। 10 A परास पर स्केल पर कहीं भी यह ±0.15 A है।
- लंबन (parallax): सुई को बगल से देखने पर पाठ्यांक ग़लत आता है। सीधे ऊपर से देखें और स्केल पर दर्पण पट्टी हो तो उसका उपयोग करें।
- शून्य त्रुटि: सुई शून्य पर न टिके तो पहले उसे ठीक करें।
सेंसर (ट्रांसड्यूसर) किसी भौतिक राशि को विद्युत संकेत में बदलते हैं: ताप के लिए थर्मिस्टर, प्रकाश के लिए LDR, बल के लिए स्ट्रेन गेज, द्रव स्तर के लिए फ़्लोट स्विच। फिर मीटर इस संकेत को पढ़ सकता है।
स्वचालित नियंत्रण की बुनियाद
स्वचालित नियंत्रण में मशीन बिना किसी इंसान के देखे मान को वहीं रखती है जहाँ हम चाहते हैं। ज़रूरी शब्द:
- सेट मान (लक्ष्य): जो हम चाहते हैं, जैसे 40 °C।
- निर्गत (नियंत्रित राशि): जो असल में मिलता है, जैसे कमरे का तापमान।
- सेंसर: निर्गत नापता है।
- कंट्रोलर: फ़ैसला करता है।
- एक्चुएटर: काम करता है, जैसे हीटर, वाल्व या मोटर।
- बाधा (disturbance): जो निर्गत को हटा देती है, जैसे खुली खिड़की।
खुला लूप: कंट्रोलर निर्गत देखे बिना काम करता है (टाइमर)। यह सरल और सस्ता है पर त्रुटि ठीक नहीं कर सकता।
बंद लूप: सेंसर निर्गत को वापस भेजता है (फ़ीडबैक); कंट्रोलर त्रुटि = सेट मान − नापा हुआ मान निकालता है और उसे छोटा करने के लिए काम करता है। यह बाधाओं से लड़ सकता है।
ऑन-ऑफ़ नियंत्रण (थर्मोस्टैट): ठंड हो तो हीटर चालू, पर्याप्त गरम हो तो बंद। तापमान सेट मान के आसपास थोड़ा डोलता है। आनुपातिक नियंत्रण: त्रुटि जितनी बड़ी, कार्रवाई उतनी ज़ोरदार; इसका नतीजा ज़्यादा सहज होता है।
स्वचालित नियंत्रण के उपयोग
स्वचालित नियंत्रण हर जगह मिलता है:
- तापमान: गीज़र, फ़्रिज, प्रेस, एयर कंडीशनर और ओवन के थर्मोस्टैट।
- स्तर: टंकी खाली हो तो फ़्लोट स्विच पंप चालू करता है और भर जाए तो बंद।
- मोटर की चाल: लिफ़्ट या कन्वेयर की मोटर पर स्पीड सेंसर कंट्रोलर को भारी या हल्के भार में भी चाल स्थिर रखने देता है।
- वोल्टता: जनित्र पर स्वचालित वोल्टता नियामक भार बदलने पर भी निर्गत वोल्टता समान रखता है।
- सुरक्षा: सर्किट ब्रेकर अतिधारा पहचानकर खुद सप्लाई काटता है; स्मोक अलार्म धुआँ पहचानकर बजता है।
- प्रोग्रामेबल कंट्रोलर (PLC) और माइक्रोकंट्रोलर कई सेंसर और एक्चुएटर वाली कारख़ाने की मशीनें चलाते हैं।
अच्छे नियंत्रण तंत्र को बाधा (जैसे खिड़की खोलना) देकर परखा जाता है कि वह कितनी जल्दी सँभलता है।
करके देखें: लूप पहचानें
अपने घर में देखें और चीज़ों को खुला लूप या बंद लूप में बाँटें। टाइमर पर पंखा: खुला। ठंडा होने पर बंद होने वाला फ़्रिज: बंद। अब 3D में: खुले लूप वाला कमरा चलाएँ, खिड़की खुलने का इंतज़ार करें और अंतिम तापमान लिख लें। फिर बंद लूप वाला कमरा चलाकर तुलना करें। मापन के लिए बैटरी, बल्ब, अमीटर और वोल्टमीटर का परिपथ बनाएँ और जाँचें कि अमीटर लाइन में है और वोल्टमीटर बल्ब के आर-पार।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- अमीटर: श्रेणी में, प्रतिरोध बहुत कम
- वोल्टमीटर: समांतर में, प्रतिरोध बहुत ज़्यादा
- शंट प्रतिरोध S = Ig × Rg / (I − Ig)
- गुणक प्रतिरोध R = V / Ig − Rg
- त्रुटि = नापा मान − सही मान; % त्रुटि = त्रुटि / सही मान × 100
- वर्ग त्रुटि = (वर्ग / 100) × पूर्ण स्केल मान
- नियंत्रण त्रुटि e = सेट मान − नापा हुआ मान
हल किए गए उदाहरण
1. मीटर की कुंडली 100 Ω की है और 1 mA पर पूर्ण स्केल देती है। इसे 1 A का अमीटर बनाने के लिए कितना शंट चाहिए?
S = Ig Rg / (I − Ig) = 0.001 × 100 / (1 − 0.001) = 0.1 / 0.999 ≈ 0.1 Ω, कुंडली के समांतर।
2. उसी कुंडली (100 Ω, 1 mA) से 10 V का वोल्टमीटर बनाना है। श्रेणी में कितना प्रतिरोध चाहिए?
कुल प्रतिरोध = V / Ig = 10 / 0.001 = 10000 Ω। गुणक = 10000 − 100 = 9900 Ω।
3. अमीटर 4.0 A पढ़ता है पर सही धारा 4.2 A है। प्रतिशत त्रुटि निकालें।
त्रुटि = 4.0 − 4.2 = −0.2 A। % त्रुटि = 0.2 / 4.2 × 100 ≈ 4.8 % (पाठ्यांक कम है)।
4. वर्ग 1.5 के अमीटर की परास 10 A है। पाठ्यांक में अधिकतम त्रुटि कितनी हो सकती है?
त्रुटि = 1.5 / 100 × 10 = 0.15 A, यानी स्केल पर कहीं भी पाठ्यांक ±0.15 A के भीतर है।
5. एक सेंसर 10 mV प्रति °C देता है। उसका निर्गत 0.37 V है। तापमान क्या है?
0.37 V = 370 mV। तापमान = 370 / 10 = 37 °C।
6. हीटर का थर्मोस्टैट 40 °C पर सेट है। कमरा 35 °C और 41 °C हो तो कंट्रोलर क्या करता है?
35 °C पर त्रुटि = 40 − 35 = +5 °C, इसलिए हीटर चालू। 41 °C पर त्रुटि = −1 °C, इसलिए हीटर बंद।
7. कमरा 20 °C से ऊपर हर °C पर 1 इकाई ऊष्मा खोता है और खुले लूप का हीटर तय 30 इकाई देता है। स्थिर तापमान क्या होगा? खिड़की खुलने पर हानि 2.5 प्रति °C हो जाए तो?
स्थिर अवस्था में दी हुई ऊष्मा = खोई ऊष्मा। 30 = 1 × (T − 20), इसलिए T = 50 °C। खिड़की खुली हो तो 30 = 2.5 × (T − 20), इसलिए T = 32 °C। खुला लूप इस गिरावट को ठीक नहीं कर सकता।
आम गलतियाँ
- अमीटर को बैटरी या बल्ब के समांतर लगाना। उसका बहुत कम प्रतिरोध भारी धारा बहाता है और मीटर जल सकता है।
- वोल्टमीटर को श्रेणी में लगाना। उसका बहुत ज़्यादा प्रतिरोध धारा लगभग रोक देता है और बल्ब बुझ जाता है।
- सुई को बगल से पढ़ना (लंबन) या शून्य त्रुटि को अनदेखा करना।
- टाइमर को बंद लूप कहना। जहाँ कुछ परिणाम को नापकर वापस नहीं भेजता, वह खुला लूप है।