सेवाओं के काम का निर्माण-प्रबंधन
सेवाएँ लगाना टीम का काम है। साइट मैनेजर चार लक्ष्य साथ देखता है: गुणवत्ता (डिज़ाइन के अनुसार काम), ख़र्च, समय (सौंपने की तारीख़) और सुरक्षा।
मुख्य औज़ार:
- समय-सारणी (गैंट चार्ट): समय-रेखा पर कार्यों की पट्टियाँ।
- क्रांतिक पथ: जुड़े हुए कार्यों की सबसे लंबी कड़ी। इसका कोई कार्य देर से हो तो पूरा काम देर से होता है। पथ के बाहर के कार्यों के पास फ़ालतू समय (float) होता है।
- गुणवत्ता जाँच: सामान आते ही देखना, पाइप दीवार में छिपाने से पहले परखना, और रिकॉर्ड रखना।
- सुरक्षा: सुरक्षित सीढ़ी, उठाना, गरम काम और बिजली बंद करना, और रोज़ सुबह छोटी बात-चीत।
- तालमेल: कारीगर-दल अक्सर मिलते हैं ताकि पाइप, नली और तार टकराएँ नहीं।
समय-सारणी बनाना
काम की समय-सारणी बनाने के चरण: (1) कार्यों की सूची, (2) हर एक का समय अंदाज़ना, (3) तय करना कि कौन किससे पहले हो, (4) पट्टियाँ खींचना, (5) सबसे लंबी कड़ी ढूँढना। 3D में पाइप (3 सप्ताह), नली और तार आपस में ओवरलैप करते हैं, और जाँच (2 सप्ताह) उनके बाद ही शुरू होती है। पाइप देर से हों तो आगे की हर पट्टी उतनी ही खिसक जाती है।
सेवाओं के काम का लागत अनुमान
अनुमान काम शुरू होने से पहले ख़र्च का सोचा-समझा अंदाज़ा है।
- नक़्शे पढ़कर हर मद की सूची बनाइए (पाइप, वाल्व, फ़िटिंग, नली, तार)।
- मात्रा गणना: हर मद को नापिए या गिनिए (मीटर, नग)।
- इकाई दर (प्रति मीटर या प्रति नग दाम, सामान + मज़दूरी) से गुणा कीजिए।
- सीधी लागत जोड़िए (सामान, मज़दूरी, मशीन)।
- ऊपरी खर्च (साइट दफ़्तर, निगरानी, मुख्य दफ़्तर का हिस्सा) और लाभ जोड़िए।
- अचानक आने वाली बातों के लिए थोड़ी आकस्मिक राशि जोड़िए।
सूत्र: अनुमान = Σ(मात्रा x इकाई दर) + ऊपरी खर्च + लाभ + आकस्मिक राशि।
समय और ख़र्च पर नियंत्रण
काम के दौरान हर सप्ताह प्रगति की योजना से तुलना कीजिए। क्रांतिक पथ का कोई कार्य पिछड़े तो मज़दूर बढ़ाइए या शिफ़्ट में काम कीजिए। सामान का भंडार कम पर काफ़ी रखिए ताकि काम न रुके। हर बदलाव लिखित में दर्ज कीजिए, क्योंकि अतिरिक्त काम का दाम लिखित सहमति से तय होता है।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- मद की लागत = मात्रा x इकाई दर
- सीधी लागत = सामान + मज़दूरी + मशीन
- अनुमान = सीधी लागत + ऊपरी खर्च + लाभ + आकस्मिक राशि
- कतार के कार्य: कुल समय = अवधियों का योग
- क्रांतिक पथ = जुड़े कार्यों की सबसे लंबी कड़ी
हल किए गए उदाहरण
1. 40 m पाइप: सामान 12 और मज़दूरी 8 प्रति मीटर। ऊपरी खर्च 15%। अनुमान निकालिए।
सीधी लागत = 40 x (12 + 8) = 800। ऊपरी खर्च = 0.15 x 800 = 120। अनुमान = 920।
2. पाइप 3 सप्ताह (सप्ताह 0 से), नली 3 सप्ताह (सप्ताह 2 से), तार 3 सप्ताह (सप्ताह 4 से), जाँच सारे काम के बाद 2 सप्ताह। पूरा होने का सप्ताह निकालिए।
पाइप 3 पर, नली 5 पर, तार 7 पर ख़त्म होते हैं। जाँच सप्ताह 7 से शुरू होकर 9 पर ख़त्म होती है।
3. पिछले प्रश्न में पाइप 2 सप्ताह देर हुए और आगे सब खिसक गया। नया अंत क्या है?
हर कार्य 2 सप्ताह खिसकता है, इसलिए अंत सप्ताह 9 + 2 = सप्ताह 11।
4. सीधी लागत 5000, ऊपरी खर्च 12%, उप-योग पर आकस्मिक 5%। अंतिम अनुमान निकालिए।
5000 x 1.12 = 5600। 5600 x 1.05 = 5880।
आम गलतियाँ
- ऊपरी खर्च और आकस्मिक राशि भूल जाना, जिससे अनुमान कम रह जाता है।
- सारे कार्यों को कतार में मान लेना जबकि कुछ साथ चल सकते हैं।
- सारा काम पूरा होने से पहले अंतिम जाँच शुरू कर देना।
- बदलाव दर्ज न करना, जिससे अतिरिक्त काम का भुगतान नहीं मिलता।