सेवाओं की योजना क्या है?
इमारत की सेवा वह प्रणाली है जिससे इमारत काम करती है: पानी, निकासी, हवा, बिजली, आग-सुरक्षा और लिफ़्ट। सेवाओं की योजना का मतलब है पहले से तय करना कि कौन-सी प्रणाली चाहिए, कितनी बड़ी हो और कहाँ से गुज़रे।
योजनाकार तीन सवाल पूछता है: इमारत को क्या चाहिए (लोग, उपयोग, मौसम)? हर प्रणाली कहाँ चलेगी? उसे कितनी जगह चाहिए?
योजना वास्तुकार और ढाँचा-डिज़ाइनर के साथ बनती है। देर से बनी योजना में दीवार और बीम काटनी पड़ती है, ख़र्च और देरी बढ़ती है।
अलग-अलग सेवाओं की योजना
- जल आपूर्ति: छत की टंकी या पंप नलों तक पानी भेजता है। दाब p = ρgh होता है, यानी हर 10 m ऊँचाई पर लगभग 1 बार।
- जल निकासी: गंदा पानी गुरुत्व से बहता है, इसलिए पाइप नीचे की ओर ढलान वाले होने चाहिए। वेंट पाइप हवा अंदर आने देता है ताकि पानी आराम से बहे।
- एयर कंडीशनिंग और वेंटिलेशन: नली ठंडी और ताज़ी हवा ले जाती है। ये बड़ी होती हैं, इसलिए पहले प्लान होती हैं।
- बिजली: तार ट्रे और नलिका में चलते हैं; पैनल को सुरक्षित, सूखा कमरा चाहिए।
- आग-सुरक्षा और लिफ़्ट: स्प्रिंकलर, अलार्म, आग के पाइप और लिफ़्ट शाफ़्ट की जगह तय रहती है।
अच्छा क्रम: जो सबसे बड़ा और कम लचीला है वह पहले (नली, नाली), फिर पाइप, फिर तार।
उपकरण और पाइप के लिए जगह
सेवाओं को तीन तरह की जगह चाहिए:
- खड़े शाफ़्ट जिनसे राइज़र सभी मंज़िलों से गुज़रते हैं।
- सीलिंग के ऊपर की जगह आड़ी नली, पाइप और ट्रे के लिए।
- मशीन-कक्ष पंप, चिलर, पंखे और बिजली पैनल के लिए, मरम्मत के लिए आसपास जगह के साथ।
ऊँचाई की जाँच: सिर के ऊपर ऊँचाई = मंज़िल की ऊँचाई - स्लैब या बीम की गहराई - नली की गहराई - सीलिंग का गैप। सामान्य कमरे में लगभग 2.4 m चाहिए। कम हो तो नली कम गहरी और ज़्यादा चौड़ी बनाइए, या मंज़िल की ऊँचाई बढ़ाइए।
ढलान की जाँच: 1 में 100 के ढलान पर पाइप की हर 1 m लंबाई पर 1 cm गिरावट होती है।
ढाँचे और मौसम के साथ योजना
मौसम और इमारत का आकार सेवाओं का आकार तय करते हैं: गरम और धूप वाली इमारत को बड़ी ठंडक-नली चाहिए; ऊँची इमारत को पानी चढ़ाने के लिए पंप चाहिए। बीम और खंभे भार उठाते हैं, इसलिए उनमें छेद ढाँचा-डिज़ाइनर के साथ पहले तय होते हैं, साइट पर यूँ ही नहीं काटे जाते। बहुत छोटा शाफ़्ट बाद में ठीक नहीं हो सकता, इसलिए भविष्य के पाइपों के लिए थोड़ी जगह अधिक रखिए।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- ऊँचाई = मंज़िल की ऊँचाई - बीम - नली - गैप
- नाली की गिरावट = पाइप की लंबाई x ढलान (1 में 100 यानी 0.01)
- पानी का दाब p = rho x g x h (rho = 1000 kg/m3, g = 9.8 m/s2)
- प्रवाह Q = A x v (क्षेत्रफल x चाल)
हल किए गए उदाहरण
1. मंज़िल की ऊँचाई 3.2 m है। बीम 0.5 m, नली 0.4 m, गैप 0.1 m। सिर के ऊपर ऊँचाई निकालिए।
ऊँचाई = 3.2 - 0.5 - 0.4 - 0.1 = 2.2 m। यह 2.4 m से कम है, इसलिए कम गहरी नली लीजिए या मंज़िल ऊँची कीजिए।
2. 12 m लंबी नाली का ढलान 1 में 50 है। कितनी गिरावट होगी?
गिरावट = 12 x 1/50 = 0.24 m = 24 cm।
3. टंकी नल से 20 m ऊपर है। नल पर दाब निकालिए।
p = 1000 x 9.8 x 20 = 196,000 Pa = 196 kPa, लगभग 2 बार।
4. 50 mm अंदरूनी व्यास के पाइप में पानी 1.5 m/s से बहता है। प्रवाह L/s में निकालिए।
A = 3.14 x 0.025^2 = 0.001963 m2। Q = 0.001963 x 1.5 = 0.00294 m3/s = 2.94 L/s।
आम गलतियाँ
- इमारत का डिज़ाइन तय होने के बाद सेवाओं की योजना बनाना।
- ऊँचाई गिनते समय बीम की गहराई भूल जाना।
- नाली के पाइप को ढलान न देना, जिससे पानी रुका रहता है।
- मशीन को ऐसे कमरे में रखना जहाँ मरम्मत की जगह नहीं है।