सेवाओं के लिए इमारत की योजना
योजना का मतलब है निर्माण से पहले तय करना कि हर हिस्सा कहाँ होगा। सेवाओं (पानी, नाली, एयर-कंडीशनिंग, बिजली) के लिए हम तय करते हैं:
- शाफ़्ट: नीचे से ऊपर तक खड़े रास्ते, पाइप, डक्ट और केबल के लिए। शौचालय और रसोई एक के ऊपर एक रखने से पाइप छोटे होते हैं।
- मशीन-कक्ष: पंप, टंकी, लिफ़्ट और एयर यूनिट के कमरे, जहाँ शोर और वज़न सँभालना आसान हो।
- मंज़िल की ऊँचाई: बीम के नीचे और छत के ऊपर डक्ट और पाइप के लिए ऊँचाई छोड़ें।
- पहुँच: पैनल ताकि बाद में पाइप की मरम्मत हो सके।
इमारत की संरचना
- नींव: इमारत का वज़न मिट्टी पर फैलाती है।
- खंभे: खड़े अंग जो भार नीचे ले जाते हैं।
- बीम: आड़े अंग जो फ़र्श को खंभों तक पहुँचाते हैं।
- स्लैब: फ़र्श की पट्टी।
- दीवारें: भार उठा सकती हैं (दीवार-संरचना) या सिर्फ़ जगह बाँटती हैं (ढाँचा-संरचना)।
आम सामग्री: प्रबलित कंक्रीट (कंक्रीट दबाव में मज़बूत, सरिये खिंचाव सँभालते हैं), इस्पात और लकड़ी।
संरचनात्मक यांत्रिकी: भार और बल
भार वे बल हैं जो इमारत पर लगते हैं।
- स्थायी भार: इमारत का अपना वज़न।
- चल भार: लोग, फ़र्नीचर, सामान।
- हवा और भूकंप का भार: बगल से लगने वाले बल।
L फैलाव की साधारण बीम पर समान भार w (kN प्रति मीटर) हो तो: कुल भार = w × L, हर सहारा उसका आधा उठाता है (w × L ÷ 2), और सबसे बड़ा बंकन आघूर्ण बीच में होता है, M = w × L² ÷ 8। खंभा उतने फ़र्श का भार उठाता है जितना उसके हिस्से में है, सब मंज़िलों का जोड़। मिट्टी पर दाब = भार ÷ नींव का क्षेत्रफल।
बीम का झुकना और सेवाओं के लिए छेद
भार पड़ने पर बीम झुकती है। उसी भार और फैलाव पर झुकाव लगभग 1 ÷ गहराई³ के समानुपाती होता है। गहराई दुगुनी तो झुकाव आठवाँ हिस्सा। इसलिए गहरी बीम बहुत कड़ी होती है।
पाइपों को अक्सर बीम पार करनी होती है। मोटे नियम: छेद गोल, छोटा, आधी गहराई पर और फैलाव के बीच के तिहाई हिस्से में हो। सहारों के पास (वहाँ अपरूपण बल सबसे ज़्यादा है) या ऊपरी-निचले किनारे के पास छेद न करें। ऐसे छेद कंक्रीट डालने से पहले संरचना इंजीनियर के साथ तय करें।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- बीम पर कुल भार = w × L (w kN/m में, L मीटर में)
- सहारे की प्रतिक्रिया (समान भार) = w × L ÷ 2
- अधिकतम बंकन आघूर्ण = w × L² ÷ 8
- झुकाव ∝ भार ÷ गहराई³ (वही फैलाव और सामग्री)
- मिट्टी पर दाब = भार ÷ नींव का क्षेत्रफल
हल किए गए उदाहरण
1. 6 m फैलाव की बीम पर 10 kN/m का समान भार है। कुल भार और हर सहारे की प्रतिक्रिया निकालिए।
कुल = 10 × 6 = 60 kN। हर सहारा = 60 ÷ 2 = 30 kN।
2. उसी बीम का अधिकतम बंकन आघूर्ण निकालिए।
M = w × L² ÷ 8 = 10 × 36 ÷ 8 = 45 kN·m।
3. बीम की गहराई दुगुनी कर दी जाए तो झुकाव कितना बदलेगा?
झुकाव ∝ 1 ÷ गहराई³, इसलिए गुणक 1 ÷ 2³ = 1/8। झुकाव आठ गुना कम।
4. एक खंभा 3 मंज़िलों में हर एक पर 20 m² फ़र्श सँभालता है। फ़र्श का भार 5 kN/m² है। खंभे का भार निकालिए।
हर मंज़िल = 20 × 5 = 100 kN। तीन मंज़िल = 300 kN।
5. वह खंभा 1.5 m² की वर्गाकार नींव पर टिका है। मिट्टी पर दाब निकालिए।
दाब = 300 ÷ 1.5 = 200 kN/m² (200 kPa)।
6. 6 m की बीम में पाइप का छेद चाहिए। फैलाव का कौन-सा बीच का तिहाई हिस्सा काम आएगा?
बीच का तिहाई हिस्सा = एक सहारे से 2 m से 4 m तक। गोल छेद इसी दायरे में आधी गहराई पर रखें।
आम गलतियाँ
- बीम चौड़ी और चपटी बनाना। कड़ापन गहराई से आता है, चौड़ाई से नहीं (गहराई का घन)।
- सहारे के पास या बीम के निचले हिस्से में छेद करना। वहीं से दरार शुरू होती है।
- ढाँचा ढलने के बाद सेवाएँ सोचना। शाफ़्ट और स्लीव पहले से तय करें।
- भार जोड़ते समय इमारत का अपना वज़न (स्थायी भार) भूल जाना।