प्राकृतिक वातावरण: सूरज, हवा और जलवायु
हर जगह की एक जलवायु होती है: आम तापमान, बारिश, हवा और धूप। इमारत जलवायु के साथ चलने के लिए बनाई जाती है।
- सूरज: गर्मी में ऊँचा, सर्दी में नीचा। छज्जा या जाली ऊँचे सूरज को रोकती है और नीचे वाले को अंदर आने देती है।
- हवा: ताज़ी हवा लाती है। आमने-सामने की खिड़कियाँ इसका उपयोग करती हैं।
- ज़मीन और पेड़: छाया देते हैं और आसपास ठंडक रखते हैं।
भीतरी वातावरण: जो हम महसूस करते हैं
अंदर का आराम चार चीज़ों से तय होता है।
- तापमान और नमी: ज़्यादातर लोगों को लगभग 22 से 26 °C पर अच्छा लगता है।
- रोशनी: खिड़की की दिन की रोशनी बिजली बचाती है; चकाचौंध बुरी है।
- हवा की गुणवत्ता: लोग कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ते हैं, इसलिए ताज़ी हवा आनी चाहिए। वेंटिलेशन प्रति घंटा हवा-बदलाव (ACH) = हवा का प्रवाह (घन मी/घंटा) ÷ कमरे का आयतन (घन मी)।
- आवाज़: मोटी दीवारें और बंद खिड़कियाँ शोर घटाती हैं।
तरल यांत्रिकी: हवा कैसे चलती है
हवा एक तरल है। वह दो कारणों से चलती है।
- हवा का दबाव: हवा ऊँचे दाब से नीचे दाब की ओर चलती है, इसलिए हवा के सामने वाली खिड़की से आती और दूसरी से निकलती है।
- उत्प्लावन (स्टैक प्रभाव): गर्म हवा कम घनी होती है और ऊपर उठती है। वह ऊँचे छेद से निकलती है और नीचे के छेदों से ठंडी हवा खींचती है। इमारत जितनी ऊँची, असर उतना बड़ा।
नलिका (डक्ट) में प्रवाह दर Q = A × v (क्षेत्रफल × गति)। नलिका सँकरी हो तो हवा तेज़ हो जाती है।
ऊष्मीय यांत्रिकी: गर्मी कैसे चलती है
गर्मी हमेशा गर्म से ठंडी जगह की ओर तीन तरह से चलती है।
- चालन: दीवार जैसे ठोस में से।
- संवहन: चलती हवा या पानी के साथ।
- विकिरण: किरणों के रूप में, जैसे चेहरे पर धूप।
दीवार से गर्मी का बहाव: Q = U × A × ΔT वाट में। U U-मान है, इकाई W/(m²·K): छोटा U यानी अच्छा रोधक। A क्षेत्रफल m² में। ΔT अंदर-बाहर का तापमान अंतर K में (°C जितना ही)। हवा गर्म करने के लिए Q = m × c × ΔT, हवा के लिए c ≈ 1000 J/(kg·K) और घनत्व लगभग 1.2 kg/m³।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- दीवार से गर्मी का बहाव: Q = U × A × ΔT (वाट)
- श्रेणी में परतें: R_कुल = R1 + R2 + …, U = 1 ÷ R_कुल
- हवा-बदलाव प्रति घंटा: ACH = हवा का प्रवाह (m³/h) ÷ कमरे का आयतन (m³)
- नलिका की प्रवाह दर: Q = A × v (m³/s)
- हवा गर्म करने की ऊष्मा: Q = m × c × ΔT, m = घनत्व × आयतन
हल किए गए उदाहरण
1. 10 m² की दीवार का U = 1.2 W/(m²·K) है। अंदर 25 °C, बाहर 5 °C। गर्मी का बहाव निकालिए।
ΔT = 25 − 5 = 20 K। Q = 1.2 × 10 × 20 = 240 W।
2. वही दीवार एक दिन में कितनी ऊर्जा खोती है?
240 W × 24 h = 5760 Wh = 5.76 kWh।
3. उसी दीवार पर इन्सुलेशन लगाने से U घटकर 0.3 W/(m²·K) हो गया। नया बहाव?
Q = 0.3 × 10 × 20 = 60 W। यह पहले का चौथाई है।
4. कमरा 4 m × 5 m × 3 m है। पंखा प्रति घंटे 120 m³ हवा चलाता है। ACH निकालिए।
आयतन = 60 m³। ACH = 120 ÷ 60 = 2 हवा-बदलाव प्रति घंटा।
5. 0.2 m² की नलिका में हवा 2 m/s से चल रही है। प्रवाह दर निकालिए। नलिका 0.1 m² हो जाए तो गति?
Q = 0.2 × 2 = 0.4 m³/s। 0.1 m² पर वही Q: v = 0.4 ÷ 0.1 = 4 m/s।
6. एक दीवार में ईंट का R = 0.4 और इन्सुलेशन का R = 1.6 (m²·K/W) है। U निकालिए।
R_कुल = 0.4 + 1.6 = 2.0। U = 1 ÷ 2.0 = 0.5 W/(m²·K)।
7. ऊपर के कमरे की 60 m³ हवा को 10 K गर्म करने में कितनी ऊष्मा लगेगी? (घनत्व 1.2 kg/m³, c = 1000 J/(kg·K))
m = 1.2 × 60 = 72 kg। Q = 72 × 1000 × 10 = 720 000 J = 720 kJ।
आम गलतियाँ
- ΔT में तापमान का अंतर गलत लेना: ΔT को धनात्मक संख्या लें; चिह्न सिर्फ़ दिशा बताता है।
- यह सोचना कि ठंड कमरे में घुसती है। गर्मी बाहर जाती है; ठंड सिर्फ़ गर्मी की कमी है।
- परतों के U-मान जोड़ देना। R-मान जोड़ें, फिर 1 ÷ R_कुल लें।
- यह सोचना कि बंद कमरा सबसे अच्छा है। हवा के बिना बासी हवा और नमी जमा होती है।