ऊष्मा इंजन क्या है?
ऊष्मा इंजन वह मशीन है जो ऊष्मा को यांत्रिक कार्य (गति) में बदलती है।
हर ऊष्मा इंजन के तीन भाग होते हैं:
- गर्म स्रोत – जलता ईंधन ऊष्मा देता है;
- कार्यकारी पदार्थ – गैस या भाप, जो गर्म होकर फैलती है;
- ठंडा सिंक – हवा या पानी, जो बची ऊष्मा ले जाता है।
ऊर्जा की कड़ी: ईंधन की रासायनिक ऊर्जा → ऊष्मा (गैस की आंतरिक ऊर्जा) → पिस्टन या टरबाइन की गतिज ऊर्जा।
दो परिवार
- बाह्य दहन: ईंधन सिलिंडर के बाहर जलता है, जैसे भाप इंजन या बिजलीघर की भाप टरबाइन।
- अंतर्दहन: ईंधन सिलिंडर के अंदर जलता है, जैसे पेट्रोल और डीज़ल इंजन, जेट इंजन।
चार स्ट्रोक इंजन
कार या बाइक के इंजन में एक सिलिंडर, सरकने वाला पिस्टन, दो वाल्व (अंदर आने और बाहर जाने के), एक स्पार्क प्लग और एक क्रैंकशाफ़्ट होता है, जो ऊपर-नीचे की गति को घूमने में बदलता है।
- चूषण (इनटेक): इनलेट वाल्व खुलता है, पिस्टन नीचे जाता है और हवा-ईंधन अंदर खींचता है।
- संपीडन: दोनों वाल्व बंद, पिस्टन ऊपर जाकर मिश्रण को दबाता है।
- शक्ति: स्पार्क प्लग चिंगारी देता है, ईंधन जलता है, गर्म गैस पिस्टन को नीचे धकेलती है। सिर्फ़ यही स्ट्रोक कार्य करता है।
- निष्कासन: निकास वाल्व खुलता है, पिस्टन ऊपर जाकर जली गैसें बाहर धकेलता है।
चार स्ट्रोक में क्रैंकशाफ़्ट दो चक्कर घूमता है। भारी गतिपालक पहिया (फ़्लाईव्हील) बाक़ी तीन स्ट्रोक में शाफ़्ट को घुमाए रखता है। डीज़ल इंजन में स्पार्क प्लग नहीं होता: हवा को इतना दबाया जाता है कि वह ईंधन जलाने लायक गर्म हो जाती है।
ईंधन का ऊष्मीय मान
ऊष्मीय मान (दहन की विशिष्ट ऊष्मा या कैलोरी मान) q वह ऊष्मा है जो 1 kg ईंधन पूरा जलने पर देता है। मात्रक: J/kg (अक्सर MJ/kg)।
Q = q × m
| ईंधन | q (लगभग, MJ/kg) |
|---|---|
| लकड़ी | 15 |
| कोयला | 30 |
| पेट्रोल / डीज़ल | 46 |
| मीथेन (प्राकृतिक गैस, बायोगैस) | 50 |
| हाइड्रोजन | 140 |
अच्छे ईंधन का ऊष्मीय मान ज़्यादा होता है, वह आसानी से पर सुरक्षित जलता है, सस्ता होता है, रखना आसान होता है और कम धुआँ-राख छोड़ता है।
ऊष्मा इंजन की दक्षता
कोई भी ऊष्मा इंजन अपनी सारी ऊष्मा को कार्य में नहीं बदलता। कुछ ऊष्मा धुएँ के साथ, कुछ ठंडा करने वाले पानी में और कुछ घर्षण में चली जाती है।
η = W ÷ Q × 100%, जहाँ W उपयोगी कार्य और Q ईंधन से मिली ऊष्मा है।
- पेट्रोल कार इंजन: लगभग 25–30%
- डीज़ल इंजन: लगभग 35–45%
- बिजलीघर की भाप टरबाइन: लगभग 35–40%
- गैस टरबाइन + भाप (संयुक्त चक्र): लगभग 55–60%
दक्षता हमेशा 100% से कम रहती है, क्योंकि चलते रहने के लिए इंजन को कुछ ऊष्मा ठंडे सिंक में फेंकनी ही पड़ती है।
ऊष्मा इंजन और पर्यावरण
जीवाश्म ईंधन जलने से निकलते हैं:
- कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) – ग्रीनहाउस गैस, जो धरती को गर्म करती है;
- कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) – अधूरे जलने से बनी ज़हरीली गैस;
- नाइट्रोजन ऑक्साइड और सल्फ़र डाइऑक्साइड – धुंध (स्मॉग) और अम्ल वर्षा;
- कालिख – फेफड़ों को नुकसान पहुँचाने वाले बारीक कण।
बेकार ऊष्मा नदियों और शहरों को भी गर्म करती है। जब गर्म पानी पाइपों से घरों तक भेजा जाता है, तो रास्ते में पाइपों से भी ऊष्मा रिसती है, इसलिए उन पर कुचालक परत लपेटी जाती है।
नुकसान कैसे घटाएँ
- अधिक दक्षता: कम ईंधन से ज़्यादा कार्य।
- धुएँ के पाइप पर कैटेलिटिक कनवर्टर और फ़िल्टर।
- साफ़ ईंधन: CNG, बायोगैस, हाइड्रोजन; सौर और पवन बिजली से चलने वाले इलेक्ट्रिक वाहन।
- बेकार ऊष्मा का उपयोग (संयुक्त ऊष्मा और बिजली संयंत्र)।
खुद करके देखिए: बेकार ऊष्मा महसूस कीजिए
किसी बड़े से स्कूटर या जनरेटर को एक मिनट चलाने को कहिए। इंजन और धुएँ के पाइप के पास (छुए बिना) हाथ रखिए। जो गर्मी महसूस होती है, वह ऊर्जा है जो गति नहीं बनी। अब 3D में दक्षता 30% कीजिए और लाल घन गिनिए: 10 में से 7।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- ईंधन से ऊष्मा: Q = q × m
- दक्षता: η = W ÷ Q × 100%
- उपयोगी कार्य: W = η × Q
- बेकार ऊष्मा: Q_बेकार = Q − W
- 1 MJ = 10,00,000 J
हल किए गए उदाहरण
1. 2 kg कोयला (q = 30 MJ/kg) पूरा जलने पर कितनी ऊष्मा देगा?
Q = q × m = 30 × 2 = 60 MJ।
2. एक इंजन को 200 MJ ऊष्मा मिलती है और वह 50 MJ उपयोगी कार्य करता है। दक्षता ज्ञात कीजिए।
η = 50 ÷ 200 × 100% = 25%।
3. एक डीज़ल इंजन (η = 40%) 5 kg डीज़ल (q = 46 MJ/kg) जलाता है। उपयोगी कार्य कितना है?
Q = 46 × 5 = 230 MJ। W = 0.40 × 230 = 92 MJ।
4. उदाहरण 3 में कितनी ऊष्मा बेकार गई?
बेकार ऊष्मा = Q − W = 230 − 92 = 138 MJ।
5. कार इंजन को 69 MJ कार्य करना है और उसकी दक्षता 30% है। कितना पेट्रोल (q = 46 MJ/kg) चाहिए?
Q = W ÷ η = 69 ÷ 0.30 = 230 MJ। m = 230 ÷ 46 = 5 kg।
6. 92 MJ ऊष्मा के लिए क्या बेहतर है: 2 kg पेट्रोल या 6 kg लकड़ी (q = 15 MJ/kg)?
पेट्रोल: 2 × 46 = 92 MJ। लकड़ी: 6 × 15 = 90 MJ। ऊष्मा लगभग बराबर, पर पेट्रोल का द्रव्यमान 3 गुना कम है, इसलिए ढोना आसान है। इसीलिए वाहनों में द्रव ईंधन चलते हैं।
आम गलतियाँ
- यह सोचना कि इंजन 100% दक्ष हो सकता है। कुछ ऊष्मा हमेशा बाहर फेंकनी पड़ती है।
- Q = q × m लगाने से पहले MJ को J या g को kg में न बदलना।
- यह कहना कि चारों स्ट्रोक गाड़ी को धकेलते हैं। केवल शक्ति स्ट्रोक कार्य करता है; बाक़ी तीन फ़्लाईव्हील चलाता है।
- ऊष्मीय मान (प्रति kg ईंधन की ऊर्जा) को विशिष्ट ऊष्मा धारिता (1 kg को 1 °C गर्म करने की ऊर्जा) से मिलाना।