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उपग्रह और ऑप्टिकल फ़ाइबर: दूर के संचार

रेडियो तरंगें गोल पृथ्वी के पार नहीं मुड़तीं, इसलिए दूर के संपर्क के लिए अंतरिक्ष में रिले या काँच का धागा चाहिए। उपग्रह ज़मीन से माइक्रोवेव लेता है (अपलिंक) और उन्हें नीचे भेजता है (डाउनलिंक)। ऑप्टिकल फ़ाइबर पूर्ण आंतरिक परावर्तन से प्रकाश के स्पंद ले जाता है और बहुत सारा डेटा कम हानि से भेजता है।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. पृथ्वी गोल है। शहर A को दूर के शहर B से बात करनी है।
  2. सीधी रेडियो रेखा ज़मीन के अंदर से जाती। रेडियो पृथ्वी के पार नहीं मुड़ता, इसलिए रास्ता बंद है।
  3. ऊँचा उपग्रह दोनों शहर देख सकता है। A ऊपर भेजता है, उपग्रह नीचे B को भेजता है।
  4. ऑप्टिकल फ़ाइबर पतला काँच का धागा है। उसमें प्रकाश दीवारों से टकराता, मोड़ पार करता, B तक पहुँचता है।
  5. खुला खेल: बटन दबाइए और उपग्रह तथा फ़ाइबर से संदेश का समय मिलाइए।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

टावर सीधे दूर वाले शहर तक तरंग क्यों नहीं भेज देता?

तरंग सीधी चलती है। पृथ्वी नीचे की ओर मुड़ जाती है, इसलिए रेखा ज़मीन के अंदर चली जाती है। लाल "रुका" रेखा देखिए।

क्या उपग्रह नीचे गिरता नहीं?

वह हमेशा पृथ्वी के चारों ओर गिरता रहता है, पर साथ में तेज़ी से बगल में भी चलता है, इसलिए ज़मीन से चूक जाता है। 36 000 km पर उसका चक्कर 24 घंटे का है।

उपग्रह की कॉल में देरी क्यों होती है?

संकेत को 72 000 km ऊपर-नीचे चलना पड़ता है। प्रकाश की चाल से इसमें लगभग 0.24 s लगता है। खुले खेल में उपग्रह बटन दबाइए।

क्या फ़ाइबर में प्रकाश सचमुच टेढ़ा-मेढ़ा चलता है?

हाँ। वह क्रोड की दीवार से बार-बार टकराकर लौटता है। चरण 3 में पतला काँच का धागा देखिए।

इंटरनेट के लिए फ़ाइबर इतना तेज़ क्यों है?

वह बहुत तेज़ प्रकाश स्पंद कम हानि और बिना बिजली-शोर के ले जाता है, और रास्ता अंतरिक्ष तक जाने से छोटा है।

दूर के संपर्क में मदद क्यों चाहिए

रेडियो तरंगें और माइक्रोवेव सीधी रेखा में चलती हैं। पृथ्वी गोल है, इसलिए एक टावर केवल सीमित दूरी तक "देख" पाता है। उसके आगे संकेत अंतरिक्ष में चला जाता है या ज़मीन उसे रोक देती है। दूर की जगहों को जोड़ने के लिए रिले या संकेत को राह दिखाने वाला रास्ता चाहिए।

उपग्रह संचार

संचार उपग्रह अंतरिक्ष में रिले स्टेशन है। ज़मीन का स्टेशन माइक्रोवेव की किरण ऊपर भेजता है (अपलिंक)। उपग्रह उसे प्रबल करके दूसरी आवृत्ति पर नीचे भेजता है (डाउनलिंक)। अलग आवृत्तियाँ इसलिए कि तेज़ जाने वाला संकेत कमज़ोर आने वाले संकेत को दबा न दे।

भूस्थिर उपग्रह भूमध्य रेखा के ऊपर लगभग 36 000 km की ऊँचाई पर घूमता है। उसे एक चक्कर में 24 घंटे लगते हैं, पृथ्वी जितना ही, इसलिए वह एक जगह के ऊपर टिका लगता है। एक स्थिर डिश उसकी ओर लगाई जा सकती है। उसका संकेत बहुत बड़े इलाक़े में पहुँचता है। क़ीमत है देरी: 36 000 km ऊपर और 36 000 km नीचे, यानी एक तरफ़ लगभग 0.24 s।

नीचे वाले उपग्रह (कुछ सौ km ऊपर) कम देरी देते हैं पर तेज़ चलते हैं, इसलिए बहुत से चाहिए।

ऑप्टिकल फ़ाइबर

ऑप्टिकल फ़ाइबर बाल जितना पतला काँच का धागा है, जिसके बीच में क्रोड (core) और बाहर आवरण (cladding) होता है। आवरण का काँच प्रकाश को क्रोड से थोड़ा ज़्यादा धीमा करता है। क्रोड में चलता प्रकाश दीवार से कम कोण पर टकराता है और हर बार वापस अंदर लौट जाता है। यह पूर्ण आंतरिक परावर्तन है: यह तब होता है जब प्रकाश सघन माध्यम से विरल माध्यम में क्रांतिक कोण से बड़े कोण पर पहुँचता है। इसलिए प्रकाश टेढ़ा-मेढ़ा चलता हुआ फ़ाइबर के मोड़ भी पार कर लेता है।

डेटा लेज़र या LED प्रकाश की बहुत तेज़ टिमटिमाहट के रूप में भेजा जाता है। फ़ाइबर में प्रकाश की हानि कम होती है, बिजली के शोर का असर नहीं होता और वह तांबे के तार से कहीं ज़्यादा डेटा ले जाता है। समुद्र के तल में फ़ाइबर केबल महासागर पार करते हैं। काँच में प्रकाश की चाल लगभग 2 × 108 m/s होती है।

उपग्रह या फ़ाइबर?

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. एक संकेत भूस्थिर उपग्रह तक 36 000 km ऊपर जाता है और 36 000 km नीचे आता है। कितना समय लगेगा?

दूरी = 72 000 km = 7.2 × 10^7 m। समय = 7.2 × 10^7 / (3 × 10^8) = 0.24 s।

2. फ़ाइबर केबल 6 000 km लंबा है। उसमें प्रकाश 2 × 10^8 m/s से चलता है। समय निकालिए।

दूरी = 6 × 10^6 m। समय = 6 × 10^6 / (2 × 10^8) = 0.03 s।

3. फ़ाइबर में आवरण क्यों ज़रूरी है?

आवरण क्रोड के चारों ओर हल्का (विरल) पदार्थ है। क्रोड का प्रकाश उससे पूर्ण परावर्तित होता है, इसलिए प्रकाश क्रोड में ही रहता है।

4. उपग्रह डाउनलिंक की आवृत्ति अपलिंक से अलग क्यों रखता है?

उपग्रह तेज़ किरण भेजता है और कमज़ोर किरण पाता है। अलग आवृत्तियाँ तेज़ किरण को कमज़ोर किरण दबाने से रोकती हैं।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. भूस्थिर उपग्रह लगभग कितनी ऊँचाई पर घूमता है?
2. ऑप्टिकल फ़ाइबर में प्रकाश अंदर क्यों रहता है?
3. ज़मीन से उपग्रह को भेजा गया संकेत क्या कहलाता है?
4. ऑप्टिकल फ़ाइबर का एक बड़ा लाभ है:
5. भूस्थिर उपग्रह एक चक्कर कितने समय में लगाता है?

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उपग्रह संचार कैसे काम करता है?

ज़मीन का स्टेशन उपग्रह को माइक्रोवेव भेजता है। उपग्रह उन्हें प्रबल करके दूसरे ज़मीनी स्टेशन को नीचे भेजता है।

ऑप्टिकल फ़ाइबर का सिद्धांत क्या है?

पूर्ण आंतरिक परावर्तन: प्रकाश आवरण से लौटकर क्रोड में ही रहता है।

उपग्रह और फ़ाइबर में कौन तेज़ है?

फ़ाइबर में आमतौर पर देरी कम होती है, क्योंकि रास्ता भूस्थिर कक्षा तक जाकर लौटने से बहुत छोटा होता है।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

चीन九年级(初三)Ch.21 Electromagnetic waves

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