पंप में हवा का दाब
हवा का भार होता है, इसलिए वह हर चीज़ पर दबाव डालती है। समुद्र तल पर हवा लगभग 1,00,000 Pa (100 kPa) के दाब से दबाती है। यह दाब कुएँ के पानी पर भी लगता है।
पंप के पाइप में जब पिस्टन ऊपर जाता है, तो उसके नीचे की जगह बढ़ती है और हवा फैल जाती है। दाब बाहर की हवा के दाब से कम हो जाता है। बाहर का ज़्यादा दाब पानी को पाइप में तब तक ऊपर धकेलता है जब तक दाब बराबर न हो जाएँ। इसलिए हम कहते हैं कि पानी को हवा का दाब धकेलता है, पिस्टन नहीं खींचता।
पिस्टन पंप के भाग
- सिलेंडर: वह नली जिसमें पिस्टन चलता है।
- पिस्टन: कसकर बैठने वाली चकती जो छड़ से हैंडल से जुड़ी होती है। इसमें एक एकतरफ़ा ढक्कन, वाल्व B, होता है।
- वाल्व A (अंदर आने वाला): सिलेंडर के तले पर एकतरफ़ा ढक्कन। यह सिर्फ़ ऊपर की ओर खुलता है।
- पाइप: पानी में डूबा रहता है।
- टोंटी: जहाँ से पानी बाहर आता है।
एकतरफ़ा वाल्व पानी को सिर्फ़ एक दिशा में जाने देता है।
एक-एक झटके में कैसे काम करता है
- ऊपर का झटका: पिस्टन ऊपर जाता है। उसके नीचे दाब घटता है। वाल्व B बंद। वाल्व A खुला। हवा का दाब कुएँ से पानी अंदर धकेलता है।
- नीचे का झटका: पिस्टन नीचे जाता है। वाल्व A बंद ताकि पानी वापस न जाए। वाल्व B खुलता है। पानी पिस्टन के ऊपर आ जाता है।
- फिर ऊपर का झटका: वाल्व B बंद। पिस्टन ऊपर के पानी को उठाता है और वह टोंटी से बहता है। साथ ही नीचे नया पानी आता है।
शुरू के झटके पाइप को ही भरते हैं। इसीलिए पुराने हैंडपंप में पहले थोड़ा पानी डालते हैं (प्राइमिंग): सूखा पिस्टन हवा रिसने देता है और दाब ज़रूरत भर नहीं घटा पाता।
पानी कितना ऊँचा चढ़ सकता है?
हवा का दाब h ऊँचाई का पानी का स्तंभ रोक सकता है, जहाँ P = ρ × g × h। P = 1,00,000 Pa, ρ = 1000 kg/m³, g = 10 N/kg लें तो h = 1,00,000 / (1000 × 10) = 10 m। असली पंपों में यह थोड़ा कम, लगभग 8 से 9 m होता है, क्योंकि हवा रिस जाती है। गहरे कुओं के लिए पंप को कुएँ के अंदर रखकर पानी ऊपर धकेला जाता है, या बिजली का सबमर्सिबल पंप लगाते हैं।
साधारण पंप बनाइए और जाँचिए
आपको चाहिए: एक प्लास्टिक सिरिंज (बिना सुई की), उसमें फिट होने वाली छोटी पारदर्शी नली, पानी का गिलास और रंग या स्याही।
- नली का एक सिरा रंगीन पानी में डुबोइए और दूसरा सिरा सिरिंज से जोड़िए।
- प्लंजर को धीरे से पीछे खींचिए। नली में क्या दिखता है? पानी चढ़ता है क्योंकि सिरिंज में दाब कम है।
- प्लंजर को दबाइए और पानी की धार निकलते देखिए।
- जाँच: एक कप भरने में कितने झटके लगे? नली को गिलास से बहुत ऊपर उठाएँ तो क्या होगा? नली में छोटा छेद कर दें तो? (हवा घुस जाती है और काम बंद हो जाता है।)
साइकिल का पंप और दवा की सिरिंज भी ऐसे ही काम करते हैं। नतीजे तालिका में लिखिए: झटकों की संख्या, निकला आयतन।
करके देखिए
ऊपर के 3D पंप का इस्तेमाल कीजिए। हैंडल को धीरे-धीरे ऊपर ले जाइए और देखिए कि वाल्व A हरा हो जाता है और पानी चढ़ता है। फिर नीचे ले जाइए और वाल्व B देखिए। हर बार हैंडल चलाने से पहले बोलिए: "अभी कौन-सा वाल्व खुला है?"
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- हवा से रुका पानी का स्तंभ: P = ρ × g × h
- h = P / (ρ g) ≈ 1,00,000 / (1000 × 10) = 10 m
- वायुमंडलीय दाब ≈ 100 kPa = 1,00,000 Pa
- अंदर का दाब < बाहर का दाब → पानी अंदर धकेला जाता है
- ऊपर का झटका: A खुला, B बंद। नीचे का झटका: A बंद, B खुला।
हल किए गए उदाहरण
1. पिस्टन पंप के ऊपर वाले झटके में कौन-सा वाल्व खुला रहता है?
वाल्व A (नीचे का, अंदर आने वाला)। पिस्टन का वाल्व B बंद रहता है, इसलिए पिस्टन ऊपर के पानी को उठाता है।
2. 1,00,000 Pa का हवा का दाब पानी को अधिकतम कितनी ऊँचाई तक चढ़ा सकता है? (ρ = 1000 kg/m³, g = 10 N/kg)
h = P / (ρ g) = 1,00,000 / (1000 × 10) = 10 m।
3. एक पंप हर पूरे चक्र में 0.2 लीटर पानी देता है। 10 लीटर की बाल्टी भरने में कितने चक्र लगेंगे?
चक्र = 10 / 0.2 = 50।
आम गलतियाँ
- यह कहना कि पिस्टन पानी को "चूसता" है। वह दाब घटाता है और बाहर की हवा का दाब पानी को धकेलता है।
- वाल्व उलझा देना: A सिलेंडर के तले पर है, B पिस्टन पर।
- यह सोचना कि हवा का दाब पानी को किसी भी ऊँचाई तक चढ़ा सकता है। सीमा लगभग 10 m है।
- यह भूलना कि रिसता पिस्टन या पाइप पंप को चलने नहीं देता।