स्थिर और चल घिरनी
घिरनी (pulley) एक छोटा पहिया है जिसमें खाँचा होता है। डोरी इस खाँचे में चलती है। पहिया आराम से घूम सकता है।
स्थिर घिरनी
पहिया एक जगह जुड़ा रहता है, जैसे किसी शहतीर से। डोरी को नीचे खींचो तो भार ऊपर जाता है।
- प्रयास = भार (बल में लाभ नहीं)।
- यह बल की दिशा बदलती है। नीचे खींचना आसान है क्योंकि अपना वज़न लगा सकते हैं।
- खींची गई डोरी = भार जितना ऊपर उठा।
चल घिरनी
पहिया भार के साथ ऊपर चलता है। भार पहिये से लटकता है। डोरी का एक सिरा किसी स्थिर बिंदु से बँधा है।
- डोरी के 2 भाग भार थामते हैं, हर भाग आधा भार उठाता है।
- प्रयास = भार ÷ 2।
- भार को 1 m उठाने के लिए 2 m डोरी खींचनी पड़ती है।
हर जगह चलने वाला नियम: चलते भार को थामने वाले डोरी के भाग गिनो।
घिरनी-समूह (Pulley blocks)
घिरनी-समूह में स्थिर और चल घिरनियाँ एक लंबी डोरी से जुड़ी होती हैं।
अगर चलते ब्लॉक को n भाग थामते हैं:
- प्रयास = भार ÷ n (आदर्श, घर्षण नहीं)।
- खींची गई डोरी = n × उठाई गई ऊँचाई।
- यांत्रिक लाभ (MA) = भार ÷ प्रयास = n।
असली मशीन में चलते ब्लॉक का वज़न भी भार के साथ उठता है, और पहियों का घर्षण भी लगता है। इसलिए असली प्रयास भार ÷ n से थोड़ा ज़्यादा होता है।
तुम्हारा किया कार्य = प्रयास × खींची डोरी = भार × ऊँचाई (आदर्श)। मशीन मुफ़्त कार्य नहीं देती।
चक्र और धुरी, आनत तल
चक्र और धुरी (Wheel and axle)
एक बड़ा पहिया छोटी छड़ यानी धुरी से जुड़ा होता है। दोनों साथ घूमते हैं। तुम पहिये के किनारे को धक्का देते हो। भार धुरी की डोरी पर लटकता है।
प्रयास × पहिये की त्रिज्या = भार × धुरी की त्रिज्या, यानी प्रयास = भार × धुरी की त्रिज्या ÷ पहिये की त्रिज्या। पहिया जितना बड़ा, मदद उतनी ज़्यादा। उदाहरण: स्टीयरिंग, दरवाज़े की मूठ, पेचकस, कुएँ की चरखी, साइकिल का पैडल।
आनत तल (ढलान)
ढलान पर भार को खिसकाकर ऊपर चढ़ाते हैं। घर्षण न हो तो:
प्रयास × ढलान की लंबाई = भार × ऊँचाई।
लंबा और हल्का ढलान कम प्रयास माँगता है, पर रास्ता लंबा होता है। उदाहरण: ट्रक का रैंप, पहाड़ की घुमावदार सड़क, सीढ़ी।
तीनों मशीनों का एक ही नियम है: बल कम, दूरी ज़्यादा।
करके देखो: अनुमान लगाओ, फिर उठाओ
आख़िरी 3D चरण खोलो। 6 ब्लॉक (60 N) और 3 भाग रखो। प्रयास का अनुमान लगाओ (60 ÷ 3 = 20 N)। फिर भार को 1 m उठाओ: डोरी कितनी खिंची? (3 m)।
घर पर
चावल की थैली को स्प्रिंग तराज़ू से लटकाओ। सीधे ऊपर उठाकर रीडिंग लिखो। अब चिकनी पेंसिल पर डोरी डालकर, या खिलौने की घिरनी से, फिर उठाओ। चल घिरनी भी आज़माओ। रीडिंग और खींची हुई डोरी की तुलना करो।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- स्थिर घिरनी: प्रयास = भार; खींची डोरी = उठाई ऊँचाई
- घिरनी-समूह (आदर्श): प्रयास = भार ÷ n, n = भार थामने वाले भाग
- खींची गई डोरी = n × उठाई गई ऊँचाई
- यांत्रिक लाभ MA = भार ÷ प्रयास (आदर्श MA = n)
- चक्र-धुरी: प्रयास × पहिये की त्रिज्या = भार × धुरी की त्रिज्या
- आनत तल (घर्षण नहीं): प्रयास × लंबाई = भार × ऊँचाई
हल किए गए उदाहरण
1. स्थिर घिरनी 80 N की बाल्टी को 3 m ऊपर उठाती है। प्रयास और खींची गई डोरी (आदर्श) बताओ।
स्थिर घिरनी में प्रयास = भार = 80 N। खींची डोरी = ऊँचाई = 3 m।
2. 2 भाग वाली चल घिरनी 120 N भार को 2 m उठाती है। प्रयास और खींची गई डोरी बताओ।
प्रयास = 120 ÷ 2 = 60 N। खींची डोरी = 2 × 2 = 4 m। MA = 2।
3. घिरनी-समूह में 4 भाग भार थामते हैं। 200 N भार के लिए प्रयास बताओ, और 6 m डोरी खींचने पर भार कितना उठेगा?
प्रयास = 200 ÷ 4 = 50 N। ऊँचाई = 6 ÷ 4 = 1.5 m।
4. 0.5 m त्रिज्या का पहिया 0.1 m त्रिज्या की धुरी से जुड़ा है। 250 N भार उठाने के लिए किनारे पर कितना प्रयास चाहिए?
प्रयास × 0.5 = 250 × 0.1 = 25, इसलिए प्रयास = 50 N। MA = 250 ÷ 50 = 5।
5. 500 N के ड्रम को 5 m लंबे ढलान पर 1 m ऊँचे प्लेटफ़ॉर्म तक चढ़ाना है। घर्षण नहीं मानकर प्रयास कितना?
प्रयास × 5 = 500 × 1, इसलिए प्रयास = 100 N। ढलान काम को 5 गुना आसान करता है, पर रास्ता 5 गुना लंबा है।
6. 5 भाग वाले घिरनी-समूह से 360 N भार उठाना है। एक विद्यार्थी 90 N से खींचता है। आदर्श प्रयास और दक्षता बताओ।
आदर्श प्रयास = 360 ÷ 5 = 72 N। असली प्रयास 90 N है। दक्षता = 72 ÷ 90 = 0.8, यानी 80%। (1 m उठाने पर उपयोगी कार्य 360 J, लगाया कार्य 90 × 5 = 450 J, 360 ÷ 450 = 80%।)
आम गलतियाँ
- यह सोचना कि स्थिर घिरनी प्रयास घटाती है। वह सिर्फ दिशा बदलती है।
- सारे भाग गिन लेना, खींचने वाला सिरा भी। सिर्फ चलते भार को थामने वाले भाग गिनो।
- भूल जाना कि ज़्यादा भाग का मतलब ज़्यादा डोरी खींचना है: खींची डोरी = n × ऊँचाई।
- कहना कि घिरनी या ढलान कार्य बचाते हैं। वे बल बचाते हैं, कार्य वही रहता है (घर्षण में और बढ़ता है)।