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घिरनी (Pulley): डोरी से भार उठाना आसान

घिरनी एक खाँचेदार पहिया है जो डोरी को राह देता है। स्थिर घिरनी सिर्फ बल की दिशा बदलती है। चल घिरनी और घिरनी-समूह भार को डोरी के कई भागों में बाँट देते हैं, इसलिए प्रयास = भार ÷ भागों की संख्या, पर डोरी ज़्यादा खींचनी पड़ती है। चक्र-धुरी और आनत तल भी छोटा बल लगाने के बदले लंबी दूरी लेते हैं।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. स्थिर घिरनी: पहिया छत से जुड़ा है। डोरी का एक भाग भार थामता है, इसलिए 60 N भार के लिए 60 N प्रयास। सिर्फ दिशा बदलती है।
  2. चल घिरनी: भार पहिये के साथ लटका है। 2 भाग भार बाँटते हैं, इसलिए प्रयास 30 N। 1 m उठाने को 2 m डोरी खींचनी पड़ती है।
  3. घिरनी-समूह: 3 भाग भार थामते हैं। प्रयास 60 ÷ 3 = 20 N। 1 m उठाने के लिए 3 m डोरी खींचो।
  4. चक्र और धुरी: बड़े पहिये को धक्का दो, छोटी धुरी भार उठाती है। 60 N भार के लिए प्रयास 15 N।
  5. आनत तल: लंबा हल्का ढलान 60 N भार को 1.2 m ऊपर चढ़ाने के लिए सिर्फ 15 N माँगता है, पर ब्लॉक 4.8 m चलता है।
  6. अब तुम्हारी बारी: भार और भाग बदलो, फिर भार उठाओ। पहले डोरी के भाग गिनो और प्रयास का अनुमान लगाओ।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

स्थिर घिरनी बल कम नहीं करती, फिर क्यों लगाते हैं?

इससे ऊपर की जगह नीचे खींचना होता है, और अपना वज़न लग सकता है। सुरक्षित जगह से भी खींच सकते हैं।

कौन-से भाग गिनूँ?

सिर्फ वे भाग जो भार वाले चलते ब्लॉक को थामते हैं। ब्लॉकों के बीच की हरी रेखाएँ गिनो।

प्रयास कम हुआ तो क्या मेरा कार्य कम हुआ?

नहीं। डोरी ज़्यादा खींचनी पड़ती है। प्रयास × खींची डोरी = भार × ऊँचाई बना रहता है।

बड़ा पहिया मदद क्यों करता है?

बड़ा पहिया छोटी धुरी से लंबा रास्ता तय करता है। लंबा रास्ता यानी उतने ही घुमाव के लिए कम बल, जैसे लंबी भुजा वाला उत्तोलक।

क्या लंबा ढलान सच में आसान है?

हाँ, क्योंकि प्रयास = भार × ऊँचाई ÷ लंबाई। लंबाई बढ़ने पर यह भिन्न घटती है। पर तुम्हें ज़्यादा दूरी तक धकेलना पड़ता है।

क्या प्रयास हमेशा ठीक भार ÷ n होता है?

सिर्फ आदर्श मशीन में। असली मशीन में डोरी का घर्षण और चलते ब्लॉक का वज़न प्रयास थोड़ा बढ़ा देते हैं।

स्थिर और चल घिरनी

घिरनी (pulley) एक छोटा पहिया है जिसमें खाँचा होता है। डोरी इस खाँचे में चलती है। पहिया आराम से घूम सकता है।

स्थिर घिरनी

पहिया एक जगह जुड़ा रहता है, जैसे किसी शहतीर से। डोरी को नीचे खींचो तो भार ऊपर जाता है।

चल घिरनी

पहिया भार के साथ ऊपर चलता है। भार पहिये से लटकता है। डोरी का एक सिरा किसी स्थिर बिंदु से बँधा है।

हर जगह चलने वाला नियम: चलते भार को थामने वाले डोरी के भाग गिनो।

घिरनी-समूह (Pulley blocks)

घिरनी-समूह में स्थिर और चल घिरनियाँ एक लंबी डोरी से जुड़ी होती हैं।

अगर चलते ब्लॉक को n भाग थामते हैं:

असली मशीन में चलते ब्लॉक का वज़न भी भार के साथ उठता है, और पहियों का घर्षण भी लगता है। इसलिए असली प्रयास भार ÷ n से थोड़ा ज़्यादा होता है।

तुम्हारा किया कार्य = प्रयास × खींची डोरी = भार × ऊँचाई (आदर्श)। मशीन मुफ़्त कार्य नहीं देती।

चक्र और धुरी, आनत तल

चक्र और धुरी (Wheel and axle)

एक बड़ा पहिया छोटी छड़ यानी धुरी से जुड़ा होता है। दोनों साथ घूमते हैं। तुम पहिये के किनारे को धक्का देते हो। भार धुरी की डोरी पर लटकता है।

प्रयास × पहिये की त्रिज्या = भार × धुरी की त्रिज्या, यानी प्रयास = भार × धुरी की त्रिज्या ÷ पहिये की त्रिज्या। पहिया जितना बड़ा, मदद उतनी ज़्यादा। उदाहरण: स्टीयरिंग, दरवाज़े की मूठ, पेचकस, कुएँ की चरखी, साइकिल का पैडल।

आनत तल (ढलान)

ढलान पर भार को खिसकाकर ऊपर चढ़ाते हैं। घर्षण न हो तो:

प्रयास × ढलान की लंबाई = भार × ऊँचाई।

लंबा और हल्का ढलान कम प्रयास माँगता है, पर रास्ता लंबा होता है। उदाहरण: ट्रक का रैंप, पहाड़ की घुमावदार सड़क, सीढ़ी।

तीनों मशीनों का एक ही नियम है: बल कम, दूरी ज़्यादा।

करके देखो: अनुमान लगाओ, फिर उठाओ

आख़िरी 3D चरण खोलो। 6 ब्लॉक (60 N) और 3 भाग रखो। प्रयास का अनुमान लगाओ (60 ÷ 3 = 20 N)। फिर भार को 1 m उठाओ: डोरी कितनी खिंची? (3 m)।

घर पर

चावल की थैली को स्प्रिंग तराज़ू से लटकाओ। सीधे ऊपर उठाकर रीडिंग लिखो। अब चिकनी पेंसिल पर डोरी डालकर, या खिलौने की घिरनी से, फिर उठाओ। चल घिरनी भी आज़माओ। रीडिंग और खींची हुई डोरी की तुलना करो।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. स्थिर घिरनी 80 N की बाल्टी को 3 m ऊपर उठाती है। प्रयास और खींची गई डोरी (आदर्श) बताओ।

स्थिर घिरनी में प्रयास = भार = 80 N। खींची डोरी = ऊँचाई = 3 m।

2. 2 भाग वाली चल घिरनी 120 N भार को 2 m उठाती है। प्रयास और खींची गई डोरी बताओ।

प्रयास = 120 ÷ 2 = 60 N। खींची डोरी = 2 × 2 = 4 m। MA = 2।

3. घिरनी-समूह में 4 भाग भार थामते हैं। 200 N भार के लिए प्रयास बताओ, और 6 m डोरी खींचने पर भार कितना उठेगा?

प्रयास = 200 ÷ 4 = 50 N। ऊँचाई = 6 ÷ 4 = 1.5 m।

4. 0.5 m त्रिज्या का पहिया 0.1 m त्रिज्या की धुरी से जुड़ा है। 250 N भार उठाने के लिए किनारे पर कितना प्रयास चाहिए?

प्रयास × 0.5 = 250 × 0.1 = 25, इसलिए प्रयास = 50 N। MA = 250 ÷ 50 = 5।

5. 500 N के ड्रम को 5 m लंबे ढलान पर 1 m ऊँचे प्लेटफ़ॉर्म तक चढ़ाना है। घर्षण नहीं मानकर प्रयास कितना?

प्रयास × 5 = 500 × 1, इसलिए प्रयास = 100 N। ढलान काम को 5 गुना आसान करता है, पर रास्ता 5 गुना लंबा है।

6. 5 भाग वाले घिरनी-समूह से 360 N भार उठाना है। एक विद्यार्थी 90 N से खींचता है। आदर्श प्रयास और दक्षता बताओ।

आदर्श प्रयास = 360 ÷ 5 = 72 N। असली प्रयास 90 N है। दक्षता = 72 ÷ 90 = 0.8, यानी 80%। (1 m उठाने पर उपयोगी कार्य 360 J, लगाया कार्य 90 × 5 = 450 J, 360 ÷ 450 = 80%।)

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. स्थिर घिरनी का उपयोग किसलिए होता है?
2. 3 भाग वाले घिरनी-समूह में 90 N भार का आदर्श प्रयास है:
3. 4 भाग से भार को 2 m उठाने के लिए खींची गई डोरी है:
4. चक्र-धुरी में बड़ा पहिया देता है:
5. समान ऊँचाई के लिए लंबा ढलान चाहिए:

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

घिरनी क्या है?

घिरनी खाँचेदार पहिया है जो डोरी को राह देता है। यह बल की दिशा बदलकर या भार को डोरी के भागों में बाँटकर भार उठाना आसान करती है।

स्थिर और चल घिरनी में क्या अंतर है?

स्थिर घिरनी अपनी जगह रहती है और सिर्फ दिशा बदलती है। चल घिरनी भार के साथ चलती है और प्रयास आधा कर देती है।

घिरनी-समूह का यांत्रिक लाभ क्या है?

यांत्रिक लाभ = भार ÷ प्रयास। आदर्श घिरनी-समूह में यह चलते भार को थामने वाले भागों की संख्या के बराबर होता है।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

चीन八年级(初二)Ch.12 Simple machines

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