उपयोगी कार्य और कुल कार्य
मशीन चलाते समय तुम उस पर कार्य करते हो। यह कुल कार्य (निवेश कार्य) है = प्रयास × प्रयास के चलने की दूरी।
मशीन भार पर कार्य करती है। यह उपयोगी कार्य (निर्गत कार्य) है = भार × भार के चलने की दूरी।
- आदर्श मशीन में घर्षण नहीं होता और पुर्ज़े भारी नहीं होते। उपयोगी कार्य = कुल कार्य।
- असली मशीन में कुछ कार्य व्यर्थ जाता है: घर्षण के विरुद्ध (गर्मी और आवाज़ बनकर) और मशीन के चलते पुर्ज़ों को उठाने में। इसलिए उपयोगी कार्य कुल कार्य से कम होता है।
ऊर्जा नष्ट नहीं होती, बस ऐसी जगह चली जाती है जहाँ हमें नहीं चाहिए। व्यर्थ कार्य = कुल कार्य − उपयोगी कार्य।
η: दक्षता की गणना
दक्षता (η, "एटा") = उपयोगी कार्य ÷ कुल कार्य × 100%।
यह बताती है कि लगाए गए कार्य का कितना भाग काम आया। इसकी कोई इकाई नहीं होती।
चरण
- उपयोगी कार्य निकालो: भार × उठाई ऊँचाई।
- कुल कार्य निकालो: प्रयास × प्रयास के चलने की दूरी।
- उपयोगी को कुल से भाग दो, 100 से गुणा करो।
उदाहरण: उपयोगी 60 J, कुल 80 J। η = 60 ÷ 80 × 100 = 75%।
असली मशीन की η हमेशा 100% से कम होती है। 100% से ज़्यादा आए तो गलती है।
यांत्रिक लाभ से संबंध
दक्षता = वास्तविक MA ÷ आदर्श MA × 100। 4 भाग वाले घिरनी-समूह का आदर्श MA 4 है। अगर असल में MA 3 मिलता है तो η = 3 ÷ 4 = 75%।
दक्षता बढ़ाना
कम व्यर्थ करना है तो दो बड़ी हानियाँ घटाओ।
- घर्षण घटाओ: धुरे और डोरी में तेल या ग्रीस लगाओ; चिकनी सतह, बॉल बेयरिंग और पहिये लो।
- हल्के चलते पुर्ज़े लो: हल्का घिरनी-ब्लॉक, हल्की बाल्टी, हल्की चेन।
- मशीन साफ़ और ठीक से कसी रखो ताकि पुर्ज़े आपस में न घिसें।
- एक बार में बड़ा भार उठाओ (सुरक्षित सीमा तक): तब स्थिर हानि उपयोगी कार्य के मुकाबले छोटी रहती है।
याद रखो: कोई मशीन 100% दक्ष नहीं होती। सबसे अच्छा गियर-बॉक्स भी कुछ ऊर्जा गर्मी में खोता है।
करके देखो: हरा बढ़ाओ, लाल घटाओ
आख़िरी 3D चरण में भार 60 N, घिरनी 10 N और घर्षण 5 N रखो (η = 75%)। अब घर्षण 0 करो। η कितनी हुई? (60 ÷ 70 = 86%)। अब घिरनी का भार भी 0 करो (100%)। फिर घिरनी 10 N और घर्षण 5 N रखकर भार दुगुना करो: η बढ़ी या घटी?
घर पर
एक किताब को खुरदरे और चिकने ढलान पर फिसलाओ। किसमें ज़्यादा ऊर्जा गर्मी बनकर बर्बाद होती है? 10 सेकंड हथेलियाँ रगड़ो: वह गर्मी व्यर्थ कार्य है।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- उपयोगी कार्य (निर्गत) = भार × भार के चलने की दूरी
- कुल कार्य (निवेश) = प्रयास × प्रयास के चलने की दूरी
- व्यर्थ कार्य = कुल कार्य − उपयोगी कार्य
- दक्षता η = (उपयोगी कार्य ÷ कुल कार्य) × 100%
- η = (वास्तविक MA ÷ आदर्श MA) × 100%
- चल घिरनी (2 भाग): प्रयास = (भार + घिरनी का भार) ÷ 2 + घर्षण
हल किए गए उदाहरण
1. एक मशीन का कुल कार्य 80 J है और उसमें 60 J उपयोगी है। η और व्यर्थ कार्य बताओ।
η = 60 ÷ 80 × 100 = 75%। व्यर्थ = 80 − 60 = 20 J।
2. घिरनी-तंत्र 50 N भार को 2 m उठाता है। प्रयास 30 N है और 4 m चलता है। दक्षता बताओ।
उपयोगी = 50 × 2 = 100 J। कुल = 30 × 4 = 120 J। η = 100 ÷ 120 × 100 = 83.3%।
3. 500 N की पेटी को 5 m लंबे ढलान पर 150 N से धकेलकर 1 m ऊपर चढ़ाया गया। दक्षता बताओ।
उपयोगी = 500 × 1 = 500 J। कुल = 150 × 5 = 750 J। η = 500 ÷ 750 × 100 = 66.7%। बाकी घर्षण में गया।
4. एक पंप की दक्षता 60% है। वह 800 J ऊर्जा लेता है। कितनी उपयोगी और कितनी व्यर्थ?
उपयोगी = 800 का 60% = 480 J। व्यर्थ = 800 − 480 = 320 J।
5. 4 भाग वाला घिरनी-समूह 70 N प्रयास से 200 N भार उठाता है। दक्षता बताओ।
1 m उठाने पर: उपयोगी = 200 J। डोरी 4 m खिंची, कुल = 70 × 4 = 280 J। η = 200 ÷ 280 × 100 = 71.4%। या: वास्तविक MA = 200 ÷ 70 = 2.86, आदर्श MA = 4, η = 2.86 ÷ 4 = 71.4%।
6. चल घिरनी (2 भाग) का भार 10 N और घर्षण 5 N है। वह 90 N भार उठाती है। प्रयास और दक्षता बताओ। फिर 190 N भार के लिए दक्षता निकालो।
प्रयास = (90 + 10) ÷ 2 + 5 = 55 N। 1 m उठाने पर: उपयोगी = 90 J, कुल = 55 × 2 = 110 J। η = 90 ÷ 110 = 81.8%। 190 N के लिए: प्रयास = (190 + 10) ÷ 2 + 5 = 105 N, कुल = 210 J, η = 190 ÷ 210 = 90.5%। बड़ा भार मशीन को ज़्यादा दक्ष बनाता है।
आम गलतियाँ
- भार को ही उपयोगी कार्य मान लेना। उपयोगी कार्य = भार × दूरी, सिर्फ भार नहीं।
- कुल कार्य को ऊपर और उपयोगी को नीचे रखना (η 100% से ज़्यादा)। उपयोगी हमेशा ऊपर आता है।
- प्रयास को भार की दूरी से गुणा करना। प्रयास की दूरी (खींची डोरी) से गुणा करो।
- सोचना कि ज़्यादा यांत्रिक लाभ का मतलब ज़्यादा दक्षता है। ये दो अलग बातें हैं।