उपयोगी ऊर्जा और व्यर्थ ऊर्जा
मशीन ऊर्जा का रूप बदलती है। पंखा विद्युत ऊर्जा को गति में बदलता है। कार का इंजन ईंधन की रासायनिक ऊर्जा को गति में बदलता है।
जो ऊर्जा हमें चाहिए वह उपयोगी ऊर्जा है। बाकी व्यर्थ ऊर्जा है। व्यर्थ ऊर्जा ज़्यादातर ऊष्मा बनती है, कुछ ध्वनि।
व्यर्थ ऊर्जा नष्ट नहीं होती। ऊर्जा संरक्षण का नियम कहता है कि ऊर्जा न बनाई जा सकती है, न नष्ट की जा सकती है। इसलिए:
कुल ऊर्जा = उपयोगी ऊर्जा + व्यर्थ ऊर्जा
व्यर्थ ऊर्जा आसपास की हवा में फैल जाती है। फैली हुई ऊष्मा को दोबारा इस्तेमाल करना बहुत मुश्किल है।
दक्षता कैसे निकालें
दक्षता बताती है कि दी गई ऊर्जा का कितना भाग उपयोगी बना।
दक्षता = उपयोगी ऊर्जा ÷ कुल दी गई ऊर्जा × 100 %
ऊर्जा की जगह शक्ति (हर सेकंड की ऊर्जा) भी ले सकते हो: दक्षता = उपयोगी शक्ति ÷ कुल शक्ति × 100 %।
- दक्षता का कोई मात्रक नहीं होता। यह भिन्न या प्रतिशत है।
- असली मशीनों में यह हमेशा 100 % से कम होती है, क्योंकि कुछ ऊर्जा घर्षण, विद्युत प्रतिरोध या गरम गैसों से ऊष्मा बन ही जाती है।
आम दक्षताएँ
- फिलामेंट बल्ब: लगभग 5 %
- LED बल्ब: लगभग 30–50 %
- पेट्रोल कार इंजन: लगभग 20–30 %
- सौर पैनल: लगभग 15–22 %
- बड़ी विद्युत मोटर: लगभग 85–95 %
- कोयला बिजलीघर: लगभग 33–40 %
सैंकी आरेख (Sankey diagram)
सैंकी आरेख ऊर्जा के बहाव का तीर वाला चित्र है। तीर की चौड़ाई ऊर्जा की मात्रा दिखाती है।
- बाईं ओर मोटा तीर = कुल ऊर्जा।
- सीधा आगे जाता तीर = उपयोगी ऊर्जा।
- नीचे मुड़ते तीर = व्यर्थ ऊर्जा।
चौड़ाइयाँ जुड़नी चाहिए: अंदर वाला तीर बाहर के सब तीरों जितना चौड़ा होता है। यही ऊर्जा संरक्षण है।
ऊर्जा की बचत और सतत विकास
दुनिया की ज़्यादातर बिजली आज भी कोयला, तेल और गैस जलाकर बनती है। कम ऊर्जा इस्तेमाल करने का मतलब है कम ईंधन जलाना, कम कार्बन डाइऑक्साइड और कम बिल।
ऊर्जा बचाने के दो रास्ते
- दक्ष यंत्र अपनाओ: LED बल्ब, स्टार रेटिंग वाले फ्रिज, इन्वर्टर AC, दक्ष मोटर, बिजली की ट्रेनें।
- बर्बादी कम करो: लाइट-पंखे बंद करो, चार्जर स्टैंडबाय पर न छोड़ो, दिन की रोशनी लो, छोटी दूरी पैदल या साइकिल से, छत-दीवारों में इन्सुलेशन लगाओ।
सस्ते में बचाई गई ऊर्जा को "पहला ईंधन" भी कहते हैं। 1 यूनिट बचाना आमतौर पर 1 नई यूनिट बनाने से सस्ता है।
व्यर्थ ऊष्मा भी काम आ सकती है
कुछ बिजलीघर अपना गरम पानी पास के घरों को गरम करने भेजते हैं (संयुक्त ऊष्मा और विद्युत)। इससे कुल दक्षता बढ़ जाती है।
करके देखो: घर में बर्बादी ढूँढो
- सावधानी से (एक मिनट बाद) पुराना बल्ब, LED, फोन चार्जर और लैपटॉप का निचला हिस्सा छूकर देखो। गरम = ऊर्जा ऊष्मा बनकर बर्बाद।
- तीन यंत्र लिखो। उनकी दक्षता का अंदाज़ा लगाओ। फिर 3D और ऊपर की सूची से जाँचो।
- फ्रिज या AC पर स्टार लेबल ढूँढो। स्टार गिनो। ज़्यादा स्टार = कम बर्बादी।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- दक्षता = (उपयोगी ऊर्जा ÷ कुल ऊर्जा) × 100 %
- दक्षता = (उपयोगी शक्ति ÷ कुल शक्ति) × 100 %
- कुल ऊर्जा = उपयोगी ऊर्जा + व्यर्थ ऊर्जा
- उपयोगी ऊर्जा = दक्षता × कुल ऊर्जा
- ऊर्जा J (जूल) में, शक्ति W (वाट) में; 1 W = 1 J/s
हल किए गए उदाहरण
1. एक मोटर 500 J लेती है और 400 J उपयोगी गतिज ऊर्जा देती है। दक्षता निकालो।
दक्षता = 400 ÷ 500 × 100 = 80 %।
2. एक बल्ब हर सेकंड 60 J लेता है और 3 J प्रकाश देता है। व्यर्थ ऊर्जा और दक्षता बताओ।
व्यर्थ = 60 − 3 = 57 J। दक्षता = 3 ÷ 60 × 100 = 5 %।
3. एक सौर पैनल 20 % दक्ष है। धूप हर सेकंड 1000 J देती है। हर सेकंड कितनी विद्युत ऊर्जा मिलेगी?
उपयोगी = 0.20 × 1000 = 200 J प्रति सेकंड, यानी 200 W।
4. एक LED 10 W प्रकाश देता है और 40 % दक्ष है। वह कितनी शक्ति लेता है?
कुल = उपयोगी ÷ दक्षता = 10 ÷ 0.40 = 25 W।
आम गलतियाँ
- उल्टा भाग देना: सही है उपयोगी ÷ कुल, कुल ÷ उपयोगी नहीं। उत्तर 100 % से कम ही आना चाहिए।
- कहना कि व्यर्थ ऊर्जा "नष्ट" हो गई। वह अब भी मौजूद है, ज़्यादातर फैली हुई ऊष्मा के रूप में।
- प्रतिशत पूछा हो तो 100 से गुणा करना भूल जाना।
- सोचना कि ज़्यादा शक्ति वाला यंत्र ज़्यादा दक्ष है। शक्ति = ऊर्जा कितनी तेज़ी से खर्च हो रही; दक्षता = उसमें से कितनी काम की।