ऊर्जा के रूप और ज़रूरी शब्द
ऊर्जा कार्य करने की क्षमता है, मात्रक जूल (J)। मुख्य रूप:
- गतिज: चलती वस्तु की ऊर्जा। Ek = ½mv²।
- गुरुत्वीय स्थितिज: ऊँचाई की ऊर्जा। Eg = mgh।
- प्रत्यास्थ: खिंची स्प्रिंग या रबर में।
- रासायनिक: भोजन, ईंधन और बैटरी में।
- विद्युत: चलते आवेशों से।
- ऊष्मीय: कणों की गति से; तापमान के रूप में महसूस होती है।
- प्रकाश और ध्वनि: तरंगों द्वारा।
- नाभिकीय: परमाणु के केंद्र में।
ऊर्जा रूपांतरण = एक रूप से दूसरे रूप में बदलना। ऊर्जा स्थानांतरण = एक वस्तु से दूसरी में जाना। निकाय (system) = जिस हिस्से का अध्ययन कर रहे हैं (जैसे केतली और पानी)।
ऊर्जा संरक्षण का नियम
ऊर्जा न बनाई जा सकती है न नष्ट की जा सकती है; वह केवल रूप बदलती है या जगह बदलती है। हर उपकरण के लिए:
इनपुट ऊर्जा = उपयोगी आउटपुट + बेकार ऊर्जा
बेकार ऊर्जा ज़्यादातर ऊष्मा बनकर, कभी ध्वनि बनकर निकलती है। वह रहती है, पर फैल जाती है और काम की नहीं रहती।
गिरती गेंद
10 m ऊँचाई पर 0.5 kg गेंद की Eg = 0.5 × 9.8 × 10 = 49 J। ज़मीन छूने से ठीक पहले (हवा का असर कम हो तो) Ek ≈ 49 J। टकराने पर ये 49 J ध्वनि, ऊष्मा और थोड़ी उछाल बनते हैं।
ऊर्जा प्रवाह आरेख
सैंकी आरेख में तीर की चौड़ाई ऊर्जा के बराबर होती है। इनपुट तीर उपयोगी और बेकार तीरों में बँटता है; चौड़ाइयाँ जुड़कर बराबर होती हैं।
दक्षता और शक्ति
दक्षता बताती है कि इनपुट का कितना हिस्सा उपयोगी बना:
दक्षता = उपयोगी आउटपुट ÷ इनपुट × 100 % (ऊर्जा या शक्ति, दोनों से)।
कोई असली उपकरण 100 % तक नहीं पहुँचता, क्योंकि कुछ ऊर्जा हमेशा ऊष्मा बनती है।
शक्ति = ऊर्जा बदलने की दर: P = E ÷ t, मात्रक वाट (W); 1 W = 1 J/s। 60 W का बल्ब हर सेकंड 60 J लेता है।
| बिजलीघर | लगभग दक्षता |
|---|---|
| जल-विद्युत | 85–90 % |
| संयुक्त-चक्र गैस | 55–60 % |
| पवन टरबाइन | हवा की ऊर्जा का 35–45 % |
| कोयला | 33–40 % |
| नाभिकीय | लगभग 33 % |
| सौर पैनल (PV) | 15–22 % |
तापीय बिजलीघर (कोयला, गैस, नाभिकीय) ज़्यादातर ऊर्जा कूलिंग टावर में ऊष्मा के रूप में खो देते हैं।
ऊर्जा रूपांतरण की तकनीकें और स्रोत
- सरल उपकरण: हाथ से घुमाने वाली टॉर्च (गतिज → विद्युत → प्रकाश), केतली (विद्युत → ऊष्मीय), गुलेल (प्रत्यास्थ → गतिज)।
- जटिल उपकरण कई बदलाव जोड़ते हैं। हाइब्रिड कार: ईंधन (रासायनिक) → ऊष्मीय → इंजन में गतिज; ब्रेक लगाने पर गतिज → विद्युत, बैटरी में रासायनिक रूप में जमा; फिर मोटर से वापस गतिज।
- तापीय बिजलीघर: रासायनिक या नाभिकीय → ऊष्मीय (पानी उबालना) → गतिज (भाप टरबाइन) → विद्युत (जनित्र)।
- जल-विद्युत: गुरुत्वीय → गतिज → विद्युत। पवन: हवा की गतिज → पंखों की गतिज → विद्युत। सौर सेल: प्रकाश → सीधे विद्युत।
नवीकरणीय स्रोत प्रकृति फिर से भर देती है (सूर्य, पवन, बहता पानी, ज्वार, भू-तापीय, जैव-भार)। अनवीकरणीय स्रोत बनने में लाखों साल लगते हैं या सीमित हैं (कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस, यूरेनियम)।
ऊर्जा के बेहतर उपयोग की योजना
अच्छे फ़ैसले में दक्षता, लागत, प्रदूषण और भरोसा, सब साथ देखे जाते हैं। घर या स्कूल के लिए एक व्यावहारिक योजना:
- मापो: एक हफ़्ते बिजली का मीटर पढ़ो।
- बड़ी बर्बादी ढूँढो: पुराने बल्ब, स्टैंडबाय उपकरण, कमज़ोर इन्सुलेशन।
- दक्ष उपकरण लगाओ (LED, स्टार-रेटेड पंखे व फ़्रिज)।
- जहाँ हो सके नवीकरणीय स्रोत जोड़ो (छत पर सोलर, सोलर वॉटर हीटर)।
- फिर से मापो और तुलना करो।
घर पर करके देखो
10 सेकंड हथेलियाँ तेज़ी से रगड़ो। गतिज ऊर्जा ऊष्मीय बन गई। अब सावधानी से चलते चार्जर, टीवी और LED बल्ब को छूओ। जो सबसे गरम है वह सबसे ज़्यादा ऊर्जा ऊष्मा में बर्बाद करता है। फिर चरण 6 में उपकरण चुनकर अपना अंदाज़ा जाँचो।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- दक्षता = उपयोगी आउटपुट ÷ कुल इनपुट × 100 %
- इनपुट ऊर्जा = उपयोगी आउटपुट + बेकार ऊर्जा
- शक्ति P = E ÷ t (1 W = 1 J/s)
- E_k = ½ m v² और E_g = m g h
- ऊर्जा E = P × t (1 kWh = 3.6 × 10⁶ J)
हल किए गए उदाहरण
1. एक मोटर 500 J विद्युत ऊर्जा लेकर 400 J गतिज ऊर्जा देती है। बेकार ऊर्जा और दक्षता निकालो।
बेकार = 500 − 400 = 100 J। दक्षता = 400 ÷ 500 × 100 = 80 %।
2. LED लैंप 40 % दक्ष है। 1200 J बिजली से कितना प्रकाश मिलेगा?
उपयोगी = 0.40 × 1200 = 480 J प्रकाश। बाकी 720 J ऊष्मा।
3. 2000 W की केतली 3 मिनट चलती है। कितनी ऊर्जा लगी?
t = 3 × 60 = 180 s। E = P × t = 2000 × 180 = 3,60,000 J = 360 kJ।
4. हर सेकंड 1000 kg पानी 50 m नीचे टरबाइन से गिरता है। बिजलीघर 90 % दक्ष है तो विद्युत शक्ति कितनी? (g = 9.8 m/s²)
प्रति सेकंड ऊर्जा = mgh = 1000 × 9.8 × 50 = 4,90,000 J/s = 490 kW। विद्युत शक्ति = 0.90 × 490 = 441 kW।
5. कोयला बिजलीघर 35 % दक्षता पर 600 MW बिजली देता है। कोयले से कितनी शक्ति लेता है और कितनी बेकार जाती है?
इनपुट = 600 ÷ 0.35 ≈ 1714 MW। बेकार = 1714 − 600 ≈ 1114 MW, ज़्यादातर ऊष्मा।
6. 0.2 kg की गेंद 10 m/s से ऊपर फेंकी गई। हवा को छोड़ दो तो कितनी ऊँची जाएगी?
½mv² = mgh, इसलिए h = v² ÷ (2g) = 100 ÷ 19.6 ≈ 5.1 m। द्रव्यमान कट जाता है।
आम गलतियाँ
- कहना कि ऊर्जा "ख़त्म" या "नष्ट" हो गई। वह कम उपयोगी रूप (ज़्यादातर ऊष्मा) में बदलती है, कुल वही रहता है।
- दक्षता 100 % से ज़्यादा लिखना। उपयोगी आउटपुट कभी इनपुट से ज़्यादा नहीं हो सकता।
- ऊर्जा (J) और शक्ति (W) को एक समझना। शक्ति = प्रति सेकंड ऊर्जा।
- P = E ÷ t लगाने से पहले मिनट या घंटे को सेकंड में न बदलना।