ऊष्मा-इंजन क्या करता है
ऊष्मा-इंजन ईंधन की आंतरिक ऊर्जा (गर्मी) को यांत्रिक ऊर्जा (गति) में बदलता है। चरण: ईंधन जलाकर गर्मी पाओ, गैस को गरम करो ताकि वह फैले, फैलती गैस से पिस्टन या टरबाइन चलाओ, फिर गैस को ठंडा करके दोबारा शुरू करो। यह गैस कार्यकारी पदार्थ है।
हवा-इंजन का मॉडल बनाओ
चाहिए: एक छेद वाले रबर के ढक्कन की छोटी काँच या धातु की बोतल, पतली नली या स्ट्रॉ, 20 mL की प्लास्टिक सिरिंज (सुई के बिना), छोटे भार (सिक्के या क्लिप), गरम पानी का कटोरा (मोमबत्ती ज़्यादा मज़ेदार है, पर बड़े की मदद लो)।
- नली को ढक्कन के छेद में डालो और ढक्कन बोतल पर कसकर लगाओ।
- नली का दूसरा सिरा सिरिंज से जोड़ो। सिरिंज सीधी खड़ी रखो और प्लंजर पर हल्का भार रखो।
- बोतल को गरम पानी में रखो या हल्के से गरम करो। अंदर की हवा फैलकर प्लंजर को ऊपर धकेलती है।
- बोतल को ठंडे पानी में ले जाओ। प्लंजर नीचे आता है।
भाप-इंजन का मॉडल भी ऐसे ही चलता है, पर उबलते पानी से: भाप छोटे पिस्टन को धकेलती है या हल्की चरखी घुमाती है। इसे केवल बड़े की मदद और पूरी सावधानी से करो क्योंकि भाप ख़तरनाक है।
सावधानी: थोड़ा ही गरम पानी लो, गरम बोतल को पूरी तरह बंद मत करो और भाप से चेहरा दूर रखो।
कार्य और दक्षता
भार उठाने में किया गया कार्य W = m × g × h है (g लगभग 10 m/s²)। 50 ग्राम का भार 2 सेमी उठे तो W = 0.05 × 10 × 0.02 = 0.01 J।
ली गई गर्मी का केवल एक भाग कार्य बनता है। बाक़ी बोतल, हवा और मेज़ को गरम करता है। दक्षता η = निकला कार्य ÷ ली गई ऊष्मा। ली गई ऊष्मा = कार्य + व्यर्थ ऊष्मा। कोई ऊष्मा-इंजन 100% दक्ष नहीं हो सकता।
इसे बेहतर बनाओ
- रिसाव: रिसती नली से गैस बाहर निकलती है। टेप या मिट्टी से बंद करो।
- घर्षण: सूखी सिरिंज अटकती है। एक बूँद तेल या पानी डालो।
- गर्मी की हानि: बड़ी बोतल में ज़्यादा हवा होती है और पिस्टन ज़्यादा चलता है। कपड़ा लपेटकर कम गर्मी खोओ।
- ठंडा करना: जल्दी ठंडा करने से वापसी जल्दी होती है।
करके देखो: एक मिनट में कितने ऊपर-नीचे चक्र मिलते हैं और भार कितना उठता है, गिनो। एक बार में एक ही चीज़ बदलो।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- W = m × g × h (भार उठाने में कार्य)
- η = W ÷ Q × 100% (दक्षता)
- Q = W + Q_व्यर्थ (ली गई ऊष्मा = कार्य + व्यर्थ ऊष्मा)
- गर्मी → गैस फैलती है → पिस्टन चलता है → कार्य
हल किए गए उदाहरण
1. 50 ग्राम का भार 2 सेमी उठा। किया गया कार्य ज्ञात करो (g = 10 m/s²)।
m = 0.05 kg, h = 0.02 m। W = 0.05 × 10 × 0.02 = 0.01 J।
2. एक इंजन 1000 J ऊष्मा लेकर 150 J कार्य करता है। उसकी दक्षता ज्ञात करो।
η = 150 ÷ 1000 = 0.15 = 15%।
3. उसी इंजन में कितनी ऊष्मा व्यर्थ गई?
व्यर्थ = 1000 − 150 = 850 J।
4. 30% दक्षता वाला इंजन 2000 J लेता है। कार्य ज्ञात करो।
W = 0.30 × 2000 = 600 J।
5. 200 ग्राम का भार 5 सेमी उठा। कार्य ज्ञात करो।
W = 0.2 × 10 × 0.05 = 0.1 J।
6. एक इंजन 5000 J लेता है और 4000 J व्यर्थ करता है। दक्षता ज्ञात करो।
W = 5000 − 4000 = 1000 J। η = 1000 ÷ 5000 = 20%।
आम गलतियाँ
- यह सोचना कि सारी गर्मी कार्य बन जाती है। कुछ हमेशा खो जाती है, इसलिए दक्षता हमेशा 100% से कम होती है।
- गरम बोतल को पूरी तरह बंद कर देना। दबाव बनकर ढक्कन उड़ सकता है, यह ख़तरनाक है। नली या सिरिंज रखो।
- गैस को ठंडा करना भूल जाना। ठंडा किए बिना पिस्टन नहीं लौटता और चक्र नहीं बनता।
- W = m × g × h में ग्राम और किलोग्राम मिला देना। पहले ग्राम को किलोग्राम में बदलो।