सिविल संरचनाएँ और बल
संरचना वह है जो भार उठाने के लिए बनाई जाए: पुल, इमारत, मीनार, बांध। भार उस पर लगे बल हैं। मृत भार संरचना का अपना वज़न है। जीवित भार लोग, गाड़ियाँ, फ़र्नीचर हैं। पर्यावरणीय भार हवा, बर्फ़, भूकंप और पानी हैं।
बल का एक परिमाण, एक दिशा और एक लगने का बिंदु होता है। अंग के अंदर बल तनाव (खींचना, अंग लंबा होता है), संपीड़न (दबाना, छोटा होता है), अपरूपण (फिसलाना) या बंकन (मोड़ना) हो सकते हैं।
संरचना आधारों पर टिकती है। रोलर केवल ऊपर धक्का देता है। पिन ऊपर और बगल में धक्का देता है। स्थिर (फ़िक्स्ड) आधार घूमने से भी रोकता है। आधार के धक्के को प्रतिक्रिया कहते हैं।
स्थिर निर्धार्य संरचनाओं की गणना
संरचना स्थिर निर्धार्य होती है जब केवल तीन संतुलन नियमों से हर अज्ञात प्रतिक्रिया निकल आए। नियम: ΣFx = 0, ΣFy = 0, ΣM = 0 (बल और घुमाने के प्रभाव कट जाते हैं)।
स्पैन L की सरल टिका बीम पर A से दूरी a पर भार P हो (b = L − a): B के परितः आघूर्ण लो, तो RA = P b / L और RB = P a / L। जाँच: RA + RB = P।
बंकन आघूर्ण बीम के अंदर का घुमाने वाला प्रभाव है। बिंदु भार के नीचे M = P a b / L। एकसमान भार w प्रति मीटर के लिए बीच में Mअधिकतम = w L² / 8। केंटिलीवर (एक सिरे पर जड़ी) में सिरे पर भार हो तो जड़ पर M = P L। ट्रस, जो त्रिभुजों से बनता है, जोड़ दर जोड़ हल होता है: हर छड़ केवल तनाव या संपीड़न में होती है।
पदार्थ की सामर्थ्य और अंग का डिज़ाइन
प्रतिबल प्रति क्षेत्रफल बल है: σ = F / A। इकाई पास्कल (Pa); 1 MPa = 1 N/mm²। विकृति लंबाई में बदलाव ÷ मूल लंबाई है: ε = ΔL / L (कोई इकाई नहीं)। इस्पात में प्रत्यास्थ सीमा तक प्रतिबल और विकृति अनुपात में रहते हैं: σ = E ε, जहाँ E (यंग गुणांक) लगभग 200 GPa है। इसलिए छड़ ΔL = F L / (A E) से बढ़ती है।
बंकन में बीम का ऊपरी भाग दबता और निचला खिंचता है। प्रतिबल बाहरी किनारे पर सबसे ज़्यादा होता है: σ = M / Z, जहाँ Z (परिच्छेद गुणांक) अनुप्रस्थ काट के आकार पर निर्भर है। गहरा परिच्छेद बड़ा Z देता है।
अंग का डिज़ाइन यानी: भार निकालो, आघूर्ण निकालो, फिर ऐसा परिच्छेद चुनो कि प्रतिबल अनुमेय प्रतिबल (सामर्थ्य ÷ सुरक्षा गुणांक, जैसे 1.5) से कम रहे।
करके देखो
घर पर: दो किताबों पर स्केल रखो और बीच में दबाओ। फिर एक सिरे के पास दबाओ। सबसे ज़्यादा कहाँ झुकती है? सिक्का रखकर देखो।
3D में: पहले अंदाज़ा लगाओ। अगर भार बीच में (a = 3 m) आ जाए तो RA कितना होगा? फिर स्लाइडर से जाँचो।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- ΣFx = 0, ΣFy = 0, ΣM = 0
- R_A = P b / L, R_B = P a / L
- M = P a b / L (बिंदु भार); M = w L² / 8 (एकसमान भार); M = P L (केंटिलीवर)
- σ = F / A; ε = ΔL / L; σ = E ε
- ΔL = F L / (A E)
- σ = M / Z (बंकन प्रतिबल)
हल किए गए उदाहरण
1. 6 m की बीम पर आधार A से 2 m दूर 30 kN का भार है। दोनों प्रतिक्रियाएँ निकालो।
a = 2, b = 4। R_A = 30 × 4 / 6 = 20 kN। R_B = 30 × 2 / 6 = 10 kN। जाँच: 20 + 10 = 30।
2. उसी भार के नीचे बंकन आघूर्ण निकालो।
M = P a b / L = 30 × 2 × 4 / 6 = 40 kNm। (साथ ही M = R_A × 2 = 20 × 2 = 40।)
3. 8 m स्पैन की बीम पर 10 kN/m का एकसमान भार है। अधिकतम आघूर्ण निकालो।
M = w L² / 8 = 10 × 64 / 8 = 80 kNm, बीच में।
4. 500 mm² क्षेत्रफल की छड़ 50 kN से खिंच रही है। प्रतिबल निकालो।
σ = 50 000 N / 500 mm² = 100 N/mm² = 100 MPa।
5. इस्पात की छड़ (E = 200 GPa), लंबाई 2 m, क्षेत्रफल 500 mm², 100 kN तनाव में है। लंबाई में वृद्धि निकालो।
ΔL = F L / (A E) = 100 000 × 2000 / (500 × 200 000) = 2 mm।
6. एक बीम में M = 40 kNm और परिच्छेद गुणांक Z = 800 cm³ है। बंकन प्रतिबल निकालो।
M = 40 × 10⁶ N·mm। Z = 800 × 10³ mm³। σ = 40 × 10⁶ / 800 × 10³ = 50 MPa।
आम गलतियाँ
- बीम के अपने वज़न (मृत भार) को भूल जाना।
- इकाइयाँ मिला देना: kN के साथ N, या m के साथ mm। पहले बदलो। 1 MPa = 1 N/mm²।
- अलग-अलग बिंदुओं पर आघूर्ण लेकर चिह्न मिला देना। एक बिंदु चुनो और एक ही चिह्न नियम रखो।
- यह सोचना कि भार के पास वाला आधार कम उठाता है। वह ज़्यादा उठाता है।