बल क्या है और प्रतिबल क्या है?
बल (force) धक्का, खिंचाव या मरोड़ है, जिसे न्यूटन (N) में मापते हैं। जब किसी सामग्री पर बल लगता है, तो सामग्री अंदर से वापस धकेलती है। इसी अंदरूनी असर को प्रतिबल (stress) कहते हैं।
प्रतिबल = बल ÷ क्षेत्रफल, σ = F ÷ A। एक पतला तार और एक मोटी छड़ एक जैसा भार उठाएँ, तो पतले तार में प्रतिबल ज़्यादा होगा, क्योंकि बल कम क्षेत्रफल में बँटता है। इकाई: N/m² (पास्कल, Pa) या N/mm² (1 N/mm² = 1 MPa)।
बहुत ज़्यादा प्रतिबल हो तो सामग्री का आकार हमेशा के लिए बदल जाता है या वह टूट जाती है। डिज़ाइनर सामग्री और आकार ऐसे चुनते हैं कि प्रतिबल इस सीमा से काफ़ी नीचे रहे (सुरक्षा गुणांक, safety factor)।
तनाव और संपीडन
तनाव (tension): बल सिरों को अलग खींचते हैं। हिस्सा थोड़ा लंबा और पतला हो जाता है। उदाहरण: रस्साकशी की रस्सी, लिफ़्ट के केबल, गिटार के तार, झूला पुल (सस्पेंशन ब्रिज) के केबल।
संपीडन (compression): बल सिरों को पास दबाते हैं। हिस्सा थोड़ा छोटा और मोटा हो जाता है। उदाहरण: खंभे, कुर्सी के पाए, दीवार की ईंटें। लंबे पतले हिस्से दबाव में अचानक बगल में मुड़ सकते हैं (बकलिंग, buckling), इसलिए खंभे मोटे बनाते हैं या सहारा देते हैं।
कुछ सामग्रियाँ एक में मज़बूत और दूसरे में कमज़ोर होती हैं: कंक्रीट संपीडन में मज़बूत पर तनाव में कमज़ोर है, इसलिए उसमें स्टील की छड़ें डालते हैं (RCC, प्रबलित कंक्रीट)।
मुड़ना (bending)
जब सिरों पर टिकी बीम (या एक सिरे से लगी शेल्फ़) पर भार पड़ता है, तो बीम मुड़ती है। अंदर (ऊपर) वाली सतह संपीडन में और बाहर (नीचे) वाली सतह तनाव में होती है। बीच की रेखा, उदासीन अक्ष (neutral axis), न खिंचती है न दबती है।
इसीलिए बीच से दूर सामग्री रखना (I-बीम के ऊपर-नीचे के फ्लैंज) मुड़ने को सबसे अच्छा रोकता है, और इसीलिए स्केल सपाट रखकर आसानी से मुड़ता है पर किनारे से मोड़ना मुश्किल है।
ऐंठन और अपरूपण
ऐंठन (torsion) मरोड़ने वाला बल है: एक सिरा घुमाया जाता है और दूसरा पकड़ा या उल्टा घुमाया जाता है। उदाहरण: पेचकस की छड़, गाड़ी का ड्राइव शाफ़्ट, चाबी घुमाना, तौलिया निचोड़ना। गोल नलियाँ ऐंठन को अच्छे से सहती हैं।
अपरूपण (shear) तब होता है जब दो बल किसी हिस्से के आर-पार उल्टी दिशा में, पर एक सीध में नहीं लगते, और एक परत दूसरी पर फिसलना चाहती है। उदाहरण: कैंची और पेपर कटर, होल पंच, दो प्लेटों को जोड़ने वाला बोल्ट या रिवेट जब प्लेटें बगल में खींची जाएँ।
सामग्री को मज़बूत और कड़ा बनाना
बिना ज़्यादा वज़न बढ़ाए चीज़ को मज़बूत या कड़ा बनाने के लिए डिज़ाइनर आकार बदलते हैं या सामग्रियाँ जोड़ते हैं:
- मोड़ना: धातु की चादर या कार्ड का किनारा मोड़ने (फ्लैंज) से वह लटकता नहीं।
- पसलियाँ (ribs) और वेब: प्लास्टिक के डिब्बों के अंदर और कुर्सियों के पीछे बनी पतली दीवारें।
- नालीदार (corrugation): लहरदार परत, जैसे गत्ता और छत की चादरें।
- सेक्शन: I-बीम, बॉक्स सेक्शन, एंगल और नली, जो सामग्री वहीं रखते हैं जहाँ प्रतिबल है।
- त्रिभुज बनाना (triangulation): त्रिभुज की भुजा बदले बिना उसका आकार नहीं बदलता, इसलिए पुल, क्रेन और साइकिल के फ्रेम त्रिभुजों से बनते हैं।
- लैमिनेशन: पतली परतें आड़े-तिरछे रेशों के साथ चिपकाना, जैसे प्लाईवुड।
- कपड़े: कॉलर में इंटरफ़ेसिंग कड़ापन देती है; बैग की पट्टियों में वेबिंग टेप मज़बूती देता है।
- कम्पोज़िट: रेज़िन में काँच या कार्बन के रेशे; कंक्रीट में स्टील की छड़ें।
करके देखो: कागज़ का पुल
A4 कागज़ की एक शीट दो किताबों पर 15 cm की दूरी पर सपाट रखो और बीच में सिक्के रखते जाओ जब तक वह मेज़ तक न झुक जाए। सिक्के गिनो। अब उसी शीट को ज़िग-ज़ैग (नालीदार) मोड़ो या नली बनाओ, और फिर से जाँचो। पहले अनुमान लगाओ, फिर गिनो। यह 3D का चरण 6 असल ज़िंदगी में है: वही सामग्री, नया आकार, कई गुना ज़्यादा सिक्के।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- प्रतिबल σ = F ÷ A
- F न्यूटन (N) में, A m² या mm² में
- 1 Pa = 1 N/m²; 1 N/mm² = 1 MPa = 10,00,000 Pa
- तनाव → लंबा और पतला; संपीडन → छोटा और मोटा
- मुड़ना: एक सतह संपीडन, दूसरी तनाव, बीच में उदासीन अक्ष
हल किए गए उदाहरण
1. बल पहचानो: पर्वतारोही को थामे हुए रस्सी।
रस्सी दोनों सिरों से खिंच रही है, इसलिए तनाव में है।
2. बल पहचानो: होल पंच कागज़ में छेद करता है।
दो किनारे कागज़ के आर-पार एक-दूसरे से फिसलते हैं, इसलिए अपरूपण।
3. 50 mm² अनुप्रस्थ काट वाली स्टील की छड़ पर 4000 N का खिंचाव है। प्रतिबल निकालो।
σ = F ÷ A = 4000 ÷ 50 = 80 N/mm² = 80 MPa।
4. 100 mm × 100 mm का लकड़ी का खंभा 20 kN उठाता है। प्रतिबल N/mm² में निकालो।
A = 100 × 100 = 10,000 mm²। F = 20,000 N। σ = 20,000 ÷ 10,000 = 2 N/mm² (संपीडन)।
5. दो तार एक जैसा 600 N भार उठाते हैं। तार A का क्षेत्रफल 2 mm², तार B का 6 mm²। किसमें प्रतिबल ज़्यादा और कितना?
A: 600 ÷ 2 = 300 N/mm²। B: 600 ÷ 6 = 100 N/mm²। A में 3 गुना प्रतिबल है, क्योंकि उसका क्षेत्रफल एक-तिहाई है।
6. उतने ही वज़न के सपाट कार्ड वाले डिब्बे से नालीदार गत्ते का डिब्बा ज़्यादा कड़ा क्यों होता है?
बीच की लहरदार परत दोनों सपाट परतों को दूर रखती है। बीच से दूर रखी सामग्री मुड़ने को रोकती है, जैसे I-बीम के फ्लैंज, इसलिए उतने ही भार में डिब्बा बहुत कम मुड़ता है।
आम गलतियाँ
- यह सोचना कि मुड़ती बीम में एक ही तरह का प्रतिबल है। ऊपर संपीडन और नीचे तनाव, दोनों एक साथ होते हैं।
- ऐंठन (लंबाई के चारों ओर मरोड़) और मुड़ने (लंबाई के आर-पार झुकना) को एक समझना।
- प्रतिबल निकालने से पहले kN को N या cm² को mm² में न बदलना।
- यह सोचना कि मज़बूती का मतलब हमेशा ज़्यादा सामग्री है। आकार बदलना (मोड़, पसलियाँ, त्रिभुज) अक्सर बेहतर और हल्का होता है।