Ontario Grade 11 TTJ3C Transportation Technology (Grade 11, College Preparation)
अध्याय: 4
1. A. Transportation Technology Fundamentals
A1 Understanding Engines · A2 Understanding Electrical and Electronic Circuits and Components · A3 Understanding Major Systems and Components · A4 Technological and Mathematical Literacy
- इंजन, पावरट्रेन और वाहन के तंत्र – चार-स्ट्रोक इंजन ईंधन की रासायनिक ऊर्जा को चूषण, संपीडन, शक्ति और निकास स्ट्रोक से गति में बदलता है। सिलेंडर इनलाइन, V या सपाट हो सकते हैं। ईंधन, स्नेहन, शीतलन और प्रज्वलन तंत्र इंजन को चलाते हैं, और टाइमिंग चिंगारी व वाल्व को सही पल पर चलाती है। आकार: विस्थापन = π/4 × बोर² × स्ट्रोक × सिलेंडर। शक्ति इंजन → क्लच → गियरबॉक्स → ड्राइव शाफ़्ट → डिफ़रेंशियल → पहियों तक जाती है। गियर रफ़्तार के बदले टॉर्क देते हैं: गियर अनुपात = चालित दाँते ÷ चालक दाँते। मैकेनिक स्पेसिफ़िकेशन, ट्रबल चार्ट और सुरक्षित औज़ारों से जाँच, घिसाव नाप और मरम्मत करते हैं।
- ऑटोमोटिव इलेक्ट्रिकल सिस्टम – गाड़ी 12 V सिस्टम पर चलती है (कई ट्रकों में 24 V, हाइब्रिड और EV में 48 V या हाई-वोल्टेज बैटरी)। धारा बैटरी + से सुरक्षा उपकरण, स्विच और लोड से होकर धातु की बॉडी (चेसिस ग्राउंड) से लौटती है। ओम का नियम V = I × R और शक्ति P = V × I से तार और फ़्यूज़ चुनते हैं। तीन मुख्य खराबियाँ: ओपन सर्किट (धारा नहीं), ग्राउंड से शॉर्ट (बहुत ज़्यादा धारा, फ़्यूज़ उड़ता है) और ज़्यादा प्रतिरोध (मद्धम या धीमा)। फ़्यूज़, सर्किट ब्रेकर और फ़्यूज़िबल लिंक तारों की रक्षा करते हैं। लेड-एसिड बैटरी में 2.1 V के छह सेल होते हैं; अल्टरनेटर लगभग 14 V पर चार्ज करता है। मल्टीमीटर वोल्टेज, कंटिन्युटी, प्रतिरोध और वोल्टेज ड्रॉप नापता है।
2. B. Transportation Technology Skills
B1 Engine Service and Repair · B2 Electrical Circuit Testing and Repair · B3 Service and Repair of Steering/Control, Suspension, Brake, and Body Systems · B4 Challenges and Repair Problems
- इंजन, पावरट्रेन और वाहन के तंत्र – चार-स्ट्रोक इंजन ईंधन की रासायनिक ऊर्जा को चूषण, संपीडन, शक्ति और निकास स्ट्रोक से गति में बदलता है। सिलेंडर इनलाइन, V या सपाट हो सकते हैं। ईंधन, स्नेहन, शीतलन और प्रज्वलन तंत्र इंजन को चलाते हैं, और टाइमिंग चिंगारी व वाल्व को सही पल पर चलाती है। आकार: विस्थापन = π/4 × बोर² × स्ट्रोक × सिलेंडर। शक्ति इंजन → क्लच → गियरबॉक्स → ड्राइव शाफ़्ट → डिफ़रेंशियल → पहियों तक जाती है। गियर रफ़्तार के बदले टॉर्क देते हैं: गियर अनुपात = चालित दाँते ÷ चालक दाँते। मैकेनिक स्पेसिफ़िकेशन, ट्रबल चार्ट और सुरक्षित औज़ारों से जाँच, घिसाव नाप और मरम्मत करते हैं।
- ऑटोमोटिव इलेक्ट्रिकल सिस्टम – गाड़ी 12 V सिस्टम पर चलती है (कई ट्रकों में 24 V, हाइब्रिड और EV में 48 V या हाई-वोल्टेज बैटरी)। धारा बैटरी + से सुरक्षा उपकरण, स्विच और लोड से होकर धातु की बॉडी (चेसिस ग्राउंड) से लौटती है। ओम का नियम V = I × R और शक्ति P = V × I से तार और फ़्यूज़ चुनते हैं। तीन मुख्य खराबियाँ: ओपन सर्किट (धारा नहीं), ग्राउंड से शॉर्ट (बहुत ज़्यादा धारा, फ़्यूज़ उड़ता है) और ज़्यादा प्रतिरोध (मद्धम या धीमा)। फ़्यूज़, सर्किट ब्रेकर और फ़्यूज़िबल लिंक तारों की रक्षा करते हैं। लेड-एसिड बैटरी में 2.1 V के छह सेल होते हैं; अल्टरनेटर लगभग 14 V पर चार्ज करता है। मल्टीमीटर वोल्टेज, कंटिन्युटी, प्रतिरोध और वोल्टेज ड्रॉप नापता है।
- मानव शरीर के अंग तंत्र – हमारा शरीर स्तरों में बना है: कोशिकाएँ मिलकर ऊतक, ऊतक मिलकर अंग, अंग मिलकर अंग तंत्र और सारे तंत्र मिलकर पूरा जीव यानी हम। हर तंत्र का एक मुख्य काम है: कंकाल (ढाँचा), पेशी (गति), परिसंचरण (ढुलाई), श्वसन (गैसों का लेन-देन), पाचन (भोजन), उत्सर्जन (कचरा), तंत्रिका और अंतःस्रावी (नियंत्रण), प्रतिरक्षा (बचाव), त्वचा तंत्र और जनन तंत्र। कोई तंत्र अकेले काम नहीं करता: व्यायाम में पेशियाँ, दिल, फेफड़े और नसें साथ बदलकर शरीर के अंदर का हाल स्थिर रखते हैं (समस्थिति)।
- विलयन: चीज़ें कैसे घुलती हैं और कितनी घुल सकती हैं – विलयन विलायक में घुले विलेय का समांगी मिश्रण है। पानी में (जलीय विलयन) विलेय इतने छोटे कणों में टूटता है कि दिखता नहीं, नीचे नहीं बैठता और फ़िल्टर पेपर से निकल जाता है। सांद्रता बताती है कितना विलेय है (द्रव्यमान % = विलेय ÷ विलयन × 100)। विलेयता किसी ताप पर 100 g विलायक में घुल सकने वाली अधिकतम मात्रा है; उसके बाद विलयन संतृप्त है। वाष्पीकरण, क्रिस्टलीकरण और आसवन से विलयन अलग होता है।
3. C. Technology,the Environment, and Society
C1 Technology and the Environment · C2 Technology and Society
- पर्यावरण संरक्षण: तकनीक इस्तेमाल करते हुए धरती की देखभाल – पर्यावरण संरक्षण (environmental stewardship) का मतलब है धरती के संसाधनों को सोच-समझकर इस्तेमाल करना ताकि वे लंबे समय तक चलें, और जहाँ नुक़सान हुआ हो उसे ठीक करना। फ़ोन हो या अस्पताल की मशीन, हर उत्पाद का एक जीवन-चक्र होता है: कच्चा माल, निर्माण, परिवहन, उपयोग और जीवन का अंत। हर चरण में ऊर्जा लगती है और कचरा बनता है। अच्छा संरक्षक चीज़ें लंबे समय तक चलाता है, कम बिजली वाली मशीनें चुनता है, कचरा-पदानुक्रम मानता है, ई-कचरा सही जगह देता है और प्रकृति बचाने वाले नियमों का साथ देता है।
4. D. Professional Practice and Career Opportunities
D1 Health and Safety · D2 Career Opportunities
- स्वास्थ्य और सुरक्षा: ख़तरे, जोखिम और नियंत्रण – ख़तरा (hazard) वह चीज़ है जो नुकसान कर सकती है। जोखिम (risk) बताता है नुकसान कितना संभव है और कितना गंभीर होगा: जोखिम = संभावना × गंभीरता। जोखिम आकलन में ख़तरे ढूँढते हैं, किसे नुकसान हो सकता है तय करते हैं, अंक देते हैं, नियंत्रण जोड़ते हैं और बाद में दोबारा जाँचते हैं। नियंत्रण का क्रम: हटाना, बदलना, इंजीनियरिंग नियंत्रण, नियम और प्रशिक्षण, और आख़िर में PPE। सुरक्षा चिह्न रंग और आकार से बोलते हैं। वर्कशॉप, कला कक्ष और कार्यस्थल पर गार्ड, ताज़ी हवा, लेबल, खुले रास्ते और प्राथमिक उपचार चाहिए। ज़्यादातर देशों में क़ानून मालिक और कर्मचारी दोनों पर सुरक्षा की ज़िम्मेदारी डालते हैं।
- करियर प्लानिंग: ख़ुद को जानने से पहली नौकरी तक – करियर प्लानिंग के पाँच कदम हैं। 1) ख़ुद को जानो: रुचियाँ, कौशल और मूल्य। 2) करियर परिवार खोजो और जानो कि काम क्या है, कौन-सी पढ़ाई चाहिए, वेतन और माँग कितनी है। 3) SMART लक्ष्य और प्लान B के साथ रास्ता बनाओ। 4) CV, आवेदन पत्र, डिजिटल पोर्टफ़ोलियो और इंटरव्यू अभ्यास से नौकरी खोजो। 5) स्कूल से काम की ओर बढ़ो और सीखते रहो, क्योंकि ज़िंदगी भर करियर बदलता है।