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विद्युत सेल और बैटरी: सेल बिजली कैसे बनाता है

विद्युत सेल रासायनिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में बदलता है। इसमें दो अलग-अलग धातुएँ (इलेक्ट्रोड) होती हैं जो बिजली चलाने वाले द्रव या लेई (विद्युत-अपघट्य) में डूबी रहती हैं। रासायनिक अभिक्रिया से एक धातु पर अतिरिक्त इलेक्ट्रॉन जमा होते हैं (ऋण टर्मिनल); तार से दोनों टर्मिनल जोड़ने पर इलेक्ट्रॉन बहते हैं, यही विद्युत धारा है। दो या ज़्यादा सेल मिलकर बैटरी बनाते हैं; श्रेणी में उनके वोल्टेज जुड़ जाते हैं।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. साधारण सेल के तीन भाग हैं: जस्ते की पट्टी, ताँबे की पट्टी, और बिजली चलाने वाला द्रव जिसे विद्युत-अपघट्य कहते हैं। यहाँ यह नींबू का रस है।
  2. एक रासायनिक अभिक्रिया शुरू होती है। जस्ता धीरे-धीरे घुलता है और जस्ते की पट्टी पर इलेक्ट्रॉन छोड़ जाता है। इसलिए जस्ता ऋण टर्मिनल बनता है।
  3. दोनों पट्टियों को तार से जोड़िए। इलेक्ट्रॉन तार में जस्ते से ताँबे की ओर बहते हैं। यही बहाव विद्युत धारा है।
  4. एक नींबू सेल सिर्फ़ लगभग 0.9 वोल्ट देता है। LED को लगभग 1.8 वोल्ट चाहिए। 2 सेल श्रेणी में जोड़िए, वोल्टेज जुड़ जाते हैं और LED जल उठता है।
  5. शुष्क सेल, जैसे AA सेल, भी ऐसे ही काम करता है। इसमें जस्ते का खोल, विद्युत-अपघट्य के रूप में नम लेई, और बीच में कार्बन की छड़ होती है। यह लगभग 1.5 वोल्ट देता है।
  6. अब आपकी बारी: दो धातुएँ और सेलों की संख्या चुनिए। क्या आप LED जला सकते हैं?

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

इलेक्ट्रॉन आते कहाँ से हैं?

जस्ते से ही। जब जस्ते का परमाणु अभिक्रिया करके द्रव में जाता है, तो पट्टी पर इलेक्ट्रॉन छोड़ जाता है।

दो अलग धातुएँ क्यों चाहिए?

धक्का धातुओं के अंतर से आता है। जस्ता ताँबे से ज़्यादा आसानी से इलेक्ट्रॉन छोड़ता है। दोनों ओर एक ही धातु हो तो कोई अंतर नहीं, यानी 0 V। खुद करके देखें में ताँबा + ताँबा चुनिए।

एक नींबू से LED क्यों नहीं जलता?

एक नींबू सेल लगभग 0.9 V देता है, पर LED को लगभग 1.8 V चाहिए। श्रेणी में दो सेल मिलकर काफ़ी हो जाते हैं।

क्या तार जोड़ने से पहले धारा बहती है?

नहीं। इलेक्ट्रॉन जस्ते पर जमा होते हैं, पर उन्हें रास्ता नहीं मिलता। परिपथ बंद होने पर ही बहाव शुरू होता है।

क्या शुष्क सेल सच में सूखा होता है?

पूरी तरह नहीं। उसका विद्युत-अपघट्य नम लेई है, इसलिए छलकता नहीं। बिल्कुल सूख जाए तो काम करना बंद कर दे।

कुछ समय बाद सेल काम करना क्यों बंद कर देता है?

अभिक्रिया में जस्ता और विद्युत-अपघट्य के रसायन ख़त्म हो जाते हैं। रिचार्ज होने वाले सेल में चार्जर अभिक्रिया को पलट देता है।

विद्युत सेल क्या है?

विद्युत सेल एक छोटी युक्ति है जो परिपथ में आवेश को धकेलती है। इसके अंदर रासायनिक अभिक्रिया होती है। सेल रासायनिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में बदलता है।

हर सेल के दो टर्मिनल होते हैं: धन टर्मिनल (+) और ऋण टर्मिनल (−)। परिपथ आरेख में सेल को एक लंबी पतली रेखा (+) और एक छोटी मोटी रेखा (−) से दिखाते हैं।

बैटरी दो या ज़्यादा सेलों को जोड़कर बनती है। बोलचाल में एक AA सेल को भी "बैटरी" कह देते हैं, पर विज्ञान में वह सेल है।

सेल बिजली कैसे बनाता है

सेल को तीन चीज़ें चाहिए:

  1. दो अलग-अलग धातुएँ (या धातु और कार्बन), जिन्हें इलेक्ट्रोड कहते हैं।
  2. एक विद्युत-अपघट्य: बिजली चलाने वाला द्रव या लेई, जैसे अम्ल, नमक का पानी या नींबू का रस।
  3. बाहर इलेक्ट्रोडों को जोड़ने वाला तार।

ज़्यादा क्रियाशील धातु (जस्ता) विद्युत-अपघट्य से अभिक्रिया करके धीरे-धीरे घुलती है। द्रव में जाने वाला हर जस्ता परमाणु पट्टी पर 2 इलेक्ट्रॉन छोड़ जाता है। इस तरह जस्ते पर इलेक्ट्रॉन जमा होते हैं और वह ऋण टर्मिनल बनता है। तार जोड़ते ही ये इलेक्ट्रॉन तार से ताँबे (धन टर्मिनल) की ओर बहते हैं। द्रव के अंदर आयन नाम के आवेशित कण चलकर घेरा पूरा करते हैं।

अगर दोनों इलेक्ट्रोड एक ही धातु के हों, तो दोनों एक जैसी अभिक्रिया करते हैं, इसलिए कोई धक्का नहीं और कोई धारा नहीं।

सरल सेल बनाना

सामान: नींबू (या आलू, या सिरका या नमक के पानी का कप), जस्ता चढ़ी कील, ताँबे का सिक्का या पट्टी, क्लिप वाले तार, LED और हो सके तो मल्टीमीटर।

  1. कील और ताँबे को नींबू में लगभग 2 cm दूर लगाइए। वे छूने न पाएँ।
  2. नापिए: एक नींबू सेल लगभग 0.9 V देता है।
  3. 2–4 सेल बनाकर श्रेणी में जोड़िए: एक का ताँबा अगले के जस्ते से।
  4. बचे ताँबे वाले सिरे को LED की लंबी टाँग से और जस्ते वाले सिरे को छोटी टाँग से जोड़िए।

यह कमज़ोर क्यों है: नींबू सेल बहुत कम धारा देता है, इसलिए LED हल्का जलता है पर टॉर्च का बल्ब नहीं। घर की मेन बिजली से कभी प्रयोग न करें और असली बैटरी को खोलें नहीं।

पहली बैटरी: 1800 में अलेस्सांद्रो वोल्टा ने जस्ते और ताँबे की चकतियों के बीच नमक के पानी में भीगा कपड़ा रखकर ढेर बनाया। यह "वोल्टीय पुंज" पहली बैटरी थी। वोल्ट इकाई उन्हीं के नाम पर है।

श्रेणी में सेल: वोल्टेज जुड़ते हैं

जब एक सेल का + अगले सेल के − से जोड़ा जाता है, तो सेल श्रेणी में होते हैं। उनके वोल्टेज जुड़ते हैं: कुल V = V₁ + V₂ + V₃ …

अगर एक सेल उल्टा लग जाए तो उसका वोल्टेज घट जाता है और यंत्र शायद काम न करे।

सेलों के प्रकार

सेलअंदर क्यावोल्टेजरिचार्ज?
सरल (वोल्टीय) सेलजस्ता, ताँबा, तनु अम्ल या रसलगभग 1 Vनहीं
शुष्क सेल (जस्ता–कार्बन / ऐल्कलाइन)जस्ते का खोल (−), नम लेई, कार्बन छड़ (+)1.5 Vनहीं (प्राथमिक सेल)
बटन सेलजस्ता, सिल्वर ऑक्साइड या लिथियम1.5–3 Vअधिकतर नहीं
लेड-एसिड सेलसल्फ़्यूरिक अम्ल में सीसे की प्लेटें2 Vहाँ (द्वितीयक सेल)
लिथियम-आयन सेललिथियम के यौगिकलगभग 3.7 Vहाँ

प्राथमिक सेल एक बार इस्तेमाल होता है; उसके रसायन ख़त्म हो जाते हैं। द्वितीयक सेल फिर से चार्ज हो सकता है: चार्जर उल्टी दिशा में धारा भेजकर अभिक्रिया पलट देता है।

सुरक्षित निपटान: पुराने सेलों में ऐसी धातुएँ होती हैं जो मिट्टी और पानी को नुक़सान पहुँचाती हैं। इन्हें आग या सामान्य कूड़े में न डालें; ई-कचरा संग्रह केंद्र पर दें।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. एक टॉर्च में 1.5 V के 3 शुष्क सेल श्रेणी में हैं। कुल वोल्टेज कितना है?

श्रेणी में वोल्टेज जुड़ते हैं: 1.5 + 1.5 + 1.5 = 4.5 V।

2. एक नींबू सेल 0.9 V देता है। LED को कम से कम 1.8 V चाहिए। श्रेणी में कितने नींबू सेल लगेंगे?

1.8 ÷ 0.9 = 2। कम से कम 2 नींबू सेल श्रेणी में।

3. कार की बैटरी 12 V देती है। हर लेड-एसिड सेल 2 V देता है। अंदर कितने सेल हैं?

12 ÷ 2 = 6 सेल श्रेणी में।

4. एक विद्यार्थी नींबू में ताँबे की दो पट्टियाँ लगाता है। मीटर 0 V दिखाता है। क्यों?

दोनों इलेक्ट्रोड एक ही धातु के हैं, इसलिए एक जैसी अभिक्रिया करते हैं। इलेक्ट्रॉन धकेलने के लिए कोई अंतर नहीं, इसलिए कोई वोल्टेज नहीं। एक धातु अलग चाहिए, जैसे जस्ता।

5. रिमोट में 1.5 V के 2 सेल हैं, पर एक उल्टा लगा है। रिमोट को कितना वोल्टेज मिलेगा?

उल्टा सेल दूसरी दिशा में धकेलता है, इसलिए घटता है: 1.5 − 1.5 = 0 V। रिमोट काम नहीं करेगा।

6. शुष्क सेल में ऊर्जा का बदलाव और टर्मिनल बताइए।

रासायनिक ऊर्जा → विद्युत ऊर्जा। जस्ते का खोल ऋण टर्मिनल है; धातु की टोपी वाली कार्बन छड़ धन टर्मिनल है।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. विद्युत सेल बदलता है:
2. सेल के अंदर के द्रव या लेई को कहते हैं:
3. एक शुष्क सेल (AA) का वोल्टेज:
4. जस्ता–ताँबा सेल में ऋण टर्मिनल है:
5. 1.5 V के 4 सेल श्रेणी में देते हैं:

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सेल और बैटरी में क्या अंतर है?

सेल दो इलेक्ट्रोड और विद्युत-अपघट्य वाली एक इकाई है। बैटरी दो या ज़्यादा सेलों को जोड़कर बनती है।

नींबू से बिजली कैसे बनती है?

नींबू के रस में जस्ता और ताँबा मिलकर सेल बनाते हैं। जस्ता अम्ल से अभिक्रिया करके इलेक्ट्रॉन छोड़ता है; वे तार से ताँबे की ओर धारा बनकर बहते हैं।

AA सेल 1.5 V ही क्यों देता है?

वोल्टेज इस्तेमाल हुए रसायनों पर निर्भर करता है, आकार पर नहीं। AA सेल के रसायन लगभग 1.5 V देते हैं; बड़ा D सेल भी इतना ही वोल्टेज देता है पर ज़्यादा देर चलता है।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

सीबीएसई (भारत)कक्षा 8विद्युत: चुंबकीय और ऊष्मीय प्रभाव

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