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विद्युत वाहक बल, आंतरिक प्रतिरोध, शक्ति और सेलों का संयोजन

सेल आवेशों पर कार्य करता है; प्रति कूलॉम कार्य उसका विद्युत वाहक बल (emf) ε है। सेल के अंदर एक छोटा आंतरिक प्रतिरोध r होता है। धारा I बहने पर टर्मिनल वोल्टता V = ε − Ir और I = ε/(R + r). विद्युत शक्ति P = VI = I²R = V²/R, ऊर्जा W = Pt. R = r होने पर R को अधिकतम शक्ति मिलती है। श्रेणी में: εeq = ε1 + ε2, req = r1 + r2. समांतर में: εeq = (ε1r2 + ε2r1)/(r1 + r2), 1/req = 1/r1 + 1/r2.

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. स्विच खुला है, धारा नहीं बह रही। वोल्टमीटर पूरा emf ε = 6 V पढ़ता है। emf वह ऊर्जा है जो सेल हर कूलॉम आवेश को देता है।
  2. स्विच बंद करो। धारा I = ε/(R + r) बहती है। कुछ वोल्टता Ir सेल के अंदर ही खर्च हो जाती है, इसलिए टर्मिनल वोल्टता V = ε − Ir, ε से कम है।
  3. R छोटा करो। धारा बढ़ती है, अंदर का ह्रास Ir बढ़ता है, और V और गिरता है।
  4. अब शक्ति देखो। हरा स्तंभ I²R है, R में उपयोगी शक्ति। लाल स्तंभ I²r है, सेल के अंदर ऊष्मा बनकर व्यर्थ। R = r होने पर हरा स्तंभ सबसे ऊँचा।
  5. दो सेल श्रेणी में जोड़ो: emf जुड़ते हैं और आंतरिक प्रतिरोध भी जुड़ते हैं। समांतर में समान सेलों का emf वही रहता है, पर r बँट जाता है।
  6. अब आप खेलो: R, सेलों की संख्या और श्रेणी या समांतर बदलो। पहले V और I का अनुमान लगाओ।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

क्या emf एक बल है?

नहीं। यह सेल द्वारा प्रति कूलॉम किया गया कार्य है, वोल्ट में। नाम में 'बल' सिर्फ़ पुराना इतिहास है।

धारा बहने पर वोल्टमीटर कम क्यों पढ़ता है?

emf का कुछ हिस्सा सेल के अपने प्रतिरोध r से धारा धकेलने में लगता है। टर्मिनल तक ε − Ir पहुँचता है।

सेल को शॉर्ट सर्किट करें तो क्या होगा?

R ≈ 0, तो I = ε/r बहुत बड़ी, V ≈ 0 और सेल गरम होकर जल्दी ख़राब होता है।

अधिकतम शक्ति R = r पर क्यों, R = 0 पर क्यों नहीं?

R = 0 पर धारा बड़ी पर R पर वोल्टता शून्य; बहुत बड़े R पर धारा बहुत कम। सबसे अच्छा संतुलन R = r पर।

सेल कब श्रेणी में और कब समांतर में लगाएँ?

जब बाहरी R बड़ा हो तो श्रेणी (ज़्यादा धक्का चाहिए)। जब R, r की तुलना में छोटा हो तो समांतर (कम आंतरिक प्रतिरोध चाहिए)।

क्या सेल का emf उसके आकार पर निर्भर है?

नहीं। emf रसायनों पर निर्भर है। आकार से आंतरिक प्रतिरोध और सेल कितनी देर चलेगा, यह बदलता है।

विद्युत वाहक बल (emf) क्या है?

सेल में विद्युत अपघट्य में दो इलेक्ट्रोड होते हैं। रासायनिक अभिक्रियाएँ एक इलेक्ट्रोड पर धन और दूसरे पर ऋण आवेश भेजती हैं। सेल अंदर के क्षेत्र के विरुद्ध आवेश को ले जाने में कार्य करता है, जैसे पंप पानी ऊपर उठाता है।

emf (ε) = पूरे परिपथ में एक बार इकाई आवेश को घुमाने में सेल द्वारा किया गया कार्य। मात्रक वोल्ट। नाम में 'बल' होते हुए भी emf कोई बल नहीं है।

जब कोई धारा न बहे (खुला परिपथ), तब टर्मिनलों के बीच विभवांतर = emf.

आंतरिक प्रतिरोध और टर्मिनल वोल्टता

धारा को सेल के अंदर विद्युत अपघट्य से भी गुज़रना पड़ता है। अपघट्य इसका विरोध करता है: यही आंतरिक प्रतिरोध r है।

  1. लूप का कुल प्रतिरोध = R + r
  2. धारा: I = ε /(R + r)
  3. सेल के अंदर खर्च वोल्टता = Ir
  4. टर्मिनल वोल्टता: V = ε − Ir = IR

यानी धारा देते समय V < ε. जब सेल आवेशित किया जा रहा हो (धारा उल्टी दिशा में), तब V = ε + Ir, ε से ज़्यादा।

r ज्ञात करना: r = (ε/V − 1) R = (ε − V)/I.

r निर्भर करता है: अपघट्य पर, प्लेटों की दूरी, उनके क्षेत्रफल और सेल की उम्र पर।

emf और विभवांतर में अंतर

विद्युत ऊर्जा और शक्ति

आवेश q जब विभव-पात V से गुज़रता है तो ऊर्जा W = qV = VIt. शक्ति P = W/t = VI.

प्रतिरोधक के लिए V = IR से: P = I²R = V²/R. यह ऊष्मा बनती है (जूल तापन)।

बिजली बिल किलोवाट घंटा में: 1 kWh = 1000 W × 3600 s = 3.6 × 10⁶ J (एक 'यूनिट')।

पूरे परिपथ में शक्ति: सेल εI देता है। इसमें I²R, R को जाती है और I²r अंदर व्यर्थ: εI = I²R + I²r.

अधिकतम शक्ति: P = ε²R/(R + r)². यह R = r पर सबसे ज़्यादा, तब Pmax = ε²/4r (दक्षता सिर्फ़ 50%)।

बिजली की लाइनें ऊँची वोल्टता पर क्यों: समान शक्ति P = VI के लिए ज़्यादा V का मतलब कम I, इसलिए तारों में ह्रास I²Rline बहुत कम।

सेलों का श्रेणी संयोजन

एक सेल का + अगले के − से जोड़ो। दोनों में समान धारा बहती है।

  1. विभव बढ़त: ε1 − Ir1 और ε2 − Ir2
  2. कुल: V = (ε1 + ε2) − I(r1 + r2)
  3. V = εeq − I req से तुलना करो

εeq = ε1 + ε2, req = r1 + r2. एक सेल उल्टा लगा हो तो εeq = ε1 − ε2, पर req फिर भी जुड़ता है। n समान सेल: nε और nr, I = nε/(R + nr). जब R, r से बहुत बड़ा हो तो श्रेणी अच्छी।

सेलों का समांतर संयोजन

सारे + टर्मिनल एक साथ और सारे − टर्मिनल एक साथ जोड़ो। दोनों पर समान V, धाराएँ जुड़ती हैं: I = I1 + I2.

  1. I1 = (ε1 − V)/r1, I2 = (ε2 − V)/r2
  2. जोड़कर V निकालो: V = (ε1r2 + ε2r1)/(r1 + r2) − I r1r2/(r1 + r2)

εeq = (ε1r2 + ε2r1)/(r1 + r2), req = r1r2/(r1 + r2). आसान रूप: εeq/req = ε1/r1 + ε2/r2. n समान सेल: ε और r/n. जब R, r से बहुत छोटा हो तो समांतर अच्छा।

करके देखो

3D में: स्विच खोलो और V पढ़ो। R = 5 Ω के साथ बंद करो और देखने से पहले V का अनुमान लगाओ (ε = 6 V, r = 1 Ω)। फिर वह R ढूँढो जिस पर हरा स्तंभ सबसे ऊँचा हो।

घर पर (बड़ों के साथ): कार या बाइक की लाइट जलाकर इंजन स्टार्ट करते समय चमक देखो। मंद होना बैटरी का Ir ह्रास है।

बोर्ड परीक्षा में क्या पूछा जाता है

श्रेणी और समांतर के लिए तुल्य emf और आंतरिक प्रतिरोध की व्युत्पत्ति (3–5 अंक); सेल का V–I ग्राफ़ (सीधी रेखा, ढाल −r, अंतःखंड ε); r, टर्मिनल वोल्टता और शक्ति पर आंकिक; emf और टर्मिनल वोल्टता में अंतर।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. 6 V emf और 1 Ω आंतरिक प्रतिरोध वाला सेल 5 Ω प्रतिरोधक से जुड़ा है। I और V ज्ञात करो।

चरण 1: I = ε/(R + r) = 6/6 = 1 A. चरण 2: V = ε − Ir = 6 − 1 = 5 V. जाँच: V = IR = 5 V.

2. खुले परिपथ में सेल 1.5 V और 4 Ω प्रतिरोधक जोड़ने पर 1.2 V पढ़ता है। r ज्ञात करो।

चरण 1: I = V/R = 1.2/4 = 0.3 A. चरण 2: r = (ε − V)/I = 0.3/0.3. उत्तर: r = 1 Ω.

3. 12 V, r = 0.5 Ω वाली बैटरी को 2 A धारा से आवेशित किया जा रहा है। टर्मिनल वोल्टता?

चरण 1: आवेशन में V = ε + Ir. चरण 2: V = 12 + 2 × 0.5 = 13 V.

4. 1000 W का हीटर रोज़ 3 घंटे, 30 दिन चलता है। कितनी यूनिट और ₹8 प्रति यूनिट पर ख़र्च?

चरण 1: ऊर्जा = 1 kW × 3 h × 30 = 90 kWh. चरण 2: ख़र्च = 90 × 8 = ₹720.

5. 220 V, 100 W के बल्ब का प्रतिरोध और धारा ज्ञात करो।

चरण 1: R = V²/P = 220²/100 = 484 Ω. चरण 2: I = P/V = 100/220 ≈ 0.45 A.

6. तीन समान सेल, हर एक 2 V और 0.3 Ω, श्रेणी में 5.1 Ω के साथ जुड़े हैं। धारा ज्ञात करो।

चरण 1: εeq = 3 × 2 = 6 V. चरण 2: req = 3 × 0.3 = 0.9 Ω. चरण 3: I = 6/(5.1 + 0.9) = 1 A.

7. दो सेल, 4 V (2 Ω) और 2 V (1 Ω), समांतर में (समान टर्मिनल साथ)। εeq और req ज्ञात करो।

चरण 1: εeq = (4 × 1 + 2 × 2)/3 = 8/3 ≈ 2.67 V. चरण 2: req = (2 × 1)/3 ≈ 0.67 Ω.

8. 6 V emf और r = 2 Ω का सेल। किस R पर अधिकतम शक्ति मिलेगी और कितनी?

चरण 1: R = r = 2 Ω पर अधिकतम। चरण 2: I = 6/4 = 1.5 A. चरण 3: P = I²R = 2.25 × 2 = 4.5 W (= ε²/4r = 36/8)।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. धारा I दे रहे सेल की टर्मिनल वोल्टता है:
2. emf, टर्मिनल वोल्टता के बराबर कब होता है?
3. बाहरी R को अधिकतम शक्ति कब मिलती है?
4. n समान सेल (ε, r) समांतर में देते हैं:
5. 1 kWh बराबर है:

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

emf और टर्मिनल वोल्टता में क्या अंतर है?

emf वह वोल्टता है जब कोई धारा न बहे। टर्मिनल वोल्टता धारा बहते समय टर्मिनलों के बीच वोल्टता है: V = ε − Ir, इसलिए कम।

सेल का आंतरिक प्रतिरोध क्या है?

सेल के अंदर विद्युत अपघट्य और इलेक्ट्रोडों द्वारा धारा पर लगाया गया प्रतिरोध।

समांतर में सेलों का सूत्र क्या है?

εeq = (ε1r2 + ε2r1)/(r1 + r2) और req = r1r2/(r1 + r2). समान सेलों के लिए: εeq = ε, req = r/n.

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

सीबीएसई (भारत)कक्षा 12विद्युत धारा
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