अपवाह से ओम का नियम
ओम का नियम: स्थिर ताप और भौतिक अवस्था में किसी चालक से बहने वाली धारा उसके सिरों के विभवांतर के समानुपाती होती है: V = IR.
क्यों? E = V/l और vd = eEτ/m को I = n e A vd में रखो:
- I = n e A · (e τ / m) · (V / l)
- तो V = (m l / n e² τ A) · I
- दिए गए तार के लिए स्थिर ताप पर कोष्ठक स्थिर है: यही R है।
R = m l /(n e² τ A). मात्रक ओम (Ω) = V/A.
सदिश रूप: j = σE
V = IR को l से भाग दो और R = ρl/A रखो: V/l = (I/A)ρ, यानी E = ρj, या j = σE. यह रूप पदार्थ के हर बिंदु पर लागू है, तार की आकृति से फ़र्क़ नहीं पड़ता।
प्रतिरोधकता और चालकता
R आकृति पर निर्भर है: R = ρ l / A. l दोगुना → R दोगुना। A दोगुना → R आधा।
प्रतिरोधकता ρ = उस पदार्थ के इकाई लंबाई और इकाई क्षेत्रफल वाले तार का प्रतिरोध। अपवाह से: ρ = m /(n e² τ). मात्रक Ω m. यह सिर्फ़ पदार्थ (n, τ) और ताप पर निर्भर है, आकार पर नहीं।
चालकता σ = 1/ρ, मात्रक S/m (सीमेन्स प्रति मीटर) या Ω⁻¹m⁻¹.
- धातु (चालक): ρ ≈ 10⁻⁸ से 10⁻⁶ Ω m (ताँबा 1.7 × 10⁻⁸)
- अर्धचालक: ρ ≈ 10⁻⁵ से 10⁶ Ω m (सिलिकॉन, जर्मेनियम)
- विद्युतरोधी: ρ ≈ 10¹¹ से 10¹⁹ Ω m (काँच, रबर)
कार्बन प्रतिरोधकों का वर्ण कोड: पहले दो बैंड अंक, तीसरा 10 की घात, चौथा सहनशीलता (सुनहरा 5%, रुपहला 10%)। अंक 0–9 का क्रम: काला, भूरा, लाल, नारंगी, पीला, हरा, नीला, बैंगनी, स्लेटी, सफ़ेद।
रैखिक और अरैखिक V–I ग्राफ़ (ओम के नियम की सीमाएँ)
ओमीय युक्तियाँ (स्थिर ताप पर धातु के तार, प्रतिरोधक) मूल बिंदु से गुज़रती सीधी रेखा देती हैं। I–V रेखा का ढाल = 1/R.
अनओमीय व्यवहार तीन तरह से दिखता है:
- V, I के समानुपाती नहीं रहता: बल्ब का तंतु गरम होता है, R बढ़ता है, ग्राफ़ मुड़ जाता है।
- धारा V के चिह्न पर निर्भर: डायोड एक दिशा में आसानी से धारा देता है, दूसरी में लगभग नहीं।
- एक ही I के लिए एक से ज़्यादा V: गैलियम आर्सेनाइड (GaAs) का ग्राफ़ ऊपर जाता है, नीचे आता है, फिर ऊपर जाता है।
ऐसी युक्तियों के लिए किसी बिंदु पर गतिक प्रतिरोध ΔV/ΔI लिया जाता है।
ताप से प्रतिरोधकता कैसे बदलती है
धातु: गरम आयन ज़्यादा काँपते हैं, टक्करें जल्दी-जल्दी, τ घटता है, इसलिए ρ = m/(ne²τ) बढ़ता है। सीमित ताप परिसर में:
ρT = ρ0 [1 + α (T − T0)], और इसी तरह RT = R0[1 + α(T − T0)].
α = प्रतिरोधकता का ताप गुणांक, मात्रक K⁻¹ (या °C⁻¹)। ताँबे का α ≈ 3.9 × 10⁻³ K⁻¹.
मिश्रधातु (नाइक्रोम, मैंगनिन, कॉन्स्टेन्टन): ρ ज़्यादा और ताप से बहुत कम बदलता है। इसलिए हीटर और मानक प्रतिरोधकों में इस्तेमाल।
अर्धचालक: गरम करने पर ज़्यादा आवेश वाहक मुक्त होते हैं, n तेज़ी से बढ़ता है, ρ घटता है। α ऋणात्मक है।
करके देखो
3D में: ताँबा चुनो, T = 20 °C पर R नोट करो। 220 °C पर R का अनुमान लगाओ, फिर स्लाइडर हिलाओ। अब सिलिकॉन चुनकर दोहराओ। R बढ़ा या घटा?
घर पर (बड़ों के साथ): पेंसिल की लेड (ग्रेफ़ाइट) देखो। लंबी लेड का प्रतिरोध ज़्यादा, मोटी का कम। अगर खिलौना टॉर्च सर्किट है तो छोटी और लंबी लेड लगाकर बल्ब की चमक की तुलना करो।
बोर्ड परीक्षा में क्या पूछा जाता है
R = ml/(ne²τA) या ρ = m/(ne²τ) की व्युत्पत्ति (3 अंक); ओमीय और अनओमीय युक्तियों के V–I ग्राफ़; तार खींचने (स्थिर आयतन पर R ∝ l²), वर्ण कोड और α पर आंकिक प्रश्न।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- V = I R
- R = m l /(n e² τ A) = ρ l / A
- ρ = m /(n e² τ), σ = 1/ρ = n e² τ / m
- j = σ E
- ρT = ρ0 [1 + α (T − T0)]
- खींचा गया तार (आयतन स्थिर): R ∝ l²
हल किए गए उदाहरण
1. 2 m लंबे, 1 × 10⁻⁶ m² क्षेत्रफल वाले तार का प्रतिरोध 34 Ω है। प्रतिरोधकता ज्ञात करो।
चरण 1: ρ = R A / l. चरण 2: ρ = 34 × 10⁻⁶ / 2. उत्तर: ρ = 1.7 × 10⁻⁵ Ω m.
2. 0.5 mm² क्षेत्रफल वाले 10 m ताँबे के तार का प्रतिरोध ज्ञात करो। (ρ = 1.7 × 10⁻⁸ Ω m)
चरण 1: A = 0.5 × 10⁻⁶ m². चरण 2: R = ρl/A = 1.7 × 10⁻⁸ × 10 / 0.5 × 10⁻⁶. उत्तर: R = 0.34 Ω.
3. 5 Ω के तार को खींचकर दोगुना लंबा किया (आयतन वही)। नया प्रतिरोध?
चरण 1: l → 2l, आयतन स्थिर तो A → A/2. चरण 2: R → ρ(2l)/(A/2) = 4ρl/A. उत्तर: 4 × 5 = 20 Ω.
4. ताँबे की कुंडली का 20 °C पर R = 10 Ω है। 120 °C पर R? (α = 4 × 10⁻³ °C⁻¹)
चरण 1: RT = R0[1 + α(T − T0)]. चरण 2: = 10[1 + 4 × 10⁻³ × 100] = 10 × 1.4. उत्तर: 14 Ω.
5. प्लैटिनम तापमापी 0 °C पर 5.0 Ω और गरम पानी में 5.8 Ω पढ़ता है। α = 4 × 10⁻³ °C⁻¹. पानी का ताप?
चरण 1: RT/R0 = 1 + αT → 5.8/5 = 1.16. चरण 2: αT = 0.16. चरण 3: T = 0.16 / 0.004 = 40 °C.
6. n = 8.5 × 10²⁸ m⁻³, τ = 2.5 × 10⁻¹⁴ s, m = 9.1 × 10⁻³¹ kg लेकर ताँबे का ρ ज्ञात करो।
चरण 1: ρ = m/(ne²τ). चरण 2: ne²τ = 8.5 × 10²⁸ × (1.6 × 10⁻¹⁹)² × 2.5 × 10⁻¹⁴ = 5.44 × 10⁻²³. चरण 3: ρ = 9.1 × 10⁻³¹ / 5.44 × 10⁻²³ ≈ 1.7 × 10⁻⁸ Ω m. यह ताँबे के मापे गए मान से मेल खाता है।
7. कार्बन प्रतिरोधक पर बैंड हैं: पीला, बैंगनी, लाल, सुनहरा। मान ज्ञात करो।
चरण 1: पीला = 4, बैंगनी = 7 → 47. चरण 2: लाल गुणक = 10². चरण 3: 47 × 100 = 4700 Ω = 4.7 kΩ. चरण 4: सुनहरा = ±5%.
आम गलतियाँ
- यह कहना कि तार काटने या खींचने से प्रतिरोधकता बदलती है। सिर्फ़ R बदलता है; ρ पदार्थ का गुण है।
- भूल जाना कि खींचने से क्षेत्रफल भी घटता है: स्थिर आयतन पर R ∝ l², सिर्फ़ l नहीं।
- हर युक्ति को 'ओमीय' मान लेना। बल्ब, डायोड और GaAs अनओमीय हैं।
- α में °C और K को लेकर उलझना: 1 °C का बदलाव = 1 K का बदलाव, ΔT दोनों में समान।