प्रतिरोध किन कारकों पर निर्भर करता है?
कई तारों को जाँचने पर पता चलता है कि तार का प्रतिरोध चार बातों पर निर्भर है:
- लंबाई (L): R ∝ L। लंबाई दोगुनी, प्रतिरोध दोगुना।
- अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल (A): R ∝ 1/A। मोटे तार का प्रतिरोध कम। A = πr², इसलिए त्रिज्या दोगुनी करने पर A चार गुना और R एक-चौथाई।
- पदार्थ की प्रकृति: ताँबा और चाँदी कम प्रतिरोध वाले, नाइक्रोम और मैंगनिन बहुत अधिक।
- ताप: धातुएँ गरम होने पर उनका प्रतिरोध बढ़ता है।
पहली दो बातें मिलाकर: R = ρ L / A।
प्रतिरोधकता किसे कहते हैं?
R = ρL/A में स्थिरांक ρ (रो) पदार्थ की प्रतिरोधकता (विशिष्ट प्रतिरोध) है। ρ = RA/L से, यह उस पदार्थ के 1 m लंबे और 1 m² अनुप्रस्थ काट वाले टुकड़े का प्रतिरोध है।
SI मात्रक: Ω m (ओम मीटर)। प्रतिरोधकता पदार्थ और ताप पर निर्भर है, तार की लंबाई या मोटाई पर नहीं। प्रतिरोध इन सब पर निर्भर है।
चालक, मिश्रधातु और विद्युतरोधी
धातुओं की प्रतिरोधकता बहुत कम, लगभग 10−8 से 10−6 Ω m होती है: चाँदी (लगभग 1.6 × 10−8) और ताँबा (लगभग 1.7 × 10−8) सबसे अच्छे, फिर ऐलुमिनियम, टंगस्टन, लोहा। काँच और रबर जैसे विद्युतरोधियों की 1012 से 1017 Ω m।
मिश्रधातुएँ (नाइक्रोम, मैंगनिन, कॉन्स्टेन्टन) की प्रतिरोधकता शुद्ध धातुओं से बहुत अधिक होती है, ताप से कम बदलती है और गरम होने पर आसानी से ऑक्सीकृत (जलती) नहीं होतीं। इसलिए हीटर, टोस्टर और इस्त्री की कुंडली नाइक्रोम की होती है। विद्युत संचरण और घरेलू तारों में ताँबा व ऐलुमिनियम लगते हैं क्योंकि कम प्रतिरोधकता से ऊर्जा कम बर्बाद होती है।
प्रतिरोधकता के आंकिक प्रश्नों के टिप्स
मात्रक ज़रूर बदलो: 1 mm = 10−3 m और 1 mm² = 10−6 m²। तार को खींचने पर आयतन वही रहता है: L, n गुना हो तो A, 1/n गुना और R, n² गुना हो जाता है। तार को n बराबर टुकड़ों में काटने पर हर टुकड़े का प्रतिरोध 1/n, पर प्रतिरोधकता वही।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- R = ρ L / A
- ρ = R A / L, SI मात्रक Ω m
- A = π r² = π d² / 4
- खींचा गया तार (आयतन वही): L → nL तो R → n² R
हल किए गए उदाहरण
1. 4 Ω के तार की लंबाई दोगुनी (मोटाई वही) की गई। नया प्रतिरोध?
R ∝ L, इसलिए R = 2 × 4 = 8 Ω.
2. एक ही पदार्थ और लंबाई के दो तार: B की त्रिज्या A से दोगुनी है। प्रतिरोधों की तुलना करो।
A ∝ r², इसलिए B का क्षेत्रफल 4 गुना। R ∝ 1/A, तो R_B = R_A / 4.
3. ताँबे का तार 2 m लंबा, क्षेत्रफल 1 mm², ρ = 1.7 × 10⁻⁸ Ω m. R ज्ञात करो।
A = 10⁻⁶ m². R = 1.7 × 10⁻⁸ × 2 / 10⁻⁶ = 0.034 Ω.
4. 1 m लंबे, 0.5 mm² क्षेत्रफल वाले तार का प्रतिरोध 2 Ω है। प्रतिरोधकता ज्ञात करो।
ρ = RA/L = 2 × 0.5 × 10⁻⁶ / 1 = 1 × 10⁻⁶ Ω m.
5. 20 Ω की कुंडली के लिए नाइक्रोम तार (ρ = 1 × 10⁻⁶ Ω m, क्षेत्रफल 0.2 mm²) कितना लंबा चाहिए?
L = RA/ρ = 20 × 0.2 × 10⁻⁶ / 10⁻⁶ = 4 m.
6. 10 Ω के तार को खींचकर तीन गुना लंबा किया गया। नया प्रतिरोध?
आयतन वही: L → 3L, A → A/3. R → 3 × 3 × 10 = 90 Ω.
आम गलतियाँ
- यह कहना कि तार काटने या खींचने से प्रतिरोधकता बदलती है। केवल प्रतिरोध बदलता है; प्रतिरोधकता पदार्थ का गुण है।
- R = ρL/A में mm² को m² (× 10⁻⁶) में न बदलना।
- प्रतिरोध को 1/r के अनुपाती मान लेना। क्षेत्रफल त्रिज्या के वर्ग पर निर्भर है, इसलिए R ∝ 1/r²।
- प्रतिरोधकता का मात्रक Ω/m लिखना। सही है Ω m (ओम मीटर)।