ऊष्मा, ताप और आंतरिक ऊर्जा
ताप बताता है कि चीज़ कितनी गर्म है। इसे °C या K में मापते हैं। ऊष्मा वह ऊर्जा है जो गर्म चीज़ से ठंडी चीज़ की ओर बहती है। इसे जूल (J) में मापते हैं।
हर चीज़ के कण हमेशा हिलते रहते हैं। इन कणों की कुल ऊर्जा को आंतरिक ऊर्जा कहते हैं। गर्म करने पर आंतरिक ऊर्जा बढ़ती है, कण तेज़ चलते हैं और ताप बढ़ता है।
गुनगुने पानी की बड़ी बाल्टी में खौलते पानी के छोटे कप से ज़्यादा ऊष्मा हो सकती है। इसलिए ताप और ऊष्मा एक चीज़ नहीं हैं।
विशिष्ट ऊष्मा धारिता क्या है?
विशिष्ट ऊष्मा धारिता (c) वह ऊर्जा है जो किसी पदार्थ के 1 kg का ताप 1 °C बढ़ाती है (1 K की बढ़त भी उतनी ही है)।
मात्रक: J/(kg·°C) या J/(kg·K)।
कुछ मान
- पानी: लगभग 4200 J/(kg·°C)
- बर्फ़: लगभग 2100
- खाने का तेल: लगभग 2000
- ऐल्युमिनियम: लगभग 900
- लोहा: लगभग 450
- ताँबा: लगभग 390
बड़ी c वाला पदार्थ गर्म होने में बहुत ऊर्जा लेता है और ठंडा होते समय बहुत ऊर्जा देता है। छोटी c वाला जल्दी गर्म और जल्दी ठंडा होता है। इसलिए धातु के बर्तन जल्दी गर्म होते हैं।
ऊष्मा धारिता (बिना "विशिष्ट") पूरी वस्तु के लिए होती है: C = m × c, मात्रक J/°C।
ऊष्मा की मात्रा: Q = mcΔT
ज़रूरी ऊष्मा Q तीन बातों पर निर्भर है:
- द्रव्यमान m (ज़्यादा चीज़ = ज़्यादा ऊर्जा),
- पदार्थ, यानी c,
- ताप में बदलाव ΔT = अंतिम − प्रारंभिक।
Q = m × c × ΔT
m को kg में, c को J/(kg·°C) में और ΔT को °C में लो, तो Q जूल में आएगा। ΔT ऋणात्मक हो तो चीज़ ठंडी होकर ऊष्मा देती है।
उलटकर: c = Q ÷ (mΔT), m = Q ÷ (cΔT), ΔT = Q ÷ (mc)।
ऊष्मा संतुलन और ऊष्मामिति (कैलोरीमीटरी)
गर्म और ठंडी चीज़ आपस में छूती हैं तो ऊष्मा गर्म से ठंडी की ओर बहती है, जब तक दोनों का ताप बराबर न हो जाए (ऊष्मीय साम्य)। अगर ऊष्मा बाहर न जाए:
गर्म चीज़ द्वारा दी गई ऊष्मा = ठंडी चीज़ द्वारा ली गई ऊष्मा
m₁c₁(T₁ − T) = m₂c₂(T − T₂), जहाँ T अंतिम ताप है।
यह ऊर्जा संरक्षण ही है। कैलोरीमीटर एक ऊष्मारोधी बर्तन है (अक्सर ताँबे या ऐल्युमिनियम का, ढक्कन, विलोडक और थर्मामीटर के साथ), जिसमें मिश्रण करने पर ऊष्मा बहुत कम बाहर जाती है।
हीटर से c मापना
शक्ति P वाले हीटर को द्रव्यमान m के गुटके में समय t तक चलाओ। ऊर्जा Q = P × t। ताप की बढ़त मापो और c = Pt ÷ (mΔT) निकालो। कुछ ऊष्मा हवा में चली जाती है, इसलिए उत्तर थोड़ा ज़्यादा आता है; ऊष्मारोधी परत से यह गलती घटती है।
बड़ी c कहाँ काम आती है
गाड़ी का रेडिएटर, गर्म पानी की थैली, समुद्री हवा और समुद्र किनारे का नरम मौसम, सब पानी की बड़ी c पर निर्भर हैं।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
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हल किए गए उदाहरण
1. 2 kg पानी को 20 °C से 30 °C करने में कितनी ऊर्जा लगेगी? (c = 4200 J/(kg·°C))
ΔT = 30 − 20 = 10 °C। Q = mcΔT = 2 × 4200 × 10 = 84 000 J = 84 kJ।
2. 0.5 kg लोहे का गुटका (c = 450) 100 °C से 40 °C तक ठंडा होता है। वह कितनी ऊष्मा देता है?
ΔT = 60 °C। Q = 0.5 × 450 × 60 = 13 500 J = 13.5 kJ।
3. 18 000 J ऊर्जा से 2 kg धातु का ताप 10 °C बढ़ता है। c निकालो।
c = Q ÷ (mΔT) = 18 000 ÷ (2 × 10) = 900 J/(kg·°C)। यह ऐल्युमिनियम के पास है।
4. 1 kW की केतली 84 s चलकर 0.5 kg पानी गर्म करती है। ताप कितना बढ़ेगा (कोई हानि नहीं)?
Q = Pt = 1000 × 84 = 84 000 J। ΔT = Q ÷ (mc) = 84 000 ÷ (0.5 × 4200) = 40 °C।
5. 80 °C का 0.2 kg पानी 20 °C के 0.3 kg पानी में मिलाया। अंतिम ताप?
दी गई = ली गई: 0.2 × 4200 × (80 − T) = 0.3 × 4200 × (T − 20)। c कट जाता है: 16 − 0.2T = 0.3T − 6, 0.5T = 22, T = 44 °C।
6. 200 °C की 0.1 kg ताँबे की गेंद (c = 390) को 20 °C के 0.39 kg पानी में डाला। अंतिम ताप? (बर्तन को छोड़ दो)
ताँबे की दी गई ऊष्मा = 0.1 × 390 × (200 − T) = 39(200 − T)। पानी की ली गई = 0.39 × 4200 × (T − 20) = 1638(T − 20)। 7800 − 39T = 1638T − 32 760, 1677T = 40 560, T ≈ 24.2 °C। पानी की c बड़ी है, इसलिए वह मुश्किल से गर्म हुआ।
आम गलतियाँ
- c J/(kg·°C) में हो तो ग्राम को kg में बदलना भूल जाना: 250 g = 0.25 kg।
- ΔT की जगह अंतिम ताप लिख देना। ΔT बदलाव है: अंतिम − प्रारंभिक।
- ऊष्मा और ताप को एक मान लेना। चिंगारी बहुत गर्म होती है पर उसमें ऊष्मा बहुत कम होती है।
- मिश्रण के प्रश्न में कैलोरीमीटर का द्रव्यमान और c दिया हो, फिर भी उसकी ली गई ऊष्मा न जोड़ना।